
videocam_off
This livestream is currently offline
Check back later when the stream goes live
Specific Relief Act, 1963: Mumbai University LL.B 3 & 5 year course important provisions/Questions
Jan 6, 2026
The most important provisions of the Specific Relief Act, 1963, revolve around the primary remedies it offers: recovery of property, specific performance of contracts, declaratory decrees, and injunctions. The Act aims to provide specific remedies where monetary compensation is inadequate.
Key provisions include:
I. Recovery of Possession of Property
This chapter outlines the legal procedures for recovering possession of property.
Section 5 (Recovery of specific immovable property): A person with a legal title can recover possession of immovable property through the procedure outlined in the Code of Civil Procedure.
Section 6 (Suit by person dispossessed of immovable property): This section offers a quick remedy for someone dispossessed of immovable property without consent and not through legal process. The plaintiff only needs to prove prior possession and wrongful dispossession within six months, not title. This does not apply against the government.
Sections 7 & 8 (Recovery of specific movable property): These sections allow recovery of specific movable property, especially when the item is unique or has special value, making monetary compensation insufficient.
II. Specific Performance of Contracts
Following the 2018 Amendment, specific performance is generally the rule rather than a discretionary remedy.
Section 10 (Specific performance in respect of contracts): Courts must enforce specific performance, subject to exceptions.
Show More Show Less View Video Transcript
0:00
सभी का बहुत-बहुत स्वागत और क्योंकि तुम
0:02
लोगों ने मेरा खून पी रखा था इस टॉपिक पर
0:04
कि वैभव भाई प्लीज स्पेसिफिक रियली फैक्ट
0:06
पर कुछ बताओ क्योंकि स्पेसिफिक रियली
0:08
फैक्ट चाहे एलएलबी थ्री ईयर वाले हो या
0:10
फाइव ईयर वाले हो एग्जाम्स में भी ये चीज़
0:13
इंपॉर्टेंट है और वैसे भी तुम सब जड़
0:17
भरतों को यह समझना भी जरूरी है। अगर
0:19
स्पेसिफिक रिलीफ नहीं आता है बहुत बड़ी
0:21
प्रॉब्लम में हो। ठीक है? यह कोई बहुत
0:24
बड़ा या बहुत लंबा स्टट्यूट नहीं है।
0:26
लेकिन हां, इसका इंटरप्रिटेशन,
0:29
इसके प्रोविज़ंस यह समझने बहुत जरूरी है।
0:32
तो, इसके लिए बिना किसी वक्त की बर्बादी
0:34
के शुरू करते हैं आज की वीडियो के साथ और
0:37
प्लीज बराए मेहरबानी एक-एक पॉइंट ठीक से
0:39
समझना। मैं इसे ज्यादा लंबा नहीं करने
0:41
वाला हूं। आपको उसका कोर्स समझाऊंगा। हां,
0:43
इंपॉर्टेंट हम सब कवर करेंगे। ऐसी कोई बात
0:45
नहीं है। लेकिन इसको जितना समझोगे उतना
0:48
तुम्हारे लिए बेनिफिशियल है ना कि जितना
0:50
रटोगे उतना बेनिफिशियल है। ठीक है? शुरू
0:52
करते हैं।
0:58
देखो सबसे पहले टाइटल से ही समझ सकते हैं
1:01
कि स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट 1963
1:04
यह कोर ऑब्जेक्टिव क्या है इसका? ऑब्वियस
1:07
है भाई नाम से क्लियर होता है कि जब किसी
1:10
इंजर्ड या एग्रीव्ड पर्सन को किसी
1:13
स्पेसिफिक तरह का रिलीफ देना सिर्फ
1:16
पनिशमेंट की बात नहीं है एक पर्टिकुलर
1:18
रिलीफ देना ठीक है ऑब्वियसली लॉन्ग टाइटल
1:22
शॉर्ट टाइटल ये सारी चीजें जो है पढ़नी
1:23
सीखो
1:25
एक्ट 1963 में इनएक्ट हुआ और इसका अप्रोच
1:28
सिंपल था क्या कोई पर्सन अपनी कॉन्ट्रकुअल
1:32
प्रॉमिस या ऑब्लिगेशन से पीछे हट जाता है
1:35
या कॉन्ट्रैक्ट परफॉर्म नहीं करता है तो
1:38
दूसरा पर्सन सफर करता है। उसको स्पेसिफिक
1:41
लीगल रिलीफ मिलनी चाहिए। ठीक है? इसीलिए
1:44
ये एक्ट इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट का एक
1:46
इंपॉर्टेंट ब्रांच माना जाता है। बहुत इसे
1:48
साथ में रिलेट करते हैं। और कॉन्ट्रैक्ट
1:51
क्या है? क्या नहीं है? भाई उसके लिए हमने
1:53
एक अलग से वीडियो बना रखी है। आप जाके वो
1:55
चेक कर सकते हैं। अब प्रैक्टिकली अगर हम
1:58
सोचें तो इसको बहुत रियलिस्टिक ग्राउंड पे
2:01
हम दिमाग लगा के बात करते हैं। देखो जब
2:05
किसी और की गलती की वजह से तुम्हें लॉस हो
2:09
जाए या विवेश तो तुम सिर्फ पैसा नहीं
2:13
लेकिन एक प्रॉपर रेमेडी भी चाहोगे। ठीक
2:16
है? कि अगर मान लो पोजेशन की बात है तो
2:18
पोजेशन तुम्हें वापस चाहिए होगी या भाई जो
2:21
कॉन्ट्रैक्ट में परफॉर्मेंस की बात थी वह
2:23
डिलीवर करो डॉक्यूमेंट्स करेक्ट करो
2:26
इंजक्शन जो अगर तुम्हें कोई इंजक्शन चाहिए
2:29
वो इंजक्शन मिलने चाहिए कैंसिलेशन है तो
2:33
उस वे में ये सब रेमेडीज कौन प्रोवाइड
2:36
करेगा स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट प्रोवाइड
2:39
करेंगे ठीक है तो यह प्रैक्टिकल ग्राउंड
2:44
पर हम बात कर रहे हैं
2:47
जब हम कॉन्ट्रैक्ट की बात करते हैं तो
2:48
कॉन्ट्रैक्ट ब्रीच की कॉन्ट्रैक्ट ब्रीच
2:50
जब तक नहीं होगा तब तक तो कोई लो ही नहीं
2:52
है और स्पेसिफिक परफॉर्मेंस क्या हो जाएगी
2:56
ये सारी चीजें इसमें कवर होती है बंधुओं
2:59
देखो जब दो लोग कॉन्ट्रैक्ट में एंटर करते
3:01
हैं तो दोनों पर ऑब्लिगेशंस होती हैं
3:04
ड्यूटीज होती है करेक्ट और राइट्स भी उनको
3:06
मिलते हैं भाई वेयर देयर आर राइट्स दे आर
3:08
ड्यूटीज आल्सो यू नीड टू फुलफिल इट अब
3:10
तुम्हारी डेफिनेशन में नहीं होगा तुम कहीं
3:12
के राजा बाबू हो तो अच्छी बात है बन के
3:13
रहो
3:16
दोनों पार्टीज को अपना अपना पार्ट
3:18
डलजेंटली परफॉर्म करना होता है। इसमें कोई
3:21
दो राय की बात नहीं है। फर्ज कर मान लेते
3:24
हैं अगर कोई पार्टी कॉन्ट्रैक्ट परफॉर्म
3:27
ना करे या इंटेंशनली रिफ्यूज कर दे या
3:31
नेगलेक्ट करती है। तो जो पार्टी सफर करती
3:34
है उसको रिलीफ मिलनी चाहिए।
3:38
स्पेसिफिक परफॉर्मेंस का मतलब क्या है
3:40
यहां पे? स्पेसिफिक परफॉर्मेंस बहुत सिंपल
3:43
है समझने में। एग्जैक्टली वही काम करना या
3:45
वही काम करवाना समझ लो जो कॉन्ट्रैक्ट में
3:48
प्रॉमिस किया गया है उसी को हम स्पेसिफिक
3:51
परफॉर्मेंस बोलेंगे।
3:54
पर्टिकुलरली बी क्लियर व्हेन यू टॉक बी
3:58
स्पेसिफिक व्हेन यू टॉक यह सिंपल चीज है
4:02
मतलब कोर्ट पार्टी को क्या बोलेगी सिर्फ
4:05
पैसा देकर मैटर खत्म नहीं होगा भाई जो
4:08
आपने कॉन्ट्रैक्ट करा है उसमें जो
4:10
परफॉर्मेंस कही गई है वो आपको परफॉर्मेंस
4:12
करनी पड़ेगी इसलिए
4:15
यहां पे ये भी समझना बहुत जरूरी है कि अगर
4:18
इमूवेबल प्रॉपर्टी का कॉन्ट्रैक्ट है या
4:21
यूनिक चीज इनवॉल्वड है तो स्पेसिफिक िक
4:23
परफॉर्मेंस का सूट फाइल किया जा सकता है।
4:28
जो आपने कहा जो आपने कॉन्ट्रैक्ट में बात
4:30
करी वो आपको डिलीवर करनी पड़ेगी। भाई साहब
4:35
यहां पे स्पेसिफिक रिलीफ का नेचर भी बहुत
4:38
क्लियर होना बहुत जरूरी है।
4:43
ये क्लियर करता है सेक्शन फोर बोलता है ये
4:47
एक्ट पीनल लॉ नहीं है। ये एक्ट इंडिविजुअल
4:52
सिविल राइट एनफोर्स करने के लिए है। यह
4:55
बहुत बड़ी चीज है। मतलब क्या?
4:59
फोकस जो है वो पनिशमेंट पे नहीं होगा।
5:01
फोकस राइट्स को इनफोर्स करने पे ही होगा।
5:04
अगर कोई क्रिमिनल या पीनल नेचर का इशू है
5:07
तो उसको सेपरेटली प्रूफ करना पड़ेगा। तो
5:10
स्पेसिफिक रिलीफ सिविल राइट्स का
5:14
प्रोटेक्शन है। इसे सिर्फ ऐसे ही आप लोग
5:16
समझिएगा।
5:19
अब लोग ये सवाल मुझसे बहुत करते हैं।
5:21
पोज़ेशन की रिकवरी। ये तो बेसिक प्रिंसिपल
5:24
की बात हो गई। भाई साहब स्पेसिफिक रिलीफ
5:27
एक्ट एक बेसिक प्रिंसिपल फॉलो करता है।
5:29
मतलब क्या? पोजेशन इटसेल्फ इज प्राइम ऑफ
5:32
एसी एविडेंस ऑफ ओनरशिप।
5:36
तो फिर तुम्हें दिक्कत होगी ना। मैंने
5:37
इंग्लिश में बात कर ली। अरे पोज़ेशन किसी
5:41
प्रॉपर्टी के पोज़ मैं यहां बैठा हूं। इस
5:43
प्रॉपर्टी के पोज़ेशन में हूं तो प्राइमा
5:45
फेसी एविडेंस है कि मैं इसका मालिक हूं।
5:48
इसलिए मैं यहां इस प्रॉपर्टी को पोज़ेस
5:50
करता हूं। मतलब अगर आप पोज़ेशन में हो तो
5:53
लॉ आपके फेवर में प्रज़मशन लेगा। अब रिकवरी
5:57
दो टाइप की होती है। इमूवेबल प्रॉपर्टी
5:59
मूवेबल प्रॉपर्टी जहां पर रिकवरी इमूवेबल
6:02
प्रॉपर्टी की बात है। तो टाइटल के बेसिस
6:06
पर रिकवरी अगर मान लेते हैं कोई पर्सन
6:09
अनलॉफुली
6:11
आपको प्रॉपर्टी से हटा देता है और आप
6:14
लॉफुल ओनर हो तो आप क्या करोगे भाई?
6:17
सीपीसी 198 है उसके प्रोसीजर के थ्रू
6:20
रिकवरी कर सकते हो और वहां आपको अपना
6:24
टाइटल प्रूफ करना होगा। इतनी सी बात है और
6:27
जैसा मैंने कहा अगर आपको सीपीसी के बारे
6:29
में भी जानकारी चाहिए भाई उसके लिए भी
6:31
हमने वीडियो बना रखी है। देखो चाहे मुद्दा
6:33
लॉ के रिलेटेड कोई भी हो हमारी वीडियोस
6:36
रेडी है और वीडियोस अब मैं अगर ना भी मिले
6:39
इस वक्त इस वक्त जब आप ये वीडियो देख रहे
6:42
हो तो भाई हमारे कमर्शियल की वेबसाइट चेक
6:44
कर लो। वहां हमने ये सबके लिए कोर्सेज और
6:47
काफी सारे हमने आर्टिकल्स जैसे आप लोग के
6:49
लिए प्रोवाइड करवाए हैं। अगर आपको इन सब
6:51
में एक्सपर्टीज चाहिए तो हमें रीच आउट कर
6:53
सकते हो। वहां पे हमारा कांटेक्ट अस का
6:55
सेक्शन भी है। वहां पे हमारा WhatsApp
6:57
नंबर भी दिया हुआ है। हमारा ईमेल आईडी भी
6:59
दिया हुआ है। आप रीच आउट कर सकते हो। जो
7:00
कोर्स में आपको रुचि हो, इंटरेस्ट हो फील
7:03
फ्री टू रीच आउट। और बनो अपने आप में एक
7:05
एक्सपर्ट।
7:08
तो ये थी बात इमूवल प्रॉपर्टी की। अच्छा
7:10
सेक्शन सेक्शन सिक्स जो है वो पोज़ेशन के
7:14
बेसिस पे रिकवरी की बात करता है। ये
7:16
सेक्शन बहुत प्रैक्टिकल सेक्शन है। देखो
7:20
अगर आप पोज़ेशन में थे आपको लॉ के अगेंस्ट
7:25
डिस ये डिस्पोज़ेस किया गया है। बिना
7:27
कंसेंट के निकाला गया है तो आप सिर्फ
7:30
पोज़ेशन के बेसिस पर सूट फाइल कर सकते बिना
7:34
टाइटल प्रूफ किए। बट इसकी कंडीशन है
7:37
ऑब्वियसली
7:39
प्ले पोजेशन में होना चाहिए पहले और जो
7:42
डिस्पेशन की है वो अनलॉफुल होना चाहिए
7:44
अनलॉफुल कंसेंट के बिना होना चाहिए
7:49
छ महीने के अंदर सूट फाइल होनी चाहिए
7:52
गवर्नमेंट के अगेंस्ट सूट फाइल नहीं हो
7:54
सकती
7:55
ये सिंपल बातें याद रखना
7:59
अगर सिक्स मंथ्स मिस हो गए तो सिर्फ
8:02
सेक्शन फाइव का रेमेडी बचता है यानी की
8:05
टाइटल प्रूफ करना। सेक्शन सिक्स के अंडर
8:08
अपील और रिव्यू अलाउड नहीं है। सिर्फ
8:10
रिवीजन पॉसिबल है।
8:13
ठीक है? अब रिकवरी ऑफ़ मूवेबल प्रॉपर्टी की
8:17
अगर हम बात करें तो वो आपके सेक्शन साथ
8:20
में आ जाता है। मूवेबल प्रॉपर्टी के लिए
8:23
भी सीपीसी 1908 का प्रोसीजर फॉलो होता है।
8:27
इस सेक्शन के दो इंपॉर्टेंट पॉइंट है।
8:30
प्लीज इस पे ध्यान देना।
8:33
ट्रस्टी सूट फाइल कर सकता है। स्पेशल
8:36
राइट्स भी ओनरशिप प्रूफ करने के लिए
8:39
सफिशिएंट हो सकता है। ठीक है? लेकिन
8:41
एसेंशियल्स क्या है? देखो प्रॉपर्टी
8:43
मूवेबल होनी चाहिए। ठीक है? प्लिंटिफ का
8:45
पोज़ेशन होना चाहिए। स्पेशल टेंपरेरी राइट
8:48
हो सकता है। ठीक है? ये सब कुछ बेसिक
8:50
एसेंशियल्स है।
8:53
इसके बाद एक इंपॉर्टेंट सवाल आता है।
8:55
डिलीवरी ऑफ़ स्पेसिफिक मूवेबल प्रॉपर्टी।
8:57
अगर कोई पर्सन प्लीज समझो प्लीज इस पे
8:59
ध्यान देना। कोई अगर कोई पर्सन किसी
9:02
आर्टिकल के पोजेशन में है जो उसका नहीं है
9:07
रिपीट कर रहा हूं कोई पर्सन किसी आर्टिकल
9:09
के पोजीशन में बंदू हूं जो उसका है ही
9:11
नहीं तो कोर्ट उसको कंपेल कर सकती है कि
9:14
वो आर्टिकल राइट जो राइटफुल पर्सन है उसको
9:17
दे दे फॉर एग्जांपल अगर यह फोन मेरा नहीं
9:19
है मैं उसके पोजीशन में भाई जिसका है उसको
9:21
जाकर के दे दो
9:25
तो वो केसेस जैसे मान लो ट्रस्टी के पास
9:28
प्रॉपर्टी होना मनी मनी कंपनसेशन एडिक्वेट
9:31
ना होना एक्चुअल डैमेज कैलकुलेट करना
9:34
डिफिकल्ट हो जाए या रोंगफुल ट्रांसफर हुआ
9:36
हो ये सब केसेस में ये चीज एप्लीकेबल हो
9:39
जाएगी।
9:42
आपको मैं मेरे खुद के एक्सपीरियंस से अगर
9:44
बताऊं स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट में स्पेसिफिक
9:49
परफॉर्मेंस ऑफ कॉन्ट्रैक्ट मेरे हिसाब से
9:51
हार्ट एंड सोल की तरह है।
9:55
स्पेसिफिक परफॉर्मेंस कोर्ट के डिस्क्रेशन
9:57
पर होता है। बंधुओं यह समझो।
9:59
लेकिन कुछ कंडीशंस क्लियर है। कोर्ट
10:02
स्पेसिफिक परफॉर्मेंस तब ग्रांट करेगी जब
10:05
लॉस
10:07
डैमेजेस कैलकुलेट नहीं हो पा रहे। और
10:11
मोस्ट ऑफ द टाइम यही गड़बड़ लोग कर जाते
10:14
हैं। यही गड़बड़ नहीं करनी। खैर वैसे भी
10:16
तो माहिर हो। जो नहीं करना है वही करोगे।
10:19
बहरहाल
10:21
तो लॉस या डैमेज कैलकुलेट हो ही नहीं
10:23
सकता। वो बात है ही नहीं। सिर्फ पैसा
10:26
एडवोकेट रिलीफ नहीं हो सकता। प्रिजशन
10:29
इमूवेबल प्रॉपर्टी
10:32
में मनी सफिशिएंट नहीं।
10:34
मूवेबल प्रॉपर्टी की बात करोगे तो जनरली
10:36
मनी सफिशिएंट होता है।
10:39
स्पेशल केसेस होते हैं जैसे कोई यूनिक
10:41
गुड्स है, ट्रस्टी है जो प्रॉपर्टी होल्ड
10:44
करता है वो अलग चीज हो गई।
10:46
अब कॉन्ट्रैक्ट जो स्पेसिफिकली एनफोर्स
10:49
नहीं हो सकते। अगर हम उसकी बात करें। देखो
10:50
जहां मनी सफिशिएंट रिलीफ हो पर्सनल नेचर
10:54
के कॉन्ट्रैक्ट्स कंटिन्यूस सुपरविजन वाले
10:57
कॉन्ट्रैक्ट्स
10:58
डिटरमिनेबल कॉन्ट्रैक्ट्स ये सारी सारी वो
11:02
चीजें आ जाती है जहां कॉन्ट्रैक्ट वो
11:04
कॉन्ट्रैक्ट्स हैं जो स्पेसिफिकली एनफोर्स
11:06
नहीं हो सकते
11:08
एक चीज और आती है पर्सन अगेंस्ट हुम
11:10
स्पेसिफिक परफॉर्मेंस ल कर सकता है यानी
11:14
कि क्या
11:15
पर्सन अगेंस्ट होम स्पेसिफिक परफॉर्मेंस ल
11:18
कर सकता है कॉन्ट्रैक्ट के पार्टीज
11:21
रिप्रेजेंटेटिव्स इन इंटरेस्ट प्रिंसिपल्स
11:25
लेकिन प्रिंसिपल्स जो पीए एएल वाला है
11:27
पीएलई वाला नहीं है बट उसके लिमिटेशंस है
11:32
यहां पे क्या कवर नहीं होने वाला पर्सनल
11:34
स्केल या क्वालिफिकेशन वाले कॉन्ट्रैक्ट
11:36
मैरिज सेटलमेंट वाले कॉन्ट्रैक्ट लाइफ
11:37
टेंडेंट के कॉन्ट्रैक्ट ये कवर नहीं
11:41
ठीक है
11:43
एनफोर्समेंट ऑफ कंपनसेशन की अगर हम बात
11:45
करें बहुत जरूरी चीज
11:48
कोर्ट कंपनसेशन अवार्ड कर सकती है
11:51
स्पेसिफिक परफॉर्मेंस के साथ जब
11:53
परफॉर्मेंस डिनाई हो जाए जब परफॉर्मेंस
11:55
इनएडिक्वेट हो लेकिन कंपनसेशन तभी मिलेगा
11:59
जब प्लेेंट में स्पेसिफिकली क्लेम किया
12:02
गया हो नहीं तो नहीं
12:06
अच्छा रेक्टिफिकेशन ऑफ इंस्ट्रूमेंट भी
12:07
बड़ी इंपॉर्टेंट चीज है भाई अगर फ्रॉड या
12:11
म्यूचुअल मिस्टेक की वजह से डॉक्यूमेंट
12:13
पार्टीज की रियल इंटेंशन रिफ्लेक्ट नहीं
12:16
करता
12:18
तो प्लेंटिफ सूट सूट फाइल कर सकता है।
12:22
डिफेंडेंट डिफेंस में क्लेम कर सकता है।
12:26
रेक्टिफिकेशन राइटिंग और प्लीडिंग में
12:28
मेंशन करना मैंडेटरी होता है बंधुओं और ये
12:31
भी मैंने देखा है लोग गलतियां करते हैं।
12:33
ऐसा मत करो।
12:37
अब बढ़ते हैं रिसेशन ऑफ कॉन्ट्रैक्ट की
12:39
तरफ। ये जो ये जो रिसेशन ऑफ कॉन्ट्रैक्ट
12:41
है ये आप लोग को बहुत कंफ्यूजन होता है।
12:43
पहले मैं आप लोग को आम भाषा में हिंदी में
12:44
जरा समझा दूं बेसिक में कि रिसेशन का मतलब
12:47
क्या होता है? कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल करके
12:49
पार्टीज को स्टेटस को प्लांट में लाना
12:55
रिसेशन अलाउड है जब कॉन्ट्रैक्ट वॉइडेबल
12:59
हो अनलॉफुल हो और रिसे रिसेशन कैंसिल नहीं
13:03
होगी जब प्लेटिफ खुद कंसेंट दे थर्ड
13:06
पार्टी राइट्स इन्वॉल्वड हो और
13:08
कॉन्ट्रैक्ट डिविज़िबल ना हो कितना सिंपल
13:11
है
13:13
ठीक है ऐसे ही आप लोग पूछते हो वैभव भाई
13:16
कैंसिलेशन ऑफ इंस्ट्रूमेंट में भी
13:17
कन्फ्यूजन होता है। मेरे तो पल्ले नहीं
13:19
पड़ता क्या कन्फ्यूजन है। भाई सेक्शन 31
13:22
के हिसाब से वॉइड या वॉयबल इंस्ट्रूमेंट
13:24
को कैंसिल कराया जा सकता है। इसमें कोई दो
13:26
राय नहीं।
13:28
पार्शियल कैंसिलेशन पॉसिबल है। प्लेंटिफ
13:32
को बेनिफिट्स वापस मिलेंगे। डिफेंडेंट को
13:34
रिसीव बेनिफिट्स स्टोर करने होंगे। इतना
13:36
सही है। क्या है इसमें ज्यादा? लेकिन
13:39
इंपॉर्टेंट सबसे ज्यादा डिक्लेरेटरी
13:41
डिग्रीज की बात है। डिक्लेरेटरी डिग्री
13:43
अगर तुमको नहीं आती है तो फिर जय श्री
13:46
कृष्णा।
13:48
अगर किसी का लीगल राइट डिनाई किया गया हो
13:52
तो कोर्ट डिक्लेरेशन पास कर सकती है। अब
13:54
यह डिक्लेरेशन क्या है? डिक्लेरेशन तब
13:58
नहीं मिलेगी जब प्लेटफ और भी रिलीफ मांग
14:01
रहा हो। बाइंडिंग सिर्फ पार्टीज टू सूट
14:05
ट्रस्टीज की है।
14:07
ठीक है?
14:09
अब प्रिवेंटिव रिलीफ और इंजक्शन की अगर
14:11
मैं बात करने चलूं तो प्रिवेंटिव रिलीफ का
14:14
मतलब क्या होता है? किसी पार्टी को फ्यूचर
14:16
में गलत काम करने से रोकना उसका मतलब होता
14:19
है प्रिवेंटिव रिलीफ।
14:21
किसी को किसी गलत काम के लिए रोकना ऐसा
14:23
इंजक्शन निकाल सकते हैं। ये इंजक्शन के
14:26
थ्रू ही हो सकता है। रादर मुझे ये कहना
14:28
चाहिए
14:30
और इंजक्शन कितने टाइप के होते हैं?
14:32
टेंपरेरी, परपेचुअल यानी परमानेंट
14:33
मैंडेटरी। और एक दो चीजें हैं उसमें।
14:37
परपेचुअल इंजक्शन का मतलब क्या हो गया? कब
14:40
मिलती है परपेचुअल इंजक्शन? फुल हियरिंग
14:42
हो चुकी है। डिफेंडेंट प्लेंटिफ के राइट्स
14:45
वायलेट कर रहा हो।
14:48
कब ग्रांट होती है? जब डिफेंडेंट ट्रस्टी
14:50
है। डैमेज क्वालीफाई क्वांटिफाई ना हो।
14:54
मनी इनसफिशिएंट है। मतलब पैसे के बेसिस पे
14:56
तो बात ही नहीं कर सकते। मल्टीपल लिटिगेशन
14:58
अवॉइड करनी हो। तो इतनी सी चीज़ है। इतना
15:01
ही स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट है। आपको मैंने
15:04
क्रक्स में बता दिया है। इससे ज्यादा करना
15:06
है। बहुत ज्यादा डिटेल में जाना है तो वो
15:08
बेयर एक्ट आता है। उतना भी आप करेंगे।
15:11
काफी सफिशिएंट है।
15:14
लेकिन बहुत बड़ा स्टट्यूट यह नहीं है। ठीक
15:17
है? स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट 1963
15:20
कॉन्ट्रैक्ट लॉ का बैकबोन है। सिर्फ
15:23
डैमेजेस पे नहीं ये रियल जस्टिस पे फोकस
15:26
करता है। पोज़ेशन है, परफॉर्मेंस है,
15:28
करेक्शन है, कैंसिलेशन है, प्रिवेंशन है।
15:30
ये सब चीजें हैं इसमें। ठीक है? तो ये
15:33
प्लीज आप लोग पढ़िए। आप चाहे एग्जाम दे रहे
15:36
हैं, चाहे एग्जाम नहीं दे रहे हैं, यह
15:37
समझना बहुत ज्यादा जरूरी है। क्योंकि एज अ
15:40
लॉयर एज एन एडवोकेट ये सारी चीजें आपको
15:42
काम आनी ही आनी है। स्पेसिफिक रिलीफ तो
15:44
आना ही आना है। ठीक है? तो इसमें बिल्कुल
15:46
भी कंफ्यूजन मत रखना किसी भी टाइप का
15:48
मतलब। ठीक है? और इसके अलावा अगर आपको कोई
15:52
और हमारे लेक्चर्स चाहिए, कोई और वीडियोस
15:54
चाहिए तो प्लीज मुझे बता दो। कमेंट सेक्शन
15:56
में नीचे बता दो। और यह वीडियो उसके साथ
15:58
शेयर करो। इसे जानना जरूरी है जो अभी भी
16:01
चीजों को समझा नहीं है या जिसके फेल होने
16:03
के आसार ज्यादा है। स्टे ट्यून विस लॉजिकल
16:06
एंड हैव अ गुड डे।

