Code of Civil Procedure 1908, Mumbai University, LLB Examination #law #education #trending #cpc
Dec 16, 2025
Major questions for 2 marks:
a) What is Foreign Judgement?
b) What is evasive denials?
c) What Orders are appealable?
d) What is meant by interrogatories?
e) What is meant by the next friend of a minor?
f) What is Execution of Decree?
g) Who is pauper or Indigent person?2
h) What is Letter of request ?
i) When is suit is abated?2
j) What is effect of part payment on limitation?
For Mumbai University's 3 & 5-Year LLB, Civil Procedure Code (CPC) & Limitation Act are usually combined in the Third Year (Semester V) for both courses, covering key sections like Jurisdiction, Institution of Suits, Summons, Pleadings, Discovery, Suits by/against Minors/Companies, and Decrees/Orders, alongside the Limitation Act's key time limits for various suits. The syllabus focuses on procedural enforcement of rights (CPC) versus substantive law.
Key Topics Covered (Common to both 3 & 5-Year LLB, Sem V)
Jurisdiction: Pecuniary, territorial, subject-matter; Objections to jurisdiction.
Institution & Appearance: Place of suing, Summons, Appearance & Consequences.
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सो सभी का बहुत-बहुत स्वागत और आज जो हम सब्जेक्ट कर रहे हैं दैट इज वेरी वेरीेंट और बहुत ही कंफ्यूजिंग सब्जेक्ट है। चाहे
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वो मुंबई यूनिवर्सिटी के एलएलबी के थ्री ईयर कोर्स में कवर हो रहा हो या फाइव ईयर कोर्स में कवर हो रहा हो। इस पर्टिकुलर
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सब्जेक्ट में सबकी हालत इक्वली खराब होती है। द रीज़न इज़ बिकॉज़ इसमें तीन चीजें पता
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नहीं चलती। नंबर वन रिपीिटेटिव क्वेश्चंस कितने थे और वो कितने आ सकते हैं। नंबर टू इज़ कि एग्जैक्टली लिखना क्या है? कोई भी
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एक पर्टिकुलर क्वेश्चन का आंसर कितना लंबा लिखना है। उसमें कंटेंट क्या-क्या रहना चाहिए? लोग जनरली पूरा बेराक लिखने बैठ
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जाते हैं। एंड थर्ड एंड द मोस्टेंट प्रॉब्लम जो आती है कि कहां क्या नहीं लिखना है ये तो पता ही नहीं होता। एंड द
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नेम ऑफ द सब्जेक्ट इज़ कोड ऑफ सिविल प्रोसीजर 198 यानी कि हमारा सीपीसी। सो
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बिना किसी वक्त की बर्बादी के शुरू करते हैं। क्या-क्या कवर करेंगे आज के लेक्चर में? हम तीन चीजें कवर करेंगे। 13 15
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मार्क्स जिनको 15 मार्क्स है उनका 15 मार्क्स जिनका 13 मार्क्स है उनको 13 मार्क्स जो आंसर एंड ब्रीफ आता है उसके
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मेजर क्वेश्चंस जिसमें रेपिटेटिव क्वेश्चंस लास्ट सात आठ साल के एंड जो इंपॉर्टेंट मॉड्यूल्स में से जो
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इंपॉर्टेंट टॉपिक्स हैं वो भी कवर करेंगे अकॉर्डिंगली हम आगे बढ़ेंगे विद दी नंबर ऑफ़
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पेजेस टू बी फिल्ड फॉर एव्री आंसर कहां क्या प्लग इन आंसर आप लिख सकते हो क्या कनेक्टिंग आंसर लिख सकते हो और इसी के साथ
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में शॉर्ट शॉर्ट नोट्स में क्या-क्या आ सकता है ये भी करेंगे। अब समय बर्बाद ज्यादा नहीं करते हैं क्योंकि तुम्हारी
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एग्जाम की प्रिपरेशन हुई नहीं है और फिर तुम बोलोगे वैभव तुमने बताया नहीं। बिना
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किसी बर्बादी के शुरू करते हैं आज का लेक्चर।
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तो मैंने कुछ नोट्स बनाए हुए हैं। मैं वही रेफर करूंगा क्योंकि इतना परम ज्ञानी मैं हूं नहीं ना ही अंतर्यामी होंगे। सब कुछ
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एकदम से आता रहे। सी मैंने टोटल 10 क्वेश्चंस जो है वो शॉर्टलिस्ट करे हैं।
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और अब ये नोट्स आपको कहां से मिलेंगे? तो अगेन यू कैन विजिट द वेबसाइट ऑफ कमर्सन। वहां पे कांटेक्ट अस का सेक्शन है। या तो
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हमारा कांटेक्ट डिटेल दिया है, ईमेल आईडी दिया है। रीच आउट टू अस एंड वी विल प्रोवाइड यू विद द नोट्स। सो अ ऑब्वियसली
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उसकी कुछ टर्म्स एंड कंडीशंस हैं। एनीवे। सो टोटल 10 क्वेश्चंस हैं। सबसेेंट क्वेश्चंस हम पहले करेंगे। पहला क्वेश्चन
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है रेफरेंस रिव्यू एंड रिवीज़। ये आता ही आता है। छह मार्क्स के लिए आएगा। नहीं तो
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13 मार्क्स, 15 मार्क्स जो भी है आएगा। सो रेफरेंस रिव्यू एंड रिवीजन में सबसे पहले
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रेफरेंस किसे कहते हैं? सो देखो यहां पे रेफरेंस का मतलब बहुत सिंपल है। रेफरेंस
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का मतलब होता है जब लोअर कोर्ट्स जो होती है या जो सबोर्डिनेट कोर्ट होती है जब वो
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किसी पर्टिकुलर एक मैटर में हाई कोर्ट का हायर कोर्ट का ओपिनियन जब सीक करे यानी कि
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व्हेन दी सबोर्डिनेट कोर्ट सीक्स दी ओपिनियन ऑफ़ हायर कोर्ट ऑन अ क्वेश्चन ऑफ़
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लॉ इसको हम कहते हैं रेफरेंस। ठीक है? बेसिक रेफरेंस तो यानी कि भाई हाई कोर्ट
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जो है वो क्या करेगी जो भी हाई कोर्ट होती है वो देखती है चेक करती है भाई क्या है क्वेश्चन ऑफ लॉ क्या है फिर उसके अकॉर्डिंग उसको एड्रेस करेगी अब ये किया
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क्यों जाता है तो इसका जो ऑब्जेक्टिव है वो सिंपल है टू अवॉयड एनी मिस इंटरप्रिटेशन ऑफ़ लॉ एंड प्रिवेंट एनी
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जुडिशियल एरर। तो भाई जो भी सबोर्डिनेट कोर्ट किसी भी टाइप का जुडिशियल एरर पोटेंशियली कर सकती है उस मैटर में इसीलिए
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तो कहा है हायर कोर्ट को रेफर करने के लिए और कोई मिस इंटरप्रिटेशन उससे ना हो जाए
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ये इसका ऑब्जेक्टिव है इसके लिए रेफरेंस के लिए जो है सबोर्डिनेट कोर्ट जनरली हायर कोर्ट को कहती है कि प्लीज ये क्वेश्चन ऑफ
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लॉ प्लीज हमें असिस्ट करिए ठीक है यहां एग्जांपल में एमेकस क्यूरी लिखने की कोई
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जरूरत नहीं है कुछ महानुभावों ने मुझे कहा था कि एमेकस क्यूरी लिख सकते हैं क्या नहीं लिख सकते क्यूरी इज़ फ्रेंड ऑफ़ ऑफ
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कोर्स वो सर्टेन मैटर्स में एक स्पेशलिस्ट को बुलाया जाता है। उसको यहां पे प्लीज वो
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डॉट्स कनेक्ट मत करो। गलत डॉट्स है। गलत जगह गलत बातें करते हो। इसके लिए सिंगल हो
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अब तक। आगे बढ़ते हैं। ठीक है? तो ऑब्जेक्ट क्या है? कोई मिसइंटरप्रेटेशन नहीं हो,
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कोई भी जुडिशियल एरर नहीं हो जाए। उसके लिए यहां पर इस तरीके का रेफरेंस मांगा जाता है। अब रेफरेंस बेसिकली कैसे कर सकते
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हैं? देखो इसमें दो चीज़ है। नंबर एक होती है ऑन एप्लीकेशन ऑफ़ पार्टी या नंबर टू सुओ
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बाय कोर्ट इटसेल्फ। बहुत सिंपल दो केसेस में कैसे? एप्लीकेशन ऑफ़ पार्टी यानी पार्टी खुद एप्लीकेशन कर दे। नंबर टू सुओ।
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कोर्ट खुद सुमोटो में चली जाती है। और रेफरेंस को मेनली यूज़ किया जाता है व्हेन
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द वैलिडिटी ऑफ़ अ लीगल प्रोविज़ इज़ इन डाउट। बहुत इंपॉर्टेंट पॉइंट है ये। ध्यान रखना।
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कब रेफरेंस का प्रोविज़ यूज़ करते हैं? जब लीगल प्रोविज़ की वैलिडिटी अपने आप
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क्वेश्चन में है तो यहां पे हमने क्या करा? चार चीजें करी। पहली चीज़ तो रेफरेंस क्या होता है भाई? जब कोई सबोर्डिनेट
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कोर्ट हायर कोर्ट का ओपिनियन मांगती है क्वेश्चन ऑफ लॉ पे। ठीक है? तब सेकंड उसका
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ऑब्जेक्टिव क्या है? ताकि भाई किसी भी तरीके का कोई मिस इंटरप्रिटेशन नहीं हो। या कोई भी जुडिशियल एरर सबोर्डिनेट कोर्ट
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ना कर दे। एंड अब रेफरेंस कब किया जाता है? दो चीजों में कर सकते हैं। नंबर एक एप्लीकेशन ऑफ़ पार्टी एंड नंबर टू सुमोटो
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जब कोर्ट खुद रेफरेंस मांगे। तीसरी चीज़ जो हमने यहां पे करी चौथी चीज़ जो हमने यहां पे करी कब यूज़ किया
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जाता है रेफरेंस को? जब लीगल प्रोविज़न अपने आप में ही डाउटफुल हो। यानी लीगल प्रोविज़न की वैलिडिटी खुद डाउटफुल हो जाए।
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यहां पे मांगा जाता है। अब इंपॉर्टेंट क्वेश्चन है। रेफरेंस मांग कौन सकता है? बोलेंगे वैभव भाई अभी खुद बोला। खुद ऐसा
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बात करते हो। क्या? पहले सिर्फ और सिर्फ वो कोर्ट रेफरेंस मांग सकती है जो खुद
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सिविल जुडिकेचर के नेचर में हो। यानी कि ओनली अ कोर्ट ऑफ सिविल जुडिकचर कैन मेक अ
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रेफरेंस। ठीक है? ट्रिब्यूनल्स रेफरेंस नहीं मांग सकते हैं। रेफरेंस नहीं कर सकते
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हैं। मतलब क्या ये कहां पे था? इसके लिए एक बहुत इंपॉर्टेंट लैंडमार्क जजमेंट है। रमाकांत बिंदल वर्सेस स्टेट ऑफ उत्तर
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प्रदेश। लिख लेना कहीं पे। नहीं तो हमारे कोर्ट से नोट्स ले लो। उसमें दिया हुआ है। वहां पे ये कोटेड है। तो कौन रेफरेंस कर
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सकता है? हु कैन मेक अ रेफरेंस? ओनली अ कोर्ट ऑफ़ सिविल जुडिकेचर कैन मेक रेफरेंस? ट्रिब्यूनल्स कैन नॉट मेक अ रेफरेंस। हु
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कैन मेक अ रेफरेंस की बात है। ठीक है? अब नेचर ऑफ़ रेफरेंस क्या होता है? तो रेफरेंस
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भाई दो चीजों में होते हैं। दो टाइप के दो नेचर होते हैं रेफरेंस के। एक होता है मैंडेटरी। जहां पे कुछ केसेस में जो होता
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है रेफरेंस लेना, रेफरेंस करना बहुत मैंडेटरी है। एंड सेकंड डिस्क्रीशनरी भाई ऑप्शन है करना चाहे तो कर सकते हैं। नहीं
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करना चाहे तो मत करो। तो ये दो है। एक है मैंडेटरी और एक है डिस्क्रीशनरी। ऑप्शनल मत लिखना। ऑप्शनल सिर्फ तब लिखना जब आपको
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कंफ्यूजन हो। जब आपको मैंडेटरी शब्द या डिस्क्रीशनरी शब्द याद नहीं आ रहा है और
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ग्रेजुएट्स हो रहे हो या हो चुके हो तो डिस्क्रीशनरी अगर याद नहीं है तो चलो भर
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पानी थोड़ा सा नाम का ठीक है आगे तो क्या नेचर है रेफरेंस का
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मैंडेटरी एंड डिस्क्रीशनरी अब ऐसी कौन सी सिचुएशनंस हो जाती है जहां पे रेफरेंस
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किया जा सकता है व्हेन अ रेफरेंस कैन बी मेड तो सबोर्डिनेट कोर्ट कब रेफरेंस कर सकती है। देखो सबोर्डिनेट कोर्ट में मेक अ
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रेफरेंस व्हेन नंबर वन अ क्वेश्चन अराइज़ेस रिगार्डिंग द वैलिडिटी ऑफ व्हाट जब किसी
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चीज की एक वैलिडिटी पे क्वेश्चन आ जाता है। कौन सी चीजों की? किसी एक्ट की, किसी
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ऑर्डिनेंस की, किसी रेगुलेशन की, किसी रूल की या किसी ऑर्डर की? किन पांच चीजों पे
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क्वेश्चन हो उनकी वैलिडिटी पे क्वेश्चन आ जाए तब रेफरेंस कर सकती है सबऑर्डिनेट कोर्ट? एक्ट, ऑर्डिनेंस, रेगुलेशन रूल या
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ऑर्डर? ठीक है? सेकंड कोर्ट जब ऐसे ओपिनियन की है कि भाई अल्ट्रावायर हो रहा
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है तब रेफरेंस किया जा सकता है। पहले हमने क्या करा? जब किसी भी चीज की वैलिडिटी पर
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क्वेश्चन आ जाए। किन चीजों की? पांच चीजों की। एक्ट, ऑर्डिनेंस, रेगुलेशन, रूल या ऑर्डर। सेकंड कब मांगा जा सकता है? कब
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किया जा सकता है? रेफरेंस? व्हेन कोर्ट इज़ ऑफ़ द ओपिनियन दैट एनी सच लॉ इज़ अल्ट्रावायर। अल्ट्रावायर का मतलब क्या
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होता है? अब सीख लो अल्ट्रावायर। जो लेजिसलेटिव पावर्स के बिय्ड है, जो प्रिस्राइब पावर्स के बिय्ड है, यानी कि
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अपनी हद और हैसियत से ज्यादा बाहर कोई चला जाए, तब उसे कहा जाता है अल्ट्रावायर। जब लेजिसलेटिव पावर उसके बिय्ड चली जाए, उसे
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कहते हैं अल्ट्रावायर्स। ऑलराइट। सो जब अल्ट्रावायर हो रहा हो तब। तीसरा व्हेन दी
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इशू हैड नॉट ऑलरेडी बीन डिसाइडेड। मतलब क्या? द इशू हैड नॉट ऑलरेडी बीन डिसाइडेड
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बाय हुूम? सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट टू वि इट इज सबोर्डिनेट। किससे सबोर्डिनेट है
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हाई कोर्ट? सुप्रीम कोर्ट। तो यानी ऐसा कोई मैटर, ऐसा कोई इशू जहां पे अब तक
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डिसीजन नहीं लिया गया है ना तो सुप्रीम कोर्ट के द्वारा, ना तो हाई कोर्ट के द्वारा। और चौथा द कोर्ट कंसीडर्स इट
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नेसेसरी फॉर डिस्पोजल ऑफ़ द केस टू सीक हाई कोर्ट्स ओपिनियन। देखो हमने पहले ही बोला था जब सबोर्डिनेट कोर्ट को लगता है कि केस
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के डिस्पोजल के लिए भाई हाई कोर्ट का यहां पे हायर कोर्ट का जो है रेफरेंस जरूरी है तो वहां पे वो करेगी जब वैलिडिटी ऑफ व्हाट
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एक्ट ऑर्डर रेगुलेशन रूल या किसी भी टाइप के ऑर्डिनेंस में कोई क्वेश्चन आ जाए उसकी
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वैलिडिटी पे तब रेफरेंस किया जा सकता है जब अल्ट्रावायर हो रहा हो तब हम ये कर
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सकते हैं रेफरेंस कर सकते हैं और चौथा जब भाई किसी इशू पे डिसीजन लिया ही नहीं गया है किसके थ्रू सुप्रीम कोर्ट या हाई हाई
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कोर्ट के थ्रू वेरी सिंपल। इसमें ज्यादा कंफ्यूज मत होना। ठीक है? अब तक कोई डाउट
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नहीं होंगे। ऐसी मैं आशा करता हूं। और अगर है तो रिवाइंड करो। फिर से सुन लो। हमने रेफरेंस करा। रेफरेंस का ऑब्जेक्टिव क्या
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है? कोई मिसरप्रिटेशन नहीं हो। कोई जुडिशियल एरर नहीं हो। एप्लीकेशन ऑफ़ पार्टी पे किया जा सकता है या सुमोटो से
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कर सकते हैं। कौन रेफरेंस करता है? ओनली अ कोर्ट ऑफ़ सिविल जुडिकचर। ट्रिब्यूनल्स
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रेफरेंस नहीं कर सकते हैं। ठीक है? नेचर ऑफ़ रेफरेंस क्या है? मैंडेटरी और डिस्क्रीशनरी। मैंडेटरी जहां जरूरत है ही
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मैंडेटरी है करना पड़ेगा। एंड सेकंड डिस्क्रीशनरी है। ठीक है? सिचुएशंस कब कर
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सकते हैं? जब वैलिडिटी क्वेश्चन में आ जाए किसकी? एक्ट की, ऑर्डिनेंस की, किसी रूल्स
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की, रेगुलेशंस की या किसी ऑर्डर की। और जब कोर्ट को लगे कहीं अल्ट्रावायर हो रहा है
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या फिर कोई इशू है जिस पर डिसीजन नहीं लिया गया है सुप्रीम कोर्ट के थ्रू या हाई कोर्ट के थ्रू। और जहां पे उसको लगता है
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सबोर्डिनेट कोर्ट को कि भाई या तो डिस्पोजल करना है केस का नेसेसरी है।
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लेकिन अब इंपॉर्टेंट चीज है देखो कुछ टाइप के डाउट्स जब होंगे ना तब यहां पर
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मैंडेटरी हो जाएगा। तब यहां पर ऐसा है कि रेफरेंस लेना चाहिए। किस टाइप के डाउट्स होते हैं? जहां पे रेफरेंस करना पड़ेगा।
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अभी हमने करा कंफ्यूज नहीं होना है। पहले जहां पे मैंडेटरी है वैलिडिटी ऑफ़ लॉ ही क्वेश्चन में है। वैलिडिटी ऑफ़ प्रोविज़न ही
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क्वेश्चन में है। सेकंड अगर के रेफरेंस लेना है उन कोर्ट को लगता है जरूरी है। तो
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या तो फिर जो कोर्ट है इट मे रेफर सुमोटो सिंपल। लेकिन अब मैंडेटरी रेफरेंस के लिए
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क्या कंडीशंस हैं ये भी देख लेते हैं। तो मैंडेटरी रेफरेंस तब हो जाता है कंपलसरी
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रेफरेंस तब होती है तीन चीज में। ठीक है? क्या है वो तीन चीजें? द डिसीजन ऑन द
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क्वेश्चन इज़ नेसेसरी फॉर डिस्पोजल ऑफ़ द केस। तब मैंडेटरी है। मतलब केस के डिस्पोजल के लिए अब ये नेसेसिटी हो गई है
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कि रेफरेंस लिया जाए। तब मैंडेटरी अह रेफरेंस करना पड़ेगा। जहां पे सबोर्डिनेट कोर्ट को लग रहा है कि अल्ट्रावायर हो रहा
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है। देखो अल्ट्रावायर है तो क्या हो रहा है? भाई आप एब्स एंड स्टट्यूट्स को वायलेट कर रहे हो तब तो रेफरेंस करना ही पड़ेगा।
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ये हम वो केसेस कर रहे हैं जहां पे वो सिचुएशनंस कर रहे हैं जहां पे मैंडेटरी रेफरेंस है। पहला जब कोर्ट को लगता है कि
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केस के डिस्पोजल में नेसेसिटी है। सेकंड जब अल्ट्रावायर हो रहा है। सबोर्डिनेट कोर्ट को लग रहा है अल्ट्रा वायर हो रहा
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है तब करेगी। थर्ड जब प्रोविज़न हैज़ नॉट बीन डिक्लेयर्ड इनवैलिड। प्रोविज़न हैज़ नॉट
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बीन डिक्लेअर्ड व्हाट? इनवैलिड बाय हुूम? सुप्रीम कोर्ट या कंसर्नड हाई कोर्ट।
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ठीक है? तो जब ऐसा कोई प्रोविजन आता है जिसको इनवैलिड डिक्लेअ नहीं किया। ठीक है? तो फिर क्या करेंगे? रेफरेंस के लिए दे
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देंगे। अब ऐसी कौन सी कंडीशंस है जहां पे और रेफरेंस मांगा जा सकता है भाई कोई सूट है,
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कोई अपील है, कोई एग्जीक्यूशन है, कोई एग्जीक्यूशन प्रोसीडिंग है और वो पेंडिंग पड़ी है। तब रेफरेंस मांगेंगे। फिर
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नो अपील शुड लई अगेंस्ट डिग्री और ऑर्डर। मतलब नो अपील शुड बी लंग अगेंस्ट डिक्री
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और ऑर्डर तब कंडीशंस हैं यह फॉर सीकिंग व्हाट रेफरेंस क्वेश्चन मस्ट अराइज़
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ड्यूरिंग पेंडेंसी ऑफ़ प्रोसीडिंग। मतलब क्या? प्रोसीडिंग की पेंडेंसी जब चल
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रही है तब ऐसा कोई क्वेश्चन आ गया किसी लॉ में कोई इशू में तब रेफरेंस मांग सकते
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हैं। एंड द कोर्ट मस्ट बी एंटरटेनिंग द सूट एट दैट टाइम। ऑब्वियसली भाई जब कोर्ट
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वैसा रेस्पेक्टिव सूट एंटरटेन ही नहीं कर रहा तो रेफरेंस मांगेगा कैसे? ठीक है? एक
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तरीके से समझ लो स्टैंड क्या है ना? ठीक है? तो किन-किन कंडीशंस में हम रेफरेंस मान सकते हैं? कर सकते हैं। सूट, अपील और
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एग्जीक्यूशन, प्रोसीडिंग। जब कभी जब वो पेंडिंग हो कोई अपील नहीं होना चाहिए। नो
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अपील शुड लाई अगेंस्ट द डिग्री और ऑर्डर। क्वेश्चन मस्ट अराइज़ ड्यूरिंग पेंडेंसी ऑफ़ प्रोसीडिंग। एंड फोर्थ द कोर्ट मस्ट बी
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एंटरटेनिंग द सूट एट दैट टाइम। वेरी सिंपल। अब इतनी चीज हो गई। अब हम आते हैं पावर ऑफ
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रेफरिंग कोर्ट। मतलब क्या? क्या है पावर्स? तो सबोर्डिनेट कोर्ट में डू
13:07
व्हाट? स्टे द प्रोसीडिंग। अब रेफरिंग कोर्ट मतलब जो रेफरेंस मांग रही है क्या करेगी? सबोर्डिनेट कोर्ट जब तक रेफरेंस आ
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रहा है क्या करेगी? प्रोसीडिंग्स को स्टे कर देगी या पास कंटेंजेंट ऑर्डर। कंटेंजेंट ऑर्डर पास करेगी। और जब हाई
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कोर्ट का ओपिनियन आ जाता है तब क्या करेगी? डिस्पोज़ कर देगी उस केस को अकॉर्डिंगली जैसा रेफरेंस मिला उसके बेसिस
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पे। तो क्या है? पावर ऑफ़ रेफरिंग कोर्ट। पहला या तो जब तक मैटर रेफरिंग रेफर हो
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रहा है प्रोसीडिंग्स को स्टे कर दो या कंटेंजेंट ऑर्डर पास कर दो। जैसे ही आ गया
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हाई कोर्ट से हमको डायरेक्शन आ गया मतलब रेफरेंस आ गया तब क्या करो? केस को अकॉर्डिंगली डिस्पोज ऑफ कर दो। ठीक है?
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नाउ व्हाट इज़ दी नेचर ऑफ़ क्वेश्चन दैट इज़ रेफर्ड? ऑलराइट। व्हाट इज द नेचर ऑफ़
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क्वेश्चन व्हिच इज़ रेफर्ड? ऐसा रेफरेंस जब होता है तो उसमें क्या होना चाहिए? सबसे
13:54
पहले रियल एंड एकिस्टिंग क्वेश्चन ऑफ लॉ। हाइपोथेटिकल नेचर का रियल एंड एकिस्टिंग
14:00
क्वेश्चन ऑफ लॉ ठीक है एआई जेंडर नहीं ठीक है सेकंड हाइपोथेटिकल और फ्यूचर क्वेश्चंस
14:07
कैन नॉट बी रेफर्ड नहीं कर सकते हो ये इसके लिए बहुत बड़ा लैंडमार्क जजमेंट है बनारसी यादव वर्सेस कृष्णचंद्र
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ठीक है तो रियल एंड एकिस्टिंग क्वेश्चन ऑफ़ लॉ होना चाहिए अब यहां पे पावर और ड्यूटी क्या है हाई कोर्ट की ये भी दिया हुआ है
14:21
तो क्या है पावर एंड ड्यूटीज पहले हाई कोर्ट एक्सरसाइजज़ कंसल्टेटिव जरिस डिक्शन
14:27
मतलब क्या? कंसल्टेशन प्रोवाइड कर रही है ना आपको? रेफरेंस प्रोवाइड कर रही है। कंसल्टेशन प्रोवाइड कर रही है तो कंसल्टेटेटिव जुरिसडिक्शन है उसका। तो वो
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क्या कर सकती है? रेफरेंस मांगा है। आप रेफर करो सर मैटर बताओ हमको। तो क्या कर सकती है? या तो उसको आंसर कर सकती है। या
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तो नंबर टू नए लीगल एस्पेक्ट को कंसीडर कर सकती है। कहीं अगर नए लीगल एस्पेक्ट्स आ
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रहे हैं तो उसको भी कंसीडर कर सकती है। यह भी उसके पास हाई कोर्ट के पास पावर है। और यहां पे क्या करना है उसे? सिंपल है। यह
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भी एक लैंडमार्क जजमेंट था। एस के रॉय वर्सेस बोर्ड ऑफ़ रेवेन्यू तो क्या करेगी? रेफरेंस के लिए जब बोला गया है तो रेफर्ड
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क्वेश्चन को आंसर करेगी। नए लीगल एस्पेक्ट्स को कंसीडर करेगी। अगर वैसे अराइज़ होते हैं तो या क्या करेगी? हां
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नहीं करना आंसर। सॉरी इट मे रिफ्यूज आल्सो एंड इट मे कॉश द रेफरेंस। अच्छा नहीं
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चाहिए। ये रेफरेंस के श्रेणी में नहीं है। कॉश कर दो उसको। खत्म कर दो उसको। ठीक है? आफ्टर आंसरिंग द केस इज़ रिटर्न टू दी
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सबोर्डिनेट कोर्ट फॉर डिस्पोजल। वेरी सिंपल। ये रेफरेंस का आंसर था। अब हम आते
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हैं आगे रिव्यू पे। अब आप बोलोगे यार वैभव भाई इतना बड़ा है ये तो रेफरेंस में ही
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इतना टाइम लग गया। देखो मेरा काम है आपको ज्यादा से ज्यादा पॉइंटर्स देना। मैंने रेलेवेंट पॉइंटर्स दिए। कुछ इररेिलेवेंट
15:40
नहीं दिए हैं। आपको लगता है कि ठीक है, इसमें से कट शॉट करना है। शॉक्स से बी माय गेस्ट। इसको आप कट शॉट कर दीजिए। क्या
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प्रॉब्लम है? देखो आंसर आपको लिखना है। मेरा काम है आपको बताना कि आप क्या-क्या
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लिख सकते हो। ऑलराइट कि कहीं आपके पास कोई शॉर्ट फॉल नहीं हो जाए। तो बाकी आप पे डिपेंड करता है। आपको कम लिखना है आप कम
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लिख दो। कोई प्रॉब्लम नहीं है। ठीक है? अब हम बढ़ते हैं रिव्यू पे। अब रिव्यू क्या है? रिव्यू का मतलब होता है कोई
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रिकंसीडरेशन ऑफ़ अ जजमेंट और डिग्री बाय द सेम कोर्ट। रिव्यू एप्लीकेशन डालते हैं ना
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कि भाई आपने जजमेंट दिया है या ऑर्डर दिया है। उसको प्लीज रिव्यू करिए। हमारे हिसाब से इसमें कोई प्रॉब्लम हो सकती है। तब
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इसको कहते हैं हम रिव्यू। तो इट इज़ व्हाट? इट इज़ अ रिकंसीडरेशन ऑफ़ अ जजमेंट और अ
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डिग्री बाय हुूम बाय द सेम कोर्ट। उसको रिव्यु कहा जाता है। अब इसका पर्पस क्या
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है? अभी जैसे बताया एरर्स को करेक्ट करना। अगर कोई पोटेंशियल एरर्स हैं, कुछ दिखते
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हैं उसमें, तो उसको करेक्ट करना। टू डू व्हाट? क्यों एरर्स करेक्ट करना है? ताकि मे अह जस्टिस का मिसकैरज नहीं हो। सो देयर
16:39
इज़ नो मिसकैरज ऑफ़ जस्टिस। सो टू प्रिवेंट टू करेक्ट एनी एरर्स सॉरी टू करेक्ट एनी
16:44
एरर्स एंड टू प्रिवेंट दी मिसकैरज ऑफ़ जस्टिस। ये दो पर्पससेस हैं रिव्यू के। अब इसके जो स्टटरी प्रोविज़ंस हैं दैट इज़
16:53
ऑब्वियसली देयर राइट टू अप्लाई फॉर रिव्यु आता है 114 में एंड 47 ऑर्डर 47 में क्या
16:58
है? प्रोसीजर फॉर रिव्य्यू है। अब पहली बात रिव्य्यू के लिए अप्लाई कौन कर सकता है? देखो जो भी एग्रीव्ड पार्टी है डिग्री
17:05
या ऑर्डर पास होता है तो जो भी इंपैक्टेड पार्टी है जो एग्रीव्ड पार्टी है वो रिव्यू के लिए अप्लाई कर सकती है एंड
17:10
रिव्यू लाइ बिफोर द सेम कोर्ट दैट पास द डिग्री सिंपल कौन कर सकता है भाई जो भी
17:16
एग्रीव पार्टी जिसके फेवर में नहीं आया है जिसके अगेंस्ट में आया है डिक्री ऑर्डर ठीक है तो वो कर सकती है एंड एनी पार्टी
17:23
हु इज़ एग्रीव्ड बाय दैट पर्टिकुलर ऑर्डर ओके अब रिव्यू मेंटनेबल कैसे है कब मेंटनेबल है यह बहुतेंट है यहां पे गोंधड़
17:31
का राइट्स नहीं बहुत इंपॉर्टेंट है। रिव्यू कब मेंटनेबल
17:36
है? जब डिग्री या ऑर्डर अपीलेबल हो बट अपील के लिए गए नहीं हो। बहुत इंपॉर्टेंट।
17:44
क्या अपीलेबल है? उस ऑर्डर को उस डिग्री को हम अपील में जा सकते हैं। फर्स्ट कोर्ट
17:50
ऑफ़ अपील में जा सकते हैं। या अपीलेट कोर्ट में जा सकते हैं या एपेक्स कोर्ट में जा सकते हैं? एससी में लेकिन अपील अब तक हमने
17:56
फाइल करी नहीं है। अभी तक हमने अपील प्रेफर नहीं की है। तब हम उसको रिव्यू में डाल सकते हैं। आपने अपील कर दी और फिर आप
18:02
यहां रिव्यु के लिए डाल रहे हो। नहीं चलेगा ना? ऑलरेडी अपील में गया है। तो पहले ऐसा कोई डिग्री ऑर्डर अपीलेबल है
18:08
लेकिन अपील प्रेफर नहीं किया गया है। सेकंड नो अपील लाइज अंडर लॉ।
18:15
मतलब क्या? यार अब इसके लिए अपील ही नहीं बची है। इसके लिए अपील कर ही नहीं सकते। रिव्यु ही कर सकते हैं। तब रिव्यू के लिए
18:21
डालेंगे। ठीक है? ठीक है? अपेक्स कोर्ट में भी यही ना अपील कहां? अब कहां अपील करेंगे? तो अपेक्स कोर्ट में क्या? रिव्यु
18:27
करो। एंड थर्ड व्हेन डिसीजन इज पास्ड बाय कोर्ट ऑफ स्मॉल कॉजेस। क्या तीन कंडीशन
18:35
पहले जब अपीलेबल है अपील प्रेफर नहीं किया गया है। सेकंड जब अपील हो ही नहीं सकती है। सिर्फ रिव्य्यू हो सकता है। एंड थर्ड
18:41
जब डिसीजन किसने पास करा? स्मॉल कोर्ट ऑफ़ स्मॉल कॉज़ यानी स्मॉल कॉज़ कोर्ट। स्मॉल कॉजज़ कोर्ट ने जब पास किया तब उसका
18:47
रिव्य्यू नहीं होता। तब अपील में जाओ भाई। ठीक है? अच्छा अब अगर अपील की है तो
18:54
इफेक्ट क्या है उसका रिव्यू पे? व्हाट इज द इफेक्ट ऑफ अपील ऑन रिव्यू? रिव्यू इज मेंटनेबल इफ अपील वाज़ डिसमिस्ड एज टाइम
19:03
बार्ड और इनकंपोटेंट। मतलब क्या? अपील की है आपने सब किया है।
19:10
लेकिन रिव्यु मेंटनेबल है कब? जब अपील वाज़ डिसमिस्ड एस टाइम बार्ड और इनकंपटेंट।
19:16
ठीक है? मतलब टाइम से बाहर हो चुका है। अब हिंदी में टाइम से बाहर हो चुका है। अब तो अपील डिसमिस कर दी गई है। ये इसका भी
19:23
लैंडमार्क जजमेंट है। आप बोलो या कुछ भी बोल रहे हो। नहीं रामबख्श वर्सेस राजेश्वरी कुमार सॉरी कुंवर। ठीक है? ये
19:31
इसका लैंडमार्क जजमेंट है। एंड रिव्यु मेंटेटनेबल नहीं है। कब मेंटेटनेबल नहीं है? जब अपील ऑलरेडी फाइल हो चुकी है या तो
19:38
अपील टाइम बार है या इनकंपटेंट है तब भाई रिव्यु मेंटनेबल है। अपील से उसको इंपैक्ट
19:45
नहीं पड़ेगा। ठीक है? नंबर टू रिव्यू कब मेंटनेबल नहीं है? जब भाई अपील ऑलरेडी
19:51
फाइल कर चुकी है। सीताराम शास्त्री वर्सेस सुंदरम्मा। तो ये इसका एक
19:58
लैंडमार्क जजमेंट है। ठीक है? सीताराम शास्त्री वर्सेस सुंदरम्मा। तो यहां जब अपील ऑलरेडी फाइल
20:05
कर चुके हो तो आपका रिव्यू मेंटनेबल नहीं है। अच्छा ग्राउंड फॉर रिव्यू क्या है?
20:10
रिव्यू क्या है? बता दिया कौन फाइल कर सकता है? कब कर सकता है? कब मेंटनेबल है? कब अपील से है? मेंटनेबल नहीं है। लेकिन
20:17
ग्राउंड क्या है? पहले डिस्कवरी ऑफ न्यू एंड इंपॉर्टेंट मैटर और
20:22
एविडेंस। ठीक है? जब कोई नया कोई इंपॉर्टेंट मैटर
20:28
आया उसी में या कोई नया एविडेंस मिला है तब उसको क्या करेंगे? रिव्य्यू के लिए डाल सकते हैं। लेकिन ऐसी चीज शुड नॉट बी विद
20:35
इन द नॉलेज अर्लियर। कोर्ट के पहले नॉलेज में नहीं था। अब यह नया इंट्रोड्यूस हुआ है। कुड नॉट बी प्रोड्यूस डिस्पाइट ड्यू
20:42
डेलीजेंस। ऐसा कोई नया या इंपॉर्टेंट मैटर इनेशन आती है जो पहले प्रोड्यूस किया ही
20:47
नहीं गया हो कोर्ट के सामने तब रिव्यु के लिए जा सकते हैं। सो डिस्कवरी ऑफ़ न्यू एंडेंट मैटर और एविडेंस। नंबर टू एरर
20:54
अपेरेंट ऑन द फेस ऑफ़ द रिकॉर्ड। यानी जब सिंपल सी बात है। फिर बोलोगे वेब ऑफ़ भाई
21:00
बीच-बीच में इंग्लिश क्यों बोलते हो? तो अब मैं इसको सिंपल कर देता हूं। जब कोई फ़क्चुअल या लॉ का यानी लीगल एरर है तब
21:07
रिव्यू में जा सकते हैं। इसमें कोई रिआर्गुमेंट की जरूरत नहीं होती है। जब
21:12
फ़क्चुअल एरर हो या लीगल एरर हो तब ऐसे पर्टिकुलर ऑर्डर या डिग्री में क्या कर
21:18
सकते हैं? रिव्यू में जा सकते हैं। यहां पे कोई रीआर्गुमेंट की जरूरत नहीं होती है। यह भी करोता कृता वर्सेस आर रामलिंग
21:26
राजू। तो ये इसका लैंडमार्क जजमेंट इसमें दिया हुआ है। ठीक है? थर्ड कौन सा ग्राउंड
21:33
है? कोई भी दूसरा सफिशिएंट रीज़ हो जिससे आपको लगे कि यह मेंशन नहीं किया गया तो
21:38
क्या हो जाएगा? जस्टिस का मिसकैरज हो जाएगा। जस्टिस डिलीवर नहीं हो पाएगा। तो
21:44
ऐसा कोई भी रीज़न हो तो उसके लिए क्या कर सकते हैं? रिव्यू में जा सकते हैं। तो तीन कंडीशंस, तीन ग्राउंड्स हैं रिव्यू के।
21:50
क्या-क्या है? सबसे पहला डिस्कवरी ऑफ न्यू एंड इंपॉर्टेंट मैटर और एविडेंस एरर अपेरेंट ऑन द फेस ऑफ रिकॉर्ड यानी
21:57
फैक्चुअल द लीगल एरर जिसके लिए रीआर्गुमेंट नहीं चाहिए और कोई भी सफिशिएंट रीज़ हो तब अब सफिशिएंट रीज़ बोला
22:04
लेकिन सफिशिएंट रीज़न में आता क्या-क्या है? पहला कोई मिस्रहेंशन ऑफ़ फैक्ट्स है तो
22:10
वो हम पहले ही कर चुके हैं। कोई फेयर अपॉर्चुनिटी दी ही नहीं गई है हमें एविडेंस प्रोड्यूस करने की व्हाइल
22:15
हियरिंग। थर्ड जब एब्सेंस ऑफ नोटिस हो या फोर्थ फेलियर टू कंसीडर मटेरियल एविडेंस
22:20
है। फेलियर टू कंसीडर मटेरियल एविडेंस एंड ओेशन ऑफ स्ट्रेशन। यह सारी चीजें हैं। अब
22:26
लिमिटेशन पीरियड क्या है रिव्यू का? तो रिव्यू के लिए लिमिटेशन पीरियड बहुत सिंपल है। 30 डज़ फ्रॉम द डेट ऑफ़ डिग्री या
22:33
ऑर्डर। डेट ऑफ़ ऑर्डर आया मतलब ऑर्डर आया, आज आया, डिग्री आई आज एक महीने के अंदर कर
22:38
दो। रिव्यु एप्लीकेशन डाल दो। रिव्यु डिग्री बिकम्स फाइनल अमाइंड। एक बार रिव्यु हो गया तो रिव्य्यू की जो रिव्यु
22:45
डिग्री है, वह फाइनल हो जाएगी, बाइंडिंग हो जाएगी। अब जाना है तो अपील में जाते रहो भाई। अब रिव्यू तो नहीं होगा। फाइनल
22:51
है बाइंडिंग है। अब अपील में जाओ। अब रिव्यू कौन कर सकता है? हु कैन हियर और अ रिव्यू? सेम जज जिसने डिग्री पास करी है
22:58
वही उसको रिव्यू कर सकता है। और अगर वो अनअवेलेबल है या कोई अनअवॉयडेबल रीज़ है इसके लिए वो है नहीं अवेलेबल तो क्या
23:05
होगा? जो भी जज होगा ऑफ़ कॉनकरेंट जुरिसडिक्शन मे हियर द रिव्यु। कौन? एनी
23:11
जज ऑफ़ कॉनकरेंट जुरिसडिक्शन मे हियर द रिव्यू। वेरी सिंपल। ओके? सुप्रीम कोर्ट
23:17
रिव्यु कैसे करती है? तो यहां पे सुप्रीम कोर्ट अपने खुद के रिव्य्यू को कर सकती है। उसके लिए कॉन्स्टिट्यूशन प्रोविज़ दिया
23:24
हुआ है। ठीक है? तो ये रिव्यू हो गया। अब रिवीज़ क्या है? रिवीज़ का मतलब होता है री
23:29
एग्जामिनेशन ऑफ़ अ केस बाय हाई कोर्ट टू करेक्ट जुडिशियल सॉरी जुरिसडिक्शनल एरर्स।
23:35
ठीक है? कोई भी जब केस का री एग्जामिनेशन होता है बाय द हायर कोर्ट बाय द एपिलेट
23:40
कोर्ट टू करेक्ट कोर्ट जुरिसडिक्शनल एरर्स। अब इसके अह रिवीज़ जुरिसडिक्शन हाई कोर्ट का क्या है? तो 155 सीबीसी में दिया
23:47
हुआ है। उसका क्या मतलब है? जो रिवीजनल जुरिसडिक्शन है हाई कोर्ट का दैट इज़ डिस्क्रीशनरी एंड नॉट अ मैटर ऑफ़ राइट। इट
23:56
इज़ डिस्क्रीशनरी। ठीक है? कंडीशन क्या है रिवीज़न एक्सरसाइज़ करने के? केस मस्ट बी
24:02
डिसाइडेड। पहले केस डिसाइड कर लो। और सेकंड कंडीशन ये है कि ऐसे केस में कोई भी
24:09
अपील नहीं होना चाहिए। उसके डिसीजन के अगेंस्ट। नो अपील शुड लाई अगेंस्ट सच अ
24:14
डिसीजन। तो सबोर्डिनेट कोर्ट को यहां पे क्या है? सबोर्डिनेट कोर्ट हैज़ एक्सरसाइज
24:20
जुरिसडिक्शन नॉट वेस्टेड बाय लॉ फेल टू एक्सरसाइज वेस्ट जुरिसडिक्शन एंड एक्टेड
24:25
इललीगली और विथ मटेरियल इर्रेगुलरिटी। देखो जब ये तीन कंडीशन होती है जब सबोर्डिनेट कोर्ट ने ऐसा कुछ किया है तब
24:31
ही रिवीज़ जो है वो हायर कोर्ट क्या करेगी? एक्सरसाइज़ करेगी रिवीज़। कब? व्हेन द
24:37
सबोर्डिनेट कोर्ट हैज़ एक्सरसाइज़ जुरिसडिक्शन दैट इज़ नॉट वेस्टेड बाय अ लॉ। या जो जुरिसडिक्शन उसको फॉलो करना था वो
24:44
किया नहीं है या इललीगली एक्ट कर रहा है या मटेरियल इर्रेगुलरिटी है ऐसे टाइम पे
24:50
तो स्कोप ऑफ रिवीज़ क्या होता है? स्कोप ऑफ़ रिवीज़ कब आता है? जब कोई जुरिसडिक्शनल एरर
24:55
हो ओनली फॉर जुरिसडिक्शनल एरर एंड नॉट फॉर रीएसिएशन ऑफ़ फैक्ट्स।
25:02
रिवीज़ कब होगा? ओनली फॉर जुरिसडिक्शनल एरर्स। नॉट फॉर रीएसिएशन ऑफ़ फैक्ट्स। हायर कोर्ट और हाई कोर्ट कैन नॉट इंटरफेयर। कब
25:09
इंटरफ़ेयर नहीं कर सकती है? जब वहां कोई अपील हो उस मैटर में ऑलरेडी कोई अपील है।
25:15
ठीक है? अब अल्टरनेट रेमेडी क्या है? और रिवीजन क्या है? तो अल्टरनेट इफ एन
25:20
अल्टरनेटिव एंड एन एफिकेशियस रेमेडी एकिस्ट्स तब हाई कोर्ट बोलेगी रिवीज़ के
25:26
लिए मत आओ। क्यों? क्योंकि अल्टरनेट रेमेडी है ना? एफिकेशियस रेमेडी ऑलरेडी है
25:31
आपके पास। यह हुआ था। मेजर एसएस खन्ना वर्सेस ब्रिगेडियर एफ जे डेलियन। यहां पे यह केस में हुआ था ऐसा।
25:39
अब रिवीजन के लिए क्या लिमिटेशन दिया गया है? जैसे ही आपको डिक्री ऑर्डर आया तो 90
25:44
डेज रिव्यू के लिए कितना है? 30 डेज का। यहां पर कितना है? 90 डेज का डिक्री और ऑर्डर
25:50
आने के बाद। ठीक है? तो अभी क्या है भाई? रेफरेंस कब होता है? फटाफट से उसको हम
25:55
रिवीज़ करते हैं। कब होता है रेफरेंस? भाई गाइडेंस है एक तरीके से वो गाइडेंस है ऑन लीगल वैलिडिटी। रिव्यु क्या है? इट इज़ द
26:02
करेक्शन बाय दी सेम कोर्ट। और रिवीज़ क्या है? इट इज़ द जुरिसडिक्शनल कंट्रोल बाय हाई
26:07
कोर्ट। वेरी सिंपल। और रिवीजन पिटीशन कब जाएगी? रिवीजन पिटीशन भाई इट विल बी फाइल्ड बिफोर दी हायर कोर्ट। ठीक है? इतना
26:15
सा ये आंसर है रेफरेंस रिव्यु रिवीजन का। इस आंसर के भी काफी सारे पॉइंटर्स ऐसे हैं
26:20
जो आप क्या कर सकते हो? किसी भी और आंसर के साथ कनेक्ट कर सकते हो स्मार्टली। ठीक है? डायरेक्टली मत एकदम बॉम्बस्टिकली मत
26:27
डाल देना। ठीक है? इतना सा ही ये आंसर है। एंड यस, आई नो इट इज़ वन ऑफ़ द लॉन्गेस्ट
26:33
आंसर्स। इसके लिए ये पहले किया। ठीक है? अब बढ़ते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन की तरफ। अब
26:38
जो हमारा नेक्स्ट क्वेश्चन है दैट इज अरेस्ट एंड अटैचमेंट बिफोर जजमेंट। इंपॉर्टेंट क्वेश्चन है। यह दो-तीन बार आ
26:44
चुका है। तो अरेस्ट एंड अटैचमेंट बिफोर जजमेंट क्या रहता है? सबसे पहले हम इसको कॉनंसेप्चुअली समझ लेंगे। देखो जनरल रूल
26:52
क्या है? जो क्रेडिटर होता है वो क्रेडिटर को पहले एक डिग्री ऑब्टेन करनी चाहिए। ठीक
26:57
है? ये जनरल रूल्स हैं एंड एक्सेप्शनंस है जो हम कर रहे हैं। ठीक है? सीपीसी के अंडर अरेस्ट एंड अटैचमेंट बिफोर जजमेंट क्या
27:04
रहता है? सबसे पहला नॉर्मली अ क्रेडिटर मस्ट ऑब्टेन फर्स्ट ऑब्टेन अ डिग्री एंड
27:10
देन एग्जीक्यूटेड बाय हुूम बाय अरेस्ट ऑफ दी जजमेंट डेटर और अटैचमेंट ऑफ़ प्रॉपर्टी
27:19
किसको अरेस्ट ऑफ़ जजमेंट डेटर भाई जिसको जजमेंट फॉलो करना है एंड अटैचमेंट ऑफ़ प्रॉपर्टी सिंपल।
27:26
तो क्रेडिटर को क्या करना पड़ेगा? पहले भाई डिग्री ऑब्टेन कर फिर एग्ज़क्यूट कर। कैसे? या तो जजमेंट डेटर को अरेस्ट कर लो या
27:32
अटैच उसकी प्रॉपर्टी। अटैच कर दो। सिंपल। लेकिन एक्सेप्शन क्या है? एक्सेप्शन इज़ वेरी सिंपल। कुछ स्पेशल सरकमस्ट्ससेस में
27:40
कोर्ट क्या कर सकती है? डिफेंडेंट को अरेस्ट कर सकती है। कुछ स्पेशल सरकमस्ट्ससेस में। और
27:47
डिफेंडेंट की प्रॉपर्टी को अटैच कर लेगी बिफोर द जजमेंट इज़ पास्ड। तो ये जो है
27:52
अरेस्ट एंड अटैचमेंट बिफोर जजमेंट। ये इस तरीके से हो सकता है। क्या एक्सेप्शन है? स्पेशल सरकमस्टेंस होता है। जहां पे क्या
27:58
हो जाएगा? डिफेंडेंट अरेस्ट हो जाएगा। और उसकी प्रॉपर्टी अटैच हो जाएगी बिफोर व्हाट द जजमेंट इज़ पास्ड। हम इसमें मुझे नहीं
28:04
लगता कोई ज्यादा डाउट होगा। ठीक है? तो चार चीज़ पहले जो क्रेडिटर है उसको क्या
28:10
करना है? क्रेडिटर को पहले ऑब्टेन क्या डिग्री ऑब्टेन करनी है। सेकंड फिर उसको एग्जीक्यूट करो। कैसे? भाई जो जजमेंट डेटर
28:17
है उसको अरेस्ट कर लो या उसकी प्रॉपर्टी को अटैच कर लो। स्पेशल सरकमस्ट्ससेस में एक्स एक्सेप्शन हो जाता है। कैसे? कोर्ट
28:22
क्या करेगी? डिफेंडेंट को अरेस्ट करेगी। उसकी प्रॉपर्टी अटैच कर देगी। बिफोर द जजमेंट इज़ पास्ड। वेरी सिंपल। अब ऑब्जेक्ट
28:29
क्या है? इसका ऑब्जेक्टिव क्या है? अरेस्ट एंड अटैचमेंट बिफोर जजमेंट करना ही क्यों है? तो पहले टू फैसिलिटेट रिकवरी ऑफ द
28:38
डिक्रिटल अमाउंट इफ द डिक्री इज़ पास्ड इन फेवर ऑफ द प्लेटिफ।
28:44
जब आर्बिट्रेशन में कई सारे मैटर जाते हैं जब आप इंटरनेशनल कमर्शियल लॉज़ करेंगे अगर
28:50
जिनको इंटरेस्ट है तो उसमें एक प्रोविज़न होता है जो आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल होती है
28:56
जो पैनल्स होते हैं ना उनमें एक ऑप्शन होता है जिसको कहते हैं एस्क्रो अकाउंट। एस्क्रो अकाउंट क्या होता है भाई जब तक
29:02
देखो बहुत बार कैसे होता है जो दूसरी फॉर एग्जांपल मैं सेलर हूं कोई दूसरा बायर है
29:07
या थर्ड पार्टी बायर है अब क्या हो गया भाई सामान तो ले लिया पैसे दिए नहीं है कुछ ना कुछ बहाने करके सामान रिटर्न कर
29:12
दिया हमारा बचा हुआ सामान तो अब क्या करेंगे मैटर आर्बिट्रेशन में जाता है फिर ये क्या कहते हैं कि ठीक है ये हमारा पैसा
29:19
नहीं दे रहे आर्बिट्रेशन में मैटर है आर्बिट्रल पैनल रिक्वेस्ट करे ऑर्डर करे
29:25
कि भाई जो पेंडिंग पेमेंट मिलना है उसको एस्क्रो अकाउंट में डालो मतलब क्या इस क्रोकाउंट का भाई उसको आप रख के रखो
29:32
आर्बिट आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल के पास पैनल के पास रहने दो ना वो मेरे पास रहे ना
29:38
उनके पास रहे डिसीजन होने दो जिसके फेवर में ऑर्डर पास होगा उसको पैसा दे देना
29:43
सिंपल एस दैट ठीक है अब वो प्लेटिफ हो या डिफेंडेंट हो तो क्या करना है पहला
29:49
ऑब्जेक्टिव क्या है ऐसे अटैचमेंट का अरेस्ट का टू फैसिलिटेट द रिकवरी ऑफ़ डिक्रिटल अमाउंट इफ द डिक्री इज़ पास्ड इन
29:55
फेवर ऑफ़ दी प्लेटिफ तो ऐसे अमाउंट को रिकवर करना सेकंड टू प्रिवेंट द डिफेंडेंट
30:00
फ्रॉम डूइंग व्हाट टू प्रिवेंट द डिफेंडेंट फ्रॉम इवेडिंग एग्जीक्यूशन
30:06
एग्जीक्यूशन से भागे नहीं भाग नहीं जाए इवेड नहीं करते एंड नंबर टू टू डिफीटिंग द
30:13
डिग्री और डिफिटिंग द डिग्री बाय एब्सकोंडिंग और डिस्पोजिंग ऑफ़ प्रॉपर्टी
30:19
तो पहला तो क्या रिकवरी को फैसिलिटेट करना है नंबर टू डिफेंडेंट को प्रिवेंट करना है
30:26
क्या करने से एग्जीक्यूशन को इवेट करने से, बचने से और नंबर टू डिफिटिंग द डिग्री
30:32
बाय एब्सकोंडिंग यानी कि डिग्री आया तो डिग्री से भाग रहा है या प्रॉपर्टी को
30:37
डिस्पोज कर दे। इस चीजों के लिए इन चीजों के लिए क्या किया जाता है? अरेस्ट एंड
30:42
अटैचमेंट कर दी जाती है बिफोर व्हाट? बिफोर जजमेंट। ठीक है? आगे बढ़ते हैं। तो, अरेस्ट बिफोर जजमेंट का क्या है? नेचर ऑफ़
30:49
पावर क्या है उसका? अरेस्ट बिफोर जजमेंट इज़ एन एक्स्ट्राऑर्डिनरी एंड ड्रास्टिक पावर। वो कब एक्सरसाइज़ होनी चाहिए? कैसे
30:56
एक्सरसाइज होनी चाहिए विद ग्रेट केयर विद सरकमस्पेंशन
31:02
एंड ओनली इन एक्सेप्शनल सरकमस्ट्ससेस मन हुआ कर दिया नहीं जब जरूरत है सिंपल
31:09
भाषा में जरूरत है तब विद ग्रेट ड्यू डेलीजेंस केयर एंड व्हेन इट इज़ एब्सोलुटली
31:16
नेसेसरी ऑप्शन ही नहीं है व्हेन एप्लीकेशन फॉर अरेस्ट कैन बी फाइल्ड कब हो सकता है
31:22
एप्लीकेशन अरेस्ट का कब फाइल किया जा सकता है तो प्लेटफ कब अप्लाई कर सकता है। पहला आफ्टर द प्रेजेंटेशन ऑफ़ द प्लेेंट जब हमने
31:30
प्लेेंट क्या किया है? प्रेजेंट कर दिया है। एंड इवन बिफोर सर्विस ऑफ़ समन ऑन द
31:36
डिफेंडेंट। यानी डिफेंडेंट को जब हम सर् जब उसको समन सर्विस करते हैं उसके भी पहले
31:42
क्या कर सकते हैं? ये हम अरेस्ट एप्लीकेशन दे सकते हैं। कौन? प्लेटफ। ठीक है? लेकिन
31:48
कंडीशंस क्या है? जजमेंट से पहले अरेस्ट करने की कंडीशंस क्या है? पहला उसकी दो
31:54
कंडीशंस क्या होनी चाहिए? सेटिस्फाई होनी चाहिए। क्या? पहला बोनफाइड सूट। मतलब सूट
32:00
जेन्युइन होना चाहिए। कॉज़ ऑफ़ एक्शन जो होना चाहिए वो प्राइमा फेसी वैलिड होना चाहिए। हवा में नहीं। कॉज़ ऑफ़ एक्शन मस्ट
32:08
बी प्राइमा फेसी वैलिड। इनवैलिड है तो काहे का? क्या है उसका लोकस? तो इट मस्ट
32:13
बी फर्स्ट जेन्युइन। द सूट मस्ट बी जेन्युइन। एंड नंबर टू, कॉज़ ऑफ़ एक्शन मस्ट बी प्राइमा फेसी वैलिड। एंड थर्ड प्लेटिफ
32:20
मस्ट सब्सटैंशिएट एलिगेशन मेड ऑन द प्लेेंट। पहले जितने भी उसने एलगेशन डाले उसको
32:27
सब्सटशिएट करो। फिर उसके बाद पहला तो बोनाफाइड सूट तो फिर सेकंड उसके अंदर ये
32:32
तीन पॉइंट सेकंड अप्रहेंशन ऑफ इवेशन। तो एप्रिहेंशन ऑफ़ एज़ मतलब क्या है? कोर्ट के
32:38
पास सफिशिएंट ग्राउंड होना चाहिए एविडेंस के बेसिस पे कि भाई जो डिफेंडेंट है वो
32:43
भाग जाएगा। जुरिसडिक्शन छोड़ के निकल जाएगा या डिफेंडेंट जो है वो क्या करेगा? अपनी प्रॉपर्टी को हटा देगा, डिस्पोज कर देगा।
32:52
और ऐसा इंटेंशन क्या करेगा एग्जीक्यूशन को या तो डिफीट कर
32:57
देगा या डिले कर देगा जिसके लिए पूरी लड़ाई हो रही है वह पपस ही डिफीट हो जाएगा ऐसे टाइम पे क्या करना पड़ेगा अरेस्ट
33:04
बिफोर जजमेंट तो पहला क्या कंडीशन है बोनाफाइड सूट होना
33:10
चाहिए नंबर टू एप्रिहेंशन ऑफ एिशन लगता है कोर्ट को सफिशिएंट ग्राउंड है कि भाई यह
33:17
जुरिसडिक्शन छोड़ के भागेगा या प्रॉपर्टी को डिस्पोज कर देगा जिससे क्या होगा पूरी
33:22
के पूरे जो डिसीजन है उसका एग्जीक्यूशन का पपस डिफीट हो जाएगा या डिले हो जाएगा।
33:29
लेकिन यहां पे एक जुडिशियल कॉशन भी मेंटेन करना है। जब जजमेंट के पहले अरेस्ट हो रही है इट मस्ट नॉट बी यूज्ड टू कोर्स और
33:37
प्रेशराइज द डिफेंडेंट। जैसा मैंने कहा था सिर्फ जब जरूरत है तभी
33:43
ही इसको करो। नहीं तो मत करो। तो यह कभी भी किसी भी सिचुएशन में
33:51
डिफेंडेंट को कोर्स करने के लिए उसको प्रेशराइज करने के लिए नहीं होना चाहिए। नंबर टू इट शुड नॉट बी यूज्ड टू इंश्योर
33:58
ईजी एग्जीक्यूशन ऑफ़ डिग्री। हां, डिग्री को आसानी से करना है तो उसको अरेस्ट कर लो।
34:03
नहीं। सिर्फ और सिर्फ जब बहुत जरूरी है तभी होगा। नहीं तो नहीं करना है। ठीक है? अगर
34:11
अरेस्ट होती है इनसफिशिएंट ग्राउंड पे तो डिफेंडेंट का यह राइट है कि भाई अगर के इफ
34:18
अरेस्ट इज़ ऑब्टेंड ऑन इनसफिशिएंट ग्राउंड या सूट अल्टीमेटली फेल्स एंड लैक्स रीज़नेबल और प्रोबेबल कॉज़ तो रेमेडी
34:25
अवेलेबल है। डिफेंडेंट को क्या पहले तो कंपनसेशन के लिए अप्लाई कर सकता है।
34:31
और ऐसे केस में कोर्ट क्या कर सकता है? प्लेटफ को ऑर्डर कर सकता है भाई उसको रीज़नेबल कंपनसेशन दो। लेकिन यहां मैक्सिमम
34:37
लिमिट है ₹00 की इनसफिशिएंट ग्राउंड पे या प्रोबेबल कॉज
34:44
नहीं है और अरेस्ट हो गया तो क्या कर सकता है डिफेंडेंट नेचुरली कैन फाइल फॉर कंपनसेशन रीज़नेबल कंपनसेशन दे सकता है
34:52
मैक्सिमम लिमिट कितनी है 500000 कौन बोलेगा कोर्ट बोलेगा किसको अप्लेंटिफ को
34:57
और इसके स्कोप में क्या कंपनसेशन मतलब क्या देना पड़ेगा रे बाबा लिटिगेशन एक्सपेंसेस देना पड़ेगा इंजरी जो उसकी
35:05
रेपुटेशन को इंजरी री हुई है, रेपुटेशनल लॉस हुआ है उसको कंपनसेेट करना पड़ेगा। कोई उसको अनजस्टिफाइड अरेस्ट की वजह से
35:12
कोई भी और टाइप का उसको हार्म हुआ है, इंजरी हुआ है सब उसको कवर करके देना पड़ेगा। ठीक है? तो ये था अरेस्ट बिफोर
35:19
जजमेंट। अब अटैचमेंट बिफोर जजमेंट। ये अटैचमेंट कैसे होगी? तो कोर्ट में
35:25
ऑर्डर अटैचमेंट। जब पहली बात कोर्ट सेटिस्फाइड है। किसकी वजह से? किसके थ्रू? एफिडेविट के थ्रू या कोई और ऐसा एविडेंस
35:32
मिलता है जहां पे डिफेंडेंट इंटेंड्स टू ऑब्स्ट्रक्ट और डिले एग्जीक्यूशन। कोई भी
35:38
पॉसिबल डिग्री का वो डिफेंडेंट ऑब्स्ट्रक्शन उसमें क्रिएट करता है या कोई भी पॉसिबल डिले एग्जीक्यूशन डिले करता है
35:45
एग्जीक्यूशन में। ऐसे टाइम पे कोर्ट क्या कर सकती है? प्रॉपर्टी को अटैच कर सकती है। तो ऑप्शंस क्या-क्या अवेलेबल है कोर्ट
35:52
के पास? पहला कोर्ट में डायरेक्ट द डिफेंडेंट टू फर्निश सिक्योरिटी विद इन
35:57
फिक्स्ड टाइम। क्या बोलेगी डिफेंडेंट को? भाई सिक्योरिटी
36:03
फर्निश कर इतने इतने टाइम पीरियड में या शो कॉज ये भी कर सकती है। क्या बोलेगी
36:10
डिफेंडेंट को कि शो कॉज करो। व्हाई सिक्योरिटी शुड नॉट बी फर्निश्ड। पहले
36:15
रीज़न दे उसका और अगर डिफेंडेंट नॉन नॉन कंप्लायंस दिखाता है, कंप्लाई नहीं करता
36:22
है, इफ द डिफेंडेंट फेल्स टू शो सफिशिएंट कॉज़ और फेल्स टू फर्निश सिक्योरिटी, कोर्ट
36:28
सीधा प्रॉपर्टी अटैच कर देगी। क्यों? क्योंकि तब सफिशिएंट रीज़न होगा सेटिस्फाई करने को। सफिशिएंट रीज़न होगा बिलीव करने
36:35
के लिए और सीधा प्रॉपर्टी को अटैच कर लेगी। लेकिन अटैच करने के लिए क्या कंडीशंस हैं? दो कंडीशंस हैं। पहला हम
36:43
डिस्कस कर चुके हैं। भाई जब डिफेंडेंट ऐसा कोर्ट को मालूम पड़ गया है। कोर्ट ने एस्टैब्लिश कर दिया कि भाई अगर ये नहीं
36:49
करोगे तो डिफेंडेंट क्या करेगा? प्रॉपर्टी को पार्शियली या होल्डली डिस्पोज कर देगा।
36:56
क्या करेगा? होल्डली या पार्शियली डिस्पोज कर देगा। एंड नंबर टू ऐसा जो डिस्पोजल है
37:02
वो एग्जीक्यूशन को या तो ऑब्स्ट्रक्ट कर देगा या तो डिले कर देगा। एज सिंपल एज दिस। ठीक है? तब क्या हो सकता है?
37:09
प्रॉपर्टी अटैच हो सकती है। अब नेचर ऑफ़ अटैचमेंट क्या है? जब ने जब प्रॉपर्टी को
37:15
जजमेंट के पहले अटैच कर लेते हैं, तो इट रिस्ट्रिक्ट्स द एलियनेशन ऑफ़ प्रॉपर्टी एंड इट डज़ नॉट कंफर्ट टाइटल ऑन द प्लेटिफ।
37:22
ऐसे में प्रॉपर्टी एलियनेट नहीं होती है। यानी लावारिस नहीं हो जाती है। और प्लेटिफ
37:27
को उसका टाइटल नहीं मिल जाता है। मेयरली फाइलिंग ऑफ़ अ सूट इज़ नॉट सफिशिएंट। क्लियर एविडेंस ऑफ़ फ्रॉडेंट इंटेंट इज़
37:35
रिक्वायर्ड। मतलब क्या? ऐसा नहीं है इधर सूट फाइल किया उधर प्रॉपर्टी अटैच हो गई
37:41
क्लियर एविडेंस ऑफ फ्रॉड इंटेंट इज रिक्वायर्ड फ्रॉड इंटेंट क्लियरली दिखाना है उसका एविडेंस दिखाना जरूरी है ठीक है
37:50
सिंपल सी बात है तो यहां पे बहुत सारे रूल्स हैं रूल्स गवर्निंग अटैचमेंट बिफोर
37:55
प्रॉपर्टी अह सॉरी अटैचमेंट ऑफ़ प्रॉपर्टी बिफोर जजमेंट क्या-क्या है पहले मोड ऑफ़ अटैचमेंट क्या है सेम ऐज़ अटैचमेंट एंड
38:03
एग्जीक्यूशन ऑफ़ डिग्री राइट्स ऑफ़ थर्ड पार्टी मतलब क्या? अटैचमेंट डज़ नॉट अफेक्ट दी प्री एकज़िस्टिंग राइट्स ऑफ़ थर्ड
38:10
पार्टी। उसमें इंपैक्ट नहीं होते हैं। क्लेम्स डिसाइडेड एज इन एग्जीक्यूशन प्रोसीडिंग्स। तो इसको बोलते हैं
38:15
एडजुडगेशन ऑफ़ क्लेम्स। रीअटचमेंट इज़ नॉट नेसेसरी हियर। दैट इज़ द फोर्थ पॉइंट। मतलब
38:21
डिग्री एक बार पास हो गई तो वापस प्रॉपर्टी अटैच करने की कोई जरूरत नहीं है। और एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस
38:28
अगर कोई एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस है किसी एग्रीकल्चरिस्ट का तो वह एक्सेंटेड है। एक्सेंशन है। वह अटैच नहीं हो सकती।
38:36
इंपॉर्टेंट है। रूल 12 बोलता है क्या? एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस ऑफ एग्रीकल्चरलिस्ट
38:42
कैन नॉट बी अटैच। एक्सप्टेड है वो। इफेक्ट ऑफ़ अटैचमेंट क्या है? इंश्योरर्स डिग्री डज़ नॉट बिकम इनफस।
38:50
इसके लिए अटैच की जाती है। प्लेटफ को इसकी कोई ओनरशिप नहीं मिलती है। विथड्रॉल ऑफ़
38:55
अटैचमेंट मतलब क्या? जब सिक्योरिटी फर्निश हो गई। जब वो शो कॉज़ बोला और सिक्योरिटी फर्निश कर दे तो क्या होता है? तब
39:01
अटैचमेंट नहीं होती प्रॉपर्टी की। अगर कोर्ट सेटिस्फाइड है उस टाइप के शो कॉस्ट से। ठीक है?
39:06
रिमूवल ऑफ़ अटैचमेंट। जब सिक्योरिटी फर्नेस या सूट ही डिसमिस हो
39:12
गया तब प्रॉपर्टी जो अटैच्ड है वो रिमूव हो जाती है। अब अटैचमेंट का डिटरमिनेशन
39:18
कैसे होगा? तो डिटरमिनेशन ऑफ़ अटैचमेंट अकर्स व्हेन सिक्योरिटी इज़ फ़र्निश्ड या सूट इज़ डिसमिस्ड या डिग्री सैटिस्फ़ाइड है
39:25
या रिवर्स्ड है डिग्री। या डिग्री सेट साइड भी खरीदोगे तभी भी हो जाता है। जब प्रॉपर्टीज रिलीज़्ड बाय कोड एग्जीक्यूशन
39:32
इज़ डिसमिस्ड या डिग्री होल्डर डिफॉल्ट्स। ये सारे पॉइंट में क्या हो सकता है? सिंपल
39:40
डिटरमिनेशन हो सकती है प्रॉपर्टी की। ठीक है?
39:46
अब कौन सी प्रॉपर्टी अटैच हो सकती है? ये इंपॉर्टेंट है। कौन सी प्रॉपर्टी? लैंड,
39:53
जमीन, घर, लैंड, हाउसेस, बिल्डिंग, गुड्स, मनी, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स मतलब क्या?
40:01
चेक वेक भी हो सकता है। गवर्नमेंट सिक्योरिटीज, डेप्ट्स, शेयर्स, मूवेबल,
40:06
इमूवेबल प्रॉपर्टी या प्रॉपर्टी हेल्ड इन ट्रस्ट फॉर द जजमेंट डेटर। वो भी अटैच हो
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सकती है। अब कौन सी प्रॉपर्टी अटैच नहीं हो सकती? एक्सप्टेड है अटैचमेंट्स है
40:20
वेरिंग अप्रल नेसेसरी वेरिंग एपल कुकिंग वेसल्स बेडिंग
40:26
एसेंशियल ऑर्नामेंट्स नहीं हो सकते अटैच टूल्स ऑफ़ आर्टिजंस एग्रीकल्चरल
40:32
इंप्लीमेंट्स कैटल सीड ग्रेन ये सब अटैच नहीं कर सकते हाउसेस ऑफ़ एग्रीकल्चरलिस्ट्स
40:39
लेबरर्स डोमेस्टिक सर्वेंट्स बुक्स ऑफ अकाउंट्स मेयर राइट टू श पर्सनल सर्विस
40:44
राइट्स पेंशन स्टाइप एंडेंड ग्रेचुटी वेजेस ऑफ़ लेबर डोमेस्टिक सर्वेंट्स सैलरी
40:50
अंडर व्हाट सैलरीज अंडर आर्मी नेवी एयरफोर्स एक्ट्स प्रोविडेंट फंड अमाउंट्स
40:55
यानी पीएफ एक्ट के अंडर जो आता है पब्लिक प्रोविडेंट फंड लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के पैसे जो होते हैं वो अटैच नहीं हो सकते
41:03
इंटरेस्ट ऑफ लेसी अंडर रेंट कंट्रोल लॉस और सब्सिस्टेंट अलाउंस ड्यूरिंग सस्पेंशन।
41:10
यह 14 चीजें हैं जो अटैच नहीं हो सकती। ठीक है?
41:16
अब एक्सेप्शनंस क्या है? यह हमने सारे बता दिए। ठीक है? तो अभी इसको फटाक से अपन
41:21
आंसर को क्या करते हैं? रीकैप करते हैं। अरेस्ट बिफोर जजमेंट क्या है? क्यों करते हैं अरेस्ट बिफोर जजमेंट? ताकि एब्सकोंडिंग को एब्सकोंडिंग अगर कोई करे
41:28
एब्सोंड करे उसको प्रिवेंट किया जाए। और प्रॉपर्टी को कब अटैच करते हैं? टू प्रिवेंट एलियनेशन। और ये दोनों अरेस्ट और
41:35
अटैचमेंट दोनों क्या है? एक्सेप्शनल है, प्रिवेंटिव है, नॉन कोवर्सिव है। यानी जब जरूरत है तभी। ठीक है? इतना सही आंसर है।
41:43
अब बढ़ते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन की तरफ। चलो जी। अब आगे एक और इंपॉर्टेंट क्वेश्चन है।
41:48
मोड ऑफ एग्जीक्यूशन ऑफ अ डिग्री। ठीक है? ये क्वेश्चन भी रेपिटेटिव आया हुआ है। ठीक
41:55
है? ज्यादा बड़ा आंसर नहीं है। इसमें आप पहले के आंसर्स को आप कहीं ना कहीं कनेक्ट कर सकते हैं। तो मोड ऑफ़ एग्जीक्यूशन ऑफ़ अ
42:01
डिग्री में पहले डिग्री क्या होती है? देखो, डिग्री इज़ वन ऑफ़ टू फॉर्म्स ऑफ़ एडजुडिकेशन एंड सिविल मैटर्स। दूसरा क्या
42:08
होता है? एक ऑर्डर होता है, एक डिग्री होती है। तो डिग्री सेक्शन टू सब सेक्शन
42:14
टू के अंडर में डिफाइंड है सीपीसी में। तो डिग्री क्या है? देखो एक तरीके से कहा जाए फाइनल ऑर्डर। डिग्री के आगे कोई नहीं। तो
42:22
इट इज़ फॉर्मल एक्सप्रेशन ऑफ़ एन एडजुडिकेशन बाय व्हिच द कोर्ट डिटरमाइंस द राइट ऑफ़
42:27
पार्टीज। क्या होता है? डिग्री के थ्रू क्या करती है? राइट ऑफ़ पार्टीज़ क्या है? विद रिस्पेक्ट टू ऑल और एनी ऑफ़ द मैटर्स
42:34
एंड कंट्रोवर्सी इन अ सूट। उस पे होता है। तो नेचर ऑफ़ डिग्री क्या होती है? नेचर ऑफ़
42:39
डिग्री सिंपल है। अ डिग्री जनरली अराइज़ज़ इन अ सिविल प्रोसीडिंग इंस्टीट्यूटेड बाय प्रेजेंटेशन ऑफ़ अ प्लेंट। उसमें क्या होता
42:46
है? रिजेक्शन ऑफ़ अ प्लेंट होता है। एंड डिटरमिनेशन ऑफ़ एनी क्वेश्चन अंडर सेक्शन
42:52
144। ठीक है? क्या एक्सक्लूड करती है डिग्री? एट जुडिकेशन फ्रॉम व्हिच एन अपील
42:57
लाइन अपील फ्रॉम एन ऑर्डर। क्या? ऐसे किसी भी
43:04
ऐसे किसी भी चीज का क्या एनी एडजुडिकेशन फ्रॉम वि एंड अपील लाइ एज एन अपील फ्रॉम
43:11
एन ऑर्डर नंबर टू एनी ऑर्डर ऑफ डिसमिसल फॉर डिफॉल्ट इसको एक्सक्लूड कर देती है।
43:17
एसेंशियल एलिमेंट्स डिग्री के क्या है? वेरी सिंपल। देखो जब कोई भी कोर्ट को एक
43:24
डिसीजन देना होता है कि भाई ये ऑर्डर एक डिग्री होगा तो उसमें एसेंशियल्स क्या होते हैं? पहले देयर मस्ट बी एन
43:30
एडजुडिकेशन। और एडजुडिकेशन मस्ट बी इन अ सूट। एडजुडिकेशन मस्ट डिटरमाइन द राइट्स ऑफ दी
43:37
पार्टीज। सच डिटरमिनेशन मस्ट बी कंक्लूसिव। कंक्लूड कर दो उसको। कहा ना
43:43
डिक्रीज़ लाइक इट अ फाइन ऑर्डर। देयर मस्ट बी फॉर्मल एक्सप्रेशन ऑफ़ द एडजुडिकेशन। ये
43:48
पांच चीज़ क्या? पहले तो एडजुडिकेशन होना चाहिए। वो सूट में होना चाहिए। राइट ऑफ़
43:53
पार्टीज उसमें मेंशन होने चाहिए। कंक्लूसिव होना चाहिए। फॉर्मल एक्सप्रेशन होना चाहिए एकुडिकेशन का। सिंपल। अब मोड
43:59
ऑफ़ एग्जीक्यूशन डिग्री का क्या है? यह देखो इसके सब पॉइंट्स बहुत लंबे हैं।
44:05
मैं आपको शॉर्ट में बता देता हूं सिंपल में ताकि आपको याद रहे। मोड ऑफ एग्जीक्यूशन क्या है? पहले डिक्री फॉर
44:10
पेमेंट ऑफ मनी। जब डिग्री फॉर पेमेंट ऑफ मनी करनी होती है तो कैसे एग्जीक्यूट हो सकता है? डिटेंशन
44:17
ऑफ दी जजमेंट डेटर इन सिविल प्रज़न ऐसे एग्जीक्यूट हो सकती है। अटैचमेंट एंड सेल
44:23
ऑफ जजमेंट डेटर्स प्रॉपर्टी। प्रॉपर्टी अटैच हो जाएगी। उसके सेल हो जाएगी। या
44:29
दोनों कर सकते हो। तो अटैचमेंट और रिटेंशन दोनों हो सकता है। फिर डिक्री फॉर स्पेसिफिक मूवेबल प्रॉपर्टी।
44:38
पहले क्या किया हमने? डिक्री फॉर पेमेंट ऑफ़ मनी। फिर डिक्री फॉर स्पेसिफिक मूवेबल प्रॉपर्टी। यहां पे क्या मोड ऑफ़
44:44
एग्जीक्यूशन है? सीजर ऑफ़ मूवेबल प्रॉपर्टी और शेयर। अगर एप्लीकेबल हो तो। तो सीजर ऑफ़
44:50
मूवेबल प्रॉपर्टी सीज़ कर लो। डिलीवरी टू द डिग्री होल्डर और देयर रिप्रेजेंटेटिव्स।
44:56
डिटेंशन ऑफ जजमेंट डेटर सिविल प्रजन में अटैचमेंट ऑफ प्रॉपर्टी या दोनों सिंपल इसमें भी वही होगा किस में डिग्री फॉर
45:03
स्पेसिफिक मूवेबल प्रॉपर्टी लेकिन अटैचमेंट आफ्टर अटैचमेंट फॉर 3 मंथ्स मतलब
45:08
क्या इफ अटैचमेंट कंटिन्यूस फॉर 3 मंथ्स एंड द जजमेंट डेटर फेल्स टू ओबे तो क्या
45:14
हो जाएगी ऐसी प्रॉपर्टी बिक जाएगी कोर्ट क्या करेगी ऐसी प्रॉपर्टी को बेच देगी एंड
45:19
अवार्ड द डिग्री होल्डर वैल्यू फिक्स्ड इन द डिग्री और एप्रोप्रियट कंपनसेशन दे देगी
45:25
और कोई एंड पे एनी बैलेंस टू जजमेंट डेटर अपॉन एप्लीकेशन सिंपल।
45:30
ठीक है? लेकिन अगर जजमेंट डेटर ने ओबे करा
45:36
और डिग्री को ओबे करा और कॉस्ट पे करे तो ससेशन हो जाएगा। ससेशन हो जाएगी। सीज हो
45:41
जाएगी। ऐसी अटैचमेंट सीज हो जाती है। मतलब अटैच नहीं होगी। ठीक है? नो एप्लीकेशन फॉर
45:47
सेल इज़ मेड विद इन 3 मंथ्स। यानी कि भाई अटैचमेंट के लिए एप्लीकेशन ही नहीं हुआ है। या एप्लीकेशन फॉर सेल इज़ रिफ्यूज।
45:54
सिंपल। तो ऐसे में सीज हो जाएगी। थर्ड डिग्री फॉर स्पेसिफिक परफॉर्मेंस रेस्टिट्यूशन ऑफ कंजगल राइट्स और इंजक्शन।
46:01
ऐसे में कैसे होता है एग्जीक्यूशन डिग्री का? तो जब रेस्टिट्यूशन ऑफ़ कंजगल राइट्स
46:07
है तो अगर पार्टी विलफुली डिसओबे करती है डिग्री को डिग्री को तो क्या हो जाएगा? अटैचमेंट हो जाएगी प्रॉपर्टी की। और
46:12
स्पेसिफिक परफॉर्मेंस और इंजंक्शन के लिए कैसे एग्जीक्यूशन होगा? डिटेंशन हो जाएगी सिविल अह प्रज़न में। अटैचमेंट ऑफ़
46:19
प्रॉपर्टी या दोनों। अटैचमेंट एंड डिटेंशन। जब डिग्री इज अगेंस्ट अ कॉरपोरेशन तब यहां
46:26
क्या करेंगे? व्हेन अ डिग्री इज अगेंस्ट अ कॉरपोरेशन ऐसे टाइम में अटैचमेंट ऑफ़
46:31
कॉरपोरेशंस प्रॉपर्टी कॉरपोरेशन की जो कॉरपोरेशन है उसकी प्रॉपर्टी अटैच हो जाएगी। डिटेंशन ऑफ़ डायरेक्टर्स और
46:37
प्रिंसिपल ऑफिसर्स। लेकिन ये कोर्ट की परमिशन के बिना नहीं हो सकता। याद रखना क्या हो जाएगा? या तो कॉर्पोरेट की
46:43
प्रॉपर्टी अटैच होगी। डिटेंशन ऑफ़ डायरेक्टर या प्रिंसिपल ऑफिसर्स या दोनों अटैचमेंट डिटेंशन बीड।
46:50
ठीक है? वापस से सेम लॉजिक आता है। पहले 3 महीने का था कि भाई 3 महीने से ज्यादा हो तो यहां पर अगर अटैचमेंट 6 महीने से
46:57
ज्यादा हो तो सेल हो जाएगा और अवार्ड कंपनसेशन फ्रॉम सेल प्रोसीडिंग हो जाएगी। ठीक है? फिर अगर कंप्लाई वंपल्लाई किया
47:03
होगा या कोई एप्लीकेशन नहीं होगा तो सी इज़ टू अटैच हो जाएगा। सिंपल एज दैट। बट यहां 6 महीना है। ठीक है?
47:11
अब देखो यहां पे अल्टरनेटिव मोड ऑफ़ एग्जीक्यूशन भी है। अगर आप चाहो तो। ठीक
47:16
है? अ लेकिन यह आंसर को लंबा करने के लिए लिखना चाहो तो लिख सकते हो। नहीं तो आपके
47:22
ऊपर है। अल्टरनेट यह है कि द कोर्ट में डायरेक्ट द एक्ट टू बी डन बाय डिग्री होल्डर और अपॉइंटंटेड पर्सन और रिकवरी
47:29
एक्सपेंस रिकवर द एक्सपेंसेस एज़ इफ इंक्लूडेड इन द डिग्री। सिंपल है। लेकिन इसमें मैंडेटरी इंजक्शन और प्रोहिबिटेड
47:36
इंजंक्शन आता है। चौथा डिस्क्रीशनरी पावर होती है इन डिग्री फॉर रेस्टिट्यूशन ऑफ़
47:42
कंजुबल राइट्स। तो यहां पे कोर्ट क्या करेगी? स्पेसिफाई कर देगी। मोड ऑफ़ एग्जीक्यूशन क्या होना चाहिए? यह ऑर्डर
47:47
करेगी पीरियडिक पेमेंट्स में। अगर डिग्री को ओबे नहीं किया गया है तो। ठीक है? थर्ड
47:53
इट वुड रिक्वायर सिक्योरिटी फॉर सच पेमेंट्स। ठीक है? एंड द कोर्ट में वैरी और मॉडिफाई पेमेंट ऑर्डर और द कोर्ट मे
47:59
रिकवर सच पेमेंट्स एज़ मनी पेएबल अंडर अ डिग्री। सिंपल एज़ दैट। ठीक है? अब डिग्री
48:06
फॉर एग्जीक्यूशन ऑफ़ डॉक्यूमेंट्स और एंडोर्समेंट ऑफ़ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट। तो, इसका प्रोसीजर क्या है? जो डिग्री
48:11
होल्डर होता है, वो क्या करता है? ही विल प्रिपेयर अ ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट और एंडोर्समेंट।
48:18
फिर ड्राफ्ट इज सर्व्ड ऑन जजमेंट डेटर विद नोटिस टू ऑब्जेक्ट। जजमेंट डेटर में फाइल
48:23
ऑब्जेक्शंस इन राइटिंग। कोर्ट क्या करेगा? उसको अप्रूव करेगा ऑल्टर करेगा ड्राफ्ट को। डिग्री होल्डर क्या करेगा? सप्लाई
48:30
करेगा स्टैंप पेपर। और जज या ऑथराइज़्ड ऑफिसर एक्यूट करेगा ऐसे डॉक्यूमेंट को। तो
48:35
ऐसा डॉक्यूमेंट जो होता है उसका सेम इफेक्ट होता है कैसा? एज इफ द जजमेंट डेटर
48:40
हैज़ एग्जीक्यूटेड इट। सिंपल। ठीक है? ऐसे चीज में क्या होती है? रजिस्ट्रेशन कंपलसरी होती है। अगर कोर्ट कॉज द
48:48
रजिस्ट्रेशन और ऑप्शनल होती है। अगर कोर्ट क्या करेगा? रजिस्ट्रेशन को ऑर्डर करेगा
48:53
ऑन रिक्वेस्ट। सिंपल। ठीक है? सिक्स्थ डिग्री फॉर रिमूवेबल प्रॉपर्टी। इसमें भी
48:59
क्या हो जाएगा? डिलीवरी ऑफ़ पोज़ेशन। यानी इट विल बी डिलीवर टू द डिग्री होल्डर या उनके
49:05
रिप्रेजेंटेटिव्स को। और अगर रेजिस्ट करा तो द बाउंड पर्संस मे बी रिमूव्ड। सिंपल
49:11
एज़ दैट। ठीक है? अब जॉइंट पोज़ेशन। जॉइंट पोज़ेशन में क्या होता है? वारंट कॉपी अफेक्ट
49:18
कंस्पिशियसली। ठीक है? सब्सटेंस ऑफ़ डिक्री प्रोक्लेम्ड बाय हुम? बीट ऑफ ड्रम और
49:23
कस्टमरी मोड। ये सब अब आपके ऊपर डिपेंड करता है। करना है तो कर सकते हो। डिग्री
49:28
फॉर इमूवेबल प्रॉपर्टी ऑक्यूपाइड बाय टेनेंट। ये शॉर्ट नोट्स के लिए आ सकता है या टू मार्क्स के लिए भी आ सकता है। तो जब
49:35
ऐसा कुछ हो जहां पे ऑक्यूुपेंट इज़ नॉट बाउंड बाय डिग्री। अह वेयर ऑक्यूुपेंट इज़ नॉट बाउंड बाय डिग्री। तो ऐसे में वारंट
49:42
अफेक्ट कॉनस्पिशियसली और अगेन सब्सटेंस ऑफ डिक्री प्रोक्लेम बाय बीट ऑफ ड्रम और
49:48
कस्टमरी मोड ठीक है इतना सा ही है अब इंपॉर्टेंट है प्रोसीजरल सेफगार्ड्स क्या
49:55
है एग्जीक्यूशन में शो कॉज होता है अगेंस्ट द डिटेंशन कोर्ट क्या करेगी नोटिस
50:02
इशू करेगी टू जजमेंट डाटा टू शो कॉज और नोटिस मे बी डिस्पेंस वि इफ कोर्ट बिलीव्स
50:08
डेटर मे्स भाग जाएगा तब करेगी या डेटर फेल्स टू अपीयर एज़ सिंपल एज दैट सेकंड वारंट ऑफ़
50:17
अरेस्ट पहला तो क्या है? शो कॉज़ अगेंस्ट रिटेंशन। ठीक है? कि डिटेन क्यों नहीं करे भाई तुमको? सेकंड वारंट ऑफ़ अरेस्ट। वारंट
50:23
ऑफ़ अरेस्ट का मतलब क्या है? ऑफिसर मस्ट ब्रिंग जजमेंट डेटर बिफोर द कोर्ट अनलेस द
50:28
डिक्रेटल अमाउंट इंटरेस्ट एंड कॉस्ट आर पेड अर्लियर। थर्ड सब्सिस्टेंस अलाउंस
50:34
यानी कि क्या? नो अरेस्ट विदाउट पेमेंट ऑफ़ सब्सिस्टेंस अलाउंस बाय डिग्री होल्डर। कोर्ट फिक्सेस मंथली अलाउंस। कोर्ट क्या
50:40
करती है? मंथली अलाउंस फिक्स कर देती है। पेमेंट कैसे होते हैं भाई? या तो मंथली
50:46
पेमेंट हो एडवांस में या फर्स्ट पेमेंट कवर्स रिमेनिंग पार्ट ऑफ द करंट मंथ।
50:52
सब्सक्वेंट पेमेंट है एट प्रेजेंट ऑफिसर्स को। ठीक है? इट इज़ ट्रीटेड एज़ कॉस्ट एंड
50:57
सूट। जजमेंट डेटर कैन नॉट बी डिटेन फॉर नॉन पेमेंट ऑफ़ अलाउंस। ये सब किसके अंडर है? सब्सटेंस अलाउंस। सब्सिस्टेंस अलाउंस
51:04
में। ठीक है? चौथा प्रोसीडिंग्स आफ्टर अपीयरेंस और अरेस्ट। देखो जब जजमेंट डेटर
51:10
अपीयर होता है तो कोर्ट क्या करेगी? डिग्री होल्डर को सुनेगी और एविडेंस देखेगी। जजमेंट डेटर को अपॉर्चुनिटी
51:16
मिलेगी नो शो कॉस्ट की। पेंडिंग इंक्वायरी होती है कहां? डिटेंशन एंड कस्टडी या
51:22
रिलीज़ ऑन सिक्योरिटी में। कोर्ट ऑर्डर कर सकती है कि डिटेंशन कर दो। या कोर्ट में अलाउ अप टू 15 डेज टू सेटिस्फाई वर्थ द
51:29
डिक्री। सिंपल एज़ दैट। और इवन रिलीज्ड जजमेंट डेटर और जो रिलीज्ड है उसको
51:35
रिअरेस्ट करने का भी कोर्ट ऑर्डर दे सकती है। सिंपल है। तो यहां आंसर में क्या है? जो मनी डिग्री होती है उसमें अटैचमेंट या
51:42
अरेस्ट अरेस्ट हो सकता है। मूवेबल प्रॉपर्टी में सीजर या डिलीवरी। स्पेसिफिक परफॉर्मेंस इंजंक्शन में अटैचमेंट अरेस्ट
51:49
और सब्सीट्यूटिव परफॉर्मेंस। मूवेबल इमूवेबल प्रॉपर्टी में डिलीवरी ऑफ़ पोज़ेशन। सेफगार्ड क्या है? नोटिस। सब्सटेंस
51:56
सब्सटेंसिव या सब्सिस्टेंस अलाउंस एंड थर्ड यंग इतना
52:02
ही क्वेश्चन है। आई नो लेंदी है, डिफिकल्टी होती है। इसके लिए आप चाहो तो
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हमारे नोट्स रेफर कर सकते हो और नोट्स रेफर करने के लिए आपको पता है क्या करना है? या तो हमारे वेबसाइट पे कमर्स जोन की
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वेबसाइट पे जाके हमारा कांटेक्ट नंबर दिया है, ईमेल आईडी दिया है। वहां से हमें रीच आउट कर सकते हो। देन यू कैन पे द
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एप्लीकेबल कॉस्ट एंड गेट द नोट्स। और आप हमें वहां पर या तो हमारे कांटेक्ट अस
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सेक्शन से हमें मैसेज ड्रॉप कर सकते हो। अब आगे बढ़ते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन की तरफ। अब देखो यह भी बड़ा दिलचस्प क्वेश्चन
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है कि एसेंशियल्स ऑफ अ सूट क्या होते हैं सीपीसी में। ठीक है? तो सबसे पहले तो हम
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करेंगे सूट का अपने आप में मतलब ही क्या होता है? सूट का मतलब होता है कोई भी
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फॉर्मल लीगल प्रोसीडिंग जो सिविल राइट्स या सब्सटेंटिव राइट्स को एनफोर्स करने के
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लिए इनिशिएट किए गए हो। सिंपल। किन दो चीजों को इनिशिएट करने के लिए? फॉर्मल
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लीगल प्रोसीडिंग्स इनिशिएटेड टू एनफोर्स व्हाट? सिविल राइट्स और सब्सटेंटिव राइट्स। जब ये वायलेट हो जाते हैं तो सूट
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क्या होता है? इनिशिएट हो जाता है। ठीक है? एंड इट मे बी इंस्टीट्यूटेड अगेंस्ट हुम अगेंस्ट एन इंडिविजुअल और अगेंस्ट द
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गवर्नमेंट। अब सूट इनिशिएट सूट इज़ इनिशिएटेड बाय फाइलिंग व्हाट? कंप्लेंट
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जिसको हम क्या कहते हैं? प्लेंट। सिविल कोर्ट में उसे प्लेंट कि कहा जाता है। पी एल ए आई एन टी प्लेंट। ठीक है? कंक्लूजन
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ऑफ अ सूट में क्या होता है? या तो जजमेंट मिलेगी या डिग्री मिलेगी। एज सिंपल एज दैट। बिना सूट के कोई जजमेंट या डिग्री हो
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ही नहीं सकती। तो इसे ये सब सूट्स हैं। इसको सूट कहा जाता है। अब इंस्टीट्यूशन ऑफ़
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सूट क्या होता है? ये लिखना इंपॉर्टेंट है। आलस मत करना। इंस्टीट्यूशन ऑफ़ सूट का मतलब होता है फाउंडेशनल कासेप्ट।
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इंस्टीट्यूशन ऑफ़ सूट इज़ द फाउंडेशनल कासेप्ट। व्हाई? बिकॉज़ इट मार्क्स द फॉर्मल कंबसमेंट ऑफ़ अ सिविल एक्शन। क्या
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कर रहा है? इट इज मार्किंग द फॉर्मल कमेंसमेंट ऑफ अ सिविल एक्शन। और वह क्या करता है? इट इज़ इनेबलिंग द पार्टी टू डू
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व्हाट टू सीक लीगल रिड्रेसल और एंड टू रिज़ॉल्व सिविल डिस्प्यूट्स इन एन ऑर्डरली
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एंड स्ट्रक्चरर्ड मैनर। तो लीगल रिड्रेसल सॉर्ट करने के लिए एंड टू रिज़ॉल्व सिविल
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डिस्प्यूट्स इन एन ऑर्डरली एंड स्ट्रक्चरर्ड मैनर। द प्रोसेस इज़ कलमिनेटिंग इन द कोर्ट्स जजमेंट और
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डिग्री। सिंपल है। इसको ये क्या होता है? यह पार्टीज करती हैं। अब कोर एलिमेंट्स
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क्या है? इंस्टट्यूशन ऑफ अ सूट में पहले फाइलिंग ऑफ द प्लेेंट। तो जब आपको किसी भी
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सूट को इंस्टट्यूट करना है, आपको प्लेेंट फाइल करना पड़ेगा। प्लेंट में क्या-क्या होना चाहिए? पहले फैक्ट्स होने चाहिए केस
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के। तो फैक्ट्स ऑफ द केस लीगल ग्राउंड्स के क्लेम का। वरना लोकल स्टैंड ही नहीं है
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आपका। तो लीगल ग्राउंड्स होने चाहिए क्लेम के लिए और रिलीफ क्या आप सॉर्ट कर रहे हो।
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यह भी इंपॉर्टेंट है। इसके बिना तो प्लेंट हो ही नहीं सकता। तो तीन चीज़ फैक्ट्स ऑफ़ द केस क्या है? ग्राउंड्स ऑफ़ द केस क्या है?
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लीगल ग्राउंड्स हां और रिलीफ क्या सॉर्ट कर रहे हो आप? अब इसमें सेकंड चीज़ क्या होती है?
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सिलेक्शन ऑफ़ द कोर्ट यानी क्या? आम भाषा में जुरिसडिक्शन क्या है? तो प्लेेंटिफ को एप्रोप्रियट कोर्ट को रीच आउट करना। नहीं
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तो पहले ही दिन तुम्हारा मैटर उड़ जाएगा। कई बार मैं यह सवाल पूछता भी हूं बहुत
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बेसिक सा कि एनआई सेक्शन 138 जो नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के अंडर अगर चेक बाउंस का केस है 138 में।
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कहां केस फाइल होगा? मानो आपको किसी ने कोलकाता में एक चेक दिया है। आप बॉम्बे
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लाए। बॉम्बे लाकर आपने यहां चेक डिपॉजिट हुआ। बाउंस हो गया। तो केस कहां फाइल होगा?
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तो लोग बोलते हैं कोलकाता में। ये एडवोकेट्स के जवाब है।
55:31
कई बार मैंने सुना है। ऐसा होता है।
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तो अगर आपको ऐसा एडवोकेट नहीं बनना है तो पढ़ो यह सब। ठीक है? तो सिलेक्शन ऑफ जुरिसडिक्शन क्या
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एप्रोप्रियट कोर्ट को आपको रीच आउट करना है और किसका कौन सी कोर्ट एप्रोप्रियट है?
55:50
कैसे मालूम पड़ेगा? उसका सब्जेक्ट मैटर जुरिसडिक्शन होना चाहिए और टेरिटोरियल जुरिसडिक्शन होना चाहिए। ठीक है? सो दिस
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एनश्योर्स दैट द कोर्ट हैज़ द लीगल अथॉरिटी। उसका अथॉरिटी है। वो ऑथराइज्ड है ऐसे डिस्प्यूट को क्या करने के लिए? सुनने
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के लिए, समझने के लिए। उसके ऊपर अपना डिग्री या जजमेंट देने के लिए। फिर क्या किया? पहले आपने प्लेंट फाइल करा, कोर्ट्स
56:11
चूज़ करा। फिर आप क्या करोगे? कोर्ट फीस पे करोगे। तो प्लेटफ को जो भी प्रिस्राइब कोर्ट फी है वो पे करनी पड़ती है। किस पे
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डिपेंड करती है कोर्ट फी? नेचर ऑफ़ द सूट क्या है? और जो क्लेम है उसका वैल्यू क्या है? ऑलराइट। अब ये कौन गवर्न करता है? ये
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भाई कोर्ट फीस एक्ट है 1870 की वो गवर्न करती है। चौथा सर्विस ऑफ़ समंस होगा। जब एक
56:31
बार सूट इंस्टीट्यूट हो चुका है। उसके बाद क्या होगा? कोर्ट डिफेंडेंट को समंस इशू
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कर देगी। उसका क्या पर्पस है? डिफेंडेंट को नोटिफाई करना कि भाई तेरे अगेंस्ट केस फाइल हुआ है। प्लेंट फाइल हो चुकी है।
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कंप्लेंट फाइल हो चुकी है। सेकंड तेरा आना तेरा अपीयरेंस और तेरा रिस्पांस देना इस
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कोर्ट में जरूरी है। तो बताएगी कि इस जगह पे इस कोर्ट में इस डेट पे इतने बजे आ
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जाना भाई। ठीक है? फिर क्या होगा? प्रोसीडिंग्स जब समन हो गई और रिटर्न
57:00
स्टेटमेंट फाइल हो गया तो क्या होगा? प्रोसीडिंग होगी। एविडेंसेस लेड आर्गुमेंट्स को सुना जाता है। एविडेंस को
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प्रेजेंट किया जाता है। फिर उसके बेसिस पे कोर्ट क्या करती है? जजमेंट देती है। डिग्री देती है।
57:11
ये पूरा आपको लिखना पड़ेगा। इंस्टीट्यूशन ऑफ अ सूट। समझ आया? नहीं आया तो रिवाइंड करो। वापस
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देखो या तो नोट्स मांग लो। सिंपल एज दैट। अब सूट के एसेंशियल्स क्या है? वैलिड सूट
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के एसेंशियल्स क्या है? जो लीगली वैलिड हो। उसमें चार चीजें होनी तो बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है। पहले क्या? पार्टीज तो भाई
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प्लेंटिफ का नाम लिखो जो सूट इनिशिएट कर रहा है प्लेंटफ डिफेंडेंट का नाम लिखो
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जिसके अगेंस्ट में वो हुआ है प्लेेंटफ में क्या प्ेंट में क्या होना चाहिए नेम्स डिस्क्रिप्शन एंड एग्री एंड एड्रेस ऑफ़ दी
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पार्टीज प्लेेंटफ और डिफेंडेंट का नाम डिस्क्रिप्शन और एड्रेस ऑफ़ दी प्लेंटफ एंड डिफेंडेंट होना चाहिए। सेकंड सब्जेक्ट
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मैटर मतलब द मैटर इज़ इन डिस्प्यूट बिटवीन द पार्टी इज़ मैटर एंड डिस्प्यूट क्या है?
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कौन सा मैटर है? क्या प्रॉब्लम क्या है? मैटर में रिलेट टू व्हाट प्रॉपर्टी राइट्स या ऑब्लिगेशन एंड इट डिफाइन द स्कोप ऑफ़
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एडजुडिकेशन बाय द कोर्ट आल्सो। तो ये क्या है? सब्जेक्ट मैटर। थर्ड कॉज़ ऑफ़ एक्शन क्या है? मतलब उसमें पूरा बंडल होता है
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मटेरियल फैक्ट्स का। फैक्ट्स अगर प्रूव हो जाते हैं तो प्लेंटिफ को क्या मिलता है? जो रिलीफ सॉर्ट कर रहा है वो रिलीफ मिल
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जाते हैं। और अगर एब्सेंस ऑफ़ कॉज़ ऑफ़ एक्शन है तो सूट इनवैलिड हो जाती है। ठीक है? सो
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एब्सेंस ऑफ़ कॉज़ रेंडरर्स दी सूड इनवैलिड। चौथा क्या रिलीफ चाहिए? भाई वोलिक क्या
58:30
रेमेडी क्लेम किए प्लेटफ ने डिक्लेरेशन इंजक्शन डैमेजेस यह क्लियरली स्टेटेड होने चाहिए प्लेेंट में एज सिंपल एज दैट पांचवा
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प्लेेंट खुद प्लेंट क्या होता है ये चार एसेंशियल्स हैं प्लेंट क्या होता
58:44
है प्लेंट एक लीगल डॉक्यूमेंट है जो क्या करता है जिससे प्लेेंट कोर्ट को अप्रोच कर
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सकता है कंपनसेशन सीक कर सकता है कोई रिलीफ या हार्म उसको हुआ है तो उसके लिए डैमेजेस सीक कर सकता है दो नो फॉर्म दो नो
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रिजिड फॉर्मेट एकज़िस्ट एक प्रिस्राइब मैंडेटरी कंटेंट है। जो भी हमने एसेंशियल्स करा प्लिंट के वो मैंडेटरी है।
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कंटेंट्स क्या है प्लेट के? हमने सब बताया। नेम ऑफ़ कोड, प्लेटफ का नाम, डिस्क्रिप्शन, एड्रेस, डिफेंडेंट का नाम,
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डिस्क्रिप्शन, एड्रेस, स्टेटमेंट इफ एनी पार्टी इज़ माइनर या अनसाउंड माइंड का हो।
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फैक्ट्स होने चाहिए। वो फैक्ट्स होने चाहिए केस के। मतलब क्या? कॉज़ ऑफ़ एक्शन। कोर्ट का जुरिसडिक्शन है कि नहीं है? वो
59:24
होना चाहिए। रिलीफ क्या क्लेम करा है आपने? अह स्टेटमेंट रिगार्डिंग सेट ऑफ या वेवर कोई भी पोर्शन ऑफ क्लेम का
59:31
वैल्यू्यूएशन ऑन द सब्जेक्ट मैटर जुरिसडिक्शन कोर्ट फी ये सब चीजें होती है। प्लेेंट रिजेक्ट कब हो जाती है
59:37
बंधुओं? प्लेेंट रिजेक्ट तब हो जाएगी जब इट डिस्क्लोज़ नो कॉज़ ऑफ़ एक्शन। कॉज़ ऑफ़ एक्शन
59:44
है ही नहीं। तो क्या हो गई? रिजेक्ट हो गई। जब रिलीफ अंडरवैल्यूड है। यानी प्लेेंट फेल्स टू करेक्ट द वैल्यूएशन विद
59:50
इन द फिक्स्ड टाइम बाय व्हाट? कोर्ट।
59:56
कोर्ट ने एक टाइम फिक्स किया। उसमें वह करेक्ट वैल्यूएशन नहीं डाल पाती। तो प्लेेंट क्या हो जाती है? रिजेक्ट हो जाती
1:00:01
है। ठीक है? व्हेन द प्लेेंट इज प्रॉपर्ली वैल्यूड बट इनसफिशिएंटली स्टैंप्ड। प्ले
1:00:09
एंड प्लेेंट फेल्स टू सप्लाई रिक्व्ज़िट स्टैंप पेपर विद इन टाइम। तो भी भले ही वो प्रॉपर्ली वैल्यूड है लेकिन इनसफिशिएंटली
1:00:16
स्टैंप्ड है या प्रॉपर रेविज़िट स्टैंप पेपर नहीं फाइल किया है विद इन टाइम तो उड़ जाएगी। फिर व्हेन सूट अपीयरर्स फ्रॉम
1:00:23
स्टेटमेंट्स इन प्लेेंट इज टू बी बार्ड बाय लॉ मतलब क्या भाई ऐसे स्टेटमेंट उसमें
1:00:29
लिखे हैं व्हिच आर बार बाय लॉ अलाउड ही नहीं है तो प्लेेंट उठ जाएगा जब प्लेेंट इज नॉट फाइल्ड इन डुप्लीकेट व्हेन प्लेेंट
1:00:36
ए फेल्स टू कंप्लाई विद द रूल नाइन ऑफ़ ऑर्डर एट ठीक है मतलब क्या एप्रोप्रियट प्लेस ऑफ़
1:00:45
सुइंग वो होना चाहिए पहला लोएस्ट कॉम्पिटेंट कोर्ट कहां जाएगा इंस्टट्यूट
1:00:50
कहां होनी चाहिए? सूट लोएस्ट ग्रेड कॉम्पिटेंट टू ट्राई इट। सूट्स रिलेटिंग
1:00:56
टू इमूवेबल प्रॉपर्टी। जब सूट्स है तो वहां कहां फाइल होने चाहिए? रिक मतलब सूट्स मस्ट बी फाइल्ड व्हेयर दी प्रॉपर्टी
1:01:03
इज़ सिचुएटेड व्हेन दे आर रिलेटेड टू व्हाट? रिकवरी ऑफ़ इमूवेबल प्रॉपर्टी विद
1:01:08
और विदाउट रेंट और प्रॉफ़िट पार्टीशन ऑफ़ इमूवेबल प्रॉपर्टी फ़ोर क्लोज़र सेल रिडेंशन
1:01:15
ऑफ़ मॉर्गेजेस या चार्ज डिटरमिनेशन ऑफ़ एनी राइट्स और इंटरेस्ट इन इमूवेबल प्रॉपर्टी कंपनसेशन फॉर डैमेजेस टू इमूवेबल
1:01:21
प्रॉपर्टी। रिकवरी ऑफ़ मूवेबल प्रॉपर्टी अंडर डिस्ट्रेंड और अटैचमेंट। ये सब किसके अंडर है? सूट्स रिटिंग टू इमूवेबल
1:01:28
प्रॉपर्टी। द सूट्स मस्ट बी फाइल्ड वेयर प्रॉपर्टी सिचुएटेड व्हेन दे रिलेट टू यह सारे छह पॉइंट। ठीक है?
1:01:36
अब एक्सेप्शन है। एक्सेप्शनंस क्या है? इक्विटी एक्ट्स इन परसोनेम मतलब व्हेन
1:01:42
वेयर रिलीफ्स कैन बी ऑब्टेंड थ्रू पर्सनल ओबिडियंस ऑफ़ द डिफेंडेंट्स देन द सूट मे
1:01:48
बी फाइल्ड वेयर प्रॉपर्टी सिचुएटेड और वेयर डिफेंडेंट रिसाइड्स कैरीज़ बिज़नेस और
1:01:54
अर्न्स लाइवलीहुड एंड इट इज़ बेस्ड ऑन द प्रिंसिपल ऑफ़ व्हाट इक्विटी एक्ट्स इन पर्सन नॉट एन रम मतलब पर्सनल।
1:02:02
ठीक है? इतना है। तो सूट क्या है? फटाक से रिवीज़ करते हैं। सूट क्या है? फाउंडेशन ऑफ़ सिविल एडजुकेशन है। प्लेेंट क्या है?
1:02:07
स्टार्टिंग पॉइंट ऑफ़ सूट है। एसेंशियल्स क्या है? पार्टीज के नाम, सब्जेक्ट मैटर, कॉज़ ऑफ़ कॉज़ ऑफ़ एक्शन और रिलीफ। रिजेक्शन
1:02:15
ऑफ़ प्लेंट क्या होता है? किसमें? ऑर्डर एट रूल 11 प्लेसिंग ऑफ़ सूट सेक्शन 15 टू 20
1:02:20
ऑफ़ सीपीसी। इतना सा ही है। कुछ भी डाउट्स है, प्लीज रिवाइंड करो। वापस इसको पढ़ लो।
1:02:27
या फिर नोट्स मांग लो। सिंपल। आगे बढ़ते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन की तरफ। अब
1:02:32
थोड़ा और एक लंबा क्वेश्चन है लेकिन हम इसको शॉर्ट में करेंगे क्योंकि आई डोंट रियली वांट यू टू गेट टू मच इंटू डिटेल्स
1:02:40
इस पॉइंट पे। बस आपको मेजर पॉइंट्स याद रहे वो इंपॉर्टेंट है। एंड ये है मोड्स ऑफ
1:02:48
सर्विस ऑफ समंस। तो सबसे पहले समंस होता क्या है? जब कोई
1:02:55
सूट को हम इंस्टट्यूट करते हैं तो डिफेंडेंट को उसके बारे में इनफॉर्म करना चाहिए। पता होना चाहिए। हमने पिछले
1:03:02
क्वेश्चन में ही करा था। तो जब डॉक्यूमेंट इशू होता है कोर्ट से टू
1:03:09
इनफॉर्म द डिफेंडेंट अबाउट द सूट उसको कहा जाता है समंस। लेकिन ये जो टर्म है समंस
1:03:15
ये सीपीसी में एक्सप्लसिटली डिफाइंड नहीं है। ठीक है? यह क्या है? इशूज़ एंड सर्विस
1:03:20
ऑफ़ समंस। ऑर्डर फाइव सीपीसी का गवर्न करता है। इसके ऑब्जेक्टिव्स क्या है? पहला भाई
1:03:26
सामने डिफेंडेंट को बताना कि तेरे अगेंस्ट में लीगल एक्शन इनिशिएट हो चुका है। उनको एक अपॉर्चुनिटी देना कि आओ कोर्ट में आओ
1:03:34
और अपने आप को डिफेंड करो। अपने डिफेंस को प्रेजेंट करो। यह क्या मैक्सिमम है? Audi अल्ट्रम्प पार्टम अगर आप लोग को याद रहेगा
1:03:40
ऑडी अल्ट्रम्प्टम। यानी कि हियर्ड दी अदर साइड या लेट दी अदर साइड बी हर्ड। उसको
1:03:45
इनेबल करने के लिए। फिर क्यों? क्योंकि अगर नहीं करेंगे, तो क्या वायलेट होगा? प्रिंसिपल ऑफ़ नेचुरल जस्टिस वायलेट हो
1:03:51
जाएगा। एंड टू ऑब्वियसली एनश्योर फेयर एंड प्रॉपर प्रोसीडिंग्स। उसके बिना नहीं हो
1:03:56
सकता। तो डिफेंडेंट का प्रेज़ेंस होना वहां इंपॉर्टेंट है। विटनेस का प्रेजेंस होना इंपॉर्टेंट है। कोई भी दूसरा कंसर्न पर्सन
1:04:03
हो उसका प्रेजेंस होना इंपॉर्टेंट है। और कोई भी अगर ऐसा नेसेसरी डॉक्यूमेंट चाहिए
1:04:08
कोर्ट को तो उसको कंपेल करना, उसके प्रोडक्शन को कंपेल करना इसके लिए भी समंस होते हैं। अब एसेंशियल्स क्या है समन के?
1:04:15
पहली बात जज के थ्रू वह साइन होना चाहिए या कोई ऑफिसर जो उसके थ्रू ऑथराइज्ड हो और
1:04:21
वह ड्यूली सील्ड होना चाहिए मतलब सील्ड होना चाहिए। ठीक है? नो समंस शैल बी
1:04:29
इशूड इफ द डिफेंडेंट अपीयरर्स एट द टाइम ऑफ़ इंस्टीट्यूशन ऑफ़ द प्लेेंट। प्लेन
1:04:34
इंस्टीट्यूट किया है। डिफेंडेंट है वहां पे। ठीक है? तो समन की जरूरत नहीं है। और डिफेंडेंट को तब क्या करना है? 30 डेज के
1:04:41
अंडर-अंडर अपना रिटन स्टेटमेंट फाइल करना है। और कोर्ट क्या कर सकती है? अगर सफिशिएंट रीज़न हो तो वही 30 डेज को 90 डेज
1:04:48
का एक्सटेंशन दे सकती है। ठीक है? 90 दिन ले ले चलेगा लेकिन फाइल कर लेकिन अंडर
1:04:54
सफिशिएंट रीज़ ओनली और कोर्ट सेटिस्फाई होनी चाहिए। ऐसे रीज़न से हर एक जो समंस
1:04:59
इशू होता है दैट मस्ट बी अकंपनीड बाय अ कॉपी ऑफ द प्लेेंट। ऑब्वियसली फॉर्मेट
1:05:05
मस्ट बी प्रिस्राइब्ड इन द रेलेवेंट शेड्यूल्स। ठीक है?
1:05:10
कंटेंट ऑफ समंस क्या रहता है? समंस में क्या-क्या होता है? पहले
1:05:16
वो किसके लिए इशू किया गया है? भाई सेटलमेंट ऑफ़ इशू है, फाइनल डिस्पोजल ऑफ़ सूट है। स्मॉल कॉजेस कोर्ट कैन इशू समवंस
1:05:23
ओनली फॉर फाइनेंसियल फॉर फाइनल डिस्पोजल। तो वेदर इट इज़ फॉर सेटलमेंट ऑफ़ इशज़ और
1:05:29
फाइनल डिस्पोजल या क्या? सेकंड। तो क्या क्यों किया गया? सेकंड डेट एंड डेट एंड डे
1:05:35
फिक्स फॉर डिफेंडेंस अपीयरेंस। सिंपल। ठीक है? थर्ड लिस्ट ऑफ़ डॉक्यूमेंट्स
1:05:40
रिक्वायर्ड टू बी प्रोड्यूस बाय डिफेंडेंट वो मेंशन होना चाहिए। ठीक है? और अगर समंस फाइनल डिस्पोजल के लिए है तो डायरेक्शन टू
1:05:47
प्रोड्यूस विटनेस इन सपोर्ट ऑफ़ डिफेंड डिफेंस। सिंपल। अब
1:05:54
मोड ऑफ सर्विस ऑफ़ समंस क्या-क्या है? पहली बात समन किसको हम दे सकते हैं? ठीक है?
1:06:01
किसको डिलीवर करना है? या तो डायरेक्टली आप दे दो डिफेंडेंट को या उसके एजेंट को
1:06:07
या उसके कोई भी ऑथराइज पर्सन को उसके बिहाफ पे मोड ऑफ डिलीवरी में क्या है पर्सनल या
1:06:15
डायरेक्ट डिलीवरी की बात कर रहे हैं पहला पर्सनल और डायरेक्ट डिलीवरी किसको
1:06:20
डायरेक्टली आदमी को बंदे को डिफेंडेंट को या उसके एजेंट को या कोई भी उसके थ्रू ऑर्गेनाइज्ड हो उसको ठीक है इसमें
1:06:28
एकनॉलेजमेंट ऑफ सर्विस रिक्वायर्ड होती है जो सर्विंग ऑफिसर होता है उसको उसको टाइम
1:06:33
ऑफ़ सर्विस ही मस्ट एंडोर्स द टाइम ऑफ़ सर्विस मैनर ऑफ़ सर्विस नेम एंड एड्रेस ऑफ़ पर्सन हु हैज़ हु हैज़ सर्व्ड एंड नेम ऑफ़
1:06:39
विटनेसेस। पहला होता है क्या? पर्सनल डायरेक्ट सर्विस। सेकंड सर्विस बाय कोर्ट।
1:06:45
अगर कोर्ट के जुरिसडिक्शन में बंदा रहता है, डिफेंडेंट रहता है तो डायरेक्टली क्या कर सकती है? कोर्ट उसको समन कर सकती है।
1:06:51
किसके थ्रू? कोर्ट ऑफिसर के थ्रू। ठीक है? अब कोर्ट कैसे कर सकती है? भाई पर्सनल
1:06:57
सर्विस करेगी। खुद जाके दिलवा देगी या पोस्ट के थ्रू या फैक्ट्स के थ्रू या मैसेज के थ्रू या ईमेल के थ्रू या जो भी
1:07:02
अप्रूव्ड कूरियर सर्विस हो उसके थ्रू और अगर आउटसाइड जुरिसडिक्शन रहता है डिफेंडेंट तो तब क्या होगा तब भाई कोर्ट
1:07:10
ऑफिसर क्या करेगा जाएगा जाके देगा थर्ड पहला क्या था पर्सनल इन पर्सन मतलब क्या
1:07:17
डायरेक्ट सर्विस सेकंड सर्विस बाय कोर्ट थर्ड सर्विस बाय प्फ कोर्ट प्लेेंटफ को
1:07:22
परमिट कर सकती है कि भाई जाके उसको दे दे ठीक ठीक है? सिंपल। चौथा सब्स्टट्यूटेड
1:07:30
सर्विसेस। सब्स्टट्यूटेड सर्विस मतलब क्या हो गया? एफिक्सेशन एट रेजिडेंस। मतलब
1:07:35
क्या? डिफेंडेंट या एजेंट ने रिफ्यूज कर दिया सर्विस को एक्नॉलेज करने से। बहुत बार होता है। आएगा घर तक। क्या करेगा?
1:07:40
नहीं हम तो नहीं ले रहे। हम एक्सेप्ट नहीं करेंगे। तो डिफेंडेंट या उसके एजेंट ने रिफ्यूज कर दिया है। एंड या डिफेंडेंट
1:07:47
मिला ही नहीं उस जगह पे या उसका कोई एजेंट एक्सिस्ट ही नहीं करता। तो जो सर्विंग ऑफिसर वो क्या करेगा? उसके दरवाजे पे कॉपी
1:07:55
को चिपका के आ जाएगा। फिक्स करके आ जाएगा या कॉनस्पिशियस पार्ट ऑफ द हाउस में क्या
1:08:00
डाल के आ जाएगा। सिंपल ऑफिसर क्या करेगा? रिपोर्ट इसके बाद लिखेगा कि भाई मैंने
1:08:05
अफिक्स क्यों करा? मैंने दरवाजे के अंदर डाल के क्यों आ गया? सरकमस्टेंसेस क्या थे? नेम एंड एड्रेस क्या था? नेम ऑफ़
1:08:12
विटनेस कोई थे क्या? क्या था? ठीक है? सिंपल। ये किसको करना पड़ेगा? ऑफिसर को
1:08:18
करना पड़ेगा। अब अफेक्सेशन एट कोर्ट बाय अह एट कोर्ट एंड डिफेंडेंस रेजिडेंस। यह
1:08:24
कब यूज़ किया जाता है? ठीक है? यूज्ड व्हेन डिफेंड डिफेंडेंट डेलीबेटली अवॉयड्स द
1:08:30
सर्विस। तब ऐसा करते हैं। फिर सर्विस बाय पोस्ट। ठीक है? ये कर सकते हैं। लेकिन दिस
1:08:37
प्रोविज़ वाज़ रिपील्ड बाय सीपीसी अमेंडमेंट एक्ट। ठीक है?
1:08:42
इतना है। अब अगर स्पेशल केसेस होते तो स्पेशल केसेस मतलब लेट से दूसरे स्टेट में
1:08:47
रहता है। बंदा है ही नहीं। यहां पे डिपेंडेंट आउटसाइड जुरिसडिक्शन रहता है। तो क्या कर सकती है? तभी समंस कैन बी सेंट
1:08:54
टू कोर्ट विद इन दोज़ जुरिसडिक्शन विद इन होज़ जुरिसडिक्शन द डिफेंडेंट रेसाइड्स तो
1:08:59
वहां पर भेज सकती है फॉरेन समंस मतलब क्या भाई समंस सेंट टू द कोर्ट्स इन टेरिटरीज़
1:09:05
वेयर सीपीसी अप्लाई वहां पे भेज सकती है सर्व्ड एज इफ इशूड बाय दैट कोर्ट सिंपल
1:09:11
थर्ड प्रेसिडेंसी टाउनंस यानीक मद्रास बॉम्बे समंस मे बी सेंट टू स्मॉल कॉज
1:09:17
कोर्ट फोर्थ डिफेंडेंट अराइ रेसाइडिंग आउटसाइड इंडिया ऐसे में क्या होगा अगर अगर कोई एजेंट इंडिया में नहीं है तो सर्विस
1:09:24
कैसे हो सकती है बाय पोस्ट, फैक्ट्स, ईमेल या अदर एप्रोप्रियट मींस। ठीक है? इसमें
1:09:29
कोई पॉलिटिकल एजेंट के थ्रू भी हो सकती है या थ्रू कोर्ट ऑफ़ फॉरेन कंट्रीज ऑथराइज़ टू सर्व द समंस। फिर सर्विस ऑन पब्लिक
1:09:37
ऑफिशियल्स। ये कैसे होता है? अगर डिफेंडेंट कोई रेलवे सर्वेंट है, पब्लिक ऑफिसर है या लोकल अथॉरिटी एंप्लई है तो
1:09:44
समंस सर्व्ड आर थ्रू दी हेड ऑफ़ द डिपार्टमेंट। उनका जो हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट होगा, एचओडी होगा उसके थ्रू होता है। अगर
1:09:50
आर्म्ड फोर्सर्सेस में किसी को भेजना है यानी सोल्जर है, एयरमैन है या सेलर है नेवी का तो कैसे होगा? तो उसके कमांडिंग
1:09:56
जो सीईओ होता है उसके कमांडिंग ऑफिसर के थ्रू उनको क्या करते हैं? समंस भिजवाते हैं। ठीक है? सिंपल सी बात है। कंपनी और
1:10:04
कॉर्पोरेट को भेजना है तो सेक्रेटरी को भेजा जाता है डायरेक्टर या प्रिंसिपल ऑफिसर को। ठीक है? इसमें भी या तो
1:10:10
रजिस्टर्ड ऑफिस में जाके दे देंगे या प्लेस ऑफ बिज़नेस में दे देंगे। ठीक है? पार्टनरशिप फर्म होगी तो क्या करेंगे? एक
1:10:16
किसी एक पार्टनर को जाके दे देंगे या हर एक पार्टनर को सर्व हो जाएगा। सिंपल है। इतना सा ही है मोड ऑफ़ सर्विस ऑफ़ समंस। ठीक
1:10:25
है? नहीं समझ में आया वापस करो या फिर कमेंट सेक्शन में पूछ लेना। आई विल रिप्लाई टू इट इमीडिएटली। ओके? आगे बढ़ते
1:10:33
हैं नेक्स्ट क्वेश्चन की तरफ। अब एक क्वेश्चन है, अपील्स फ्रॉम ओरिजिनल डिग्री। यह कैसे रहता है? तो, पहली बात अपील का मतलब क्या होता है? अपील इज़ व्हाट
1:10:40
एन एप्लीकेशन मेड टू दी सुपर। अरे, सिंपल है यार। तुम्हारा लोअर कोर्ट में तुम्हारे अगेंस्ट में डिग्री आई है या कुछ इशू हो
1:10:46
गया है या सिंपल सी बात है तुमको वो उसमें कोई एरर लगता है तो क्या करोगे हायर कोर्ट को अपीलेट कोर्ट को या फर्स्ट कोर्ट ऑफ
1:10:53
अपील को तुमने एप्लीकेशन कर दिया कि उसको रिव्यू करो या रिवाइज करो या जो भी है तो
1:10:58
अपील इज़ एन एप्लीकेशन मेड टू अ सुपीरियर कोर्ट अगेंस्ट द डिक्री और ऑर्डर ऑफ़ अ सबोर्डिनेट कोर्ट टू एग्जामिन द करेक्टनेस
1:11:05
लीगिटी और प्रोपराइटरी ऑफ़ दैट डिसीजन। सिंपल है। जब आपको लगता है एरर है तो भाई वापस से सुनो इस मैटर को।
1:11:12
लेकिन अपील इनहेरेंट राइट नहीं है। वह स्टटरी रेमेडी है। सिर्फ कब हो सकती है?
1:11:18
जब आपका डिग्री पास हो जाता है। सीपीसी में अपील का डेफिनेशन नहीं है। तो यह
1:11:25
जुडिशियल एग्जामिनेशन होती है हायर कोर्ट के थ्रू ऑफ द डिसीजन ऑफ अ लोअर कोर्ट या सबोर्डिनेट कोर्ट। तो जो पार्टी अपील फाइल
1:11:33
करती है उसको क्या बोलते हैं? एपेलेंट बोलते हैं। और जो कोर्ट उस जो कोर्ट उसको सुनती है, जो कोर्ट उसको हियर करती है,
1:11:40
उसको क्या बोलते हैं? एपिलेट कोड बोलते हैं। जो फाइल कर रहा है उसको क्या बोलते हैं? एपिलेंट। और जो कोर्ट उसको सुन रही
1:11:45
है उसको क्या कहते हैं? एपिलेट कोड। ठीक है? अब इसका राइट कहां से आता है? इसका राइट सीबीसी देता है। कोई भी ऐसा एग्रीव्ड
1:11:53
पर्सन है एग्रीव्ड किसके थ्रू? डिग्री या ऑर्डर जो लोअर या सबोर्डिनेट कोर्ट ने पास
1:11:59
किया उसके थ्रू कोई एग्रीव्ड है तो ऐसे लॉ उसको प्रोवाइड करती है। परमिट करती है कि
1:12:04
वो क्या कर सकता है? अपील में जा सकता है। तो जब कोई डिग्री इज पास्ड बाय अ कोर्ट
1:12:10
एक्सरसाइजिंग ओरिजिनल जुरिसडिक्शन द फर्स्ट अपील लाइ टू द डेेजिग्नेटेड अपीलेट
1:12:15
कोर्ट। देखो हाई कोर्ट में भी ओरिजिनल जुरिसडिक्शन होता है। तो हाई कोर्ट का अपील एपीलेट कोर्ट क्या है? सुप्रीम
1:12:21
कोर्ट। उसको क्या कहते हैं? एपेक्स कोर्ट। ठीक है? तो ये ओरिजिनल जुरिसडिक्शन की बात
1:12:26
हो गई। ठीक है? अब एक्सेप्शनंस कब होते हैं? जब अपील इज़ एक्सप्रेसली बार्ड बाय लॉ
1:12:32
या एनी अदर लॉ। ठीक है? ऐसे जब जहां पर अपील में आप नहीं जा सकते हो। ऑलराइट।
1:12:39
अब एसेंशियल्स क्या होते हैं अपीलेबल केस के? तो वेरी सिंपल। जब भी कोई केस अपीलेबल
1:12:44
है तो वहां पे क्या होना चाहिए? पहले देयर मस्ट बी अ डिग्री और एडजुडिकेशन बाय अ कोर्ट। एपीेंट मस्ट बी एन एग्रीव्ड पर्सन।
1:12:51
उसको उससे कोई दिक्कत होनी चाहिए उस ऑर्डर या जज डिग्री से। ठीक है? मतलब उसके थ्रू अफेक्टेड होना चाहिए। देयर मस्ट बी स्टटरी
1:12:58
फोरम प्रोवाइडेड फॉर अपील। नहीं तो कैसे करेगा? अपील डज़ नॉट क्रिएट अ न्यू कॉज़ ऑफ़ एक्शन।
1:13:06
वह सिंपली क्या करेगा भाई? अगेन कोर्ट हायर कोर्ट विल रिव्यू। वापस अब सुनेंगे और रिवीज़ करना होगा वो कर देगी।
1:13:13
फिर अब प्रोविज़ंस क्या-क्या है इसके लिए?
1:13:18
ओरिजिनल डिग्री के लिए। तो क्या है? अपील लाइज़ फ्रॉम एव्री डिग्री पास्ड बाय अ
1:13:23
कोर्ट एक्सरसाइजिंग ओरिजिनल जुरिसडिक्शन। ध्यान से अपील लाइ फ्रॉम एव्री डिक्री पास
1:13:31
बाय अ कोर्ट एक्सरसाइजिंग ओरिजिनल जुरिसडिक्शन अनलेस एक्सप्रेसली बार जो
1:13:36
कोर्ट ओरिजिनल जुरिसडिक्शन एक्सरसाइज करती है वहां अपील हो सकता है उसके डिग्री का
1:13:42
हर डिग्री का अपील हो सकता है अपील इज़ मेंटनेबल अगेंस्ट एन एक्स पार्ट डिग्री
1:13:48
यानी अपील इज़ मेंटनेबल एक्स पार्ट मतलब क्या दूसरा साइड आ ही नहीं रहा है समन
1:13:53
भेजा वारंट इशू या जो भी है नहीं आ रहा है तो क्या करेंगे? एक्स पार्टी ऑर्डर पास हो
1:14:00
जाएगा। लेकिन ऐसे में भी अपील इज़ मेंटनेबल। ठीक है? लेकिन नो अपील लाइ अगेंस्ट अ कंसेंट डिक्री। ये ध्यान रखना।
1:14:08
इन स्मॉल कॉजेस सूट वेयर दी वैल्यू डज़ नॉट एक्सीड 10,000 अपील लाइज़ ओनली ऑन अ
1:14:13
क्वेश्चन ऑफ़ लॉ। मतलब ऐसे स्मॉल कॉज़ सूट्स में जहां पे वैल्यू 10,000 के ऊपर नहीं है, वहां अपील कब कर सकते हो? सिर्फ और
1:14:21
सिर्फ जब क्वेश्चन ऑफ़ लॉ है, तभी अपील में जा सकते हो। ठीक है? इतना सही है। अब
1:14:27
रेलेवेंट प्रोविज़ंस उसके 97 टू 99 ए में है। ठीक है? 107 टू 108 में है। इसमें
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क्या है? 97 टू 99 में इफेक्ट ऑफ़ नॉन अपील फ्रॉम प्रीलिमिनरी डिक्री रिमांड
1:14:40
इर्रेगुलरिटीज़ नॉन अफेक्टिंग मेरिट्स और जुरिसडिक्शन। नॉट अफेक्टिंग मेरिट्स और जुरिसडिक्शन। ठीक है? पावर्स ऑफ़ एपिलेट
1:14:47
कोर्ट है, प्रोसीजर टू बी फॉललोड है। ये सब चीजें उसमें आ जाती हैं।
1:14:52
अब एक चीज है अपील में जा कौन सकता है? जैसे हमने बोला एग्रीव्ड पार्टी तो जा ही सकती है और जो अगर ऐसी कोई पार्टी है जो
1:15:00
डिसीज्ड है मतलब मर चुकी है तो उसके लीगल रिप्रेजेंटेटिव जा सकते हैं। वही ट्रांसफरी ऑफ़ इंटरेस्ट इफ बाउंड बाय
1:15:07
डिग्री एंड रिकॉल इट तो ट्रांसफरी ऑफ़ इंटरेस्ट जा सकते हैं। ऑक्शन परचेसर्स जा सकते हैं। जो ऑक्शन परचेसर है दैट कैन गो
1:15:15
इन एग्जीक्यूशन प्रोसीडिंग। मतलब कब? जब एग्जांपल जब भाई सेल इज़ सेट असाइड ऑन ग्राउंड्स मतलब जैसे फ्रॉड और के ग्राउंड
1:15:21
पे सेल को सेट असाइड कर देता है तब जा सकते हैं ऑक्शन परचेसर कोई नॉन पार्टी विद अ लीव ऑफ़ अपीलेट कोड इफ अ प्रीजुडिशियली
1:15:30
अफेक्टेड है तब जा सकती है अपील कौन नहीं कर सकता ये ध्यान देना दोज़ पार्टीज हु हैव
1:15:36
वेव्ड देयर राइट टू अपील मैंने खुद ने ही वेव ऑफ कर दिया ठीक है मैं मैं अपील में नहीं जाऊंगा पर्सन हु एक्सेप्ट्स बेनिफिट
1:15:42
ऑफ द डिग्री एंड आल्सो चैलेंज इट मतलब डिग्री पास हुई उसका बेनिफिट
1:15:49
एक्सेप्ट कर लिया लेकिन बाकी चीजें अपील में देंगे। ऐसा नहीं कर सकते। पार्टी टू अ कंसेंटेड डिग्री। कंसेंट डिग्री एक्सेप्ट
1:15:55
वेयर कंसेंट इज़ अनलॉफुल या काउंसिल लैक्ड अथॉरिटी। ठीक है? सिंपल सी बात है। ये
1:16:02
सारी चीजें आपके अपील में आ जाती हैं। अब इसमें कुछ स्पेशल सिचुएशंस भी हैं। इन फर्स्ट अपील। देखो अपील अगेंस्ट एक्स
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पार्टी एक्स पार्ट ए डिग्री जो होता है वो चैलेंज हो सकता है मेरिट्स पे लेकिन कुछ
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जगहों पे कंसेंट डिग्री जो होती है वहां पे आप अपील नहीं कर सकते ठीक है अ देयर
1:16:23
कैन बी नो अपील इन पेटी केसेस मतलब 10,000 के नीचे केसेस में अपील नहीं हो सकती लेकिन कहां अपील हो सकती है ऐसे केसेस में
1:16:29
सिर्फ क्वेश्चन ऑफ लॉ पे अपील कर सकते हैं अपील अगेंस्ट प्रीिलिमिनरी डिग्री मतलब भाई अगर अपील हुई ही नहीं है इफ नॉट अपील
1:16:36
ऑब्जेक्शंस कैन नॉट बी रे लेटर अगेंस्ट फाइनल डिग्री। ठीक है?
1:16:43
ये सब सारी चीजें इसमें आ जाती हैं। अब वैल्यू्यूएशन क्या है? फोरम ऑफ़ फर्स्ट
1:16:48
अपील क्या है? इट इज़ डिटरमाइंड बाय नंबर वन वैल्यू्यूएशन ऑफ़ सब्जेक्ट मैटर एंड जुरिसडिक्शनरी हायरार्की। मतलब अगर 2 लाख
1:16:55
तक के मैटर है तो कहां जाएंगे? डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में अबव दो 2 लाख से तो सीधा हाई कोर्ट में। दैट इज़ सब्जेक्ट टू
1:17:00
स्टटरी मॉड मॉडिफिकेशंस। ठीक है? फिर मेमोरेंडम ऑफ अपील है दैट हैज़ टू बी
1:17:08
साइन बाय द अपेंट और द प्लीडर उसके ग्राउंड्स कंसाइज होने चाहिए डिस्टिंक्ट होने चाहिए नंबर्ड होने चाहिए ठीक है
1:17:15
ग्राउंड्स हमने पहले ही बात कर दी किसके उसमें हो सकता है अच्छा कंडनेशन ऑफ़ डिले इंपॉर्टेंट है यहां कंडनेशन ऑफ़ डिले कब
1:17:22
फाइल हो सकता है अ देखो पहली बात तो जब इफ फाइल्ड बिय्ड लिमिट द कंडनेशन ऑफ़ डिले
1:17:28
मतलब आपको अपील फाइल करने में डिले हो गया सिंपल प्रिस्राइब टाइम से ज्यादा टाइम लग गया है इट मे बी इफ फाइल्ड बिय्ड लिमिट
1:17:34
िटेशन मस्ट बी अकंपनीड बाय एफिडेविट। कोर्ट मस्ट डिसाइड कंडनेशन बिफोर हियरिंग मेरिट्स। अगर कोर्ट कंडेशन ऑफ़ डिले
1:17:40
एक्सेप्ट करती है। हां, एक्सेप्ट किया फिर चलो मेरिट्स पे अब आ जाओ। ठीक है? सिंपल सी बात है।
1:17:47
आई थिंक इसमें जो लिमिटेशन है ये इंपॉर्टेंट है भाई। लिमिटेशन पीरियड फर्स्ट अपील्स के लिए। अगर हाई कोर्ट में
1:17:54
आप अपील कर रहे हो तो 90 डेज में आपको करना पड़ेगा। फ्रॉम द डेट ऑफ योर डिक्री और ऑर्डर जब आपको मिला। और डिस्ट्रिक्ट
1:18:01
कोर्ट में अगर आप अपील कर रहे हो तो 30 डेज में आपको करना पड़ेगा। डिले अगर हो जाता है मतलब ये टाइम क्रॉस हो जाता है
1:18:07
हाई कोर्ट में 90 डेज से ज्यादा टाइम आपको लग गया। 30 डेज से ज्यादा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में लग गया तो आपको कंडोनेशन ऑफ़
1:18:13
डिले फाइल करना पड़ेगा। उसमें सफिशिएंट कॉज़ होना चाहिए। अगर सफिशिएंट कॉज़ नहीं है तो मतलब नहीं है। ठीक है? और यह बहुत
1:18:20
इंपॉर्टेंट है फर्स्ट अपील्स। क्यों? क्योंकि भाई इट करेक्ट्स द एरर्स ऑफ़ द ट्रायल कोर्ट। इट एनश्योर्स फेयरनेस एंड
1:18:25
कंसिस्टेंसी इन जस्टिस डिलीवरी। फिर इट प्रोटेक्ट्स द स्टटरी राइट्स ऑफ लिटिकेंट्स एंड इंटल्स डेवलपमेंट ऑफ लीगल
1:18:33
प्रिंसिपल प्रिंसिपल्स एंड प्रेसिडेंस। देखो बहुत सिंपल आंसर है। पॉइंटर्स में लिखोगे तो आराम से ये आपका छह सात पेज तो
1:18:40
भर ही जाएंगे। अब बढ़ते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन की तरफ। बहुतेंट क्वेश्चन है। अब नेक्स्ट क्वेश्चन है बार ऑन लिमिटेशन।
1:18:47
मुझे अच्छे से मालूम है इस चीज में सबकी हालत खराब होती है। बार ऑन लिमिटेशन में बहुत सारे फिगर्स हैं जो ध्यान रखने पड़ते
1:18:53
हैं। और इसी चीज़ के लिए अभी हम कर रहे हैं ये क्वेश्चन। ठीक है? ये क्वेश्चन भी ज्यादा बड़ा नहीं है। लेकिन हां सर्टेनली
1:19:01
इसमें फिगर्स बहुत है जैसा कि मैंने कहा। लेकिन अगेन आपके सर पे लोड आने देंगे नहीं। इसको सिंपल वे में अपन कंप्लीट
1:19:08
करेंगे। तो बार ऑफ लिमिटेशन पहली बात है क्या? देखो सिंपल सी चीज है। ये कोई
1:19:15
टेक्निकल रूल ऑफ प्रोसीजर तो है नहीं। ठीक है? साउंड लीगल प्रिंसिपल्स के ऊपर ये बना
1:19:21
हुआ है। इसका मतलब क्या होता है? कोई प्रिस्राइब्ड एक बार जब वंस द
1:19:28
प्रिस्राइब्ड पीरियड ऑफ इंस्टट्यूटिंग अ सूट अपील और एप्लीकेशन एक्सपायर्स कोर्ट एंटरटेन उसको नहीं करेगा आपको जितना आपको
1:19:36
टाइम दिया जाता है सूट अपील एप्लीकेशन को इंस्टीट्यूट करने का अगर वो टाइम निकल गया
1:19:42
कोर्ट उसको अप्लाई एक्सेप्ट नहीं करेगा एंटरटेन नहीं करेगा सर्टेनली कंडनेशन ऑफ़ डिले लेकिन वो भी एक्सेप्ट होना चाहिए इट
1:19:48
इज़ एट द डिस्कशन ऑफ़ द कोर्ट अगर सफिशिएंट कॉज़ेशन है तो तो दिस अप्लाई इरिस्पेक्टिव
1:19:53
ऑफ़ वेदर लिमिटेशन इज़ प्लीडेड बाय द ऑोजिट पार्टी ऑ नॉट। यह मैंडेटरी ड्यूटी है टू
1:19:58
एग्मिन लिमिटेशन। ठीक है? अब यहां पे सबसे पहले तो क्या करते हैं?ेंस क्या है लॉ ऑफ़
1:20:05
लिमिटेशन का? पहले प्रिवेंशन ऑफ़ स्टेल क्लेम्स। ऑब्वियसली आपको टाइम दिया था
1:20:10
उसमें किया नहीं आपने। तो क्लेम स्टेल हो जाती है। मतलब बासी हो जाती है। स्टेल का मतलब बासी होता है। नहीं अब उसको एंटरटेन
1:20:16
किया जाएगा। मतलब क्या? ओवर टाइम द एविडेंस मे डिसअपीयर। विटनेसेस में डाई एंड मेमोरीज में फेड।
1:20:23
लिमिटेशन इंश्योर द डिस्प्यूटेड आर डिसाइडेड व्हाइल फैक्ट्स आर स्टिल रीज़नेबली फ्रेश। सेकंड प्रमोशन ऑफ़ लीगल
1:20:29
सर्टेनिटी। मतलब पार्टीज नो दैट क्लेम मे बी मेड विद इन अ फिक्स्ड टाइम। इट ब्रिंग्स स्टेबिलिटी एंड फाइनलिटी टू द
1:20:36
लीगल रिलेशनशिप। तो क्या है? प्रमोशन ऑफ़ लीगल सर्टेनिटी। थर्ड ड्यू डिलीजेंस को एनकरेज करता है। एफिशिएंसी ऑफ़
1:20:43
एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ़ जस्टिस। ये तो भाई आजकल तो सब चिल्ला ही रहे हैं। वैसे भी जस्टिस
1:20:48
डीलर्ड इज़ जस्टिस डिनाइड तो प्रिवेंशन ऑफ़ स्टेल क्लेम्स प्रमोशन ऑफ़ लीगल सर्टेनिटी
1:20:53
एनकरेजमेंट ऑफ़ डेलिजेंस एफिशिएंट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ जस्टिस। ये सारी चीजें इसमें है। तो ये क्या है?ेंस ऑफ़ द लॉ ऑफ़
1:21:00
लिमिटेशन की बात यहां पे अपन कर रहे हैं। अब कमेंसमेंट कब होता है? लिमिटेशन पीरियड
1:21:07
कब चालू होता है? पहला कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए कब होगा? फ्रॉम द डेट ऑफ़ ब्रीच। जिस
1:21:12
दिन कॉन्ट्रैक्ट ब्रीच हो गया उसी दिन से उसका लिमिटेशन पीरियड चालू। आपको स्पेसिफिक स्पेसिफिक टाइम में क्या करना
1:21:19
पड़ेगा? सूट को इंस्टीट्यूट करना पड़ेगा। टॉट्स फ्रॉम द डेट ऑफ़ इंजरी और व्हेन द
1:21:24
राइट टू सु अक्र अ क्रूज़। आपको जिस दिन इंजरी हुई उसी दिन से टॉट्स
1:21:31
में एग्जांपल नेग्लिजेंस अगर उसकी वजह से डैमेज हो गया। उसी दिन से आपका क्या हो गया? लिमिटेशन पीरियड शुरू हो गया। फटाक
1:21:37
से करो। रिकवरी ऑफ़ प्रॉपर्टी में कब होता है? व्हेन पोज़ेशन बिकम्स एडवर्स टू द ट्रू
1:21:42
ओनर। तो प्रॉपर्टी रिकवर करने के लिए क्या है? आपका इंस्टीट्यूशन ऑफ़ सूट करने के लिए
1:21:47
लिमिटेशन पीरियड शुरू हो गया। तुरंत चालू करो। डिग्रीज़ ऑफ़ जजमेंट के लिए अपील होगी। तो जब अपील के लिए क्या होता है भाई? हमने
1:21:53
करा था 30 डज़ एंड 90 डज़। है ना? सिंपल है। तो कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए फ्रॉम द डेट ऑफ़
1:22:00
ब्रीच, टॉट्स फ्रॉम द डेट ऑफ़ डैमेज। अह पोज़ रिकवरी ऑफ़ प्रॉपर्टी फ्रॉम व्हेन द पोज़ेशन ऑफ़ प्रॉपर्टी टर्न्स एडवर्स टू दी
1:22:07
प्रॉपर्टी ओनर टू दी ओनर एंड डिक्री ऑफ़ जजमेंट के लिए 34 डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स अपील में जाने के लिए 94 हाई कोर्ट। ठीक
1:22:14
है? ये सारी चीजें इसमें अपन ने पहले करी हुई थी। अ 60 डेज का भी प्रोविज़ है। ऐसे देखा जाए
1:22:22
तो अंडर सर्टेन केसेस। ठीक है? अब पीरियड ये बहुत इंपॉर्टेंट है। पीरियड्स क्या है?
1:22:28
देखो थ्री इयर्स किस केस के लिए? ठीक है? 3 साल का लिमिटेशन किस-किस के लिए है?
1:22:33
सूट्स रिलेटिंग टू अकाउंट्स, कॉन्ट्रैक्ट, डिक्लेरेशन, डिक्री, मूवेबल प्रॉपर्टी,
1:22:39
रिकवरी ऑफ़ लॉफुल ड्यूस अंडर कॉन्ट्रैक्ट। क्या? तीन साल का लिमिटेशन पीरियड किसके
1:22:45
लिए है? सूट्स रिलेटिंग टू अकाउंट्स, कॉन्ट्रैक्ट, डिक्लेरेशन, डिक्री, मूवेबल
1:22:50
प्रॉपर्टी, रिकवरी ऑफ़ लॉफुल ड्यूस अंडर कॉन्ट्रैक्ट। 12 साल के लिए। किसके लिए? एक ही के लिए है। सूट्स फॉर पोज़ेशन ऑफ़
1:22:57
इमूवेबल प्रॉपर्टी। सूट्स फॉर पोज़ेशन ऑफ इमूवेबल प्रॉपर्टी के
1:23:02
लिए 12 साल का लिमिटेशन पीरियड है। 30 इयर्स का भी लिमिटेशन पीरियड है। किसके लिए? सूट्स रिलेटिंग टू मॉ्गेज प्रॉपर्टी
1:23:08
के लिए 30 इयर्स है। वन ईयर है फॉर सूट्स रिलेटिंग टू टॉच। आज डैमेज हुआ है। एक साल
1:23:15
के अंदर आपको सूट करना पड़ेगा। 30 टू 90 डेज किसके लिए है? अपील्स अंडर सीपीसी एंड
1:23:21
जो आपके बीएएसएसएस वगैरह है उसके लिए। एंड एप्लीकेशनेशंस। सो 30 टू 90 डेज का किस-किस के लिए होता है? एप्लीकेशनेशंस के
1:23:27
लिए। तो 3 इयर्स, 12 इयर्स, 30 इयर्स एंड वन ईयर एंड 30 टू 90 डज़। ठीक है? ये मेन
1:23:33
लिखना है। थ्री इयर्स किस-किस के लिए? सूट्स रिलेटिंग टू अकाउंट्स, कॉन्ट्रैक्ट्स, डिक्लेरेशन, डिक्री,
1:23:40
मूवेबल प्रॉपर्टी एंड रिकवरी ऑफ़ लॉफुल ड्यूस अंडर कॉन्ट्रैक्ट। 12 साल फॉर इमूवेबल प्रॉपर्टी, 30 इयर्स फॉर मोरगेज
1:23:48
प्रॉपर्टी, वन ईयर फॉर टॉ्स, 30 टू 90 डेज फॉर अपीज़ एंड एप्लीकेशनेशंस।
1:23:55
अब एक्सक्लूजन ऑफ लिमिटेशन यह सब में आप चाहो तो आप डाल सकते हो। ठीक है?
1:24:03
देखो अगर के प्रिस्राइब्ड पीरियड लेट्स से अगर एक्सपायर हो जाता है अगर कोर्ट
1:24:09
क्लोज्ड है तो जो सूट अपील या एप्लीकेशन होगा वो नेक्स्ट वर्किंग डे पे आप कर सकते
1:24:14
हो। फिर इट इज़ बेस्ड ऑन द मैक्सिमम ऑफ़ एक्ट इज़ क्यूरे निमननेम ग्रेवबिट यानी कि
1:24:21
एन एक्ट ऑफ़ कोर्ट शल प्रजुडिस नो वन। ठीक है? मतलब भाई कोर्ट बनती तो हम क्या करें?
1:24:26
हमारा तो टाइम पीरियड था। हम कल कर सकते थे लेकिन बंद थी। फिर कंडीशन ऑफ डिले। ये
1:24:31
कंडीशन ऑफ डिले आप सिर्फ अपील्स और एप्लीकेशनेशंस में कर सकते हो। सूट्स में एप्लीकेबल ये नहीं हो जाता है। उसमें
1:24:37
सफिशिएंट कॉस्ट दिखाना पड़ता है। ठीक है? ये सारी चीजें हैं इसमें। अ एक्सक्लूजन ऑफ़
1:24:45
टाइम की अगर हम बात करें तो टाइम शैल बी एक्सक्लूडेड इन कंप्यूटिंग लिमिटेशन इन फॉलोइंग केसेस। कब? पीरियड ड्यूरिंग व्हिच
1:24:52
इंजंशन और स्टे ऑर्डर रिमेंस इनफोर्स। ऐसे में क्या हो जाएगा? जो लिमिटेशन है वह कंप्यूट हो जाएगा। एंड
1:24:59
द टाइम सॉरी टाइम शैल बी एक्सक्लूडेड इन कंप्यूटिंग द लिमिटेशन। ठीक है? तो टाइम
1:25:04
सेकंड टाइम शैल रिक्वायर्ड टू ऑब्टेन प्रीवियस कंसेंट और सेंशन ऑफ़ गवर्नमेंट। थर्ड टाइम ड्यूरिंग व्हिच द डिफेंडेंट
1:25:11
रिमेंस एप्शन फ्रॉम इंडिया या मिसजइंडर ऑफ़ पार्टीज और कॉज़ ऑफ़ एक्शन इज़ ट्रीटेड एज़ अ
1:25:16
कॉज़ ऑफ़ लाइक नेचर। सिंपल है। फिर तो कंडनेशन ऑफ़ डिले के हमारे सारे प्रोविज़ंस
1:25:23
हैं। तो ये इंपॉर्टेंट है। अह देखो इसमें ज्यादा कुछ है नहीं। बार ऑफ़ लिमिटेशन इज़ अ वेरी सिंपल आंसर। इसमें खाली जो टाइमलाइंस
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है वो याद रखना। किसके प्रोविज़न के अंडर क्या हो सकता है वो याद रखना। ठीक है? अब
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बढ़ते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन की तरफ। अब नेक्स्ट क्वेश्चन है जरिसडिक्शन एंड इट्स काइंड अ वेरी सिंपल इन अ वेरी वेरी स्मॉल
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क्वेश्चन। बट 13 मार्क्स के लिए अगर ये आ जाता है तो आप इसको अपने ओन वे में जो है आप इबोरेट कर सकते हो। ठीक है? सो
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जरिसडिक्शन एंड इट्स काइंड में पहले जुरिसडिक्शन कहते किसके किसको हैं? ऑब्वियसली भाई किसी भी कोर्ट की जो
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अथॉरिटी होती है टू डू व्हाट हियर ट्राई एंड डिसाइड अ सूट। उसको उस कोर्ट का
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जुरिसडिक्शन कहते हैं। सिंपल सी बात है। तो सीपीसी में क्या कहा गया है? उसका एक
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फाउंडेशन प्रोविज़ है दैट द कोर्ट शैल हैव जुरिसडिक्शन टू ट्राई ऑल सूट्स ऑफ़ अ सिविल नेचर एक्सेप्ट सूट्स ऑफ़ व्हिच देयर
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कॉग्निजेंस इज़ इदर एक्सप्रेसली और इंप्लाइडली बर्ड ऑब्वियसली। ठीक है? तो
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पहले हमने जुरिसडिक्शन क्या है वो करा। अब सिविल सूट का मतलब क्या होता है? वो जहां
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पे सिविल राइट्स एंड ऑब्लिगेशंस की बात होती है। जैसे प्रॉपर्टी राइट्स, कॉन्ट्रक्चुअल राइट्स, स्टियस लायबिलिटी
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वगैरह-वगैरह। ये क्या आ जाता है? सिविल सूट। अब कंडीशंस क्या है फॉर एक्सरसाइजिंग
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सिविल कोर्ट जुरिसडिक्शन क्या है? पहली बात तो ऑब्वियसली जो सूट है उसका सिविल
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नेचर होना जरूरी है। जो कॉग्निजेंस होनी चाहिए कोर्ट की इट सूट की इट शुड नॉट बी बार्ड बाय लॉ मतलब जो जुरिसडिक्शन है इट
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कैन बी बार्ड हाउ एक्सप्रेसली या एंप्लाइडली ठीक है तो जहां पे जुरिसडिक्शन बाढ़ है वहां पे द मैटर मस्ट बी टेकन टू द
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फोरम प्रोवाइडेड अंडरस्टैंडेड भाई जहां जो रेलेवेंट है जो उसको सुनने के लिए ट्राई करने के लिए वैलिड है ऑथराइज्ड है उसके
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पास जाओ अब काइंड ऑफ़ जुरिसडिक्शन क्या होता है वेरी सिंपल टेरिटोरियल जुरिसडिक्शन टेरिटोरियल जुरिसडिक्शन
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ज्योग्राफिकल लिमिट्स ठीक है मतलब मतलब क्या हो गया? कोर्ट में एक्सरसाइजज़
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अथॉरिटी इन द रेलेवेंट ज्योग्राफिकल लिमिट्स। तो सूट शुड बी इंस्टीट्यूटेड इन द कोर्ट विद इन हुस जुरिसडिक्शन द
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डिफेंडेंट रिसाइड्स और वर्क्स फॉर गेन। पहला ऐसे ही जगह सूट शुड बी इंस्टीट्यूड
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इन सच अ कोर्ट जिसका जुरिसडिक्शन है। कहां जहां पे डिफेंडेंट काम करता है या रहता है। सेकंड सूट्स रिलेटिंग टू इमूवेबल
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प्रॉपर्टी मस्ट बी फाइल्ड इन द कोर्ट विद इन हुूस जुरिसडिक्शन। द प्रॉपर्टी सिचुएटेड।
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जहां पर वह प्रॉपर्टी है और जिस जुरिसडिक्शन जिस कोर्ट के जुरिसडिक्शन में प्रॉपर्टी आती है वहां सूट फाइल करो अगर
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उसके रिगार्डिंग है तो सूट्स मे बी फाइल्ड वेयर कॉज ऑफ़ एक्शन अराइज़ेस होनली और इन
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पार्ट और एनी वन ऑफ़ द व्हेन वन ऑफ़ मल्टीपल डिफेंडेंट्स रिसाइड्स और वर्क फॉर गन
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सिंपल है। पहला क्या है? टेरिटोरियल। सेकंड पेनरी जुरिसडिक्शन। इसका मतलब क्या
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है? इट इज़ बेस्ड ऑन मॉनिटरी वैल्यू। सिंपल एज़ दैट। ठीक है? इसका क्यों? क्यों ये
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पैसे के हिसाब से क्यों बाय? तो इसका मतलब ये होता है। पहली बात तो क्यों करते हैं? देखो हाई कोर्ट जो है हायर कोर्ट्स के पास
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ज्यादा बर्डन नहीं हो जाए। छोटे-मोटे क्लेम है तो यार सबोर्डिनेट कोर्ट या लोअर कोर्ट ही उसको देख ले। और इसका यह भी एक
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प्रोविज़न है कि एप्रोप्रियट कोर्ट ही उसको देखे। ठीक है? सो सूट मस्ट बी फाइल्ड इन द कोर्ट ऑफ़ एप्रोप्रियट ग्रेड एंड
1:28:31
वैल्यू्यूएशन। जनरली सूट्स अप टू 5,000 कहां जाते हैं? स्मॉल कॉज कोर्ट में जाते हैं। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स जो होते हैं वो
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हायर वैल्यू के क्लेम्स को देखते हैं। और हायर कोर्ट्स जो है उनका कोई पैक्युनरी लिमिट नहीं होता। जो हाई कोर्ट्स होते
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हैं। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स का क्या होता है? हायर वैल्यू क्लेम 500 से ज्यादा का और हाई कोर्ट का कोई पैक्युनरी लिमिट नहीं
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होता है। थर्ड एक तो ज्योग्राफी के बेस पे हो गया। एक पैसे के बेस पेनरी हो गया। थर्ड जुरिसडिक्शन हैज़ टू सब्जेक्ट मैटर।
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स्पेसिफिक कैटेगरी के केसेस स्पेसिफिक कोर्ट में जा सकते हैं। जहां पे जुरिसडिक्शन क्या स्टटरली डिफाइंड है। और
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अगर उनका सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्टीज़ नहीं है, सब्जेक्ट मैटर के लिए नहीं है तो ऐसी कोर्ट कैन नॉट एडजुडिकेट सच डिस्प्यूट्स।
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मतलब क्या? फैमिली कोर्ट में तुम स्मॉल कॉजज़ का मैटर लेके जा सकते हो क्या? नहीं
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लेके जा सकते हो। उस फैमिली कोर्ट में क्या जाएगा? मैट्रिमोनियल मैटर जाएंगे। सिंपल है। प्रोबेड कोर्ट में क्या जाएगा? विल्स एंड स्टेट जाएंगे। स्मॉल कॉस्ट
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कोर्ट में क्या जाता है? लिमिटेड सिविल डिस्प्यूट्स जाते हैं। ठीक है? सिंपल सी बात है। लिमिटेड सिविल डिस्प्यूट्स
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जाएंगे। मतलब क्या? लिमिटेड सिविल डिस्प्यूट में भी क्या? पार्टीशन ऑफ इमूवेल प्रॉपर्टी, फोर फीचर और रिडेंशन ऑफ
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मोरगेज। ये सब चीजें होती हैं। दीज़ सच केसेस यानी क्या? पार्टीशन ऑफ़ फोर क्लोज़र
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कैन नॉट बी फाइल्ड इन स्मॉल कॉज़ कोर्ट एंड मस्ट बी इंस्टीट्यूटेड बिफोर एप्रोप्रियट डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स ही। अब ओरिजिनल और
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अपेलेट जुरिसडिक्शन। चौथा टाइप ओरिजिनल एंड अपेलेट जुरिसडिक्शन मतलब क्या? किसको है ये? जहां पे पहला फर्स्ट इंस्टेंस के
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लिए आया है। ओरिजिनली इसको सुनने का हमारे पास अथॉरिटी है ऐसे कोर्ट को। ऐसे एग्जामिनेशन में क्या होता है?
1:30:02
एग्जामिनेशन ऑफ़ फैक्ट्स, रिकॉर्डिंग एविडेंस एंड एडजुडिकेशन। एग्जांपल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स के पास क्या राइट है?
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सिविल सूट सुनने का इनिशियली। ओरिजिनल जुरिसडिक्शन है उनके पास। और एपिलेट जुरिसडिक्शन ये आपका पांचवा एपेलेट
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जुरिसडिक्शन क्या है? ओरिजिनल एपेलेट जुरिसडिक्शन सॉरी चौथा ही था। जहां पे हायर कोर्ट क्या कर सकती है? लोअर कोर्ट
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के जुरिसडिक्शन को सॉरी डिसीजन को रिव्यू कर सकती है और कोई भी एरर मिला तो उसको
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रिवाइज कर सकती है। अब अपलेट जनरली किसके पास होता है? हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट। पांचवा एक्सक्लूसिव एंड कॉनकरेंट
1:30:39
जुरिसडिक्शन। अब ये क्या होता है? एक्सक्लूसिव जुरिसडिक्शन मतलब ओनली वन स्पेसिफिक कोर्ट इज़ ऑथराइज्ड टू ट्राई अ
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पर्टिकुलर क्लास ऑफ़ केस। एग्जांपल भाई जो इनसॉल्वेंसी बैंककरप्ट्स कोड है इट कैन
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एक्सक्लूसिवली ट्राइड बिफोर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल यानी एनसीएलटी ठीक है कॉनकरेंट जुरिसडिक्शन दो या दो से
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ज्यादा कोर्ट्स आर कॉम्पटेंट टू एंटरटेन द सेम सूट प्लेटिव हैज़ चॉइस ऑफ़ फोरम सिंपल
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सी बात हो गई ठीक है छठा जनरल और स्पेशल जुरिसडिक्शन मतलब क्या कोर्ट्स विद
1:31:12
अथॉरिटी टू हियर अ वाइड रेंज ऑफ़ केसेस एग्जांपल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट है वो सिमिनल
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सिविल सॉरी सिविल क्रिमिनल एंड फैमिली जुरिसडिक्शन को सुन सकती है। सिटी सिटी
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सिविल एंड सेशंस कोर्ट होते हैं ना डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स जो होते हैं कर सकते हैं। स्पेशल जुरिसडिक्शन जैसे भाई हमने
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फैमिली कोर्ट बोला, कंज्यूमर फोरम बोला ये सब स्पेशल कोर्ट होते हैं। ठीक है? और
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इक्विटेबल जुरिसडिक्शन होता है जहां पे डिस्क्रीशनरी रेमेडीज़ भी होती हैं। ये सब बेसिक-बेसिक चीज़ हैं। अब एक्सपाउंडिंग एंड
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एक्सपेंडिंग जुरिसडिक्शन भी होता है। इसका क्या मतलब है? एक्सपेंडिंग एंड एक्सपेंडिंग जुरिसडिक्शन व्हेयर कोर्ट्स
1:31:47
कैन इंटरप्रेट एंड क्लेरिफाई द स्कोप एंड लिमिट ऑफ़ जुरिसडिक्शन। दैट अकर्स ड्यूरिंग दी स्टरी इंटरप्रिटेशन और एप्लीकेबल लॉज़
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एज़ सिंपल एज़ दिस। और एक्सपेंडिंग जुरिसडिक्शन क्या होता है? इंप्रोपर एक्सटेंशन ऑफ़ जुरिसडिक्शन बियनड स्टुटरी
1:32:02
लिमिट। सिंपल व्हेयर दी कोर्ट्स मस्ट नॉट अस्यूम पावर्स नॉट कंफर्ड बाय लॉ एज़ इट
1:32:08
अमाउंट्स टू जुडिशियल ओवर रीच। सिंपल। ये बहुत छोटा क्वेश्चन है। बहुत छोटा इसका
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आंसर है। इसमें ज्यादा कंफ्यूज होना नहीं। एंड अब चलते हैं नेक्स्ट क्वेश्चन की तरफ। आज का हमारा जो आखिरी सवाल है दैट इज़
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टेंपरेरी इंजंशंस क्या रहता है? पहली बात तो इंजक्शन का मतलब क्या है? इंजंक्शन इज़ एन ऑर्डर ऑफ दी कोर्ट डायरेक्टिंग अ
1:32:28
पार्टी टू अ सूट इदर टू डू और टू रिफ्रेन रिफ्रेन फ्रॉम डूइंग अ पर्टिकुलर एक्ट।
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मतलब क्या? इंजंक्शन मतलब क्या है? सिंपल भाषा में। ठीक है? कोर्ट जब किसी कोर्ट जब
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ऑर्डर करती है किसी पार्टी को कुछ करने के लिए या कुछ करने से रोकने के लिए उसको इंजक्शन कहते हैं। सिंपल भाषा में इट इज़
1:32:48
ऑलवेज इशूड अगेंस्ट अ पार्टी टू द प्रोसीडिंग एंड नेवर अगेंस्ट द स्ट्रेंजर और थर्ड पार्टी। सिंपल है जो उस पर्टिकुलर
1:32:55
मैटर में पार्टीज टू दी मैटर में उनको कोई स्ट्रेंजर या थर्ड पार्टी को तो बोलेगी नहीं। तो इंजंशंस आर प्रिवेंटिव इन नेचर
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और उनका मतलब क्या होता है? उनका ऐ क्या होता है? टू प्रिवेंट अ रॉन्ग फुल एक्ट और कंटीन्यूएशन ऑफ़ अ रॉन्ग फुल एक्ट। ठीक है?
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इसको इंजंक्शन बोलते हैं। यह एक इक्विटेबल रेमेडी है। ठीक है? क्यों? ताकि इनजस्टिस
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को अवॉइड किया जाए, फेयरनेस आए और प्रॉपर रेमेडीज दी जा सके। वो इनसफिशिएंट नहीं
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हो। ठीक है? सिंपल सी बात है। अब यहां पे टाइप्स ऑफ इंजंस क्या-क्या होते हैं?
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देखो, टाइप्स ऑफ इंजंस चार टाइप मेन होते हैं। कौन से कौन से? प्रोहिबिटरी इंजक्शन, मैंडेटरी इंजक्शन, टेंपरेरी इंजंक्शन
1:33:32
जिनको इंटरलॉक्यूटरी इंजक्शन भी कहा जाता है। और चौथा परपेचुअल इंजक्शन यानी
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परमानेंट। कौन से? प्रोहिबिटरी, मैंडेटरी, इंटरलॉकटरी यानी टेंपरेरी एंड परपेचुअल
1:33:45
यानी परमानेंट। तो प्रोहिबिटरी क्या होता है? इट रिस्ट्रेंस अ पार्टी फ्रॉम डूइंग अ पर्टिकुलर एक्ट। तो उसका पर्पस क्या है?
1:33:52
भाई किसी भी रोंगफुल एक्ट के कमीशन को या कंटिन्यूएशन को रोकना। सिंपल सी बात है।
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मतलब क्या? अगर भाई कोई एक आपका नेबर है वो एक वॉल क्रिएट कर रहा है, इंक्रोच कर
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रहा है दूसरे की प्रॉपर्टी पे तो उसको रोकना। सिंपल हो गया। तो कब कर सकती है कोर्ट? इसको प्रैक्टिस कब एक्सरसाइज कर
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सकती है? भाई डिस्क्रीशनरी है। जब भी कंडक्ट ऑफ़ द पार्टीज ऐसा हो। लाइकलीहुड है किसकी? इररिपेरेबल हार्म की और बैलेंस ऑफ़
1:34:18
कन्वीनियंस है। इसको बोलते हैं प्रोहिबिटरी। किसी को प्रोहिबिट करना कुछ करने से। सेकंड मैंडेटरी इंजंक्शन मतलब
1:34:24
क्या? देखो प्रोहिबिशन में रोका यहां पे मैंडेटरी आपको एक स्पेसिफिक काम करना ही पड़ेगा। ये कई बार स्पेसिफिक परफॉर्मेंस
1:34:31
में भी आता है। स्पेसिफिक एक्ट आपको परफॉर्म करना ही पड़ेगा। मतलब क्या? एग्जांपल लेट्स से कि भाई कोई पब्लिक या
1:34:38
प्राइवेट रोड है उसकी जो एक्सेसिबिलिटी है वो इललीगली ब्लॉक कर दी गई है। तो कोर्ट क्या बोल सकती है? इसको हटा और जो डैमेज
1:34:45
किया है जो अगर रोड तोड़ी है उसको वापस बनाओ। तो दैट इज़ मैंडेटरी इंजंक्शन। वेरी सिंपल। ठीक है?
1:34:52
लेकिन मैंडेटरी इंजक्शन को बहुत ग्रेट कॉशन से देना पड़ता है क्योंकि वह पॉजिटिव एक्शन के लिए बोलते हैं। तो कोर्ट को क्या
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कंसीडर करना पड़ता है? दो चीज़ वेदर इररिपेरेबल इंजरी विल अकर इफ रिलीफ इज़ रिफ्यूज्ड। मतलब अगर रिलीफ हमने नहीं दिया
1:35:05
तो इररिपेयरेबल इंजरी होगी क्या है? नंबर टू वेदर डैमेजेस अलोन वुड बी इनएडिक्वेट रेमेडी। वेदर डैमेजेस अलोन वुड बी एन
1:35:13
इनएडिक्वेट रेमेडी। ये ये रेमेडी ये दो चीज़ देखनी पड़ती है उनको। चौथा टेंपरेरी या
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इंटरलक्यूटरी इंजंक्शन। ये क्या होता है? ये लिमिटेड पीरियड के लिए दिया जाता है यूजुअली टू प्रिजर्व दी स्टेटस को अंटिल
1:35:25
फाइनल डिस्पोजल ऑफ़ दी सूट इज़ गिवेन। तो अब इसमें बहुत सिंपल सी चीज होती है। देखो
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अगर कोई एक पार्टी है वो थ्रेटन करती है कि भाई डिस्प्यूटेड प्रॉपर्टी हम बेच देंगे। तो कोर्ट क्या कर सकती है? टेंपरेरी इंजंक्शन दे सकती है। वो बोले कि
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ठीक है? जब तक डिस्प्यूट डिसाइड नहीं हो रहा है। जब तक डिस्प्यूट पे जजमेंट नहीं आ रहा ऑर्डर नहीं आ रहा। कोई ये प्रॉपर्टी बेचेगा नहीं। उसको क्या बोलते हैं?
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टेंपरेरी या इंटरलॉक्यूटरी इंजक्शन। ठीक है? फिर आता है परपेचुअल या परमानेंट
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इंजंक्शन। मतलब क्या? फाइनल डिग्री।
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परमानेंट इंजक्शन दिया जाता है बाय इज़ ग्रांटेड बाय अ डिग्री एट द फाइनल
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हियरिंग। ओके? तो परमानेंटली रिस्ट्रेन कर दिया किसी को कुछ करने के लिए या परमानेंटली कंपेल कर दिया किसी को कुछ
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करने के लिए। ठीक है? अब इसके ग्राउंड क्या होता है? व्हेयर देयर इज़ एन एक्चुअल
1:36:13
और थ्रेटेंड ब्रीच ऑफ़ ऑब्लिगेशन। मॉनिटरी कंपनसेशन इज़ इनएडकेट और अनअसर्टनेबल।
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मतलब अनअसर्टेनेबल है। मॉनिटरी डैमेज से कुछ नहीं होगा। कंपनसेशन से कुछ नहीं
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होगा। और चाहिए। इट इज़ नेसेसरी टू प्रिवेंट मल्टीप्लीसिटी ऑफ़ प्रोसीडिंग्स। एंड नंबर फोर द डिफेंडेंट इज़ अ ट्रस्टी ऑफ़
1:36:30
अ प्रॉपर्टी ऑफ़ अ सिंपल एग्जांपल देता हूं। बहुत इंग्लिश हो गई। सिंपल एग्जांपल। सी
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व्हेयर पर्सिस्टेंट अटेमप्ट्स टू ट्रेसपास अपॉन अ लैंड मे बी मे रिजल्ट इन अ
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परपेचुअल इंजंक्शन रिस्ट्रेनिंग फ्यूचर एंट्री बार-बार बार-बार बार-बार ट्रेसपास करना
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अटेम्प्ट किया जा रहा है। उसकी वजह से आपको एक क्या मिला? परपेचुअल
1:36:54
इंजक्शन मिल मिल गया। जिससे आपको ये नहीं होगा। ठीक है? सिंपल सी बात है।
1:37:00
ऑलराइट। अब यहां पर सुप्रीम कोर्ट की कुछ गाइडलाइंस हैं कि भाई यहां पर क्या होता
1:37:07
है? जब आपको टेंपरेरी या परमानेंट इंजक्शन दिया जाता है। इंटरक्यूटरी मैंडेटरी
1:37:12
इंजक्शन देते हैं। ये एक स्पेशल फॉर्म ऑफ़ टेंपरेरी इंजक्शन है। क्या इंटरलॉकटरी मैंडेटरी इंजक्शन जहां पे कंपेल होती वेयर
1:37:21
इट इज़ कंपेलिंग परफॉर्मेंस ड्यूरिंग पेंडेंसी ऑफ़ द सूट। करना ही है। कब तक? जब
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तक सूट चल रहा है, करना ही पड़ेगा। एग्जांपल इमीडिएट रेस्टोरेशन ऑफ़ वाटर सप्लाई इललीगली डिस्कनेक्टेड ऑफ़ बाय अ डिफेंडेंट। सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइन देता
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है सच इंजशंस आर ग्रांटेड व्हेन व्हेयर द प्लेंटिफ्स राइट इज़ क्लियर। अर्जेंसी
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एकज़िस्ट करती है वहां पे। अर्जेंटली करना पड़ेगा। जैसे वाटर सप्लाई अर्जेंट है करो। सीरियस इनजस्टिस वुड अकर इफ रिलीफ इज़
1:37:45
डिलेड। ठीक है? ये सब चीजें यहां पे होती हैं। अगर किसी भी इंजक्शन का डिसओबे किया
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तो अटैचमेंट ऑफ़ प्रॉपर्टी हो जाएगी वायलेटर की। सिविल इंप्रज़नमेंट हो जाता है 3 महीने तक और सेल ऑफ अटैच प्रॉपर्टी हो
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जाएगी अगर कंटीन्यूअस ब्रीच है तो। अच्छा कब इंजक्शन नहीं देंगे? तो इंजक्शन इज़ नॉट गिवेन व्हेयर एपिकेंट हैज़ नॉट अप्रोच टू द
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कोर्ट विथ क्लियर हैंड्स और वि क्लीन हैंड्स। एडिकेट अल्टरनेट रेमेडी एग्जांपल
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डैमेजेस इज़ अवेलेबल तब नहीं मिलेगा। पर डैमेज है ना? वेल अल्टरनेट रेमेडी है ना तो लेना। एंड द इंजरी इज़ कंपेबल बाय मनी।
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जो जब कंपसेबल है तब नहीं मिलेगी आपको। एपिकेंट जब आया वह क्लीन हैंड्स के साथ
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नहीं आया तो नहीं मिलेगी इंजरी। सिंपल जहां पर डीले या लैचेस हैं तब नहीं मिलेगा। सिंपल है। एंड ग्रांटिंग इंजंक्शन
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वुड कॉज ग्रेटर हार्डशिप टू द डिफेंडेंट। इंजक्शन देने से अगर डिफेंडेंट को ज्यादा
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हार्डशिप होती है तब इंजक्शन नहीं दिया जाएगा। इतना ही है ये आंसर। ज्यादा दिमाग
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खराब मत करना। ठीक है? सो दैट इज व्हाट इज टेंपरेरी इंजंक्शन इन टोटिटी। अब देखो यह
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तो थे कुछ बहुत ही इंपॉर्टेंट बहुत ही मेजर सीपीसी के क्वेश्चंस जिसमें शॉर्ट नोट्स के भी काफी क्वेश्चंस कवर हो गए
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हैं। अगर आप वापस इसे समझेंगे ठीक से तो आपको समझ आएगा कितना कुछ कवर हो जाता है।
1:39:07
टू मार्क्स के जोेंट क्वेश्चंस हैं वो मैं अभी डिस्क्रिप्शन में नीचे हम डाल देंगे। एंड एज़ आई सेड आई एम रिपीटिंग मसेल्फ
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अगेन। अगर आप चाहते हो कि आपको नोट्स रेफर करने हैं तो हमने दो सेट ऑफ नोट्स सीपीसी
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के लिए बनाए हैं। नंबर वन आर दी एक्सट्रीमली डिटेल्ड नोट्स जो लगभग कुछ 50
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पेजेस के हैं जिसमें सारे अ 13 मार्क्स के एंड सिक्स मार्क्स के क्वेश्चंस यानी
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शॉर्ट नोट्स के क्वेश्चंस कवर होते हैं। सारे एज एन इंपॉर्टेंट मेजर वाले हैं हमारे हिसाब से। ठीक है? एंड नंबर टू
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पॉइंटर्स में हमने आंसर्स बनाए हैं। तो इनमें से जो भी नोट्स आपको चाहिए आप हमें
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रीच आउट कर सकते हैं। हमारे WhatsApp नंबर पर वो भी डिस्क्रिप्शन में दिया है। या कमर्शियन की वेबसाइट पे हमारा ईमेल आईडी
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है। ईमेल आईडी भी डिस्क्रिप्शन में है। कमर्शियन की वेबसाइट का लिंक भी डिस्क्रिप्शन में दिया हुआ है। वहां पे
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कांटेक्ट अस का सेक्शन है। वहां से भी आप हमें रीच आउट कर सकते हो। और नहीं समझ आ रहा है, वापस पूरी वीडियो देखो, समझ लो,
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पढ़ लो। मेहरबानी करके पढ़ो और यह लेक्चर उन लोगों को भेजो जिनके फेल होने के असर
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ज्यादा है। अब चलो दफा हो यहां से और जाकर पढ़ाई करो। टाइम कम है। टेक केयर। हैव अ गुड डे एंड बेस्ट ऑफ लक फॉर द
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एग्जामिनेशंस।
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