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Gadit Thalassemia Center Free Medical Camp at Kharadar | Old City Karachi Health Camp 2025
Sep 5, 2025
Gadit Thalassemia Center organized a free medical camp at Kharadar, Old City Area Karachi, to provide healthcare facilities, awareness, and support for patients. The camp offered checkups, blood screening, and treatment guidance for Thalassemia and other health issues.
📍 Location: Kharadar, Old City Area Karachi
🏥 Organizer: Gadit Thalassemia Center (Chairman M. Yousuf Gadit )
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मैं अकेला ही चला था जानिब एक मंजिल लेकिन
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लोग जुड़ते गए कारवा बनता गया
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खिदमत दस्तूर खिदमत मंशूर खिदमत
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ये जो मुसलसल ये दस्तूर खिदमत ये सबसे
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निराला है मनशूर खिदमत ये जो मुसलसल ये
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दस्तूर खिदमत ये सबसे निराला है मनशूर
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खिदमत
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दरखशा सितारे हैं खिदमत के पैकर ये अजमो
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शजात मोहब्बत के पैकर ये जो होते मुसलसल
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के ठहरे सिपाही
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सताकत दयानत अमानत के पैकर
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से एक मज़ है जानलेवा है तो आप शादी से
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पहले नौजवान नस्ल से मेरे मेरा यह पैगाम
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है कि आप शादी से पहले एक एक टेस्ट होता
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है। आप वो करवा लें ताकि उसके बाद आपके
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आगे की जिंदगी आपके बच्चों की फ्यूचर
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अच्छा हो।
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ये दस्तूर खिदमत ये सबसे निराला है मनशूर
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खिदमत
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यतीमों गरीबों फकीर
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अल्हम्दुलिल्लाह इसी प्लेटफार्म से हम
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हजामा कैंप भी लगाते हैं हर महीने क्योंकि
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आजकल जो हालात हैं बीमारी के लोग अफोर्ड
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नहीं कर सकते महंगा इलाज। अल्हम्दुलिल्लाह
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हजामा इलाज ऐसा इलाज है कि जो सुन्नत इलाज
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भी है, सवाब भी है और शिफा भी है। इस वक्त
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कराची शहर का सबसे बड़ा हजामा मदरसे नूर
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फातिमा के तहत अल्हम्दुलिल्लाह हर महीने
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फी सबी अल्लाह हो रहा है। और इससे लोगों
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को इस्तफादा भी हासिल हो रहा है।
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अल्हम्दुलिल्लाह इस दफा भी 13 सितंबर को
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ये हजामा होने जा रहा है। दूल्हा शाह बाबा
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खारा दर जो मजार है उनके ज़हन में हम ये
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एक्टिविटी करते हैं बड़े पैमाने पर। और
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इसी के साथ-साथ अल्हम्दुलिल्लाह मेडिकल
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कैंप हो गया। आज ये ब्लड डोनेशन कैंप
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गार्डेड थेलिस्मिया के हवाले से हो गया।
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मेडिकल कैंप हो गया। आई कैंप हो गया। खतना
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कैंप हो गया। तो कहीं ना कहीं कोऑर्डिनेशन
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मदरसे नूर फातिमा की तरफ से होता है।
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अल्हम्दुलिल्लाह
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आजकल के इस महंगाई के दौर में जहां
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अताइयों का दौर है। दो नंबर अताई डॉक्टर
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जो बिल्कुल मरीज को बेहाल कर देते हैं। इस
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वक्त इस दौर में इजामा अल्हम्दुलिल्लाह फी
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सब्लाह तो आए आप भी आए इजामा कराएं। मेरा
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साथ दें इंशाल्लाह ताला अल्लाह ताला आपको
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इसका अजर देगा। दस्तूर खिदमत ये सबसे
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निराला है मनशूर खिदमत
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ये हर एक मौसम बहारों में खिदमत सहर शाम
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खिदमत है रातों में खिदमत ये मौजे
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ये खून इसलिए दे रहा हूं के आने वाले जो
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लोग उनके लिए जो मर के परेशान है उनके लिए
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आसानी हो जाए उनको मिल सके ये खून
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बिस्मिल्लाह मेरा नाम मोहम्मद युस गाड़ी दे
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और मैं थिस गाड़ी थैलेसीमिया सेंटर को
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चेयरमैन हूं और ये रन कर रहा हूं। तो मेरा
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जो असल मकसद है कि थैलेसीमिया पे अवेयरनेस
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देना कि थैलेसीमिया सेंटर के 500 अगर और
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भी थैलेसीमिया सेंटर खुल गए तो कोई फर्क
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नहीं पड़ेगा। असल जो है अल्लाह करे अल्लाह
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करे पहले तो हुकूमत अगर ये शिक डाल दे
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एनआईसी में या किसी में भी के भाई
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निकाहनामे में डाल दे कि भाई आप पहले थ
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थैलेसीमिया का टेस्ट करवा लें ताकि ये आगे
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ये बीमारियां थैलेसीमिया की पैदा ना हो।
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देखिए आज
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इस बोरा कम्युनिटी और आगा खान कम्युनिटी
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सब इससे पाक हो चुकी है। थैलेसीमिया इनके
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अंदर जीरो पर्सन है। बाकी क्यों हम लोगों
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के अंदर इतना है? हम क्यों ये सब
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निकाहनामे में अगर ये हम शक ना डालें कि
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हम जगह-जगह जाए कि भाई खुदाारा ये
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थैलेसीमिया के बच्चों का टेस्ट करवा लें।
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लड़का लड़की का जो एक टेस्ट होता है जो
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एचपी इलेक्ट्रोफोर्स टेस्ट है इससे मालूम
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पड़ जाता है कि क्या ये माइनर है मेजर है
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या नॉर्मल है। तो अगर ये शादी से पहले
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टेस्ट हो जाए तो कई जिंदगियां बच सकती
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हैं। तो इंशाल्लाह इसके लिए भी हम एक
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कैंपेनिंग कर रहे हैं। पूरी टीमें तैयार
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हैं जो हर जगह जाएंगी और अवेयरनेस मदरसों
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से भी चलेगी और एजुकेशन से भी चलेगी
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इंशाल्लाह। देखिए गार्ड थलेसीमिया सेंटर
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के अंदर अल्हम्दुलिल्लाह हम चार पांच
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दोस्त हैं जिन्होंने एक बेरा उठाया है कि
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नहीं हम ये सेंटर चलाएंगे। इस वक्त तो हम
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कुछ थोड़े से बच्चे हैं जिसको हमने कोशिश
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की है कि हम इनको रजिस्टर करेंगे और हम
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इसको आगे बढ़ाएंगे। अब देखें आगे क्या
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फीडबैक आता है कि
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कितने फोन आ रहे हैं। कितनी चीजें आ रही
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है कि भाई अब क्या करना है। मालूमात सब हो
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रही है। अब देखिए यह अल्लाह के काम है कि
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क्या जितना भी होगा इंशाल्लाह जो भी कुछ
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जिस तरीके से तावुन करेगा इस तरीके से इन
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बच्चों का ट्रीटमेंट होगा और
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इसके बच्चे मेरा ख्याल है अगर हम हजार
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बच्चे भी रजिस्टर कर दे ना तो भी इनका
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मसला हल नहीं होगा और कई कई तादाद में
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बच्चे मौजूद हैं और जिस तरीके से अगर
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हमारे पास फंड होगा हमारे पास सारी
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सहूलतें मौजूद होगी तो हम इस तरीके से
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इंशाल्लाह अपना काम भी बढ़ाएंगे इस वक्त
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हम मुख्तसर चार पांच दोस्त मिलके ही जो भी
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ये सेटअप को रन कर रहे हैं। मीडिया तो
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सबसे पहले मैं मीडिया तो आप लोग सब
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माशा्लाह हमारे साथ हो। नंबर दूसरा फंड के
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हवाले से मैंने कहा कि जितना इस वक्त
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हमारे पास मौजूद है कि हम इस कैपेसिटी में
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हम अल्हम्दुलिल्लाह अच्छा काम कर रहे हैं।
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बेहतरीन कर रहे हैं। नंबर तीसरा कि हमारे
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पास टीम बहुत बड़ी मौजूद है। बहुत बड़ी
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टीम मौजूद है। 22-25 लोगों की टीम है जो
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सिर्फ कराची नहीं कराची के बाहर भी
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माशा्लाह ये अच्छा खासा इंशाल्लाह हम
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जाएंगे ब्लड डोनेशन के लिए भी। तो हम हर
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चीज में अल्हम्दुलिल्लाह इतना आगे जा चुके
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हैं कि हम जिस काम का हमने टारगेट लेके
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चले अल्हम्दुलिल्लाह हम सक्सेसफुली ये कर
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सकते हैं। अल्हम्दुलिल्लाह इतना है।
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सब कुछ हो रहा है। हर किसी की अपनी पर्सनल
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जिंदगी होती है।
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बिल्कुल
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है ना? यूसुफ कादिर को क्या जरूरत थी कि
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जो है फजूल में लोगों की मदद करने के लिए
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निकल पड़ा है।
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अगर चाहता तो अपनी फैमिली को टाइम देता,
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अपने बच्चों को टाइम देता। अपनी जिंदगी
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सुकून से गुजारता। क्या था भाई? आप भी घर
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पे बैठते सुकून से क्यों आए इस फील्ड में?
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क्या मकसद है ये आपका? हां देखिए यह एक
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बहुत मतलब इसके लिए मैं 20 साल पहले जाऊं
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ना तो मैं बिल्कुल ऐसा ही था कि शायद अगर
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मेरे चाचा हाजी रफीक गादि साहब है ना वो
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मुझे उंगली पकड़ के नहीं वोट देने जाना है
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तो मैं कहता था ये फालतू लोग हैं जमातों
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वाले कोई कामकाज है नहीं वो जमातों में
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जाकर बैठ गए तो मैं उनको भी यही कहता था
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और मुझे जबरदस्ती लेके गए लेकिन बस एक
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वक्त ऐसा आया एक चीज ऐसी आई जिसके बस बेटी
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के हवाले से कि इसके बाद मैंने भी ये सोचा
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कि करना है तो अल्हम्दुलिल्लाह और अब वो
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एक चीज ऐसी है कि मेरे घर में भी डिस्टर्ब
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थे कि यार नहीं करो। लेकिन जब उन्होंने
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देखा वाकई ही कि कितना बड़ा काम हो रहा
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है। लोग आके कितनी दुआएं दे रही हैं तो
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मेरे घर वाले ने कहा कि नहीं ये छोड़ना
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नहीं लाजमी इसको रन रखना और जो कोई भी आता
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है बल्कि इवन के आज हमारे भाई भी मेरे पास
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आए थे तो थिसी में कुछ बच्चे आए तो
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उन्होंने भी यही कहा ये मीडिया पर्सन है
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इसलिए मैं थोड़ा सा खाली लाइट में इनको ले
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आता हूं कि इन्होंने सिर्फ आए उन्होंने
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कहा यार युसू भाई अब हम आपके साथ हैं। आप
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फिक्र ना करें। तो बस ये कोशिश है कि
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अल्लाह करे ये काम हो जाए किसी भी तरीके
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से फला काम हो ये मेरे बच्चे मौजूद हैं कि
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अल्हम्दुलिल्लाह मेरा खुद का अपना कारोबार
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है अल्लाह का शुक्र है और ये बस वहां से
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होके अब आए हैं
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कहीं ऐसा तो नहीं है कसमिया सेंटर के नाम
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पे जो है आप नोटें छाप रहे हो और अपना
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कारोबार भी उस कलिसिसिया सेंटर के नाम पे
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चला रहे हो या आपका अपना एक बिज़नेस सेट
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हुआ हुआ है और अब जो है खिदमत कल को देना
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है
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अल्हम्दुलिल्लाह खैर ये तो सब जानते हैं
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अल्लाह का शुक्र है अल्लाह का बहुत बड़ा
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एहसान अल्लाह ने मेरे ऊपर वैसे ही किया
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हुआ है अल्लाह का करम है लेकिन यहां पे
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बहुत ज्यादा दुआओं के रास्ते हैं और खैर
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नोट छापने के लिए मेरे पास और बहुत से
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रास्ते भी हैं। लेकिन अल्लाह पाक ये बस
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खैर खैरियत से चला दे। हमारा यह मौक है कि
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हम खिदमत करना है। मेरी सबसे एक दरख्वास्त
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है जितने लोग भी हैं शादी से पहले खुदा
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बच्चे बच्ची के टेस्ट करवा लें। जिनकी
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शादी होनी है अगर कोई लड़का या लड़की जो
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भी सामने फर्द हैं वो दोनों अपने बच्चे
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बच्ची का पहले एक टेस्ट करवा लें। जो
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थैलेसीमिया एचबी इलेक्ट्रोफोर्सिस टेस्ट
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है जिसकी कोई कीमत 2 से ढाई हजार कीमत है।
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कोई बड़ी कीमत नहीं है। जिंदगी से बढ़ के
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नहीं है। अगर हम हिचकिचाते हैं लड़कियों
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का ना करें तो भाई ना कराएं आप लड़कियों
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का आप लड़कों को करा दें। क्योंकि लाजमी
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नहीं है कि हर बंदा माइनर होगा। आपको अगर
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कोई दो 5% रेश्यो आता है तो खुदा लड़के का
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करवा लें। अगर कोई माइनर बच्चा है तो फिर
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उसके टेस्ट करवाएं। अगर बच्ची माइनर है
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दोनों माइनर है तो उसका टेस्ट ना कर उसकी
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शादी ना करवाएं और अगर एक माइनर है तो
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माइनर कोई बीमारी नहीं है दोनों का बिना
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सोचे समझे उनके आप शादी करें और सबसे पहले
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कि शादी से पहले टेस्ट लाजमी करवाएं वरना
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अल्लाह ना करे अल्लाह ना करे थैलेसीमिया
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सेंटर खाली गार्डित नहीं पूरे कराची में
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कई थैलेसीमिया सेंटर हैं जो बेचारे मां
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अपने गोद से इन बच्चों को लेके चलती है और
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आखिरी यही होता है कि 20 साल 21 साल में
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इन बच्चों का इंतकाल हो जाता है और बस वो
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मां-बाप का देखने जैसा होता है हाल खुदा
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उस तकलीफ से बचें एक टेस्ट करवा लें मनूर
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खिदमत ये जो मुसलसिल ये
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खिदमत ये सबसे निराला हो खुद खिदमत
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ये बेहाल हो तो फकीरी में खिदमत हो दौलत
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की हां
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