The France - East India Company (EIC) existed from 1670 to 1675 | #ParikshaJunction | #MuftShiksha
Nov 12, 2024
#FrenchEastIndiaCompany, any of the #French trading companies established in the 17th and 18th centuries to oversee French commerce with India, eastern Africa, and other territories of the Indian Ocean and the East Indies.
The Compagnie Française des Indes Orientales was established by Jean-Baptiste Colbert, finance minister to King Louis XIV. It had difficulty gaining the financial support of French merchants, and Colbert is thought to have pressured many of them to join. He persuaded François Charpentier of the French Academy to write a glowing advertisement about the benefits of joining the company, asking why the French should purchase gold, pepper, cinnamon, and cotton from foreign merchants.
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0:01
नमस्कार सभी को परीक्षा चण के इस प्लेटफार्म पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है तो आ जाइए सभी एक बार और जैसा कि हम
0:10
अपने इतिहास की तरफ आगे बढ़ रहे थे और इतिहास एक विषय ही अपने आप में ऐसा है कि
0:17
हम आगे बढ़ते जाते हैं वह अपना एक नया इतिहास बनता चला जाता है तो इतिहास की यही
0:22
पहचान है क्योंकि इसका नाम इतिहास ऐसे ही नहीं पढ़ा क्योंकि इतिहास ह देखो आज आप जी
0:28
रहे हैं कल का दिन जब आप जियो तो कल का बीता हुआ दिन आपके लिए इतिहास बन जाएगा और फिर इतिहास एक व घटना होती है जिसको याद
0:36
करके हम अपने भविष्य का निर्माण कर सकते हैं हम अपने वर्तमान को अच्छे से जी सकते
0:41
हैं क्योंकि इतिहास तो हमको केवल यही सिखाता है ना इतिहास एक सबक होता है कि आप
0:47
इतिहास से कहते हैं बड़े बूढ़े भी क्या कहते हैं आपसे बड़े बूढ़े भी यही कहते हैं कि पुरानी गलतियों से सीखो मतलब पुरानी
0:53
आपने जो की है या आपकी जो अच्छाई रही है जरूरी नहीं है कि हर इंसान अतीत में गलती ही करे वो अच्छाई को छोड़ देता है तो
1:01
अच्छाइयों से और बुराइयों से इतिहास यही पाठ पढ़ाता है कि अच्छाइयों से और बुराइयों से सीखते हुए आप अपने जीवन में
1:08
हमेशा आगे बढ़ते रहे और भविष्य का निर्माण करते रहे तो चलिए इसी इतिहास के ऊपर आज हम
1:14
एक फ्रेंस ईस्ट इंडिया कंपनी की बात करते हैं और यह हमारी लास्ट ईस्ट इंडिया कंपनी है आपके लिए खुशखबरी भी है क्योंकि आप भी
1:21
परेशान हो गए होंगे सर ईस्ट इंडिया कंपनी खत्म ही नहीं हो रहा है तो अब यह खत्म भी हो जाएगा फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी अब
1:29
मैंने फ्रेंच क्यों बोला फ्रेंच जो बोला मैंने देखो फ्रेंच एक्चुअली में मैंने बोलने को तो डच भी
1:36
बोला था समझे मैंने पुर्तगाली बोला था अब पुर्तगाली को मैंने कभी-कभी पुर्तगीज भी
1:42
बोला था तो पुर्तगाल में रहने वाला हर एक व्यक्ति जैसे भारत में रहने वाला हर एक
1:48
व्यक्ति अब जरूरी नहीं है कि भारत में रहने वाला हर एक व्यक्ति भारतीय हो लोग
1:54
एनआरआई एनआरआई के तौर पर भी यहां पर आते हैं जैसे आप कहते हो नॉन रेजिडेंसी ऑफ इंडियन
2:00
जैसे किसी के मान लो कोई अमेरिका से है और अमेरिका में रहता है काम करता है लेकिन
2:07
उसकी जो वाइफ है वह इंडिया से है तो जब व अपनी वाइफ से मिलने आता है अपने या वाइफ
2:13
के रिलेटिव से मिलने आता है तो क्या है तो व एक एनआरआई कहलाया या भारत की नागरिकता
2:19
प्राप्त किए बिना यदि वोह भारत की सर जमीन पर रह रहा है तब भी वो एनआरआई कहलाएगा तो
2:24
ऐसे कुछ केसेस होते हैं तो पुर्तगाली मतलब पुर्तगीज नागरिक की बात कर रहा हूं मैं
2:30
मैं डचों की बात करूंगा तो मैं हॉलैंड की बात करूंगा ठीक है और यदि मैं फ्रेंच की
2:36
बात करूंगा तो मैं फ्रांस की बात करूं चलिए तो स्टार्ट करते हैं फ्रेंच ईस्ट
2:41
इंडिया कंपनी आप सभी ब नोट डाउन कर लीजिए और नोट डाउन कॉपी और पेन लेके हमेशा साथ
2:47
रहिएगा क्योंकि पेन क्योंकि हम इस वक्त अभी महाभारत के युद्ध मैदान में खड़े हैं
2:53
मतलब इन द सेंस आप समझ गए हैं क्योंकि आप अभी कंपटीशन के उस दौर में है तो यह एक
2:58
महाभारत के युद्ध यु के मैदान से कम नहीं है क्योंकि आपको अभी जीतना बाकी है जैसे
3:05
पांडव और कौरवों के बीच में जो युद्ध हुआ था ना वो धर्म और अधर्म को लेकर हुआ था नहीं हुआ था तो इसी वजह से यानी आपको भी
3:13
अपने आप को साबित करना है इस मैदान में कि हां और याद रखना कि मेहनत ही सब कुछ नहीं
3:20
होता मेहनत ही सब कुछ नहीं होती जैसे कि कहावत मुझे याद आ रही है
3:26
लेकिन इसके ऊपर बाद में सुनाऊंगा चैप्टर स्टार्ट करते हैं पहले तो फ्रेंच ईस्ट इंडिया
3:34
कंपनी ताकि इस चैप्टर को आगे बढ़ाया जा सके और आज ही इस चैप्टर को खत्म किया जा
3:40
सके फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी और फ्रेंच किसको कहा जाता है आप सभी
3:47
को पता है फ्रांस में रहने वाला हर एक व्यक्ति यानी जिसने फ्रांस की सिटीजनशिप को ले रखा है व कौन है फ्रेंच
3:55
है फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी
4:01
तो उसको डाल देंगे यहां पर फ्रांस ईस्ट इंडिया
4:06
कंपनी दोनों नामों को साथ लेकर चलना है क्या पता कमीशन का एसएससी का यूपीएससी
4:13
का दिमाग घूम गया क्योंकि पेपर बनाने ने वाले का जब दिमाग घूमता है तो व कहीं का
4:19
नाम कहीं जोड़ देता है और बस दिक्कत किसको होती है परेशानी किसको होती है कंपूटर को
4:27
हमेशा से चलिए तो फ्रेंच इंडिया कंपनी देखो सबसे पहली कंपनी हमारे भारत में आने
4:33
वाली कौन थी पुर्तगाली पहली बात ये सबसे पहले आए थे और सबसे बाद में गए थे जब
4:40
पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1961 में एक विजय ऑपरेशन चलाया था और इनसे गोवा खाली कराया
4:46
था कि अब तो चले जाओ संविधान भी बन गया सरकार भी बन गई अब तो चले जाओ यहां से
4:51
पुर्तगाल लेकिन उन्होंने पुर्तगाल जाने से मना कर दिया तब पंडित जवाहरलाल नेहरू बतौर
4:57
भारत के प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने तुरंत सेना को यह आदेश दिया कि आप विजय
5:03
ऑपरेशन प्रारंभ कीजिए और पुर्तगालियों को यहां से घसीट कर पुर्तगाल ले जाइए अब
5:10
पुर्तगाल नहीं ले जा सकते तो यहां से इनको भारत खाली कराइए क्योंकि गोवा भारत का
5:16
अभिन्न अंग है वह इनकी कोई विरासत नहीं है लेकिन पुर्तगाली यह समझ बैठे थे कि भारत
5:23
का जो गोवा है यह तो हमारी विरासत है क्योंकि गोवा तो उस वक्त भी था जिस समय
5:28
पुर्तगाल आया भी नहीं था और पुर्तगाल में वस्को डी गामा जिस जिस व्यक्ति ने भारत के
5:34
समुद्री मार्ग की खोज की वो जब यहां पर नहीं था तब भी गोवा था उसके आने के बाद भी
5:40
गोवा था और उनके जाने के बाद भी गोवा आज तक है या नहीं है भारत का सबसे छोटा स्टेट
5:46
है गोवा सबसे छोटा क्षेत्रफल में चलिए और
5:52
यहां से बात करते हैं डायरेक्ट जंप मारते हैं डच की बात करते हैं तो डच आए थे 1602
5:57
ईसवी में यानी लगभग अंग्रेजों से 2 साल बाद आए थे लेकिन डच अच्छे का से
6:03
पुर्तगालियों का खत्म करने में बहुत बड़ा सहारा बने तो डच के बाद आते हैं फिर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी पर और ब्रिटिश
6:11
का आपने सब कुछ देखा ही होगा और हम पर जो जिन्होंने राज किया है राज हम इसको कह
6:17
सकते हैं जैसे कि कभी भी जब मां अपने बेटे को कहानी सुनाती है तो अंग्रेजों वाली
6:22
कहानी सुनाते हैं कि बेटा हम देखो पहले कैसे गुलाम थे किसके अत्याचार को झेल रहे
6:28
थे कौन हमारा एक्सप्लोइटेशन कर रहा था कौन हमारा शोषण कर रहा था किसी मां को कहानी
6:34
सुनाते हुए आपने यह नहीं सुना होगा कि उसने पुर्तगीज की कहानी सुनाई आज मेरी मां
6:39
ने डच की कहानी सुनाई आज मेरी मां ने फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की सुनाई क्योंकि यह कंपनियां आई तो थी हमारे भारत
6:48
पर व्यापार करने कमर्शियल ट्रेड करने आई तो थी लेकिन यह लंबे समय तक टिक इसलिए
6:55
नहीं सके क्योंकि इनके पास कोई अपनी स्ट्रेटेजी नहीं थी कोई इनके पास इनका गोल
7:02
नहीं था यह बस चले ही जा रहे थे चले ही जा रहे थे अरे दौड़ने से रेस नहीं जीती जा
7:08
सकती दौड़ने से ही रेस नहीं जीती जा सकती दौड़ को कितने समय में पूरा करना है
7:15
डिपेंड यह करता है तो यही मैं मानता हूं कि तीनों जो कंपनियां थी ये केवल दौड़ रही
7:21
थी इनको यह नहीं पता कि जाना कहां है लेकिन अंग्रेजों को यह पता था कि हमको
7:27
जाना किधर है और हमको पाना क्या है इसलिए अंग्रेज कम समय में जीत गए और इनको
7:34
जीतने में वक्त लगा लेकिन यूपीएससी में एक बार एक क्वेश्चन पूछा गया आईएएस के एग्जाम
7:40
में इस क्वेश्चन का जिक्र मैं आपसे कर देता हूं आंसर्स बहुत बड़े होंगे आंसर्स
7:46
का पूरा मैं यहां पर नहीं लिख पाऊंगा लेकिन आप समझ जाओगे यूपीएससी के जीएस
7:51
फर्स्ट पेपर में जो कि इतिहास का पेपर है और लगभग से लगभग यूपीएससी आईएस के एग्जाम
7:56
में 75 पर मॉडर्न हिस्ट्री कवर करती है समझे चलिए तो उसमें यह पूछा गया कि
8:03
अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी और अन्य ईस्ट इंडिया कंपनियों की
8:08
तुलना में ऐसी ऐसी कौन सी कंपनी थी ऐसी ऐसी कौन सी ईस्ट इंडिया कंपनी थी जो
8:15
अंग्रेजों को चुनौती दे रही थी अंग्रेजों को चैलेंज दे रही थी वह कौन सी थी
8:21
पुर्तगाली डच स्पेन या फ्रांस अब यह तो
8:27
आपको पढ़ने के बाद ही इसका आंसर मिल पाएगा लेकिन मैं इतना बता देता हूं एक ट्रेलर के तौर पर लेकिन ट्रेलर यह ट्रेलर है यह मूवी
8:34
नहीं है इस मूवी के लिए आपको पूरा लेक्चर देखना होगा तभी आप य डिसाइड कर पाओगे कि हां सर आपने जो क्वेश्चन बताया हम समझ
8:41
चुके हैं इसका आंसर आपको देने की जरूरत भी नहीं है हम इसका आंसर खुद दे देंगे तो चलिए फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी एक ऐसी
8:49
ईस्ट इंडिया कंपनी थी जो अंग्रेजों से टक्कर लेने के मामले में पूरी तरह एकदम
8:55
कैपेबल थी इनके पास हथियार ले लो इनके पास पैसा ले लो पैसा तो इनके पास भर के था
9:02
क्योंकि सरकारी कंपनी थी ना हां मुनाफा हो या ना हो पैसा भरपूर था जेब में यानी
9:09
जेबों में पैसा हमेशा भरा रहता था इनके क्योंकि भैया फ्रांस भी किसी से कम नहीं था चलिए और फ्रांस का जो सम्राट था उसका
9:18
नाम था लुई च उसको लुई 14 कहते थे क्योंकि वो 14 वा वंशज था ना इसलिए जैसे कि आपके
9:25
दादाजी फिर आपके पिताजी फिर आप जब आप भी कभी फादर बनोगे फिर यह पीढ़ी चलती चली गई
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तो उसका नाम रख दिया 14 यानी 14वां वंशज जिसका नाम था लुई 14 तो चलिए कहानी
9:39
स्टार्ट करते हैं सबसे पहले कहानी स्टार्ट य करते हैं नोट डाउन
9:46
करके कि 17वी शताब्दी तक यानी लगभग से लगभग सन 1600 के आसपास की मैं बात कर रहा
9:53
हूं आपसे 1600 चल रहा था अंग्रेज बड़े धूमधाम से आ रहे थे कवि साहब कैप्टन
9:59
विलियम हॉकिंस आता है कभी टॉमस रो आता है हैं ऐसे ऐसे करके जहांगीर के दरबार में आ
10:06
रहे थे बड़ी धूमधाम से पुर्तगाली साइड में रहकर यह देख रहे थे कि क्या क्या आदमी है
10:12
कितने बड़े चालाकी व्यक्ति है य तो इन्होंने तो भारत की कंपनियों पर कब्जा ही कर लिया है और पुर्तगाली लगभग समाप्त हो
10:19
गए थे डचों को इन्होंने खत्म कर दिया था अंग्रेज आते चले गए आते चले गए आते चले गए
10:25
1600 से लगभग से लगभग मैं मानता हूं वो 16 64 का समय आ गया और 17वी शताब्दी मैं बता
10:33
दूं जब अंग्रेज हमारे भारत में आए थे उस समय जो फ्रेंच लोग थे ना यह मेडागास्कर तक
10:40
व्यापार करते थे कहां तक मेडागास्कर तक और मेडागास्कर कहां पर है आप वर्ल्ड मैप
10:47
खोलेंगे और आज का यह क्वेश्चन है कि आप मेडागास्कर को सर्च करेंगे यह कहां पर है
10:53
क्योंकि स्मार्ट वर्क तो आपको करना ही होगा मैं केवल आपको गाइड कर सकता हूं
10:59
तो फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी का जो मेडागास्कर में जो व्यापार चलता था और
11:04
मेडागास्कर कहां पर है आप सभी बताएंगे हिंट के तौर पर बता देता हूं अफ्रीका
11:10
महाद्वीप देखा है आपने वर्ल्ड मैप में अफ्रीका महाद्वीप के बिल्कुल पूर्व की तरफ मेड़ा गास कर है बिल्कुल पूर्व की तरफ और
11:18
वहीं पर आसपास है मॉरिशस कंट्री यानी मोरिशियस वहीं पर है बिल्कुल और जैसे ही
11:24
आप ऊपर की तरफ चलेंगे वहां पर आपको लक्ष्यदीप मिल जाएगा हमारे भारत का यूटी मि जाएगा और लक्ष्यद्वीप से थोड़ा सा ऊपर
11:31
चलेंगे तो वहां पर आपको अरब सागर मिलेगा और अरब सागर से थोड़ा सा ऊपर जाएंगे तो
11:36
वहीं आपको गुजरात मिल जाएगा जहां से भारत की भूमि प्रारंभ होती
11:42
है तो 17वी शताब्दी लेकिन 17वी शताब्दी के प्रारंभ
11:48
में 17वी शताब्दी के प्रारंभ में यानी स्टार्टिंग
11:54
में फ्रांसीसी लोग और ऐसा नहीं है कि यह पहली बार
12:00
व्यापार कर रहे थे यह व्यापार के खिलाड़ी थे अनाड़ी नहीं थे खिलाड़ी थे मास्टर
12:06
माइंड थे फ्रांसीसी लोगों को कम मता ना कभी और जैसे आपको कहानी आगे बताऊंगा ना जब
12:13
कर्नाटक वॉर पढ़ेंगे हम तो आपको हकीकत में पता चलेगा कि फ्रांसीसी तो ऐसी कंपनी थी
12:18
जो अंग्रेजों की नाक में दम करने वाली थी भाई घुटने तक ला दिया था घुटने टेकने पर
12:26
मजबूर कर दिया था अंग्रेजों को लेकिन कहते ना जब किस्मत अच्छी नहीं होती है वक्त साथ
12:31
नहीं देता ना तो अच्छे से अच्छे आदमी को भी बुरा
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बनना ही पड़ता है तो बस वही वाली बात थी इनका समय खराब था इनकी किस्मत खराब
12:43
थी चलिए तो 17वी शताब्दी के प्रारंभ में फ्रांसीसी
12:50
लोग अफ्रीका के पूर्वी तटों अफ्रीका के पूर्वी
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तटों यानी ईस्टर्न घाट की बात कर रहा हूं मैं लगभग ईस्टर्न कोस्टल रीजन जो है
13:08
हमारे
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पूर्वी पूर्वी तटों की ओ
13:30
पूर्वी तटों की ओर मेडागास्कर मेडागास्कर
13:39
मेडागास्कर तक व्यापार करते
13:45
थे व्यापार करते थे लेकिन 17वी शताब्दी के गुजरते हुए और
13:53
17वी शताब्दी के लगभग से लगभग मध्य की बात कर लेता हूं लगभग से लगभग मध्य तक आते आते
14:00
इन्होंने भारत में वाणिज्य कंपनी यानी कमर्शियल कंपनी के तौर पर इन्होंने प्रवेश
14:06
कर दिया यानी कहते हैं ना बिगुल बजा दिया जैसे राजा जब एंट्री करता है तो बिगुल कौन
14:12
बजाते हैं दरबारी ऐसे ही फ्रांसीसी कंपनी का भारत में हुआ आगमन और अंग्रेज लोग घबरा
14:18
गए अंग्रेज लोग कैसे घबराए मैं आपको यह भी बता दूंगा तो व्यापार करते थे
14:25
और 17वी शताब्दी के लगभग मध्य में 17वी
14:31
शताब्दी के के लगभग मध्य
14:39
में मध्य में भारत में आने वाले यानी
14:45
वाणिज्य कंपनी के तौर पर आने वाले यह सबसे अंतिम ईस्ट इंडिया कंपनी
14:52
थी में और वाणिज्य कंपनी या कॉमर्स कंपनी या
15:00
कमर्शियल ट्रेड कंपनी कह दो वाणिज्य कंपनी के तौर
15:08
पर के तौर पर भारत
15:14
में आने वाली भारत में आने वाली सबसे अंतिम ईस्ट
15:23
इंडिया कंपनी भारत में आने वाली
15:31
सबसे अंतिम ईस्ट इंडिया
15:39
कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी थी क्या मैं सही कह रहा हूं क्या कहीं गलत
15:46
तो नहीं हूं यही थी क्या चलो यह पता चल जाएगा सही कौन गलत कौन तो इसके लिए थोड़ा
15:52
सा आगे बढ़ना पड़ेगा हमको तो आने वाली सबसे अंतिम ईस्ट इंडिया कंपनी थी
16:00
और लिखेंगे यह एक यह एक
16:05
पूर्णत यह एक पूर्णत व्यापारिक एवं वाणिज्यिक कंपनी थी
16:11
व्यापारिक एवं वाणिज्य कंपनी
16:23
थी यह पूर्णत व्यापारिक एवं एक वाणिज्यिक कंपनी थी अब यहां तक आप सम समझ
16:29
गए अब आते हैं फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी की शुरुआत कब से होती है किसके द्वारा
16:36
होती है और कौन करता है ठीक है
16:42
चलिए तो 1664 की मैं आपसे बात कर लेता हूं 1664
16:50
ईसवी में क्या होता है 1664 ईसवी में फ्रांस में एक राजा
16:59
जिसका नाम था लुई 14 लुई चौ लुई च क्या
17:04
करता है जो लुई 14 थे उनके शासनकाल में एक मंत्री था जिसका नाम था मंत्री कोलबर्ट
17:12
क्या था मिनिस्टर कोलबर्ट कोलबर्ट भारत की सरजमीन पर आता है
17:17
और उसने भारत में फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना करता है तो लिख देते
17:22
स्टेटमेंट को पहले फ्रांस के सम्राट
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यह सारी चीजें पेपर में पूछी जा चुकी है फ्रांस के
17:37
सम्राट लुई 14 के शासनकाल
17:46
में कि लुई 14 के शासनकाल
17:54
में एक मंत्री कोलवन जिसका नाम
18:00
था कोलबर्ट ने या कोलबर्ट के
18:07
द्वारा कोलबर्ट के द्वारा भारत
18:15
में फ्रेंच ईस्ट इंडिया
18:21
कंपनी फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना
18:32
हुई फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना कब की गई 1664 में आप सभी को पता होना
18:39
चाहिए और किसके शासनकाल में हुई यह क्वेश्चन पूछा जाएगा तो लिख लीजिए ना लुई
18:44
14 के काल में की गई यहां से आएगा लुई 14 के शासनकाल में और
18:53
किसके द्वारा की गई एक मंत्री था जिसका नाम था कोलबर्ट और कब की गई आंसर आपके सामने है 1664
19:02
में चलिए तो दिवाली आने वाली है आप सभी को पता है और दिवाली हमारे भारत का एक सबसे
19:09
बड़ा त्यौहार सबसे रोशन और जग मगाने वाला त्यौहार जो हमारी भारत और हमारे भारत के
19:17
जितने भी त्यौहार हैं यह त्यौहार ही नहीं यह तो एक हमारी
19:23
सभ्यता हमारी पहचान हमारी संस्कृति इस सब कुछ है
19:29
त्यौहार को आप केवल एक फेस्टिवल मान सकते हो लेकिन फेस्टिवल एक फेस्टिवल नहीं होता फेस्टिवल एक हमारी संस्कृति हमारा कल्चर
19:36
होता है जिसको हम कई वर्षों से जिसका पालन करते आ रहे हैं और आगे भी करते ही
19:42
रहेंगे लेकिन आज के लोगों का यह सबसे बड़ी शिकायत है कि आज के तोहार है वो लगभग से
19:48
लगभग फीके पड़ गए हैं क्यों पड़ गए मैं आपको बताना चाह देखो तोहार का मतलब होता
19:54
है लोगों से लोगों का जुड़ाव आप मुझे बताइए कि आप अपने घर से आम
20:00
दिनों में कितना कुछ निकलते होंगे निकलते हो क्या या किसी से कोई मतलब रखते हो क्या
20:05
नहीं रखते और मेट्रो सिटी में या महानगरों में तो यह बिल्कुल भी नहीं है गांव में तो
20:10
चलो थोड़ा बहुत फिर भी लोग बिना रों के मिल लेते हैं बातें कर लेते हैं किसी के
20:16
घर चलाकर या खाना वाना खाकर मतलब आम सहमति से बातें हो जाती है लेकिन शहरों में आजकल
20:23
यह सब नहीं होता तो शहरों के लिए तोहार एक बहुत बड़ा अवसर हो
20:29
कि लगभग दो तीन लोगों से बात हो जाए क्योंकि शहरों में तो कोई मतलब किसी से रखता भी नहीं है लेकिन त्यौहार एक ऐसा
20:36
माध्यम है चाहे गांव हो चाहे शहर हो लोगों से लोगों का मिलना त्यौहार इसलिए ही बनाए
20:41
जाते हैं ताकि सभी लोगों को एक साथ इकट्ठा किया जा सके और इस संस्कृति को इस सभ्यता
20:47
को इस पहचान को और हमारे इस गौरव को बनाया जा सके बनाया आगे रखा जा सके तभी यह
20:55
सेलिब्रेट किए जाते हैं तो इनके पीछे हमारा एक ही उदेश होता है कि हम ज्यादा से
21:00
ज्यादा लोगों से अपना एक अच्छा और एक सुंदर व्यवहार बनाए बस ट्स इट और क्या कोई
21:06
किसी का लालस तो होता नहीं है और सीधी बात है कि कोई किसी से मत ज्यादा मतलब भी
21:12
क्यों रखेगा तो तोहार एक ऐसा विषय दिवाली आ रहा
21:17
है कुछ लड़कियों के दिमाग में हमेशा शॉपिंग को लेकर देखो अलग-अलग चीज होती है एक
21:23
क्राइटेरिया होता है जैसे अभी दिवाली आ रहा है और दिवाली में
21:28
जिसके घर में बेटी और बेटे हैं तो सबसे बड़ी बात है कि लड़की जो होती है वह हमेशा शॉपिंग को लेकर सोचती है कि दिवाली पर इस
21:35
बार क्या खरीदना है क्या परचेस करना है क्योंकि उनका दिमाग केवल यही सोच देता है
21:42
उनका दिमाग केवल यही सोचता है लेकिन लड़कों का दिमाग क्या सोचता है यहां पर थोड़ी सी बात हट के करेंगे लड़कों का
21:49
दिमाग सोचता है कि यार आतिश बाजी कैसे हो कांड कैसे हो मतलब कोई बड़ी दुर्घटना होनी
21:55
चाहिए लड़कों के दिमाग में हमेशा उथल पुथल क्यों रहती है मुझे आज तक समझ में नहीं आया खैर मेरी भी रहती है मैं भी इसमें
22:02
शामिल हूं आपकी इस कॉम में तो बस यही चीज है मानले बहुत बड़ा डिफरेंस है सोच का भी
22:07
डिफरेंस है अपने नजरिए का डिफरेंस है तो यह तो और फैमिली वाले जो परिवार वाले हैं
22:13
वो दिवाली के उस तोहार को कुछ इस हद तक बना लेते हैं यानी पेरेंट्स तभी खुश है जब
22:20
हम खुश हैं यानी वो आपके लिए कितने सारे सैक्रिफाइस करते हैं ट्स यू नो वेरी वेल
22:27
आप सभी लोग जानते हैं तो लई 14 हो गया मंत्री कोलबर्ट हो अब आगे
22:34
चले तो 1668 की कहानी आ गई तो चलिए तो सभी लिखेंगे 1668 ईसवी में क्या
22:44
होता है इन्होंने वह काम कर दिया जो इन्होंने नहीं करना चाहिए था यहीं से
22:49
दुश्मनी बनती चली जाती है आप मुझे एक चीज बताएं
22:55
कि सन 1600 13 1611 की बात करते हैं 1611 में तो इनकी
23:03
फैक्ट्री थी अंग्रेजों की जिनका नाम था मसूली पटनम यहां मत लिख क य आपको दिखाई देगा
23:09
नहीं आप मुझे एक चीज
23:19
बताए 1611 ईसवी में बीई आईसी ने यानी अंग्रेजों ने
23:27
ब्रिटिश ई इंडिया कंपनी ने मसूली पटनम
23:33
में मसूली पटनम
23:39
में एक फैक्ट्री स्थापित की थी नहीं की थी एक फैक्ट्री स्थापित की
23:48
थी और अंग्रेजों ने इसके बाद में जो काम किया वो किया 1613 में हालांकि बस्ती तो
23:56
खूब सारी थी उनकी ठीक है तो 1613 ईसवी में इन्होंने फैक्ट्री बना
24:01
दी सूरत यह अंग्रेजों के काम थे लेकिन अंग्रेजों के काम को ही
24:07
हम यहां तक रुक नहीं सकते हैं हमें आगे भी बढ़ना पड़ेगा अभी और आगे चलते हैं 1668
24:15
ईसवी में आपको मैं बता दूं 1668 ईसवी के हम बात
24:22
करते हैं फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी ने किसने फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया एई आईसी ने
24:30
अपनी पहली व्यापारिक फैक्ट्री की स्थापना की और जिसका नाम था सूरत क्या था सूरत तो
24:36
इन्होंने यानी एफ ई आई स
24:42
की पहली व्यापारिक
24:48
फैक्ट्री पहली व्यापारिक फैक्ट्री और यह कब बनी 1668 में
24:57
बनी थी मैं एक बार यहां भी लिख देता हूं 1668 ईसवी में बनी थी और ये बनी थी सूरत
25:03
में यानी सूरत में इनकी कौन सी थी पहली फैक्ट्री
25:09
पहली यह पूछा जा सकता है उसके बाद हम बात करते हैं एफ आईसी की दूसरी फैक्ट्री 1669 ईसवी
25:19
में बनती है मसूली पटनम
25:24
मसूली पटनम और आज मसूली पटनम को देखो तो लगभग इसे मछली पटनम के नाम से जाना जाता
25:30
है कुछ कुछ किताबों में मछली पटनम लिख दिया यहां पर यहां पर मछलियों का व्यापार लगभग बहुत हद तक काफी अच्छा था तो मसूली
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पटनम जो है यह भारत के पूर्वी तट की तरफ आता है और आज भी भारत के
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पूर्वी तट की तरफ है आज भारत की पूर्वी तट देखोगे तो आंध्र प्रदेश में मछली पटनम के
25:53
नाम से आज फेमस है मसूली पटनम अब 1669 ईवी में इनकी दूसरी फैक्ट्री यह थी इनकी सेकंड
26:01
फैक्ट्री लो भाई साहब तो सेकंड फैक्ट्री बन गई अब आप मुझे
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बार गौर कीजिए इसका तुलना इससे करिए एक बार यहां से कंपेयर करिए इसको मुझे बताइए
26:15
क्या कोई भी डिस्प्यूट हो सकता है भाई आप एक मिन में पहले से एक तलवार है दूसरी
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तलवार यदि उस मेन में अंदर लगाओगे तो मेन को तो प्रॉब्लम होगी क्योंकि म्यान में तो
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उतना ही स्पेस है यानी आप किसी के काम में टांग अड़ाओ ग तो पहले वाले को परेशानी
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होगी होगी और वह साम दाम दंड भेद किसी भी तरीके से आपको वहां से हटाने की पूरी
26:42
कोशिश करेगा वहां से आपको पूरी तरह परास्त करने की कोशिश करेगा चाहे राजनीति तरीके
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से करे चाहे युद्ध के माध्यम से करे और चाहे षड्यंत्र करके करे कैसे भी करे करेगा
26:57
क्योंकि फ्रांसीसी लोगों ने वहां पर अपनी फैक्ट्री स्थापित कर दी जहां पर पहले से
27:03
अंग्रेज अपनी अच्छी मजबूत पकड़ बना चुके थे अब अच्छी मजबूत जब पकड़ बना चुके थे तो
27:10
अंग्रेजों को लगने लगा कि अब फ्रांस के आने से हमारे व्यापार पर थोड़ा बहुत नहीं
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बल्कि बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ने वाला है और जब बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ेगा तो कहीं
27:22
ना कहीं हमारे व्यापार का नुकसान तो होगा ही होगा इनको अंग्रेजों को तो यहां पर तो
27:28
था फ्रांस और यहां पर था
27:33
अंग्रेज तो तब से लगभग अंग्रेजों और फ्रांस के बीच में लगभग से लगभग ताना वाना
27:40
शुरू हो गया लगभग यही माना जाता है कि ताना वाना स्टार्ट हो गया दोनों का दोनों
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अपने आप में एक फूटी आंख नहीं भाते थे यह कह दो किसी भी तरीके से गोल मोल गोल मोल
27:55
घुमा के कुछ भी कह दो आप ठीक है तो फ्रांस और अंग्रेज तभी से य मान लो
28:02
प्रारंभ हो गया लेकिन यह कहानी तो केवल स्टार्टिंग की है बाद में जाकर आप सभी को
28:08
पता चलेगा कि हम कैसे कैसे किस तरीके से इन दोनों की दुश्मनी को मुकम्मल बना देते हैं और यह होता है लगभग 1742 के बाद 1742
28:18
ईसवी के बाद आपको यह एहसास होगा कि कैसे फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी के उद्देश्य
28:24
उनकी महत्वाकांक्षा यानी एंबिशियस उनके परपस सब कुछ बदल गया और अंग्रेज इसी
28:30
एंबिशन को देखते हुए पागल हो उठे उन्होंने बोला कि भैया यह क्या कर रहे हैं यह तो हमारी कॉपी कर रहे हैं यह तो हमको हराना
28:38
चाहते हैं खुद जीतना चाहते हैं हमारी सारी मेहनत सन 1600 से आज हमने की ये तो सारा
28:44
मिट्टी में मिला देंगे इनको रोको तब से क्या होता है कि अंग्रेजों की और फ्रांसी सियों की जो महत्वाकांक्षा थी वो दोनों की
28:51
बराबर थी अब जब दोनों की महत्वाकांक्षा बराबर होगी दोनों की टक्कर बराबर होगी तो
28:56
इसका यह मतलब है कि दोनों आपस में टकराएंगे ही टकराएंगे कौन जीतेगा कौन हारेगा इसका फैसला बाद में
29:04
करेंगे हम तो चलिए यानी कहानी यहां से स्टार्ट होती है
29:09
आपने इन्होंने टांग अड़ाई किसमें अंग्रेजों में उनके कार्य में टांग ड़ा दी
29:17
उनके कामों में टांग ड़ा दी चलिए आगे चलते हैं तो 1668 में हम समझ गए हैं इसके बाद
29:23
1669 हो गया ठीक है यहां से भी इसको डन कर लीजिएगा क्योंकि ये
29:30
बहुत इंपॉर्टेंट सन है मैं आपको फिर बता
29:37
द चलिए अब आते हैं एक
29:44
1672 1672 ईसवी की हम बात करते हैं आपसे देखो 1672 ईसवी में एक व्यक्ति हुआ
29:52
जिसका नाम था एल डोरेम कुछ ऐसा था मुझे एकट याद नाम
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याद नहीं आ रहा है तो फ्रेंसीसी नाम बहुत अजीब है लूमा ड्यूमा लीमा ड्यूमा कछ ऐसा
30:04
था ठीक है लेकिन उसने क्या किया था गोलकुंडा के शासक से देखो फ्रांसी सियों
30:10
की एक बस्ती बहुत फेमस थी जिसका नाम था सैंथम मुझे बस्ती का नाम याद है सतम
30:15
बस्ती यह बस्ती जो ती फ्रांसी सियों की फेमस बस्ती हुआ करती थी मतलब प्रसिद्ध
30:21
बस्ती थी यहां पर वो बस्ती थी जहां पर फ्रांसीसी खुद रहा करते थे और इस स तोम
30:26
बस्ती का नाम मैं बाद में जिक्र करूंगा और फिर आपसे पूछूंगा आपने नहीं बताया तो हमको
30:32
थोड़ी बहुत अच्छा नहीं लगेगा अभी एक मिनट
30:45
रुकिए तो सथ बस्ती जो थी ना ये अंग्रेजों की एक बहुत अच्छी खासी बस्ती यहां पर वो
30:51
निवास स्थान था यहां पर रहते थे ये लोग तो 1672 में सतो बस्ती ये इन्होंने किससे ली
30:58
थी यह इन्होंने गोलकुंडा के शासक गोलकुंडा
31:05
के शासक से प्राप्त
31:13
की य गोलकुंडा के शासक से इन्होंने प्राप्त कर ली सथ बस्ती जो फ्रांसी सियों
31:19
का एक क्या था व्यापारिक एवं निवास स्थान
31:25
था व्यापारिक
31:33
एवं निवास स्थान था और यही बड़े मजेदार की बात है कि व्यापारिक एवं निवास स्थान हुआ
31:39
करता था यह सथ बस्ती 1672 में जो उन्होंने गोलकुंडा के शासक से छीन
31:46
ली थी या प्राप्त कर ली थी उसके बाद आते हैं एक 1673 का हम सन पढ़ते हैं 1673 में
31:53
क्या हुआ था देखना 1673 में कोंडापुरम के शासक थे
31:59
शेरखान लोदी कौन थे शेरखान लोदी और शेरखान
32:05
जो लोदी थे बाली गोंडा पुरम जो है शेरखान लोदी है लगभग महाराष्ट्र की तरफ पढ़ते हैं और उस समय बाली कोंडापुरम जो थे नहीं एक
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मिनट रुकिए दमन पांडुचेरी सॉरी पांड ये साउथ की तरफ है हां साउथ वेस्ट की तरफ आते
32:18
हैं तो 1673 में बाली कोंडापुरम के शासक शेरखान लोदी से फ्रांसीसी मिलने जाते हैं
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और फ्रांसी सियों में उन व्यक्ति का नाम था जिनका नाम था फ्रैंको मार्टिन और
32:31
लेस्पीन क्या था फ्रैंको मार्टिन और लेस्पीन नाम के दो व्यक्ति यह जाते हैं
32:37
किसके पास बाली कोंडापुरम के शासक शेरखान लोदी के पास अब इनको क्या था कि सबसे बड़ी
32:44
बात य थी कि बाली कोंडापुरम का जो शासक था शेर खा लोदी ठीक है उसको इन्होंने जासे में ले लिया
32:53
किन्ने फ्रांसी सियों ने जहां से मैं कैसे लिया जहां से मैं इस तरीके से लिया
32:58
व्यापार व्यापारिक कंपनी तो थी ना यह तो दुनिया जानती थी ना भाई तो व्यापारिक कंपनी तो थी यह दुनिया जानती थी लेकिन
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दुनिया वह नहीं जानती थी जो यह कभी जो थे जैसे कि यह मैनिपुलेट करने में मास्टर थे
33:13
अंग्रेजों की तरह इन्होने बाली कोंडापुरम के शासक शेरखान लोदी को मैनिपुलेट कर दिया व्यापार में उसे व्यापार में इवॉल्व कर
33:20
दिया और सीधी बात है यूरोपी कंपनियों ने एक अकं जरूर अपनाया सभी के साथ कि भैया
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व्यापार करेंगे आप रखो पैसे और हमको करने दो व्यापार यानी लीच पर ले लेते थे क्या
33:33
करते लीच पर और उसको लीच पर लेकर उसका किलेबंदी करवाना उसमें दुर्ग बनवा देना
33:39
उसमें सुरक्षाकर्मी अपने लगा देना सेना की भर्ती खुद करना मतलब सारा काम खुद कर रहे
33:45
हैं और लीज पर ले लिया उसको भाई लीज पर लेने का मतलब क्या होता है लीज पर लेने का
33:50
मतलब होता है कि आप वहां पर किलेबंदी नहीं करवा सकते आप व दुर्ग नहीं बनवा सकते लीज का मतलब यह नहीं होता कि आपने सब कुछ अपनी
33:58
ही संपत्ति समझ ली है यह लीज को ऐसे मानते थे तो बाली कोंडापुरम के साथ शेरखान लोदी
34:04
ने क्या किया पांडिचेरी को इनको दे दिया कि ठीक है भैया व्यापार कर लो अब इन्होंने क्या किया पांडिचेरी पर व्यापार तो किया
34:11
ही किया लेकिन उसके साथ इन्होंने क्या कर दिया व्यापार तो किया व्यापार करने के साथ
34:18
इन्होंने वहां पर अच्छी-अच्छी आधुनिक बस्ती करना प्रारंभ कर दिया बड़ी-बड़ी
34:23
बिल्डिंग्स बना दी बड़े-बड़े सेना कर्मी रख लिए अपने पास दुर्ग बना दिया किलेबंदी करवा दी तो कुल मिलाकर आज यह क्वेश्चन में
34:30
पूछा जाता है कि पांडिचेरी नगर किसने बसाया आज का पांडिचेरी जो नगर आपको दिखता
34:36
है आधुनिक वो किसने बसाया तो यह फ्रांसी सियों की देन है जैसे पुर्तगालियों को
34:42
गोवा पसंद था तो पांडिचेरी हों को सॉरी फ्रांसी सियों को पांडिचेरी पसंद
34:48
था तो कुल मिलाकर आप लिख दें कि फ्रैंको
34:55
मार्टिन फ्रैंक को एवं लेस
35:04
पीने लेस पीने फ्रैंको मार्टिन एवं लेस्पीन
35:09
ने फ्रैंको मार्टिन एवं लेस्पीन
35:15
ने बाली को
35:21
कोंडापुरम बाली कोंडापुरम
35:28
के शासक
35:33
से पांडिचेरी जिसका आज का नाम है पुदुचेरी क्या है वर्तमान में पुदुचेरी कहते हैं
35:40
बले लिख दे पुदुचेरी और आज यह क्या है यूटी हमारा
35:51
पांडिचेरी को प्राप्त कर लिया
35:59
पांडिचेरी को प्राप्त कर लिया और जब इन्होंने पांडिचेरी को प्राप्त कर
36:05
लिया और लिख देंगे नीचे नोट लगा के जो कि इंपॉर्टेंट हो सकता है लिखेंगे पांडिचेरी
36:12
नगर की स्थापना लिखि पांडिचेरी नगर की स्थापना
36:27
ब्रैकेट में लिखना आधुनिक तौर
36:33
पर आधुनिक तरीके से आधुनिक तरीके
36:41
से नगर की स्थापना फ्रांसी सियों ने
36:54
की फ्रांसी सियों ने की तो आप स सभी को पता है लेकिन आपसे नाम पूछा जाएगा कि
37:00
फ्रांसी सियों में किसने की तो आपका आंसर आपके सामने निकल जाना चाहिए घबराने वाली
37:05
कोई बात नहीं है और यहां पर लिख सकते हैं आप फ्रैंको मार्टिन पहला नाम आपके सामने है दूसरा नाम
37:12
है लेस पिनो लेकिन पेपर में दोनों नाम कभी एक साथ नहीं आएंगे और याद रखना आ भी जाए
37:18
तो आपको हमेशा फ्रैंक और मार्टिन पर क्लिक करके आना है जब भी कभी दो नाम एक साथ आ जाए तो
37:24
फ्रैंक को मार्टिन पर क्लिक करके आना है वैसे एक साथ नहीं आ आते चलिए तो पांडे चरी नगर सेंथन की बस्ती
37:32
मसूली पटनम और सूरत आपको चार नगर मिल चुके हैं इन पर फ्रांसी सियों का पूरी तरह क्या
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हो गया कब्जा लेकिन ये दो जगह जो थी ये विवादित थी क्यों थी क्योंकि यहां पर पहले
37:44
से भी अंग्रेज बैठा हुआ था पहले से ही अंग्रेज बैठा हुआ था यहां पर समझे ना
37:51
चलिए तो बाली कोंडापुरम का शासक कौन था उस समय था शासक शेर खान लोदी
38:01
शेर खा लोधी देखो एक ही बात है मुसलमान थे देखो लोधी वंश के थे है ना अफगानी थे तो
38:08
लोधी वंश है अफगानी वंश है एक बात है कि यह मुगल हुए अफगानी हुए ये सब राजा क्या
38:13
हुए कि इनकी नौ सैनिक शक्ति अच्छी कभी थी नहीं आप सभी को पता है ना कि पांडिचेरी
38:20
अपना दक्षिण भारत पर विजय प्राप्त क्यों कर पाए क्योंकि मुगलों के पास थल सेना तो
38:25
मजबूत थी अकबर की सेना इतनी ताकतवर थी आप सभी को बता दूं अकबर की सेना हिंदुस्तान
38:31
की सबसे बड़ी सेना थी सबसे बड़ी सेना थी ठीक है और उस समय अकबर के समय पुर्तगाली
38:38
मौजूद थे उस समय लगभग अंग्रेज भी आ गए थे मानता हूं दवी थे ठीक है अंग्रेज ईस्ट
38:44
इंडिया कंपनी जो थी यह दक्षिण भारत में या किसी भी जगह य सफल क्यों हो पाए क्योंकि
38:51
इसलिए हो पाए क्योंकि हमारी भारतीय सेना नौ सनि नौ सैनिक शक्ति में इतनी अच्छी
38:56
नहीं थी इनी मजबूत नहीं थी हमारे पास तकनीकों की कमी थी हमारे पास अस्त्र और
39:02
शस्त्र वेपंस की कमी थी इसके चलते हम अंग्रेजों को नहीं रोक पाए और अंग्रेज
39:08
इसलिए जीत गए क्योंकि उनके पास रणनीति अच्छी थी उनके पास उत्साह की कम उत्साह की
39:13
कमी नहीं थी उनके पास अस्त्र और शस्त्र अच्छे थे वेपन अच्छे थे इसलिए वह जीत पाए
39:19
और नौसैनिक शक्ति अच्छी थी उनकी जहाज बनाना ये जो डच थे फ्लूट शिप जहाज बना
39:25
दिया डचों ने बताओ पुर्तगाली प्रिंटिंग प्रेस बना रहे हैं
39:30
अपनी नोट छापने की मशीन बना रहे हैं नक्शा बना रहे हैं यह भी तो था भैया अंग्रेज वो
39:38
कुछ और तकनीक से आ रहे हैं नौसैनिक शक्ति तो लेकर आ ही रहे हैं पुर्तगालियों को हराने के लिए लेकिन उनकी अलग तकनीक चल रही
39:46
है वो अलग दिमाग ला रहे हैं तो ऐसे यानी जितने आज के टाइम में भी हमें कुछ जीतना
39:53
है जीतने के लिए कुछ करना पड़े तो सबसे बड़ा चीज है स्मार्ट वर्क
39:59
क्या है स्मार्ट वर्क है एक कहावत आपको सुनाता हूं स्मार्ट वर्क में और मेहनत में
40:05
क्या डिफरेंस होता है मेहनत आपसे मैं मानता हूं कि हर सफलता आपसे मेहनत मांगती
40:11
है लेकिन मेहनत तो गधा भी करता है गधा कभी जंगल का राजा तो नहीं
40:17
होता आप मुझे एक चीज बताएंगे गधा शेर से ज्यादा मेहनत करता है गधा शेर
40:24
से ज्यादा मेहनत करता है आप गधे को पूरे दिन बंगे ना आप सामान ढो एंगे गधा आपसे उत
40:30
नहीं करेगा लेकिन फिर भी वो जंगल का राजा नहीं होता क्यों क्या मेहनत ही सफलता की एक मात्र
40:37
कुंजी है क्या मेहनत सफलता की एक मात्र कुंजी नहीं है कुंजी है एक मात्र नहीं है
40:44
ओनली वन ंड ओनली नहीं है एक मात्र नहीं है यानी स्मार्ट वर्क भी आपको करना हो जैसे
40:51
कि कहावत बताई कि शेर जंगल शेर जंगल शेर
40:56
अपने दिन में 20 घंटे सोता है लेकिन फिर भी जंगल का राजा होता है शेर दिन में 20 घंटे सोता है और सबसे
41:06
ज्यादा आलसी भी शेर होता है आपको बता दूं शेर सबसे जदा आलसी होता है चीते में कितनी
41:12
फुर्ती होती है चीते से तेज नहीं दौड़ता शेर शेर दिन में 20 घंटे सोता है लेकिन
41:19
फिर भी जंगल का राजा होता है और वही एक गधा 24 घंटे में से 20 घंटे काम करता है
41:26
लेकिन फिर भी वो गधा की गधा ही रहता है क्यों आप समझ गए ना तो बात यह नहीं करते
41:34
कि आप कितने घंटे काम कर रहे हो बात यह करता है कि आप कितना आउटपुट दे रहे हो जिससे आप कितना इनपुट दे रहे हो कैसे दिया
41:43
आपने वो दो घंटे पढे किस तरीके से पढ़े बस ट्स इट तो गधा और शेर वाली कहानी याद
41:50
रखना यदि मेहनत से ही सफलता की कुंजी होती तो आज गधा जंगल का राजा होता
41:58
मेहनत ही यदि शेर नहीं होता चलिए शेर जंगल का राजा इसलिए होता है
42:04
क्योंकि वह जो भी चुनौती आती है वह सीधे सामने से वार करता है शेर का मतलब
42:11
यही होता है व सामने से आके बोलता है पीठ पीछे नहीं करता तो आप सभी समझ गए हैं इसलिए हर चीज
42:21
यह थी कि मानता हूं कि मुगलों का शासन अच्छा था बहुत अच्छा था मतलब अच्छा इन द
42:26
सेंस कुछ राजा अच्छे नहीं हुए कुछ राजाओ ने धर्मांतरण जव धर्मांतरण नीति अपनाई मैं
42:31
उन मुगल शासन छोड़ देता हूं लेकिन हां मैं अकबर का तो समर्थन करूंगा देखो मैं अपनी
42:37
हरी क्लास में कहने की हिम्मत क्या है और है भी है इस बात का प्रमाण है इस बात से कोई मुकर नहीं सकता कि अकबर के शासन की
42:45
नीतियों को कोई कैसे मुकर सकता है यार अकबर का शासन तो वास्तव में स्वर्णम युग
42:51
का शासन कहा जाता है हां आगे पीछे की बात मैं नहीं करता आपसे और मैं शायद
42:57
हां सहजा सॉरी जहांगीर का शासन भी फिर भी ठीक है न्याय का देवता जिसे न्याय की
43:03
जंजीर जो जिस महल के सामने थ वह जहांगीर थ और जहांगीर को न्याय का देवता कहते हैं और आज के टाइम पर न्याय के देवता शनिदेव है
43:11
जो कि न्याय करते हैं तो यह सारी चीज बताई चलिए 1673 में आपका साय हो गया अब आते हैं
43:19
1600 लगभग बनम की बात तो यहां लिख दीजिए
43:28
1692 में या लगभग 1693 की बात कर
43:35
लेंगे ठीक है 1692 और
43:42
1693 देखिए 1692 93 में क्या होता है आप सभी को पता है फ्रैंको मार्टिन और लेस्पीन
43:48
ने बाली कोंडापुरम के साथ शेर खा लोदी से पांडिचेरी को ले लिया था उसी पांडिचेरी को
43:54
1693 में डचो ने ले लिया या कुल मिलाकर बात य हुई एक घटना हो गई बहुत बढिया और
44:00
घटना य हुई कि फ्रांस सियों के पांडिचेरी को फ्रांसी
44:07
सियों के के पांडिचेरी को फ्रांसी सियों के
44:16
पांडिचेरी को फ्रांसी सियों के पांडिचेरी
44:23
को डचों ने छीन लिया डचों ने छीन लिया या प्राप्त कर
44:31
लिया यहां पर एक क्वेश्चन बनेगा वो इंपॉर्टेंट है प्राप्त कर लिया और जब
44:36
फ्रांसी सियों ने पां फ्रांसी सियों के पांडिचेरी को डचों ने छीन लिया प्राप्त कर लिया तो फ्रांसी सियों को हट हुआ क्योंकि
44:44
आपको पता है कि जो व्यक्ति अपनी मेहनत से अपनी मेहनत के पसीने से कोई चीज बनाता है
44:50
और उससे कोई आपको ले जाता है जैसे आपने 5 साल के बच्चे से न साल के बच्चे से उसका खिलौना ले लिया तो वही वाली बात वो तो
44:57
रोएगा अब रोएगा तो कुछ ना कुछ करेगा तकिए फेंके बर्तन फेंके कुछ भी हाथ मेंगा
45:02
मारेगा वो किसी देगा ये मेरी मां है नहीं पिता है कुछ नहीं पता उसे उसे यह पता है
45:09
कि मेरा खिलौना ले गया मुझसे कोई बस अब वो नहीं छोड़ेगा अब वो जब तक रोएगा तब तक
45:15
सबके घर की नाक में दम ना कर दे वो यही हाल फ्रांसी सियों का था अब फ्रांसी सियों ने तुरंत डचों से समझौता किया तो
45:24
लिखेंगे फ्रांसी सियों ने
45:30
फ्रांसी सियों ने डचों से एग्रीमेंट किया डचों से समझौता
45:40
किया डचों से क्या किया समझौता किया और समझौता जब किया डचों से तो डचों ने
45:46
पांडिचेरी को दे तो दिया लेकिन जो संधि की गई वह संधि इंपॉर्टेंट है आप सभी लिख लेना
45:51
उस संधि को कहा जाता है रिजक की संधि समझौता किया डचों से
45:57
ठीक है एक मिनट रुक जाइए समझौता किया
46:03
और और डचों ने और डचों
46:08
ने पांडिचेरी को और डचों ने पांडिचेरी
46:16
को फ्रांसी सियों को सौंप दिया फ्रांस सियों को
46:28
अा एक बात है कि फ्रा डचों ना फ्रांसी सियों से कुछ बेड़ा नहीं था डच और फ्रांसीसी की दशनी नहीं थी हालांकि
46:35
अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी ऐसी थी जो पुर्तगाली डच और फ्रांस इन तीनों को आगे
46:41
बढ़ना देना नहीं चाहती थी तो डच भी समझ गए थे कि फ्रांसी से बैर क्यों लेना यार क्यों लेना बैर
46:49
अच्छा फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की मैं बात करूं ना सैनिक शक्ति की बात करूं
46:56
सैनिक शक् थी इतनी मजबूत थी इनकी इतनी कुशल थी इनकी कि इतनी अंग्रेजों की नहीं
47:01
थी मैं आपको हकीकत बता दूं आज फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी यानी फ्रांसीसी लोगों
47:06
के जो सैनिक थे ना वो इतने मजबूत इतने सक्षम थे कि इनके सामने अंग्रेजों के
47:12
सैनिक भी नहीं टिक पाते लेकिन कहते हैं ना कि किस्मत खराब और वक्त खराब है बस वही
47:18
बात थी कि चाहा कोई और मिला कोई और यही
47:24
बात इनके बाद लागू होती है इसलिए आज भी बात करते हैं यह वही फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी है जिसकी
47:31
सेना की जो ट्रेनिंग होती है और हमारे एक राजा हुए मैसूर से उनका नाम था हैदर अली
47:38
के पुत्र टीपू सुल्तान टीपू सुल्तान ने अपनी सेना का प्रशिक्षण फ्रांसी सियों की
47:43
तच पर करवाया था और उसने फ्रांसीसी बस्तियों जैसे कि संथो बस्ती और फ्रांसी
47:50
सियों की तर्ज पर अपनी सेना का प्रशिक्षण दिया था और टीपू सुल्तान वही अपने ईमानदार
47:57
अपना अड़क रहने वाला एक मात्र शासक था भारत का जिसे विज्ञान एवं प्रौद्योगिक का
48:03
जनक कहा जाता है हैदर अली का पुत्र है टीपू सुल्तान और टीपू सुल्तान की तलवार में इतनी धार थी कि वो 10 ढालो को भी पार
48:10
कर दिया करती थी तो सौंप दिया और इस समझौते को क्या कहा
48:16
गया आप ये लिख देना यह समझौता जो था यह समझौता कि
48:22
डचों एवं डचों एवं फ्रांस फ्रांस के बीच एक
48:29
संधि की गई उस संधि का नाम यह था
48:45
रिजविया से की गई ओके चलिए तो रिजक की संधि कब की गई थी
48:52
1693 ईसवी में यह आपसे पूछा जा सकता है वेरी वेरी
48:58
इंपॉर्टेंट आप इसमें लगा यह वेरी वेरी इंपॉर्टेंट है और रिजक की संधि पूछी जाएगी
49:04
किसके बीच हुई थी और किसको लेकर हुई थी पांडिचेरी को लेकर हुई थी और डचों और फ्रांसी सियों के बीच की
49:11
गई ट्स इट उसके बाद हम बात करते हैं आपसे नेक्स्ट एक आता है
49:17
1600 लगभग लगभग 73 नहीं हां 1672 के आसपास की बात मैं बता
49:24
रहा हूं 1672 ईसवी आप सभी को पता है 72 ईसवी में
49:32
सतो बस्ती बस रही थी 73 में पांजरी नगर का विकास हो रहा था न में रिजक की संधि हो
49:38
रही थी सब पढ़ दिया मैंने 1673 में क्या था लगभग बताया जाता है कि
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1700 1700 सॉरी 1700 गलती हो गई 1600 नहीं हो सकता त्रुटी थोड़ी सी त्रुटी हुई है
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इसमें हटा दीजिए यहां लिखिए देखो मैं आपको बता दूं 1 तक क्या था इनके साथ 1720 ईसवी तक क्या था
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कि फ्रांसी सियों की शक्ति जो थी वो धीरे धीरे कमजोर होने लग गई थी हा क्यों थी य
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अंग्रेज है ना बारबार चैलेंज कर रहे थे फ्रांसीसी को और फ्रांसीसी हिम्मत ना
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हारने वाली कंपनी थी य हिम्मत हारती नहीं है फ्रांसीसी लोग आज भी खास बात है इस
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फ्रांसीसी लोग आज भी हिम्मत नहीं हारते आज भी इनके दिमाग में बिल्कुल क्लिस्ट
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है कहां जाना है कितना जाना है बात खत्म यानी कुल मिला के 1720 तक इनकी स्थिति
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बहुत कमजोर हो गई थी तक इनकी स्थिति यानी इनकी सिचुएशन इनकी
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स्थिति बहुत कमजोर हुई बहुत कमजोर
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हुई बहुत कमजोर हुई लेकिन कुछ कहते हैं फिर 1772 के आसपास लगभग से लगभग
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1772 ईसवी तक इनकी स्थिति मजबूत
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हुई इनकी स्थिति क्या हुई मजबूत
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हुई और मजबूत इस प्रकार हुई कि आप सभी को यकीन नहीं होगा कि 1772 की ईस्वी में जब
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एक फ्रांसीसी कंपनी का गवर्नर बनकर आता है उसका नाम पता है क्या है और भैया डुपले ओ
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भैया डुपले जो है फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी का गवर्नर बनकर भारत आया इसने अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया और आपको
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बता दूं 1772 में जब डुप्ले ईस्ट इंडिया कंपनी का गवर्नर
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बनता है फ्रांस की तरफ से ठीक है तो यह एक मात्र ऐसा व्यक्ति है जिसने जो अंग्रेजों
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का दिमाग तो छोड़ो यानी 100 अंग्रेज मिला लो और एक ही खुद लगा लो एक व्यक्ति य पूरी
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ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी पर भारी हो गया था नाक में धम कर दिया सोना हराम कर दिया
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अंग्रेजों का अंग्रेज चाल चलते उसको यह तुरंत फेल कर दिया करता था इसका दिमाग
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यानी कहते हैं कुटिल बुद्धि कुटिल बुद्धि था शार्प माइंड था
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इसका बिल्कुल किसी भी चाल को तुरंत फेल कर देने वाला व्यक्ति था य य इसको सबसे बड़ा
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राजनीतिज्ञ कहा जाता है डुपले को और मैं डुपले का बहुत बड़ा फैन हूं बहुत बड़ा फैन हू डुपले का क्योंकि डुपले आज होता ना तो
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अंग्रेज इस तरह अत्याचार नहीं करते आज हालांकि वो उस वक्त भी नहीं खत्म हुआ
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था लेकिन उसको फ्रांस की सरकार ने वापस बुला लिया था बस फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की एक ही कमी थी किय पूर्णत सरकारी
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कंपनी थी और जो जो कंपनी सरकार के नियंत्रण में काम करेगी वह कभी भी मुनाफा नहीं कमा सकती और सरकार कभी भी अफसर को
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पूरी तरह खुली छूट नहीं देती है इसलिए डुपले को भी सरकार ने खुली छूट नहीं दी थी
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लेकिन डुपले ने जितना भी काम किया बहुत अच्छा किया अंग्रेजों के विरोध में काम किया हमेशा इस व्यक्ति ने इसलिए बहुत आइडल
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रहा है मेरा अभी तक आइडल है क्योंकि जिस तरीके से कर्नाटक वॉर में अपनी चाल चलेगा
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आप भी देख के हैरान हो जाएंगे लेकिन इसके लिए आपको इंतजार करना पड़ेगा और फिर मिलते हैं आपसे नेक्स्ट लेक्चर में तो कैसा लगा
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आप सभी को चलिए तो फिर आपसे कल नेक्स्ट नेक्स्ट लेक्चर में मिलेंगे आपसे
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हम चलिए तो आज ही और
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youtube1 क्यू हम कराएंगे ठीक है इंडियन पॉलिटी से संबंधित हैं सभी आ जाइए जुड़
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जाएंगे सभी बहुत अच्छा लगेगा या लाइव क्लास होती है जहां पर हम आपसे ऑफलाइन तो देखो नहीं आ सकते लेकिन ऑनलाइन
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हमें आपसे रूबरू होने का मौका मिलता है बहुत अच्छी बात है आमना सामना हो जाता है हालचाल पूछ लिया करते हैं चलिए तो फिर
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मिलते हैं आपसे और यह क्लास अभी यहां फिनिश होती है हैव अ गुड
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डे चलिए नमस्कार सभी को
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[संगीत]

