Fundamental Rights - Article 12 to 35 of Indian Constitution #ParikshaJunction #FundamentalRights 6
Nov 12, 2024
The #FundamentalRights in India enshrined in part III (Article 12–35) of the #Constitution of India guarantee civil liberties such that all Indians can lead their lives in peace and harmony as citizens of #India. These rights are known as "fundamental" as they are the most essential for all-round development i.e., material, intellectual, moral and spiritual and protected by fundamental law of the land i.e. constitution. If the rights provided by Constitution especially the #Fundamentalrights are violated the Supreme Court and the High Courts can issue writs under #Articles32 and 226 of the #Constitution, respectively, directing the State Machinery for enforcement of the fundamental rights.
Part 1 : https://youtu.be/ZEE7GBAq6V0
Part 2 : https://youtu.be/u2A7xzyWZOQ
Part 3 : https://youtu.be/yUnFLMHBZhY
Part 4 : https://youtu.be/9ikxiXqaMNM
Part 5 : https://youtu.be/Uwe_aPB2GcY
Part 6 : https://youtu.be/2SlMt7-MDFo
These include individual rights common to most liberal democracies, such as equality before law, freedom of speech and expression, freedom of association and peaceful assembly, freedom to practice religion and the right to constitutional remedies for the protection of civil rights by means of writs such as habeas corpus. Violations of these rights result in punishments as prescribed in the #BharatiyaNyayaSanhita #BNS subject to discretion of the judiciary. The #FundamentalRights are defined as basic human freedoms where every Indian citizen has the right to enjoy for a proper and harmonious development of personality and life. These rights apply universally to all citizens of India, irrespective of their race, place of birth, religion, caste or gender. They are enforceable by the courts, subject to certain restrictions. The Rights have their origins in many sources, including England's Bill of Rights, the United States Bill of Rights and France's Declaration of the Rights of Man. #Satta #politics #king
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नमस्कार सभी को परीक्षा जंक्शन के इस प्लेटफॉर्म पर सभी का हार्दिक स्वागत है
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तो चलिए पॉलिटी के लेक्चर की तर बात कर लेते हैं और जो प्रीवियस लेक्चर हुए हैं वो आप देख लीजिए एक बार कि कुछ लोगों ने
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देखा भी है और मैं चाहता हूं कि इस उस प्रीवियस लेक्चर को ज्यादा से ज्यादा शेयर किया जाए ताकि और भी ज्यादा से लोगों तक
0:18
ये पहुंच सके कि हम जो पॉलिटी में कांसेप्चुअल आर्टिकल पढ़ा रहे हैं वो आप तक पहुंच सके ठीक है सही तरीके से और आप
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आने वाले एग्जाम की तैयारी अच्छे से कर पाएं हमारा केवल यही मकसद है तो चलिए
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स्टार्ट करते हैं आर्टिकल 18 की तरफ शायद कल मैं आर्टिकल 18 भी लगभग पढ़ा चुका था
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या थोड़ा बहुत बताया था मैंने उपाधियों के अंत के बारे में लेकिन मैं आर्टिकल 17 की बात कर रहा हूं आपसे आर्टिकल 17 में मैंने
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आपको एवोल्यूशन ऑफ अनटचेबिलिटी पढ़ाया राइट तो एवोल्यूशन ऑफ अनटचेबिलिटी का मतलब
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होता है अस्पताल का अंत करना ये छुआछूत के बारे में मैंने बताया कि आप अपने व्यवहार से और
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अपने एक्शन से यानी अपने बिहेव से और अपने से किसी से छुआछूत कर सकते हैं जैसे कि
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मतलब कर सकते हैं इन द सेंस लोग कर रहे हैं लेकिन यह चीज गलत है यह चीज बिल्कुल गलत है क्योंकि सरकार भी इसको रोकने का
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पूरा प्रयास करती है भरपूर प्रयास करती है और यदि लोग फिर भी करते हैं तो इसके लिए हमारे संविधान ने पूरे दंड की व्यवस्था की
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हुई है जैसे कि कल मैंने बताया था आपको अस्पृश्यता अपराध अधिनियम 1955 को बदलकर
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इन्होंने क्या कर दिया सरकार ने सिविल राइट्स प्रोटेक्शन एक्ट ऑफ 1976 कर दिया
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अब आगे चलते हैं तो हा मुझे छुआछूत के ऊपर एक कुछ कथन याद आ रहे हैं मैं जरा बोलना
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चाहूंगा देखो इस दुनिया में इंसान इंसान से ही छुआछूत करता है लेकिन इंसान की
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फितरत देखो हमारा आज की दुनिया का इंसान कितना दोगला है आप सोचिए एक बार क्यों है
1:51
वो दोगला देखिए क्योंकि आप जानते हैं कि इंसान इंसान से छुआछूत करता है उसके एक्शन
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से करता है व्यवहार से करता है जाति को जज करता जो इंसान छुआछूत करते हैं मैं उनसे
2:03
कहना चाह रहा हूं जो नहीं करते हैं उनका भरपूर सम्मान करता हूं लेकिन जो आज भी छुआछूत फैला रहे हैं सिखा रहे हैं अपने
2:11
बच्चों को बता रहे हैं कि बेटा देखो ये इस जाति का है को घर नहीं आने देना इससे बातचीत नहीं करनी इसको टच नहीं करना इसको
2:18
घर पर नहीं लाना तो ये क्या है ये उस बच्चे के अंदर डाला जा रहा है कि बेटा देखो इस जाति के लोगों से हम बात किया
2:25
नहीं करते इन जाति के लोगों को घर में नहीं बैठाया करते ये आज भी हमारे यहां पर
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कुछ ऐसे र्जन हैं गांव में जो इन बच्चों को सखा रहे हैं ऐसे किया करो ऐसे किया और
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वही फिर आगे जाकर पीढ़ी बन जाती है और फिर यह दर पीढ़ी दर पीढ़ी चलता रहता है लेकिन
2:43
छुआछूत के ऊपर मैं बता दूं कि इंसान इंसान से छुआछूत कर सकता है लेकिन इंसान एक चीज
2:49
से छुआछूत आज की दुनिया में एक पैसा नी रुपया नोट एक
2:55
ऐसा चीज है जिससे छुआछूत कभी हो ही नहीं सकता क्यक आपको बता दूं पैसा ऐसा चीज है
3:03
जिससे छुआछूत नहीं होता क्योंकि पैसा एक एक हाथ से निकलकर दूसरे हाथों में जब कोई
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यह नहीं कहता कि नहीं नहीं नहीं यह पैसा नहीं लूंगा क्योंकि उस हाथ से निकल के भी आया होगा क्योंकि एक कहावत है ना कि एक 500 का
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नोट कसाई के हाथों से निकलकर मंदिर और मस्जिदों में चढ़ावे में चढ़ाया जाता है
3:24
तब कोई नहीं कहता ये छुआछूत है नहीं क्योंकि वहां तो सिर्फ पैसे की
3:30
तो पैसा एक ऐसी चीज है जिसके साथ छुआछूत असंभव है चलिए आगे चलते हैं आर्टिकल 18 की तरफ
3:38
और आर्टिकल 18 में हम बात कर लेते हैं उपाधियों के अंत के बारे
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में हमारा है अनुच्छेद
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18 और अनुच्छेद 18 में आता है उपाधियों का अ एवोल्यूशन ऑफ
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स्टेटस कह सकते हैं इसको उपाधियों का अंत देखो उपाधियों का अंत कहने का मतलब यह
4:06
है कि आपको पता है कि अंग्रेजों के समय में अंग्रेजों के समय में कुछ उपाधियां दी
4:13
जाती थी मा हमारे भारतीय नागरिकों को भी दी गई थी कुछ भारतीय भी थे और कुछ अंग्रेज
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भी थे तो अंग्रेजों में जैसे हम बात कर लेते हैं अंग्रेजी जो ऑफिसर हुआ करते थे जैसे कि गवर्नर जनरल
4:25
हुए वरेन हिस्ट जिनका नाम था गवर्नर जनरल होना लर्ड का होना सर का होना वायस राय का
4:33
होना य सब उपाधि थी जिनको आप लर्ड कहते थे य कहते थे ऐसे या कुल मिला
4:42
केका बैकग्राउंड हिस्ट्री की बात करें तो बैकग्राउंड हिस्ट्री कुछ ऐसी थी अंग्रेजों
4:47
के समय में अंग्रेजों के समय में यानी कॉलोनियल
4:53
टाइम पीरियड में अंग्रेजों के समय में
5:00
वयस राय लॉर्ड वायस राय और जैसे कि राय
5:05
बादुर सर की उपाधि चलती थी राज बहादुर राय बहादुर ऐसे चल राज बहादुर ठीक है आप कह
5:14
सकते हैं राज बहादुर की उपाधि चलती थी महाराजा की उपाधि चलती थी महाराजा कहते थे
5:20
कुछ लोग राजा भी इसको कहते थे तो इस प्रकार से यहां पर उपाधियां काम करती ठीक
5:26
है राजा महाराजा राज बहादुर वॉयस राय लड ऐसे कुछ और एक थी आपकी सर की उपाधि किसकी
5:33
उपाधि थी सर की चलिए तो अंग्रेजों के समय में इस प्रकार की उपाधियां कुछ लोगों को
5:39
दी जाती थी इस प्रकार की उपाधियां
5:45
इस प्रकार की उपाधियां
5:50
द जाती थी लेकिन आप जानते हैं उपाधियां देना ठीक है लेकिन उपाधियों के देने से
5:58
यदि समाज में असमानता बढ़ जाती है तो फिर उपाधियों का अस्तित्व क्या हो जाता है
6:04
उपाधियों का अस्तित्व समाज को खतरे में डाल देता है समाज की संस्कृति यानी हमारे
6:09
कल्चर ऑफ सोसाइटी आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी यानी ये क्या होता है समाज की सभ्यता उसका
6:15
मैनर यानी उसकी संस्कृति उसकी कला सब खतरे में आ जाती है समाज में अवसरों की असमानता
6:21
बढ़ जाती है समाज में लोग स्टेटस को अपना नाम बना लेते हैं और जिनके पास स्टेटस
6:27
नहीं होता उनको नीचा दिखाने का प्रयास करते हैं तो कुल मिलाकर मैं कहना चाह रहा हूं जब उपाधि किसी के पास आ जाती थी उस
6:34
समय में तो वह अपने आप को अब सबसे अलग समझता था और सबसे उसके साथ अलग ट्रीट जैसे
6:41
जब किसी को उपाधि मिल जाती है तो वह अपने साथ क्या कर लेता है अपने आप को एक विशेष अधिकार व्यक्ति वो यह सोचता है कि मेरे
6:49
पास इस दुनिया में मेरे पास इस दुनिया में सबसे ज्यादा अधिकार हैं और मैं इन अधिकारों का इस्तेमाल किसी भी तरह कर सकता
6:56
हूं क्योंकि मेरे पास तो उपाधि है महाराजा की राजा की लेकिन आज हमारे देश में ऐसी
7:04
कोई उपाधियों का सब यहां पर नहीं दी जा सकती अब सरकार को आर्टिकल 18 में क्या कहा
7:11
गया है मैं आपसे पूछना चाहूंगा देखिए अब हिस्ट्री तो हमारी यह थी लेकिन क्या होता
7:16
था इनका प्रभाव क्या था जैसे इनका प्रभाव जान लेते हैं कि भाई उपाधियों के देने से
7:22
समाज पर क्या प्रभाव पड़ता था देखो उपाधियां देने से आप उस व्यक्ति का सम्मान तो कर रहे हो एक अच्छी बात तो है ये
7:30
उपाधियों में क्या अच्छी बात है जैसे कि कल को मैंने कोई अच्छा काम किया तो मुझे उपाधि देना ठीक है यानी इस पास से मैं खुश
7:38
हूं इस बात से मैं खुश हूं और मुझे उपाधि देने वाला खुश है लेकिन यदि मुझे वो उपाधि
7:46
मिल चुकी है और मैं इस घमंड में आ गया कि मुझे उपाधि मिल गई है मैं सबसे अलग हूं
7:51
मुझे ज्यादा ही अधिकार मिले हुए हैं मुझे सब कुछ करने का लाइसेंस मिल गया है तो यह गलत है और फिर मैं उस नाम का मे नाम का
8:00
गलत इस्तेमाल करता हूं तो इससे क्या होती है समाज में अराजकता फैल जाती है समाज में
8:06
अवसर की असमानता आ जाती है आपको समझना होगा तो प्रभाव में क्या आता है उपाधि
8:11
देना गलत नहीं है उपाधियों से व्यक्ति का सम्मान तो किया जा सकता है उपाधियों से
8:18
व्यक्तियों का सम्मान तो किया जा सकता है व्यक्तियों का सम्मान तो किया जा सकता
8:26
है सम्मान तो किया जा सकता
8:32
समान तो किया जा सकता है लेकिन लेकिन उपाधियां समाज में क्या
8:40
करती है समाज में अवसर की असमानता को बढ़ाती है लेकिन उपाधियां
8:47
लेकिन उपाधियों से समाज में लेकिन उपाधियों
8:54
से समाज में अवसर की असमानता बढ़ती
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है अवसर की असमानता बढ़ जाती
9:10
है समझ गए ना अब जैसे हम बात कर लेते अभी करंट के मुद्दे तो करंट का मुद्दा क्या था
9:16
अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या किया था कि जो कलेक्टर को आईएएस को जो लाल
9:23
बत्ती की गाड़ी मिलती थी और खुद प्रधानमंत्री लाल बद्दी की गाड़ी हुआ करती थी आप सभी को पता है यानी पहले के टा जब
9:31
नेता लीडर जो थे पॉलिटिशियन हुए एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर हुए जैसे आईएस है
9:36
आईपीएस है आईएफएस है इनको लाल बत्ती की गाड़िया दी जाती य लाल बत्ती की गाड़िया
9:42
जो थी य एक स्टेट हाई स्टेटस यह बताती थी मैं मानता हूं कि
9:48
कलेक्टर है वह कलेक्टर बना है तो उसको सम्मान के तौर पर लाल बत्ती दी जा रही है लेकिन उस लाल बत्ती का इस्तेमाल गलत तरीके
9:56
से होने आप जानते हो ना यानी लाल बत्ती लोग दुनिया इसको क्या एक खेल समझ लग गई
10:05
यानी कोई भी छोटा छुट मुट नेता सरपंच है तो व लाल बत्ती लगा रहा है कोई यूनियन
10:10
प्रेसिडेंट का नेता है यूनियन प्रेसिडेंट मतलब कोई छात्र संघ कॉलेज का अध्यक्ष है तो वह भैया लाल बत्ती लगा रहे हैं आप
10:17
सोचिए कॉलेजों में जो एक एक साल को प्रेसिडेंट के इलेक्शन होते हैं ना वो जीतने के बाद लाल बत्ती लगा रहे हैं यानी
10:25
इस प्रकार से हमारे देश में इस लाल बत्ती का प्रयोग एक स्टेटस को शो करने के लिए
10:30
किया गया एक दुरुपयोग करने के लिए किया गया इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
10:35
अपने दूसरे टर्म में अपने दूसरे टर में अपने सहित यानी प्रधानमंत्री की गाड़ी
10:41
सहित राष्ट्रपति की गाड़ी से भी लालबत्ती की गाड़ी वो लाल बत्ती को हटा दिया गया
10:47
लाल बत्ती लाल बत्ती कितनी खूबसूरत लगती थी पहले सारे नेता यानी सारे एमपी और सारे
10:53
एमल पहले लाल बत्ती की गाड़ी में चल लेकिन अब लाल बत्ती बिल्कुल भी नहीं आप आपने
10:59
देखा ये चेंज हमारे भारत में कितना बड़ा परिवर्तन यानी सब बराबर है कोई बड़ा नहीं
11:05
है हां पद में बड़ा हो सकता है लेकिन प्रतिष्ठा के साथ जीने का सभी को
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अधिकार प्रतिष्ठा में तो झोपड़ी में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति का भूखा है उसे भी
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सम्मान चाहिए आप उससे यह नहीं कह सकते कि भाई क्या करोगे सम्मान
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का ठीक है तो ये बात समझे आप
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अब आते हैं ऑथेंटिक तरीके तो यह तो थी उपाधि लेकिन अब आते हैं अनुच्छेद क्या
11:41
कहता आर्टिकल 18 में एक ऑथेंटिक लैंग्वेज काम करती है वह देख लेते जो मैं रेड से लिख रहा हूं यह टिक
11:49
लैंग्वेज है लिखेंगे यहां पर सरकार को अधिकार
11:57
है सर सरकार को यह अधिकार नहीं
12:03
है सरकार को यह अधिकार नहीं
12:09
है कि वह कि वह सेना व शिक्षा के क्षेत्र को
12:17
छोड़कर सेना व शिक्षा के क्षेत्र
12:25
को छोड़कर अन्य किसी भी क्षेत्र में
12:31
अन्य किसी भी क्षेत्र में अन्य किसी भी क्षेत्र
12:39
में उपाधियां दे उपाधियां दे यानी कुल मिलाकर मैं बात
12:46
समझ चुका हूं कि सरकार को कभी भी यह राइट नहीं है कि सेना व शिक्षा को छोड़ देखो आज
12:53
हमारे भारत में जो सरकारें होती हैं वो सेना और शिक्षा को छोड़कर किसी भी क्षेत्र
12:58
में दे सक यानी यह सरकार की मनमानी और सरकार के द्वारा किसी भी क्षेत्र उपाधि के खिलाफ
13:05
काम करता सरकार जब चाहे किसी को उठाकर उपाधि नहीं दे सकती आपको मैं बता दूं
13:12
सरकार भी चाहे तो जिले के किसी व्यक्ति को राजा या महाराजा नहीं बना सकती उसको वाराई
13:17
नहीं बना सकती उपाधि है कर की उपाधि नहीं कैसे अब देखो सेना में सरकार जो
13:24
सरकार होती है वो सेना में कैसे कैसे वो देती है पुरस्कार यानी उपाधि जैसे कि
13:30
परमवीर चक्र अशोक चक्र कीर्ति चक्र ऐसे ऐसे बड़े-बड़े चक्र देती है यानी ऐसे
13:35
बड़े-बड़े पुरस्कार देती है तो सेना में कौन सेन कौन-कौन से पुरस्कार दिए जाते हैं सेना में मिलते हैं जैसे कि आज भी सेना
13:42
में सरकार जो होती है आप सभी को बता द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी जब एक
13:48
राष्ट्रपति के एग्जाम राष्ट्रपति के असेंबली हॉल में जब बैठते हैं तो वहां
13:54
पर राष्ट्रपति जो हमारे शहीद हैं जिन्होंने युद्ध में मुठभेड़ में आतंकवादियों की
14:01
गोलीबारी के समय जिनकी मुठभेड़ में मृत्यु हो जाती है वो शहीद का दर्जा प्राप्त करते और शहीद के दर्जे में के तहत उनके
14:08
परिवारों को सेना सेना में जो उनके किसी का भाई है
14:13
किसी का बहन है किसी का भाई किसी की बहन किसी का पत्नी किसी का पति जो भी है उनके
14:18
परिवार से जुड़े सभी सदस को उपाधि दी जाती है उसके नाम से जैसे एक होता है आपका
14:24
परमवीर चक्र एक होता है परमवीर चक्र एक होता है
14:30
आपका कौन सा कीर्ति चक्र कीर्ति चक्र ये उपाधि है सारी कीर्ति
14:35
चक्र एक होता है अशोक चक्र यह सारी उपाधियां काम ठीक है परमवीर
14:43
चक्र कीर्ति चक्र अशोक चक्र एक होता है शहीद का
14:53
दर्जा आप कभी कहीं भी जाइए जयपुर जाइए दिल्ली जाइए
14:59
या बॉम्बे जाइए बेंगलोर जाइए कहीं भी जाइए पूरे भारत में आप जब
15:06
कहीं सॉरी तो कहीं भी जाइए आप आपको क्या लगता है जब आप कहीं भी निकलते हैं तो
15:14
कभी-कभी आपने देखा होगा बाहर की इस दुनिया में रोड के नाम जो रोड होती है हमारे जो
15:19
ट्रांसपोर्ट जहां पर चलता है रोड ट्रांसपोर्ट जहां पर है तो रोड़ों के नाम कभी-कभी शहीदों के नाम पर किए जाते जैसे
15:27
हम जयपुर में जहां रहते थे तो जयपुर में हम जहां रहते थे उसके सामने वाला य फ्रंट में जो रोड था य बहुत बड़ा हाईवे था तो
15:35
वहां पर क्या था उस रोड पे एक शहीद अशोक सिंह के नाम पर वो रोड थी इसका मतलब यह है
15:42
कि अशोक सिंह जो थे व किसी भी तरह शहीद हुए देश के लिए उसके अलावा उनके नाम के
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आगे शहीद गया और उस रोड का नाम अशोक शहीद अशोक सिंह कुल मिला के सैनिक शहीद हो जाते
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हैं उनके नाम के आगे शहीद ल है क्यों क्योंकि ये उपाधि है यह एक सम्मान भी है
16:03
चलिए उसके अलावा शिक्षा की हम बात करें तो शिक्षा में दी जाती है डॉक्टरेट की उपाधि किसकी डॉक्टर की उपाधि आप सभी को पता है
16:11
डॉक्टर की उपाधि शिक्षा में दी जाती नहीं दी जाती जैसे कि जब कोई पीएचडी कर लेता है तो पीएचडी के बाद या कोई एमबीबीएस की
16:18
पढ़ाई पूरी कर ले तो डॉक्टर की उपाधि ऑटोमेटिक लग जाती है और डॉक्टर की उपाधि उस समय इन डॉक्टरों की हाइपोक्रिटिकल होती
16:24
है जो एमबीबीएस वाले डॉक्टर होते हैं उनकी एक हाइपोक्रिटिकल दी जाती है उनके बाद इन्हें डॉक्टर की
16:31
उपाधि मंच पर थमा दी जाती है आज से आप डॉक्टर है ठीक है ब हर कोई डॉक्टर बन
16:37
जाएगा चलिए तो आप य सेना और शिक्षा को याद रखना सरकार केवल सेना व शिक्षा में ही
16:44
उपाधि दे सकती है और किसी क्षेत्र में उपाधि नहीं दे सकती
16:50
चलिए आप पूछेंगे सर उपाधि में और सम्मान में क्या फर्क है यह बात तो पूछने लायक भी
16:56
है देखो सम्मान जो होता है सम्मान और उपादी में लगभग लगभग छोटा सा
17:02
फर्क है ज्यादा फर्क नहीं है लगभग होने को तो दोनों सिमिलर है उपाधि भी किसी को
17:08
सम्मान व्यक्त करने के लिए दी जाती है और सम्मान तो है ही सम्मान है अपने आप तो सम्मान और उपाधि में क्या सा फर्क है कि
17:15
जो व्यक्ति सम्मान का इस्तेमाल करेगा जिसको सम्मान दिया जाएगा वो नाम के अपने
17:20
नाम के आगे कभी भी उसका इस्तेमाल नहीं कर सकता ठीक है और जिसको कभी भी छीना जा सकता
17:27
सम्मान वो है यानी जैसे आज आप मान लो किसी का सम्मान करते हो तो किसी का सम्मान
17:33
जिंदगी भर इसलिए तो करते हो क्योंकि सामने वाला आपके साथ अच्छा है या आपकी इज्जत
17:39
करता है व अभी तो आप उसका सम्मान कर रहे हो जिंदगी भर लेकिन मान लो जिंदगी भर आप उसका सम्मान नहीं कर पाए तो इसका केवल एक
17:46
मात्र कारण हो सकता है कि भाई सामने वाले इंसान ने आपकी इज्जत नहीं की अभी तो आप
17:51
उसका सम्मान नहीं कर पा रहे हो जैसे पहले क्या होता था पहले एक कहावत चलती थी कि भ
17:58
यार पहले मैं उसका का बहुत सम्मान करता था बहुत अच्छा दोस्त था मेरा लेकिन आज तो मैं उसको पूछता भी नहीं ऐसा ही है बेकार है
18:05
नीच प्रवृत्ति का यह बोल देते इसका मतलब यह हुआ कुल मिला के ये क्या कहना चाह रहे
18:11
हैं कि पहले मैं उसका सम्मान करता था क्योंकि वह मेरा सम्मान करता सम्मान के बदले सम्मान गुन के बदले एक कहावत थी
18:22
इसलिए तो कुल मिलाकर सम्मान जो होता है सम्मान को छीना भी जा सकता है और इसे अपने
18:29
नाम के आगे कभी इस्तेमाल नहीं कर सकते एक हम बात की जाता है एक होता है उपाधि उपाधि
18:35
जब एक बार किसी को मिल जाती है तो उससे आप उपाधि को छीन नहीं सकते जब तक वो उस उपाधि
18:41
को ना लौटाए जब तक वह स्वेच्छा से जैसे कल को मुझे मान लो राजा की उपाधि मिल गई तो जब
18:48
तक मैं राजा की उपाधि को देने वाले को नहीं लौटा दूंगा तब तक वो मेरे नाम के आगे
18:54
हमेशा लगती और उपाधि का एक खास बात होती है कि नाम के आगे हमेशा
19:00
जुड़ और नाम के आगे जुड़ने से उस व्यक्ति में ऑटोमेटिक घमंड आ जाता है देखो मेरे
19:07
नाम के आगे एक और जुड़ती जैसे कल को मान लो किसी आप व्यक्ति से मिलते डॉक्टर से
19:12
मिलो उसे आप नाम से नहीं पुकारते क्या कहते हो डॉक्टर साहब अरे डॉक्टर साहब आ गए डॉक्टर साहब आ गए यह क्या है या डॉक्टर
19:20
फलाना डॉक्टर रमेश सेन आ गए डॉक्टर कैलाश जी आ गए नाम के आगे ऑटोमेटिक डॉक्टर लग
19:26
जाते वो आपके साथ हमेशा रहेगा डॉक्टर एक होता है शहीद अरे यार शहीद परमवीर सिंह के
19:35
पिताजी आए ऑटोमेटिक शहीद लग उपाधियां हमेशा आपके
19:41
नाम के आगे जुड़ी रहती है आपसे उसे कोई नहीं छीन सकता जब तक आप स्वेच्छा से उस
19:46
उपाधि को ना लौटा दे ठीक है और सम्मान जो होता है य कभी भी सरकार द्वारा छीना जा
19:52
सकता है और इसे अपने नाम के आगे कभी माल नहीं किया जाता ये उपाधि और सम्मान में एक
19:58
फर्क होता छोटा ठीक हैलिए किताबों में नहीं लिखा य कॉमन सेंस वाली बात
20:05
हो अब आर्टिकल 18 आपने पूरी तरह पढ़ लिया है तो यह वेरी वेरी इंपॉर्टेंट है याद
20:11
रखना चलिए ओके इसका मतलब यह है कि यह हमारा 18 सब क्लज वन हो गया क्या हो गया
20:18
18 सब क्लस वन हो गया सभी नोट डाउन कर लेना 18 सब क्लस वन आर्टिकल आपके सामने
20:24
कंप्लीट है अब आते 18 सब क्लस टू आर्टिकल एक बार मैं 18 सब क्लज टू बात कर लेते हैं
20:31
देखो इसके चार क्लज है तो घबराने वाली बात नहीं है 18 सब क्लज ू और यह है
20:39
अनुच्छेद अब 18 सब क्लस टू आर्टिकल क्या कहता है एक बार इस पर भी जिक्र कर देख
20:45
अच्छा 18 सब क्लस टू में मुझे एक बात महसूस हो रही है मैं बोल देता हूं एक बार आप एक बार मुझे गौर फरमाइए तो उस पर यह
20:53
बोला गया कि भारत का कोई नागरिक है चलो मान लिया सरकार सेना शिक्षा को छड़ के
21:00
क्षेत्र को छोड़कर किसी भी क्षेत्र में उपाधि नहीं दे सक ठीक है सम्मान तो दे सकती है ना पदम भूषण पदम विभूषण की बात
21:07
बाद में करूंगा अभी नहीं अभी आप सुन लीजिए तो एक्चुअली में फिर यह पता लगा मुझे कि
21:14
भाई चलो ठीक है हमारी सरकार तो सेना और शिक्षा को छोड़कर तो किसी भी क्षेत्र उपाधि नहीं दे सकती मान लिया क्या कोई
21:22
हमको मुझे आपको कोई सरकार उपाधि दे सकती है क्या कोई अन्य सरकार
21:29
फ्रांस की अमेरिका का राष्ट्रपति फ्रांस का राष्ट्रपति जर्मनी का चांसलर क्या हमको उपाधि दे सकता है क्या देख लेते लिखेंगे
21:37
आप इसमें भारतीय क्षेत्र का कोई नागरिक या भारतीय
21:44
नागरिक भारतीय नागरिक भारत का राज्य क्षेत्र का कोई निवासी है भारत का नागरिक
21:49
है ठीक है तो भारतीय नागरिक भारतीय नागरिक भी
22:00
राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के बिना राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के बिना
22:09
पूर्व अनुमति के बिना पूर्व अनुमति के
22:16
बिना पूर्व अनुमति के बिना किसी अन्य विदेशी क्षेत्र की सरकार
22:22
से अन्य किसी अन्य विदेशी क्षेत्र की सरकार
22:29
से विदेशी क्षेत्र की सरकार से उपाधि ग्रहण नहीं कर सकता एक्सेप्ट
22:37
नहीं कर सकता अडॉप्ट नहीं कर सकता
22:43
उपाधि ग्रहण नहीं कर
22:50
सकता तो यह था आर्टिकल 18 सब क्लॉस टू अब
22:55
मुझे बताइए समझ में आया नहीं आया आपको जैसे लो कल आज मैं हूं आज भारत में हूं
23:00
भारत का नागरिक हूं ठीक है सहमत अब मान लो मैंने कोई अमेरिका की सरकार के लिए फ्रांस
23:07
की सरकार के लिए फ्रांस के देश के लिए मैंने कोई ऐसा काम कर दिया कि फ्रांस के राष्ट्रपति इनुल मैक्रोन खुश हो उन्होंने
23:14
बोला कि क्या बात है अरे भारत के एक बंदे ने बहुत अच्छा काम किया हम उसको उपाधि देना चाहते हैं सम्मान देना चाहते हैं तो
23:21
देखो हालांकि मैं आपको बता दूं यदि राष्ट्रपति अनुमति दे देते हैं भाई ठीक है
23:28
वैसे तो राष्ट्रपति की अनुमति के बिना आप फ्रांस की सरकार से उपाधि नहीं ले लेकिन बाय चांस ऐसा हो जाता है कि राष्ट्रपति
23:35
परमिशन दे देते हैं क्योंकि राष्ट्रपति ने सोचा है कि हमारे देश का सम्मान है यदि
23:41
भारत का कोई बंदा फ्रांस जा रहा है सम्मान लेने उपाधि लेने तो बहुत बड़ी बात है चलो
23:46
भेज देते हैं तो मान लो भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्ग ने परमिशन दे दी मुझे ठीक है गौरव अब जा सकते हैं फ्रांस
23:53
जाइए और उपाधि लेकर आइए लेकिन जैसे ही वो उपाधि भारत में आती है तो भारत में आके वो
23:58
उपाधि न्यूट्रल हो जाएगी यानी मैं उस उपाधि का इस्तेमाल भारत में नहीं कर सकता कुल मिला के तो बात तो बराबर वही हो गई ना
24:06
कि उपाधि है यानी उपाधि को राष्ट्रपति ने मुझे लेने के लिए इसलिए भेजा ताकि हमारे
24:12
देश का नाम ऊंचा हो जाए सरकार का नाम ऊंचा हो जाएगा और कुछ बात नहीं है और मेरी समुदाय का यानी मेरे समाज का नाम बड़ा हो
24:19
जाएगा बात है लेकिन जब वो उपाधि इंडिया की तरफ आती है तो इंडिया में उस उपाधि की कोई
24:26
मान्यता ही नहीं है बस लोग याद रखेंगे लोग आपको दुआ में याद रखेंगे कि एक बार आप
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फ्रांस गए थे और राष्ट्रपति के सामने सम्मान लेके इतनी सी बात यानी कुल मिलाकर
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बात तो बराबर वही रही इसलिए कह सकते हैं राष्ट्रपति परमिशन दे भी देता है तो वह देश के सम्मान के तौर पर
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दे चलिए अब आते हैं नेक्स्ट बात अनुच्छेद मैं बात कर लेता हूं 18 सब क्लस थ की 18
24:52
सब क्लस थ में अब हम विदेशी नागरिक की बात करेंगे जैसे कि कल तो आप भारत के नागरिक थे मैं भारत का नागरिक था मैं यहां पर रह
25:00
रहा था ठीक है मैं भारत का नागरिक हूं भारत में ही रहूंगा और कहां रहूंगा यदि
25:05
यहां का नागरिक नहीं होता तो विदेशी नागरिक होता लेकिन भारत में फिर भी रह रहा होता यही होती लेकिन अब एक ऐसा व्यक्ति
25:12
आने वाला है जो भारत का नागरिक तो नहीं है लेकिन भारत में रह आपको क्या लगता है कि
25:17
भारतीय क्षेत्र में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति भारत का नागरिक हो गया क्या नहीं जी भारत की जमीन पर रहने वाला नाग व्यक्ति
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भारत का नागरिक हो हो भी सकता है और नहीं भी हो सक लेकिन हां भारत का नागरिक है तो
25:31
भारत का निवासी जरूर हो सक यह बात 100% शयो चलिए अब आते हैं 18 सबक्लॉज थ की तरफ
25:38
मान लो कोई विदेशी नागरिक है मान लो फ्रांस का ही नागरिक है फ्रांस का नागरिक
25:45
है फ्रेंच फ्रेंच उसके पास सिटीजनशिप है वो दिल्ली में रह रहा है भारतीय राजधानी
25:51
में और भारत की राजधानी दिल्ली में रह रहा है तो भारत में रह रहा है ठीक है अब मान
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लो कि फ्रांस की सरकार उस व्यक्ति को उपाधि देना चाहती
26:01
है ठीक है तो याद रखें यानी उस व्यक्ति को भी उपाधि नहीं जा
26:10
सकती जब तक राष्ट्रपति की अनुमति यानी भारत का राष्ट्रपति तब तक नहीं चाहेगा जब
26:16
तक वह फ्रेंच नागरिक अपने से उपाधि नहीं ले सकता और बाय चांस उपादी दे दी याद रखें
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यदि वो फ्रेंच का नागरिक उपादी लेकर भारत में आना चाहता है तो आ तो सकता है लेकिन
26:30
उस उपाधि का इस्तेमाल नहीं कर क्योंकि भारत में उपाधि का इस्तेमाल नहीं होता ठीक
26:35
चलिए हा फ्रांस कभी जाएगा तो फ्रांस में उपाधि का इस्तेमाल हो सकता य नहीं
26:41
होगा आप लिख सकते हैं लिख सकते हैं विदेशी
26:49
नागरिक विदेशी व्यक्ति विदेशी व्यक्ति जो भारत का निवासी
26:56
है भारत कावा है भारत का निवासी है किसी उद्देश्य से
27:05
काम के उद्देश्य से व्यापार से शिक्षा से तो मान लो कोई विदेशी व्यक्ति जो भारत का
27:11
निवासी है तो भी तो भी राष्ट्रपति की पूर्व
27:18
अनुमति के बिना तो भी राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के
27:25
बिना पूर्व अनुमति के बिना पूर्व अनुमति के
27:32
बिना उसे स्वयं की सरकार भी उसे स्वयं की सरकार
27:42
भी उसे स्वयं की सरकार
27:48
भी उपाधि नहीं दे सकती नहीं दी जा सकती
28:00
वेरी गुड बहुत अच्छे चलिए आप और एक 18 सब क्लस फो की बात
28:07
कर लेते हैं त समझाऊ पदम भूषण पदम विभूषण घबराइए
28:17
मत देखिए दूसरी बात कर लेते हैं 18 सब क्लस फ की 18 सब क्लस फो में बोला गया है
28:23
कि कोई विदेशी व्यक्ति कोई विदेशी व्यक्ति देखो विदेशी व्यक्ति दो तरीके एक तो वो व्यक्ति है
28:31
विदेशी जो भारत में रह तो रहे हैं लेकिन कोई व्यापार के उद्देश्य तो कोई शिक्षा के
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उद्देश्य से ठीक है तो कोई अपने रिलेटिव्स के पास रह ठीक है ये हो सकता है चलो लेकिन
28:44
एक विदेशी व्यक्ति वो होते हैं जो भारत में रहते ही रहते हैं जैसे कि अन्य देश के
28:51
राजदूत जैसे अभी कनाडा के राजदूत छह राजदूतों को भेजा गया कनाडा के कनाडा के छह राजदूतों को उनका ट्रांसफर किया गया
28:57
कनाडा वापस जाओ अब वो क्या थे वो कनाडा के ही नागरिक थे तो भारत में राजदूत के तौर
29:03
पर रह रहे थे और भारत सरकार काम कर रही समझे ना कि भारत सरकार और कनाडा की सरकार
29:09
के बीच में एक सेतु का काम करता है राजदूत एक ब्रिज का काम करता है राजदूत कि वो राजदूत हो तो राजदूत का मतलब होता है कि
29:17
जब अन्य देश की सरकार का नागरिक या अन्य देश का नागरिक जो हमारी सरकार के अधीन काम
29:23
कर रहा है वो राजदूत है और जो दोनों देशों की सरकार के बीच में ब्रिज का काम कर रहा है व राजदूत है ठीक है अब मान लो राजदूत
29:31
है हमारे दिल्ली में राजदूत आवास बने हुए हैं वहां पर अमेरिका का भी है कनाडा का भी
29:36
है अफगानिस्तान के भी है कई सारे हैं फ्रांस का भी है तो चीन का भी है तो सब
29:43
मान लेते हैं और यदि मान लो कोई विदेशी राजदूत यहां पर रह रहा है ठीक है तो क्या
29:49
उसे उसकी सरकार उपाधि दे सकती है नहीं दे सकती आप लिख लीजिए लिखेंगे वह विदेशी
29:56
व्यक्ति या वह विदेशी नागरिक वह विदेशी नागरिक जो
30:05
भारत जो भारत सरकार भारत सरकार या किसी अन्य राज्य
30:14
सरकार या किसी अन्य राज्य
30:21
सरकार के अधीन कार्यरत
30:26
है अ कार्यरत है तो
30:34
भी तो भी उसे राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के बिना
30:41
तो भी उसे राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के
30:47
बिना अनुमति के
30:54
बिना नहीं दी जा सकती
31:04
चलिए बहुत अच्छे अब आते हैं एक बार अच्छा अभी हमारे
31:11
मुझे एक बात याद आ रही है कि हमारे जो फेंड्स
31:17
है बड़े अकेले
31:24
हैं अकेले है नहीं है यानी अभी देखो बच्चों आपका जो दौड़ चल रहा
31:31
है ना अकेलापन का और मैं तो यह कह रहा हूं कि आपको किसी
31:38
साथ की ज आपको किसी के साथ की जरूरत ही आपको ऐसा
31:44
लगता है कि आप अकेले हैं क्या आपके साथ आपकी किताबें नहीं
31:49
लेकिन फिर भी जब आदमी उलझते उलझते किसी भी चीज में उ जाता है जैसे पढ़ाई
31:56
में अपनी नौकरी तो फिर उसे किसी भी चीज की किसी भी चीज के पास होना दूर नहीं कौन मेरे पास है कौन
32:06
मुझसे सीरियसली बता रहा यदि वो अपने काम में अच्छी तरह उलझ गया बिजी हो गया ना उसे
32:12
कोई फर्क नहीं लेकिन फिर भी यदि किसी बच्चे को यह लगता है कि मैं अकेला हूं
32:17
मेरे संघर्ष में कोई मेरे साथ नहीं है आप एक बार याद रखना आप जैसे जाने
32:24
कितने पहली बात और यदि कुछ बच्चों की शिकायत होती है कि सर हमारी तो गर्लफ्रेंड भी नहीं है सर ना
32:34
तो यह बहुत ही एक अजीब सा समस्या हैय तो बहुत बड़ी समस्या हो गई आपके साथ कि हमा
32:41
तो कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं हमारा तो कोई साथी भी नहीं है ना जीवन साथी तो बाद में आएगा पहले साथी तो मिल जाए हमको साथी नहीं
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मिल रहा है सर हम तो हमारा कोई हमारा ना साखी है ना साथी है अब उनके लिए बड़ी तो
32:53
मैं उनसे एक बात कहना चाहता हूं है ना जो प्योर सिंगल है क्योंकि आपको पता है 11
33:00
तारीख को सिंगल डे मनाया जाता है जो इस दुनिया में आज भी प्योर सिंगल है प्योर
33:05
बिल्कुल ठीक है तो याद रखना एक शेर है सिंगल के नाम मैं 11 तारीख को बोलता इसको
33:12
लेकिन आज बोल दे रहा हूं कोई नहीं कि हराम के रिश्ते हराम की रिलेशनशिप से हराम की
33:20
रिलेशनशिप की दुनिया में हराम की रिलेशनशिप कीया में यदि तुम आज भी तनाह हो
33:28
आराम के रिलेशनशिप या में आज भी तुम तन्हा और अकेले हो समझ जाना कि कोई मुखलिस इंसान
33:37
तुम्हारे लिए दुआ करके बैठ य बहुत बड़ी कहावत है और मुखलिस का मतलब होता है
33:43
ईमानदार लॉयल वफादार यह होता है मुखलिस इंसान यानी किसी आपके अच्छे साथी ने जो
33:52
मुखलिस रहेगा आपके साथ जब भी वो मिलेगा आपसे वो मुखलिस रहेगा नदार रहेगा आपके
33:58
यानी इस हराम के रिश्तेदारों हराम के जो रिलेशनशिप आज चल रही है तो केवल फिजिकल
34:06
अट्रैक्शन वाला होता है आज कीया में केवल फिजिकल अट्रैक्शन क नहीं है मुझे नहीं पता हा आज
34:14
भी होगी लोग आज भी है लेकिन ढूंढना बहुत
34:20
मुश्किल इस हराम के रिलेशनशिप की दुनिया में आज भी तन्हा और अकेले हो तो समझ जाना
34:28
कि कोई मुस इंसान तुम करके यानी जब वो आएगा तब वो
34:35
तु यानी वो मुखलिस इंसान भी आज वहां भी तनहा बैठा होगा तुम्हारे लिए और तुम उसके
34:42
लिए तो कुल मिला के जब तुम मिलोगे तो यह रिस्ता एक वफादारी का होगा एक यल्टी का
34:47
होगा एक फिजिकल अट्रैक्शन देखो मोहब्बत में फिजिकल अट्रैक्शन होता है मैं मानता हूं मोहब्बत में बच्चों फिजिकल अट्रैक्शन
34:55
होता है और फिजिकल अट्र यही ऐसी चीज है जो दोनों पार्टनर्स को जोड़े रखता है यह गलत
35:02
नहीं है लेकिन मोहब्बत में केवल फिजिकल अट्रैक्शन ही एक मात्र परिणाम है तो यह
35:07
गलत बात है यहां दिक्कत आ जाती है जसे कल मैंने एक बात शेर बोला था यदि मोहब्बत को
35:14
सुनने के लिए कानों की जरूरत पड़ जाए तो आंखों को आग लगा देनी समझे ना तो आप किसी से मोहब्बत करते
35:23
हैं क्योंकि उसका फिजिकल अट्रैक्शन है तोय
35:28
गलत हा मोहब्बत करते हैं मोहब्बत करने के साथ आपको फिजिकल अट्रैक्ट होना अच्छा लगता
35:34
है यह बहुत अच्छी चीज ओके इस बात को
35:40
समझना ठीक है जसे हम किसी से पूछते हैं कि भाई आपको उससे प्यार कैसे हुआ तो लोग क्या
35:45
कहते हैं अच्छी लगती है अच्छी लगती है व्ट
35:51
सस क्या स वट इ सेंस आपका मतलब क्या है इस चीज
35:58
आंखों से अच्छी लगती है लो से अच्छी लगती है कहां है क्या है एकदम बाई हाथ है भाई अच्छी लगती है बाई
36:06
हात है एक होता है इंसान को नेचर में अच्छा लगता है और कुछ ऐसे हैं फिजिकल अट्रैक्शन तो
36:14
मैं यही कह रहा हूं आज के इस रिलेशनशिप से दूरी रहे तो लेकिन हां जब कभी भी आपकी
36:21
लाइफ में कोई मुखलिस इंसान जरूर आए प्लीज उसे भी उसकी सजा मत दी अपना लीजिएगा
36:27
क्योंकि वो आया है लंबे समय चलिए तो अकेले नहीं है आप आपके साथ
36:33
बहुत लोग हैं आपके इर्दगिर्द है आपको भी नोटिस कर रहे हैं कभी कभी हमको महसूस भी
36:40
कोई नोटिस कर ससली लेकिन आप इस दुनिया में कहीं बैठे हैं चाहे आप चौराहे पर बैठ जाइए
36:47
आप चौराहे पर बैठे हैं और आप किसी को नहीं जा तो मैं बता रहा हूं गारंटी है चौराहे
36:52
पर जब आप बैठे हैं और आप किसी को नहीं जानते अनजान शहर लोग ना जानते हुए भी 10 लोग आपको
36:59
नोटिस करके जाएंगे ही जाएंगे ये हकीकत है और जबकि मैं वो 10 लोग बता रहा हूं जो
37:04
आपको जानते भी नहीं वेट करिए कहते हैं ना लेट्स वेट एंड
37:12
वच तो चलिए 18 सब क्लस फोर तक हम हो चुके हैं लेकिन इसके ऊपर एक नोट लिख लीजिए आप
37:18
क्योंकि बहुत ही इंपोर्टेंट हो सकता है मैं नोट बता देता हूं इसमें क्या नोट
37:23
है देखो नोट ये है बच्चों कि एक नोट हमारे पास आया ये 500 का नोट नहीं है या 10 का
37:29
नोट नहीं है एक नोट वो नोट है जो हमको 500 और 10 जैसी गड्डियां दिला सकता है कैसे जब
37:35
आप इस नोट को अच्छे से पढ़ेंगे तब एग्जाम हॉल में इसको क्लियर करेंगे और एग्जाम हॉल में क्लियर करने के बाद जो आपकी सैलरी
37:42
आएगी पहली वो 500 नोटों की गड्डियां से भर कर वो नोट नहीं है नोट दिलाने के काबिलियत
37:51
र ठीक है चलिए अब बात करते हैं ये नोट में ये कहा गया और बच्चे ने भी
37:58
पूछा मुझसे ऐसी बात नहीं है एक बच्चे ने पूछा ऑफलाइन बैच में यह बताइए कि पदम भूषण
38:04
पदम विभूषण पदम भूषण पदम विभूषण और पदम श्री और भारत रत्न क्या है सर य उपाधि है
38:13
य अवार्ड है य सम्मान है क्या है सर हम समझ में नहीं आता बताइए क्या है क्या हो सकता है याद
38:21
रखना सुप्रीम कोर्ट में इसमें जब जजमेंट आया तो सुप्रीम कोर्ट ने जजमेंट दिया है
38:27
कि पम भूषण पदम श्री और पदम विभूषण जैसे और भारत रत्न जैसे सम्मान एक उपाधि नहीं
38:33
है बल्कि वो सम्मान है और याद रखना यदि कोई व्यक्ति इनका इस्तेमाल गलत तरीके से
38:40
करेगा तो यह सम्मान वापस भी लिया जा सकता है कल को यह मत सोचना कि मुझे तो इंडिया
38:47
का हाईएस्ट सिविलयन अवार्ड मिल गया भारत रत्न अब तो मैं कुछ भी करूं मुझे क्या
38:52
कहने वाला ना मुझे पुलिसर कर सकती है ना मुझे कोर्ट सजा दे सकती है
38:58
यह मत सोचना कभी क्योंकि भारत रत्न जिन जिन को भी मिला है यदि वह इसका गलत
39:04
इस्तेमाल करेंगे याद रखें उन भारत रत्न ना जा सकता ठीक है चलिए बात को लिख
39:12
लीजिए आप कहोगे कि सर अब यह बताइए कभी-कभी हम यह देखते हैं न्यूजपेपर में आता है कि
39:19
अटल बिहारी वाजपेई भारत रत्न प्रधानम सर यह भी तो नाम के आगे इस्तेमाल हो रहा है
39:25
भारतर रत्न श्री बिहारी वाजपेई हमारे भारत के पूर्व प्रधानमंत्री आज जयंती मनाई गई य
39:32
क्यों इस्तेमाल हो रहा है जबक आपने तो बोला था कि उपाधि का इस्तेमाल तो कभी हम
39:37
करेंगे ही नहीं अरे य उपाधि नहीं अब आगे इस्तेमाल इसलिए हो रहा है जब जब हमारे
39:45
हमारे अच्छे सम्मान योग्य व्यक्तियों नाम अच्छे काम के लिए लिया जाता है
39:52
तो कोई गलत काम के लिए तो भारत सी बात है
39:58
देखिए तो लिखेंगे कि उच्चतम न्यायालय यानी सुप्रीम कोर्ट और आप परसों आपको पता है कि
40:05
11 तारीख को हमारे सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डी वाई चंद्र चू रिटायर
40:10
होने वाले हैं उन्होंने बहुत अच्छा बयान बोला डीवाई चंद्रो बोलते हैं कि मेरे कार्यकाल में यदि मेरे रहते हुए किसी को
40:17
हर्ट हुआ है तो प्लीज मुझे माफ कर देना मेरा इंटेंशन कभी भी किसी को हर्ट करना
40:23
नहीं था वो बात यह बोल के गए हैं और डी वाई चंद्री चू हमारे सुप्रीम कोर्ट के
40:30
सबसे काबिल न्यायाधीश रहे हैं उनके रिटायरमेंट पर हम उनको बधाई देते हैं
40:35
उन्होंने जितने भी कार्यकाल किए सबसे बड़ा मुद्दा राम मंदिर का उन्होंने ही निपटाया
40:41
जम्मू कश्मीर आर्टिकल 370 वहां से ही संवैधानिक हुई ईडब्ल्यूएस रिजर्वेशन
40:46
उन्होंने ही संवैधानिक का प्रमाण दिया बहुत बड़े-बड़े इन्होंने केस सुलझाए
40:51
हैं जो हर किसी के बस की नहीं थी भाई साहब बताइए राम मंदिर के ने सुलझाया जम्मू
40:58
कश्मीर से आर्टिकल 370 को इन्होंने वैद बताया उसके अलावा तीसरा केस क्या था
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इकोनॉमिकल वीकर सेक्शन 10 पर रिजर्वेशन इन्होंने ही इन्होंने ही उसको
41:09
कांस्टिट्यूशन बेंच पर मल लगाई थी तो डी वाई चंद्र चूर्ण को हम नमन करते हैं उनके
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रिटायरमेंट पर उनको बधाई देते हैं कि वह अपने इस जज से फ्री हो चुके हैं अब वो जो
41:21
जिंदगी बिताएंगे अब वो सुकून वाली होगी तो उन्होंने बहुत अच्छा काम किया और इनके पिताजी भी रा गांधी के समय चीफ जस्टिस रह
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चुके हैं तो हम उनको नमन करते हैं और उनके रिटायरमेंट पर उनको बहुत-बहुत बधाई देते
41:34
हैं और अगले चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया कौन होंगे संजीव खन्ना 11 नवंबर को शपथ
41:40
लेंगे तो सुप्रीम कोर्ट उच्चतम न्यायालय के
41:47
अनुसार उच्चतम न्यायालय के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के
41:53
अनुसार पदम विभूषण पदम
42:01
विभूषण पदम भूषण पदम श्री जैसे
42:10
पुरस्कार जैसे जैसे
42:16
पुरस्कार उपाधि की श्रेणी में नहीं मान्य होंगे उपाधि
42:24
की श्रेणी में
42:29
मान्य नहीं होंगे और इनको किसी भी समय वापस लिया जा
42:36
सकता है और
42:43
इन्हें किसी भी समय और इन्हें किसी भी
42:49
समय वापस लिया जा सकता
42:59
आपको बता दूं एक इंटरेस्टिंग फैक्ट है जानना चाहो तो पता है इन पुरस्कारों की शुरुआत कब की गई थी जैसे कि जो पदम पदम
43:08
भूषण है पदम भूषण हुआ और जो य पदम विभूषण
43:14
है विभूषण बड़ा होता है फिर भूषण आता है फिर पदमश्री आता है थोड़ा क्रम में दिक्कत
43:19
हो गया ठीक है सल लेना एक होता है पदमश्री तो पदम भूषण पदम विभूषण और पदम श्री
43:25
पुरस्कार है इनकी शुर पता है कब की गई थी शुरुआत 1954 में की गई और 1954 में सरकार
43:32
किसकी थी पीएम नेहरू कौन थे पी एम नेहरू थे चलिए प्रधानमंत्री नेहरू थे उस समय
43:39
सरकार 1954 में पुरस्कारों की शुरुआत की गई थी उसके बाद आपको मैं बता दूं फिर
43:46
1977 में यानी 1977 में मोरार जी देसाई ने इनको खत्म कर दिया
43:52
था मोरार जीी सरकार ने क्या कर दिया इनको मोरारजी सरकार ने इनको फिनिश कर दिया था
43:59
को नहीं दिया गया था उसके बाद 1980 में जब इंदिरा गांधी की सरकार आई 1980 में जब
44:05
इंदिरा गांधी की सरकार आई इंदिरा गांधी सरकार में इनको दोबारा से
44:11
प्रारंभ किया गया समझ गए तो तीन टर्म था इनका 54 77 और 80 पूछा जा सकता है आपसे
44:18
पॉलिटी के अंदर कि पदम भूषण और पदम विभूषण और पदम श्री जैसे पुरस्कारों को पदम श्री
44:25
जैसे पुरस्कारों की शुरुआत कब की गई थी आपका आंसर होना चाहिए 54 में उसके बाद
44:30
आपसे पूछा कि ऐसे प्रधानमंत्री जिन्होंने इन पुरस्कारों को समाप्त किया था वह है
44:36
मोरार जीी देसाई सरकार ठीक है और इस समय दो उ प्रधानमंत्री काम करते थे चौधरी चरण सिंह और जगजीवन राम इंदिरा गांधी की बात
44:43
करें ऐसी भारत की प्रधानमंत्री जिन्होंने इसका शुरुआत किया तो दोबारा से शुरुआत
44:50
किया था वो थी श्रीमती इंदिरा गांधी चलिए अब चलते हैं आर्टिकल 19 की तरफ बच्चों
44:56
क्योंकि आर्टिकल 19 बहुत इंपोर्टेंट होने वाला है चलिए मैं आर्टिकल 19 का पूरा
45:01
ग्राफ बना देता हूं पहले फिर उस परे हम डिस्कस करेंगे एकएक
45:07
करके आर्टिकल 19 क्योंकि अब हम अनुच्छेद जो 19 आता है 19 से लेके और जो
45:16
हम पढ़ते हैं 22 तक ये पढ़ते हैं सब स्वतंत्रता का अधिकार क्या पढ़ते हैं
45:21
स्वतंत्रता का अधिकार राइट टू फ्रीडम ठीक है इसको इंग्लिश में कहा जाता है
45:28
राइट टू फ्रीडम राइट टू
45:35
फ्रीडम बहुत अच्छे तो राइट टू फ्रीडम मुझे फ्रीडम का मतलब एक बात बता दीजिए कि आजादी
45:41
का मतलब या स्वतंत्रता का मतलब क्या होता है देखो स्वतंत्रता का मतलब होता है कि जब
45:47
व्यक्ति को आजादी मिलती है तो व्यक्ति को आजादी मिलने का तात्पर्य है उसका मतलब यह
45:53
होता है कि वो व्यक्ति अपना चहुमुखी विकास कर सकता सेसे अपना आध्यात्मिक विकास कर
45:59
सके और अपने आय में अपनी संपत्ति में अपनी आय अपनी संपत्ति अपना व्यवसाय ठीक है अपनी
46:07
अभिव्यक्ति का विकास कर सके वही तो आजादी है लेकिन हर किसी व्यक्ति को आजादी
46:14
संपूर्ण रूप से नहीं मिली गई उस पर भी कुछ रजिस्ट्रेशन लगाए गए जैसे व्यक्ति को यदि
46:20
सब कुछ ही मिल जाता तो वो इसका गलत इस्तेमाल भी कर सकता हर व्यक्ति को आजादी मिल का कोई
46:27
लाइसेंस नहीं मिल ऐसा नहीं है आज हमारा भारत लोकतांत्रिक देश है गणता देश है तो मैं
46:35
चाहूं तो उसमें कुछ भी कर सकता मैं चाहूं तो किसी का गला दबा दू मैं चाहूं तो किसी का चाकू मार दूं ऐसा नहीं होगा ऐसा कतई
46:44
नहीं होगा यह आपकी आजादी नहीं है आपको य किसी से परेशानी है तो आप उसे मार नहीं
46:50
सकते यह आजादी आजादी नहीं ठीक है आजादी का मतलब होता है बिना किसी रोक टोक की
46:58
अनुपस्थिति फ्रीडम का सही मतलब क्या हुआ फ्रीडम का
47:03
सही मतलब होता है बिना किसी रोग टोक की अनुपस्थिति
47:09
बिना किसी बिना किसी रोक टोक की अनुपस्थिति
47:19
ना किसी रोक टोक की अनुपस्थिति यानी सरकार आपसे बिना किसी बात के रोक टोक
47:26
नहीं करेगी ठीक है य सरकार पर एक क्या लगाता है एक प्रोहिबिशन लगाता है सरकार
47:33
आपसे बिना कुछ कहे आपसे रोक टोक नहीं करेगी बिना किसी बात इसका अर्थ य हुआ
47:40
गवर्नमेंट गवर्नमेंट नागरिकों से गवर्नमेंट नागरिकों से बिना किसी बात
47:49
के बिना किसी बात के बिना किसी बात के आप नागरिकों की
47:57
स्वतंत्रता में नागरिकों की स्वतंत्रता
48:03
में हस्तक्षेप नहीं करेगी हस्तक्षेप नहीं
48:11
करेगी तो यह बात बोली गई है यानी सरकार का यह मतलब है कि वो कुल मिला केर बिना किसी
48:18
बात के ऐसा नहीं है कि भाई कल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोले कि भाई
48:24
सुनो जब मैं ऑफिस जाता हूं तो मुझे बड़ी दिक्कत होती ट्रैफिक में कह दो सबसे दिल्ली वालों से 10 बजे ऑफिस कोई नहीं
48:31
जाएगा यह नहीं है या फिर व यह नहीं कह
48:36
सकते यार यह मीडिया वाले और परेशान करते रहते मीडिया वालो से बोल दो रात के 10 बजे बाद काम नहीं करेंगे यह गलत है आप किसी की
48:44
आजादी नहीं छीन सकते सरकार बिना किसी बात के किसी भी व्यक्ति की आजादी नहीं छीन सक
48:50
ठीक है चलिए तो ये आप अर्थ समझ गए इसका बहुत अच्छे और मैं आपको बता दूं हमारे
48:56
संविधान में सब कुछ करने का और आजादी का मतलब यह भी नहीं होता देखो हमारे यहां पर
49:03
भारत में काम करती है भारत में एक आजादी काम करती जिसका नाम है सकारात्मक आजादी क्या करती है सकारात्मक पॉजिटिव फ्रीडम
49:11
सकारात्मक आजादी काम करती है हमारे भारत नकारात्मक आजादी का मतलब होता है आपको तो
49:18
आजादी मिली हुई है लेकिन आप दूसरी आजादी उसे कहते हैं और पॉजिटिव फ्रीडम का
49:25
मतलब होता है कि आप अपनी आजादी का पूरा फायदा उठाइए जो संविधान के दायरे में है
49:30
और दूसरे की आजादी का इसे कहते हैं पॉजिटिव चलिए तो आप सकारात्मक आजादी भारत
49:37
में काम करती है बहुत अच्छे अब बात करते हैं राइट टू फ्रीडम देखो राइट टू फ्रीडम में कुछ आर्टिकल है
49:44
बताना चाहू लेकिन पहले हम आज बात करना चाहेंगे राइट टू फ्रीडम यानी स्वतंत्रता
49:50
का अधिकार ठीक है और स्वतंत्रता के अधिकार में आर्टिकल 19 की बात करें
49:58
ये राइट टू फ्रीडम है आर्टिकल 9 यहां पर लिख सकते हैं सभी आर्टिकल 0 और इसे कहते
50:05
हैं स्वतंत्रता का अधिकार स्वतंत्रता का
50:13
अधिकार अब स्वतंत्रता का अधिकार जो सब क्लॉस करेंगे तो सब क्लॉस की बात तो आएगी ठीक है अब यहां पर सब क्लॉस कैसे काम
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करेंगे देखते हैं तो पहला है हमारे पास
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आर्टिकल 191 191 ए वेरी गुड सब क्लज है देखो न ए
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आर्टिकल 191 ए की बात करेंगे तो आर्टिकल 191 ए कहता है राइट टू फ्रीडम स्पीच एंड
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एक्सप्रेशन राइट टू फ्रीडम ऑफ है य पर लिख सकते हैं आप पाक एवं अभिव्यक्ति की
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स्वतंत्रता पाक एवं अभिव्यक्ति की
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स्वतंत्र व्यक्ति की
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स्वतंत्रता वाक एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्र तो यह बात होती
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है उसके बाद नेक्स्ट आर्टिकल पढ़ लेते
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हैं पहले कॉलम बना लेते हैं सबका फिर हम बाद में क्लियर
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करेंगे दूसरा होता है आर्टिकल
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19 बी और आर्टिकल 191 बी में क्या आता है आप बताएंगे एक बार आर्टिकल 191 बी में आता
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है शांतिपूर्ण संमेलन करने की
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शांतिपूर्ण शांतिपूर्ण
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सम्मेलन करने की
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स्वतंत्रता इसे बोल सकते हैं हम फ्रीडम ऑफ पीसफुली असेंबल क्या बोलते हैं फ्रीडम ऑफ
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पीस असेंबल पीस असेंबली जो भी है फ्रीडम ऑफ पीस असेंबल सम्मेलन का म होता असेंबल करना
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उसके बाद नेक्स्ट आते हैं आर्टिकल
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19 इसे कहते हैं सं बनाने की स्वतंत्रता क्या बोलते है सं बनाने की
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या संगम एक शब्द संगम भी संगम बनाने की
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स्वतंत्र बनाने की स्वतंत्र एक य आर्टिकल काम करता है ठीक है
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उसके बाद इसको बोलते हैं फ्रीडम ऑफ यूनियन क्या बोलते हैं फ्रीडम ऑफ
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यूनियन उसके बाद नेक्स्ट आर्टिकल है आर्टिकल 19 में सब पढ़ने आपको न और डी और
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डी का मतलब होता है क्या होता है यानी विचरण और संचरण करने की
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स्वतंत्रता विचरण करने की स्वतंत्रता विचरण करने की
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स्वतंत्रता ठीक है तो इसका मतलब क्या हुआ राइट टू फ्रीडम ऑफ
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मूवमेंट उसके बाद आपका नेक्स्ट आर्टिकल आता है
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आर्टिकल 191 इसे बोलते हैं राइट टू फ्रीडम ऑफ
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रेजिडेंसी निवास करने की स्वतंत्र
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निवास करने की
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स्वतंत्र इसे बोलते हैं राइट टू फ्रीडम ऑफ राइट टू फ्रीडम
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ऑफ रेसिडेंसी ओके उसके बाद नेक्स्ट आते हैं
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एक आर्टिकल काम करता है आर्टिकल 191 ई और एफ और जी करेंगे यहां पर हम एफ
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को नहीं लिखेंगे चलिए य आर्टिकल काम करता है कहते हैं व्यापार एवं वृत्ति एवं पेशा
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को अपनाने की लिखेंगे
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व्यापार कॉमा वृत्ति एवं पेशा यानी कोई भी आपका पेशा हो
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सकता है टीचर डॉक्टर इंजीनियर पेशा को अपनाने की
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स्वतंत्रता अपनाने की
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स्वतंत्रता तो ये आर्टिकल हमारे काम करते हैं आप बोलेंगे सर ए से लेकर बी और सी और
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डी और ई और एफ लेकिन एफ कहां गया सर आप मुझे य बता देखो एफ की बात करते हैं तो
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हमारे पहले आर्टिकल 19 में सात मूल अधिकार हुआ करते थे कितने सात यानी
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हमारे अनुच्छेद 19 में जो हमारे पास आर्टिकल 19 है इस आर्टिकल 19 में पहले ए
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भी था बी है सी है है इसमें ई भी है लेकिन
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अब जो इसमें एफ है और इसमें जीतक है लेकिन एफ नहीं है एफ जो था हमारे पास 19 एफ इसको
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हटा दिया गया है यानी इसमें क्या था कि संपत्तियों को बेचना उसका अधिग्रहण करना
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और उसको खरीदना इसे आप कहते हो राइट टू प्रॉपर्टी आर्टिकल 191 ए जो
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था हमारे पास आर्टिकल था आर्टिकल 191 ए जब 1949 में संविधान बना था तब यह मौजूद था
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ठीक है इसको इंग्लिश में कहा जाता था राइट टू प्रॉपर्टी संपत्ति का
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अधिकार राइट टू प्रॉपर्टी और राइट टू प्रॉपर्टी जो था इसे कहते थे हम संपत्ति
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का अधिकार तो जो संपत्ति का अधिकार था इसमें कोई भी व्यक्ति कोई भी नागरिक किसी जमीन
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पर क्लेम कर सकता था यानी संपत्ति को बेचना खरीदना और उसे अधिग्रहण करना कब्जा
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कर लेना उसे कहते हैं संपत्ति का अधिकार तो संपत्ति के अधिकार को फंडामेंटल राइट्स
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संविधान के भाग तीन से हटाकर और इसको कहां डाल दिया इसको मोरार जी देसाई सरकार में
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44 कांस्टिट्यूशन अमेंडमेंट 1978 में इसको कहां डाल दिया गया डाल दिया गया संविधान
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के भाग 12 में और अनुच्छेद है कौन सा अनुच्छेद है 30 ए में अब इसको एक
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फंडामेंटल राइट ना कहकर अब ये पहले अब ये फंडामेंटल राइट नहीं है अब ये क्या है अब
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ये ल राइट है क्या है एक लीगल राइट फंडामेंटल राइट ना हो के कौन सा राइट हो
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गया अ अब ये लीगल राइट हो गया चलिए तो फिर आपसे मिलते हैं नेक्स्ट लेक्चर में में
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अभी के लिए लेक्चर यही फिनिश करते हैं चलिए आप अच्छे रहिए मस्त रहिए और जो मैंने
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आज आपको बात बताई थी आज की दुनिया में क्या चल रहा है और क्या
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नहीं लेकिन सभी को साथ लेकर चले सबका साथ सबका विकास और और क्या बोलते हैं इसको एक
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बार जो भी है मुझे याद ही नहीं आया चलो फिर भी सबको साथ लेकर चले आपके साथ आपका
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परिवार है मा है पिता है और क्या चाहिए और सही साथी की बात तो साथी भी आ जाएगा साथी
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को पहले पढ़ तो लो पले साथी को रखने के लिए नौकरी तो ले
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लो लड़कों पर तो बहुत जिम्मेदारियां होती है ख भी मिल जाएगा साथी भी मिल चलिए फिर
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मिलते रहेंगे लेकिन हम आपसे मिलेंगे नेक्स्ट लेक्चर में फिर मुलाकात होती है आपसे जल्द
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नमस्कार m
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