Fundamental Rights - Article 12 to 35 of Indian Constitution #ParikshaJunction #FundamentalRights 4
Nov 12, 2024
The #FundamentalRights in India enshrined in part III (Article 12–35) of the #Constitution of India guarantee civil liberties such that all Indians can lead their lives in peace and harmony as citizens of #India. These rights are known as "fundamental" as they are the most essential for all-round development i.e., material, intellectual, moral and spiritual and protected by fundamental law of the land i.e. constitution. If the rights provided by Constitution especially the Fundamental rights are violated the Supreme Court and the High Courts can issue writs under #Articles32 and 226 of the #Constitution, respectively, directing the State Machinery for enforcement of the fundamental rights.
Part 1 : https://youtu.be/ZEE7GBAq6V0
Part 2 : https://youtu.be/u2A7xzyWZOQ
Part 3 : https://youtu.be/yUnFLMHBZhY
Part 4 : https://youtu.be/9ikxiXqaMNM
These include individual rights common to most liberal democracies, such as equality before law, freedom of speech and expression, freedom of association and peaceful assembly, freedom to practice religion and the right to constitutional remedies for the protection of civil rights by means of writs such as habeas corpus. Violations of these rights result in punishments as prescribed in the #BharatiyaNyayaSanhita #BNS subject to discretion of the judiciary. The #FundamentalRights are defined as basic human freedoms where every Indian citizen has the right to enjoy for a proper and harmonious development of personality and life. These rights apply universally to all citizens of India, irrespective of their race, place of birth, religion, caste or gender. They are enforceable by the courts, subject to certain restrictions. The Rights have their origins in many sources, including England's Bill of Rights, the United States Bill of Rights and France's Declaration of the Rights of Man. #Satta #politics #king
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नमस्कार सभी को परीक्षा जंक्शन के इस प्लेटफॉर्म पर सभी का हार्दिक स्वागत है
0:05
तो चलिए पॉलिटी की तरफ चलते हैं और पॉलिटी में हम आर्टिकल 15 की बात कर रहे थे आप
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सभी से आर्टिकल 15 मैंने कई हद तक बता भी दिया था लेकिन फिर भी थोड़ा सा एक बार और देख लेते हैं क्योंकि आज हमको आर्टिकल 15
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के सब क्लॉस भी पढ़ने हैं और 15 के सब क्लस भी पढ़ने है तो इसलिए आज हमको
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बिल्कुल सीरियस सिंसियर होक पढ़ना है ठीक है सीरियस नहीं होना सीरियस तो तब होते
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हैं जब मौत से पहले एक घड़ी आती है मौत से पहले जो एक पड़ाव होता है वह सीरियस का
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होता है सस नहीं होना सर होना आर्टिकल 15 की हम बात करते हैं और एक बार हम लिख देते
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हैं जो कल लिखा था व आज लिख देते हैं क्योंकि दो मिनट का है बस उसके बाद फर आगे बढ़ने वाले हैं सभी बने रहिए एक
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बार अनुच्छेद 15 की हम बात
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करते देखिए अनुच्छेद 15 यह कहता है जैसा कि मैंने कल बताया था कि भारतीय राज्य में
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रहने वाले प्रत्येक नागरिक से सरकार भारत भारत के किसी भी हिस्से में रहने वाले
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प्रत्येक नागरिक से सरकार केवल और केवल धर्म जाति लिंग मूल वंश और जन्म स्थान के
1:17
आधार पर भेदभाव नहीं कर सकते समझ गए ना इन आधारों पर भेदभाव नहीं होगा और मैं आपको
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बता दूं आर्टिकल 15 केवल सरकार को ही भेदभाव करने से नहीं रोकता बल्कि ये व्यक्तियों को भी स भेदभाव करने से
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अब जैसे मान लो कल को यह सरकार को ही रोके और व्यक्तियों को ना रोके तो क्या करेंगे लोग क्या करेंगे पता है लोग क अरे सरकारी
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तो है सरकार अपना काम कर रही है करने दो हमें थोड़ी करना है हम तो भेदभाव करेंगे
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तो इसका मतलब यह होगा पर लोग इंसान ही इन को खा भाई व्यक्तियों में और सरकार में क्या
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फर्क है सरकार का मतलब होता है कि जिन व्यक्तियों मिलकर जिन व्यक्तियों ने जिनको
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वोट दिया और उन व्यक्तियों ने मिलकर सरकार बनाई सरकार बन गई और हम व्यक्ति बन गए आम
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पब्लिक बन गए हम जनता बन गए ठीक है तो यही
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थी हम आवाम बन गए जिसको आवाम कहते हैं तो यही चीज थी तो कुल मिलाकर हमें समझना होगा
2:15
कि यह सरकार ही नहीं यह सरकार को नहीं रोकता बल्कि यह व्यक्तियों को भी रोकता है और सुप्रीम कोर्ट ने खुद इस पर टिप्पणी
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करके भी कहा है कि आर्टिकल 15 जो सरकार को एक सरकार के लिए ही नियम नहीं बनाता बल्कि
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व के लिए भी नियम बना लिखें फटाफट से कि भारतीय राज्य यानी
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भारत राज्य में रहने वाले प्रत्येक नागरिक से भारत राज्य
2:43
में रहने वाले प्रत्येक नागरिक
2:50
से प्रत्येक नागरिक से भारत राज्य में रहने वाले प्रत्येक
2:57
नागरिक से सरकार
3:03
सरकार केवल धर्म
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जाति लिंग मूल
3:19
वंश जन्म स्थान के आधार पर
3:30
भेदभाव नहीं करेगी भेदभाव नहीं करेगी ठीक है चलिए
3:39
लेकिन आर्टिकल 15 में एक नोट लगा के इस बात को लिखें आप क्योंकि यह नोट बहुत इंपॉर्टेंट हो सकता है आप सभी के लिए
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क्योंकि कुछ हमारे यहां पर भारत में सबसे ज्यादा भारत में आपको बता
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दूं भारत में भारत ही एक मात्र ऐसा देश है
4:00
जहां पर ना पढ़े लिखे लोग जिन्होंने संविधान को
4:06
पढ़ा नहीं है जिन्होंने संविधान को जाना ही नहीं है जिन्होंने संविधान को देखा ही
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नहीं है वह लोग आज आगे चलकर संविधान का ज्ञान दे रहे
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हैं वही लोग और इसमें में सरकार की बात नहीं कर रहा इसमें में हम आवाम की बात कर
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रहा हूं यह हकीकत है मैं बिल्कुल हकीकत से बात
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करेंगे तो ज्यादा सही रहेगा क्यों झूठ मास का कोई कहानी गड़ना
4:35
मुझे नहीं आता और गड़नी भी नहीं चाहिए तो कुल मिला के मैं यह कहना चाह रहा हूं अब
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जो लोग संविधान को देखा तक नहीं है वो लोग संविधान का ज्ञान दे रहे हैं एक बात देखिए
4:47
और दूसरी बात जो मोर एजुकेटेड पर्सन है जिन्होंने संविधान को अच्छे से जाना है
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संविधान को पढ़ा है वो किसी के बहकावे में नहीं आते हमारे इलेक्शन के टाइम में बोला गया
5:00
था देखो बात तो मैंने भी सुनी थी लेकिन मुझे तो ऐसा कहीं नहीं
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लगा मैंने भी सुनी थी मीडिया में कि संविधान खतरे में है मुझे नहीं लगता कि संविधान खतरे में
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क्योंकि जब संविधान खतरे में होगा तो सीधी बात है कि संविधान को जानने वाला रिएक्ट
5:19
जरूर करेगा क्योंकि वह किसी सरकार का इतना बड़ा अंध वक्त तो नहीं हो सकता समझे ना
5:25
जैसे मैं किसी भी सरकार का इतना बड़ा अंधभक्त नहीं हो सकता क्योंकि मैंने संविधान को पढ़ा है यदि संविधान और मुझसे
5:33
बड़े-बड़े आज भारत में कई प्रोफेसर हुए आज
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भी है जो संविधान को मुझसे ज्यादा कहीं हद तक जानते हैं मैं उनकी बात कर लूं वो मेरे
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गुरु समान है उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की मैं कौन होता सीधी बात में आपसे कह दूं यही चीज
5:53
होती आज इतने बड़े-बड़े संविधान के राजनीतिक विशेषज्ञ यहां बैठे भारत में
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किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं वो लोग यह कह रहे थे मीडिया में आकर कि हमको तो नहीं लगा कि
6:05
संविधान खतरे में है संविधान कहां है खतरे यदि संविधान खतरे में होगा तो सबसे बड़ा
6:11
रिएक्टर तो संविधान को पढ़ने वाले को आएगा जैसे मुझे आएगा मुझे लगेगा संविधान में यह
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तो गलत हो रहा है तानाशाही हो रही है मुझे तो नहीं लगा पूरा संविधान हमने देखा सारे
6:23
अमेंडमेंट देखे सरकार के मैंने ये जो रूलिंग पार्टी के मुझे तो कभी नहीं लगा
6:30
पहले इस को जानिए बाद टिप्पणी करे टिप्पणी अच्छी हो चाहे बुरी हो आर्टिकल 15 में
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बोला गया कि यह अनुच्छेद यह आर्टिकल सरकार एवं व्यक्तियों
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दोनों पर लागू होता है सरकार एवं व्यक्तियों
6:55
दोनों पर
7:00
लागू होता है जैसे कि मान लो सरकार को तो यह पन करता है सरकार पर तो यह कहता है कि भैया सरकार
7:06
तो किसी भी तरीके का कोई भेदभाव नहीं करेगी लेकिन यदि कल को व्यक्ति करने लग
7:13
जाए व्यक्ति तो अपनी आजादी समझेगा इस तो तो आजादी है भैया मैं तो करूंगा क्योंकि
7:18
संविधान में दिया ही नहीं है अब संविधान में साफ लिख दिया है कि कोई भी व्यक्ति किसी एक व्यक्ति से धार्मिक आधार पर जाति
7:25
आधार पर इन आधारों पर भेदभाव नहीं कर सता कुल मिला चलिए अब आते हैं हम
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आर्टिकल 15 सब क्लॉज वन और इसको ध्यान से पढ़ना एक बार यह तो चलो फिर भी कॉमन सेंस
7:38
वाला है इसी को टाइप करके लिख देना यहां पर य आर्टिकल 15 सबक्लॉज बने यानी
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अनुच्छेद 15 सब क्लॉज वन अनुच्छेद 15 ही है एक तरह से तो टोटल मिलाके पूरी
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डेफिनेशन सब क्लॉज वन में आती है घबराने वाली बात नहीं अब पढ़ते हैं नेक्स्ट आर्टिकल एक आता है आपका 15 सब क्लॉज टू
7:58
अनुच्छेद ये अनुच्छेद पढ़ने की आपको जरूरत है देखिए
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इस अनुच्छेद में एक बात कही गई जो मुझे भी लगा और एक्चुअली में जब मैं ऑफलाइन बैच ले
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रहा था तो उस समय एक बच्चा भी बोला इसम क्वेश्चन किया मुझे भी समझ में आ गया मेरा भी दिमाग घूम गया था या बच्चे ने क्या
8:18
क्वेश्चन देखिए कैसे 152 में एक बात कही गई है कि सरकार
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और व्यक्ति दोनों पर लागू होती है बातें तो मैं एक का नाम लूंगा आप समझ जाना सर दूसरा भी कह रहे हैं
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सरकार किसी भी व्यक्ति से इन आधारों पर इन
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आधारों पर इन आधारों पर इन आधारों पर किसी भी
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दुकानों में रेस्टोरेंट्स में होटल्स में और किसी भी मनोरंजन के स्थानों में जैसे
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कि सार्वजनिक मनोरंजन के स्थान जैसे सिनेमा हॉल पार्क लाइव कंसर्ट उसमें किसी
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भी आधार पर सरकार इन आधारों पर किसी व्यक्ति से प्रवेश के आधार पर नहीं यानी
9:02
प्रवेश को लेकर नहीं रोका जाएगा अभी दिलज दो सां का कितना बड़ा दिल्ली में एक लाइव
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कंसर्ट हुआ था फ फिर जयपुर में हुआ तो मुझे तो नहीं लगता कि दिल्ली दो सां ने के
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मैनेजमेंट ने उन लोगों को टिकट बाटी जो थे तो हिंदू भी थे उसम भी थे भी थे जो दिलजीत
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दोसांज के फैन है वो किसी धर्म के आधार पर नहीं वो गायका के गायक के कुल मिला के
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दूसरी बात हमने कर ली चलो अब बात आते हैं पार्क की तो भैया मेरे अब जैसे मेरा कवि
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मन करता है हॉलिडे के दिन इवनिंग में गाने सुनने का मन है तो मैं इवनिंग में पार्क में चला जाता हूं मुझसे तो किसी आप किस
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धर्म से आते हो कुल मिला के ना तो मेरे साथ सरकार भेदभाव कर रही है और ना सरकार ने वहां पर कभी बोर्ड
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लगाया सरकार ने कभी बोर्ड नहीं लगाया किसी पार्क के आगे कि आप इस पार्क में नहीं जा सकते हां वो सार्वजनिक पार्क होना चाहिए
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कल को आप किसी के बंगले के पार्क में जाकर बैठ जाओ फिर बोलो कि सर इन्होने मुझे भगा दिया था तो फिर भगाए जाओगे क्योंकि वो
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निजी पार्क है और निजी पार्क का मतलब है कल को आप यह बोलो कि सर मैं कलेक्टर के बंगले में घुस गया था और पार्क में बैठ
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गया था बस मेरा मन हो रहा था उसने मुझे बगा दिया नहीं आप नहीं हालांकि कलेक्टर का बंगला एक सरकारी
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संपत्ति है सार्वजनिक है लेकिन इसका मतलब सिक्योरिटी कंसन से नहीं ठीक है सुरक्षा
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के चलिए तो अब ये वाली बात थी 15 सब क्लस टू में लिख द आप कि सरकार
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सरकार या व्यक्ति सरकार या व्यक्तियों इन आधारों
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पर इन आधारों पर और कौन से आधार है व
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धर्म जाति
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लिंग मूल वंश और जन्म
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स्थान इन आधारों पर किसी भी
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दुकानों किसीसी
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भी दुकानों रेस्टोरेंट रे रेस्टोरेंट्स
11:30
रेस्टोरेंट्स
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होटलों सार्वजनिक मनोरंजन के स्थानों सार्वजनिक मनोरंजन के
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स्थानों मनोरंजन के स्थानों
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में प्रवेश को नहीं रोका जा सकता प्रवेश को नहीं रोका जा
12:08
सकता प्रवेश को नहीं रोका जा सकता यह बात कही गई है किसम आर्टिकल 15 सबल मेरे साथ
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तो नहीं हुआ लेकिन आपके साथ कहीं हो रहा है तो कमेंट बॉक्स में बता चलिए अब आते
12:21
हैं आर्टिकल 15 सब क्लॉस 3 की तरफ समझ में आ रहा है ना सभी को चलिए हा
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इसमें एक ची इंक्लूड कर देना बच्चों क्यक ये बहुत इंपोर्टेंट हो इसमें ये चीज इंक्लूड कर देना एक बार इसी में एक चीज और
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आती है य सेकंड पार्ट मान ले आप इसका सेकंड पार्ट हैय सेकंड पार्ट में य
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आता है कि राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित देखो राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित का मतलब होता है कि सरकार जिस संपत्ति के लिए
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पैसा देती है रखरखाव के लिए मैनेजमेंट के लिए ऑपरेशन संचालन के लिए जैसे कि आपका
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गवर्नमेंट स्कूल हो सकता है ठीक है गवर्नमेंट स्कूल क्या होता है जो सरकार के पैसों से चल तो वो संपत्ति जो सरकार के
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पैसों से चलती है सरकार द्वारा वि कहलाती है तो रखरखाव जिसका संचालन नियमन जिसका
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विनियमन सरकार द्वारा होता है वो सरकार द्वारा वित्त पोषित आप मुझे बताइए जो सरकार द्वारा
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वित्त यानी सरकार के द्वारा लगाया गया वह पैसा जो संपत्ति पर लगे और उस प्रॉपर्टी
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की बात करें जैसे कि गांव में कुए होते हैं गांव में तालाब हो होते हैं स्नान घाट होते हैं स्नान घर होते हैं ठीक है
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सार्वजनिक शौचालय होते हैं उन जगहों पर आपसे भी किसी भी तरीके का भेदभाव नहीं हो
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सकता आपको पता है दिल्ली में जयपुर में या कई सारे महानगरों में सुलभ शौचालय बने होते वो सुलभ शौचालय बने होते हैं किसी भी
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तरीके का कोई भी आदमी फैसिलिटी का फायदा उठा सकता है मेट्रो स्टेशन पर जाइए आप
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मेट्रो स्टेशन पर लिखा होता है पब्लिक टॉयलेट और पब्लिक टॉयलेट में आप किसी भी
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धर्म का किसी भी जाति का व्यक्ति जा सकता है फैसिलिटी का फायदा उठा तो कुल मिला के
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यहां पर जो बातें कही गई है वो बिल्कुल प्रमाणिक है वो बिल्कुल ऑथेंटिक है आप लिख
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सकते हैं कि सरकार द्वारा वित्त
14:14
पोषित सरकार
14:21
द्वारा सरकार द्वारा वित्त पोषित
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किसी भी सार्वजनिक संपत्ति किसी
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भी सार्वजनिक
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संपत्ति जैसे
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कुओ तालाब
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स्नान घाट अब स्नान घाट का मतलब क्या हुआ जैसे आप कभी हरिद्वार गए हो कभी गंगा के
15:06
घाट गए हो ठीक है तो कभी पलक नंदा नदी है उनके घाट गए हो वहां पर लोग गंगा स्नान
15:12
करते हैं हरिद्वार में जो गंगा बहती है वहां भी स्नान करते हैं बद्रीनाथ जाते हैं ठीक है केदारनाथ जाते हैं तो नदियों के
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किनारे हा कुछ नदियों के किनारे पर आपको रोका जा सकता है क्योंकि पवित्रा को लेकर
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कभी-कभी क्या होता है लोग क्या करते हैं स्नान घाट जो वो सभी नदियों पर नहीं होते
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नदी जहां से बह रही है वहीं से स्नान घाट स्टार्ट हो जाएगा क्योंकि नदी के भाव को देखते हुए आपकी सुरक्षा को लेक भी आपको
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वहां पर रोका जा सकता है रोकी भाई य पर नहीं नहा सकते य पर नदी का भाव तेज है या
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फिर यह भी बोला जा सकता है कि यहां पर नदी दूषित हो जाएगी यहां पर नहीं न सक तो कुछ
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जगह ऐसी होती है जहा पर नदियों मेंट बना दिए जाते वहां पर आपको नहीं रुक जैसे कि
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हरिद्वार में जाइए आप हरिद्वार मेंब केदारनाथ से आते हैं करके तो हरिद्वार होकर लोग निकलते
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हैं गंगा का स्नान करने तो वहां पर तो हम भी गए वहां पर हम भी नए घाट पर मुझसे तो
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किसी ने नहीं पूछा कि आपका धर्म आपकी जाति क्या ठीक है चलिए तो कुल मिलाकर आप बात समझ चुके हैं आगे चलते हैं 15 सब क्लस की
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तरफ अब देखिए अनुच्छेद 15 य अनुच्छेद 153
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क्या कहता है इसकी पीछे एक स्टोरी स्टोरी यह है कि मद्रास की गवर्नमेंट ने एक बार
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51 में मद्रास की गवर्नमेंट ने एक बार टेक्निकल इंस्ट बड़ी बड़ी इं में एडमिशन
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को एक एडवर्टाइजमेंट जारी किया उस एडवर्टाइजमेंट में यह था कि ब्राह्मण
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हिंदुओं के लिए रीजन को एक सीट अनुसूचित जनजाति और
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जातियों एक सीट है उसके अलावा पिछड़ा मुस्लिम वर्ग को तो कुल मिलाकर उन्होंने छ
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से सात सीटों का डिस्ट्री कर दिया ठीक है और छह से सात सीट का जब डिस्ट्रीब्यूशन तो
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अब क्या लगा तो उस मद्रास राज्य के व्यक्ति ने जब इस विज्ञप्ति को पढ़ा तो
17:06
उसने आर्टिकल 15 का वोलन समझा समझ लेगा उस व्यक्ति की हर कोई व्यक्ति उनकी जगह मैं
17:14
भी होता ना तो कल को मैं भी इस भेदभाव मानता अरे लोग तो आज तक आरक्षण को भेदभाव
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मानते जबक उस आधार पर तो क उस समय तो आरक्षण भी नहीं था भाई साहब उस समय की बात
17:25
बता रहा हूं ठीक है तो मद्रास की गवर्नमेंट ने 1951 में एक
17:31
इंस्टिट्यूट एजुकेशनल इंस्टिट्यूट में एडमिशन को लेके सीटों का रिजर्वेशन कर
17:36
दिया था का प्रावधान कर दिया था कैसे किया था कि भई इस वर्ग को इस वर्ग को इतनी इस
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वर्ग को तो वहां पर क्या था कि कुछ व्यक्तियों ने इसे पढ़ा विज्ञप्ति को
17:49
एडवर्टाइजमेंट जब एडवर्टाइजमेंट को पढ़ा तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट मद्रास की
17:54
गवर्नमेंट के खिलाफ केस कर दिया और मद्रास की गवर्नमेंट से जब ये पूछा गया आपने ऐसा
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क्यों तब मद्रास की गवर्नमेंट ने कहा कि सर हमने टी मल हमने इ को मेंटेन
18:08
करने आप याद रखना कोई भी सरकार या संसद कोई भी कानून
18:15
बनाती है व सीधे सधे आर्टिकल 14 और आर्टिकल 19 का
18:21
उल आर्टिकल 14 का मतलब होता है विधि के समक्ष समानता और विधि के समान
18:27
आरक्ष इन दो चीजों का उल्लंघन बिल्कुल नहीं होना अब जो मद्रास की गवर्नमेंट ने जो
18:33
नियम निकाला था कि भैया इनके लिए इतनी सीट है इनके लिए इतनी सीट तो यह 15 का उल्लंघन
18:39
तो कर रहा था लेकिन आप एक चीज देखना य 14 का उल्लंघन और सबसे बड़ा आर्टिकल हमारे पास 14 है तो
18:48
कानून को जो कानून को हमेशा बराबर की नजरों से देखता है विधि के
18:54
समक्ष और आप कहोगे सर समानता कैसी हो गई ब हिंदु को दो सीट दी जा रही है य कोई
19:00
समानता है क्या सीट देनी तो सबको दो या किसी को मत दो यह होती है समानता समानता
19:07
यह नहीं समानता का अर्थ असली मतलब यह होता है बच्चों जैसे कि मान लो एक व्यक्ति है
19:13
जो सबसे बड़ा है और एक व्यक्ति है जो सबसे नीचे है अब समानता क्या है बताओ आप य
19:19
समानता है बताओ समानता है क्या एक व्यक्ति ऊपर बैठा है और एक व्यक्ति नीचे बैठा है
19:25
मैं मानता हूं कि हमारी ति ने सभी को समान नहीं बनाया और हम भी नहीं बना सकते लेकिन
19:32
हम कहीं हद तक उनको मौका दे सकते हैं जैसे कि यह व्यक्ति है अब मैं इसको ज्यादा
19:38
ज्यादा प्रॉफिट दूंगा तो और बड़ा हो जाएगा अब इसको जब प्रॉफिट नहीं मिलेगा तो यह व्यक्ति दब जाएगा और यह व्यक्ति एक दिन खा
19:46
जाएगा होगा कुल मिला के यह समानता होती है यानी आरक्षण
19:52
रिजर्वेशन मींस ऑफ रिजर्वेशन समानता स्थापित कर
19:59
आपको मानना होगा क्योंकि जो व्यक्ति पढ़ लिखकर बड़ा अवसर बन चुका है समझे ना वो तो
20:06
अपने परिवार में फाइनेंशियल है व तो और पढ़ा लेगा लेकिन जो कम्युनिटी आज तक पढ़ी
20:12
ही लिखी नहीं जंगलो में अपना समय काट रही है आज जानवरों को मार के खा रही है पास
20:18
कपड़े तक पहनने के लिए है और व पढ़े नहीं है तो उनके पास रोजगार भी नहीं है उनके परिवार उनके बेटे और बेटियों को कौन नौकरी
20:25
देगा उनको रिजर्वेशन की आवश्यक उनको हमारे बराबर उठाने की आवश्यकता ये होती है और
20:33
इसे आरक्षण आरक्षण का मतलब कतई यह नहीं होता
20:38
आप यहां पर जिनको पहले से दिया हुआ है उनको इतना देते जाओ कि वह बढ़ते ही चले
20:45
जाए और जिनके पास कुछ नहीं है उनसे बचा कुचा भी छीन लो य आरक्षण आरक्षण का मतलब
20:53
होता है कि निचले के शैक्षणिक और सामाजिक रूप से पिछड़ वर्ग हैं उनको आप सहायता
21:01
देना उनके लिए विशेष प्रावधान करना स्पेशल प्रोविजन जोड़ना उस समय हमारे सुप्रीम
21:07
कोर्ट ने आर्टिकल 15 सब क्लस तीन में यह बात कही कि मद्रास की सरकार ने यह डिसीजन
21:13
सही लिया है क्योंकि मद्रास में पिछड़े हिंदू हैं कुछ पिछड़े मुसलमान भी हैं कुछ
21:20
हरिजन भी हैं जो पिछड़ी जातियों में आते हैं तो इसलिए हम आज से संविधान में
21:26
अनुच्छेद 15 सब क्लॉज तीन जोड़ और यह कहते हैं कि राज्य सरकार को यह पूरा
21:32
अधिकार है राज्य सरकार को यह पूरा अधिकार है कि वह महिलाओं के लिए और विशेष रूप से
21:40
बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा और महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था कर सकती लिख दे
21:46
आप फटाफट सेे तो लिखेंगे कि सरकार कोई अधिकार है सरकार को यह अधिकार
21:56
है सरकार को यह है की
22:01
सरकार कोई भी केंद्र सरकार या राज्य सरकार कोई भी कर सकती है सरकार को अधिकार है कि
22:08
सरकार महिलाओं
22:17
महिलाओं महिलाओं एवं बच्चों के
22:23
लिए बच्चों के लिए विशेष
22:31
विशेष सहायता विशेष सहायता
22:37
का प्रावधान कर सकती है प्रावधान कर सकती
22:45
है
22:52
जैसे जैसे महिलाओं के लिए
22:59
जैसे महिलाओं के
23:05
लिए आरक्षण की व्यवस्था जैसे महिलाओं के लिए आरक्षण की
23:12
व्यवस्था ठीक है उसके अलावा दूसरा क्या हो सकता है बच्चों के लिए निशुल्क
23:19
शिक्षा बच्चों के
23:24
लिए निशुल्क शिक्षा
23:30
यह हो सकता है ठीक है महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था जैसे कि कहां कहा पर
23:35
होता है जैसे कि विधान मंडल में क्या होता है विधान मंडल में इसे आप कहते हो
23:41
संसद या राज्य विधान मंडलो आज महिलाओं को रिजर्वेशन है नहीं है
23:49
इलेक्शंस में बताइए है नहीं है और जैसे कि क्या हो सकती है दूसरी बात मेट्रो में कहां पर
23:57
मेट्रो में आपने दे देख होगा मेट्रो में क्या होता है जब आप मेट्रो में सफर करते हैं या मेट्रो सिटी से होंगे या कहीं भी
24:04
जाते हैं एग्जाम देने जब आप दिल्ली मेट्रो में देखिए दिल्ली मेट्रो में सीन देखा कि वहां पर महिलाओं के लिए सीटें रिजर्व होती
24:11
है एक मेट्रो का आगे वाला डिब्बा और पीछे वाला डिब्बा जो होता है सबसे फर्स्ट का और
24:17
सबसे लास्ट का वो महिलाओं के लिए रिजर्व होता है यदि उसमें कोई भी पुरुष एंट्री कर
24:24
जाए तो उस पर फाइन लगता है यानी कोई पुरुष एंट्री नहीं कर
24:29
सकता तो कुल मिला के बात है कि उस पर लिखा भी होता है केवल महिलाओं के लिए और जो सीट
24:36
होती है जहां पर सभी हम आ जा सकते हैं हां पर पूरी मेट्रो में आप सभी को पता है हर
24:41
डिब्बे में चार सीट महिलाओं के लिए रिजर्व हो चार सीट बाकी कुछ सीनियर सिटीजन के लिए
24:47
भी होती है कुछ हैंडीकैप लोगों के लिए होती है कुछ महिलाओं के लिए ठीक है चलिए
24:53
अब जैसे कि अब देखो कुछ इंसानियत होती है कि मेट्रो में मान लो दो सीट है एक एक
24:58
डिब्बे में चार सीट होती है ठीक है महिलाओं के लिए रिजर्व तो महिलाओं के लिए चार छ सीट होती है छ सीट रिजर्व है अब मान
25:06
लो छ महिला उन पर बैठ गई ठीक है अपनी सीट पर वो बैठी है लेकिन मान लो एक सीट पर आप
25:12
बैठे हैं एक सीट पर आप बैठे हैं ठीक है आप नहीं मैं बैठा हूं जैसे मान
25:18
लो अब मैं बैठा हूं मान लो सीट पर ठीक है अब मान लो मेट्रो में कोई प्रेगनेंट लेडी आ जाती है जैसे आप बैठे हैं मान लो कोई
25:26
मेल बैठा है और मेल बैठा है और मान लो मेट्रो में अपनी सीट पर बैठा है मेट्रो
25:32
में कोई प्रेगनेंट लेडी आ जाती है गर्भवती पेट में अभी बेवी है बच्चा है ठीक है अब
25:38
क्या होता है तो मुझे एक चीज बताइए क्या आप उसको सीट दोगे या नहीं दोगे अब देखो
25:44
कानून तो नहीं कहता कि आप उसको सीट कानून नहीं कहता यह कि आप उसको सीट दो
25:50
मैं बता दूं आपको कानून में यदि आप उसको सीट नहीं देते हो ना तो आप पर कोई भी सजा
25:57
का प्रावधान नहीं है लेकिन आपका य नैतिक कर्तव्य है आपका यह मूल कर्तव्य है आपकी
26:05
इंसानियत होने के नाते आपको दे देनी चाहिए अब आप किसकी सुनोगे दिल की या दिमाग की
26:12
दिमाग कह रहा है कि भाई सुन मत उठ सीट मत दे क्योंकि संविधान में कहीं नहीं लिखा
26:18
ऐसा क्योंकि मैं तो भाई अपनी सीट पर बैठा हूं ना यदि महिला की सीट पर बैठा होता और
26:24
फिर सीट ना देता तो फिर बात गलत हो जाती लेकिन मैं तो अब सीट पर बैठा हूं मैं सीट
26:29
क्यों दूंगा समझे ना तो यही चीज होती है ठीक है लेकिन इंसानियत क्या क्या कहती है
26:37
हमारे संविधान में जो फंडामेंटल ड्यूटीज है वो क्या कहता है वो ये कहता है कि आप गर्भवती महिला को
26:43
सी क्योंकि उसके पेट में बेबी है और वो खड़ी नहीं हो पा रही है इससे क्या होता है
26:48
ज्यादा देर खड़े होने से दोनों को नुकसान भी हो सकता है चक्कर भी आ सकते हैं कुछ भी
26:53
हो सकता है एनीथिंग तो इसलिए खैर कोई नहीं अब हम संविधान की बात
27:00
कर रहे हैं नैतिक कर्तव्यों की बात हम बाद में करें तो मेरे हिसाब से इंसानियत है आप
27:05
देही दोगे जाहिर सी बात किसी गर्भवती महिला को आप खड़ी नहीं ठीक है और दे देनी
27:12
चाहिए समर्थन करता हूं इंसानियत भी होनी चाहिए संविधान का पढ़ने का मत य नहीं है कि आप एकदम वकील बन जाइए नहीं अब तो
27:20
संविधान पढ़ लिया अब तो हमारे अंदर दिल ही नहीं दिल भी रखना चलिए अब सरकार ने व्यवस्था कर दी अब
27:28
कल को यह मत कहना कि महिलाओं के लिए सर आरक्षण क्यों है आर्टिकल में भैया है सरकार कल को कदम उठा सकती है तो कल को मत
27:35
बोलना आपको पता है राजस्थान में भजनलाल सरकार ने महिलाओं के रिजर्वेशन को बढ़ा
27:40
दिया है अभी जो बढ़ती आने वाली है टीचिंग की उसमें भी वहां पे महिलाओं को रिजर्वेशन को
27:47
बढ़ा दिया गया है किसी ने भी इस पर ऑब्जेक्शन नहीं क्यों नहीं किया क्योंकि बिकॉज फंडामेंटल राइट है सरकार ऐसा कर
27:54
सकती है तो कोई ट नहीं जारी की है चलिए लेकिन गलत तरीके से आरक्षण दिया है गलत तरीके से
28:01
आरक्षण दे दिया गया है तो सुप्रीम कोर्ट कर सकता अब आते हैं
28:08
नेक्स्ट एक हमारे पास अनुच्छेद 15 सब क्लज
28:14
फ और 15 सब क्लस फोर अनुच्छेद क्या कहता है एक बार जान लेते तो अनुच्छेद 15 चर में
28:22
क्या बात कही गई है इसमें यह कहा गया है कि सरकार को अधिकार है महिलाओं के लिए तो कर दी अब बेचारे वो
28:31
और पुरुष वो दोनों कहां जाएंगे जो जिनका जो पढ़े लिखे नहीं है उनको क्या
28:38
करेंगे यहां पर लिखा गया आर्टिकल 15 सब क्लस फोर में
28:43
कि जो सरकार को अधिकार है कि सरकार सामाजिक रूप से
28:51
पिछड़े सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों अनुसूचित जाति और अनुसूचित
28:58
जाति लो वर्गों के लिए लोगों के लिए व क्या कर सकता है विशेष प्रावधान कर सकता
29:05
है क्या कर सकता है विशेष प्रावधान कर सकता है तो लिख दे इसमें आप आर्टिकल 15 सब
29:12
क्लस फो में कहा गया है सरकार को अधिकार
29:21
है सरकार को अधिकार है कि सरकार
29:29
सरकार सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सामाजिक
29:38
एवं शैक्षणिक रूप
29:45
से पिछड़े समुदाय पिछड़े
29:52
समुदाय या वर्गों के लिए पिछड़े समुदाय एवं वर्गों के
30:01
लिए वर्गों के
30:09
लिए शैक्षणिक संस्थानों में शैक्षणिक संस्थानों
30:19
में आरक्षण का प्रावधान कर सकती है आरक्षण का
30:26
प्रावधान कर
30:33
सकती समझे आप सब आरक्षण का प्रावधान कहां हो सकता है आरक्षण का प्रावधान शैक्षणिक
30:39
संस्थानों में हो सकता और मैं आपको बता दूं यह शैक्षणिक संस्थान या तो निजी भी हो
30:45
सकता है यानी कोई भी प्राइवेट प्राइवेट इंस्टिट्यूट भी हो सकता है भाई साहब याद
30:51
रखना दूसरी बात कोई भी गवर्नमेंट इंस्टिट्यूट भी हो सकता है
30:58
या कोई भी माइनॉरिटी इंस्टिट्यूट भी हो सकता है माइनॉरिटी इंस्टिट्यूट भी हो सकता
31:04
है कल को ये मत कहना कि सर निजी संस्थानों में नहीं हो सकता क्या निजी संस्थानों में
31:10
सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े समुदाय जैसे कि कौन आते हैं जैसे कि ओबीसी आता है
31:17
अदर बैकवर्ड क्लासेस उसके अलावा और कौन आएगा एससी आएगा और कौन आएगा
31:23
एसटी एससी एसटी एंड ओबीसी उसे कहते हैं सामाजिक और शैक्षणिक रूप से यानी सोशली
31:31
एजुकेशनली बैकवर्ड क्लासेस और इसमें तीन कैटेगरी आती है
31:36
ओबीसी एससी और एसटी अब एससी और एसटी पर तो डिबेट नहीं हो रही है क्योंकि एससी और
31:42
एसटी रिजर्वेशन को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने वर्तमान में अभी क्या कर दिया है एक सब
31:47
क्लासिफिकेशन कर दिया क्या कर दिया है सब क्लासिफिकेशन कर दिया है तो वहां तो हमें कोई दिक्कत नहीं
31:54
हो अब राज्य सरकार एससी एसटी वे में भी सब क्लासि कर सकती है यानी एससी एसटी में जिन
32:03
लोगों को आरक्षण की व्यवस्था हो चुकी है या आरक्षण का लाभ उठा चुके हैं वहां से
32:08
आरक्षण को खत्म करके अब उन लोगों को आरक्षण दिया जाएगा जिनकी जिन्ह आरक्षण की
32:14
जरूरत है और जिन्ह आरक्षण आज तक दिया ही नहीं गया है उन लोगों को आरक्षण दिया
32:20
जाएगा इसको कहा गया है एससी एसटी रिजर्वेशन सब क्लासि ठीक है डिसीजन मेकिंग
32:27
बाय द सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ओके तो ये था आपका एससीएसटी का लेकिन अब हम ओबीसी की
32:33
तरफ चलते हैं ओबीसी अदर बैकवर्ड क्लासेस में थोड़ा सा हम क्रीमी लेयर का कांसेप्ट
32:38
देख लेते हैं क्या लिखते हैं क्रीमी लेयर का ये क्रीमी लेयर कांसेप्ट बहुत ही बड़ा है बड़ा सॉरी ना बड़ा नहीं है घबराने वाली
32:46
बात नहीं है तो देखें आपको मैं बता दूं जो 15 सब क्लॉस फो
32:51
था ना बच्चों इसे जोड़ा कब गया यानी 15 सब क्लॉस फाइव की बात कर लेते उसमें क्रीम
32:57
लेयर भी आ जाएगा
33:05
उ देते देखिए तो एक बार हम 15 सब क्लस फ की
33:12
बात कर लेते और 15 सब क्लस फ में क्या बोला गया है यानी अनुच्छेद की बात कर लेते
33:18
आर्टिकल तो 15 सब क्लस फ में बोला गया है यानी लाइक 93 कांस्टिट्यूशन अमेंडमेंट
33:26
2005 के मा सरकार ने एक्ट पारित कि देखो मैं आपको बता
33:32
दूं 93 कांस्टिट्यूशन अमेंडमेंट
33:37
2005 में 2005 में केंद्र सरकार
33:43
ने केंद्र सरकार ने एक केंद्र सरकार ने
33:50
93 कांस्टिट्यूशन अमेंडमेंट पारित किया
33:57
जब कोई एक्ट पारित होता है तो उस विधेयक का नाम बदल के क्या कर दिया गया यानी 93
34:04
कांस्टिट्यूशन अमेंडमेंट 2005 जब केंद्र सरकार ने ये एक्ट पारित किया संशोधन पारित
34:10
किया 2005 में तो 2000 चार में दिखा सर आप
34:15
चलिए छह कर देंगे उस 2005 में जब एक्ट पारित किया तो उसमें केंद्र सरकार ने अदर
34:22
बैकवर्ड क्लासेस के लिए क्या किया था 27 पर रिजर्वेशन कोटा रिजर्व कर दी
34:29
27 पर और किसम एजुकेशनल और ओबीसी थे यानी सरकार ने क्या
34:36
किया कि 93 कांस्टिट्यूशन अमेंडमेंट में केंद्र सरकार ने एक एक्ट पारित किया जिस एक्ट का नाम क्या था 93 कनट और इस 93
34:46
कॉन्स्टिट्यूशन अमेंडमेंट में इसका नाम क्या था इसका नाम बताना चाहेंगे नाम था
34:51
केंद्र सरकार केंद्र सरकार प्रवेश
34:57
प्रवेश आरक्षण अधिनियम केंद्र सरकार
35:06
प्रवेश आरक्षण अधिनियम और यह था 2006 का और 2006
35:15
में केंद्र सरकार ने इस एक्ट में क्या कर दिया 27 पर
35:20
आरक्षण 27 पर आरक्षण कहां पर एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन
35:30
एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन इंस्टीट्यूशन में कर फॉर
35:37
किसके लिए फॉर ओ बी स और ओबीसी को हम एस ई
35:43
बीसी भी कहते हैं तो कुल मिला के 27 पर आरक्षण एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में किया
35:49
गया ओबीसी के लिए जिसे हम सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग कहते हैं तो
35:55
चलिए आप यह बात समझ चुके यह था 15 सब क्लॉस फ और इसको 2006 पर लागू
36:02
किया गया था और 2005 में बनाया गया था लेकिन अब आप सोचेंगे सर सभी ओबीसी को य 27
36:10
पर आरक्षण में दे देंगे ना तो इस भारत में तो भोकाल आ जाएगा इस भारत में तो तांडव हो
36:16
जाएगा क्योंकि कुछ ओबीसी तो बहुत संपन्न है और कुछ ओबीसी तो बहुत कैसे हैं कुछ
36:22
निर्धन है अब कैसे करेंगे
36:28
बात तो सही कह रहे हो आप म आरक्षण तो भाई ऐसे तो तुम किसी को आरक्षण बांट देगी सरकार कि ले जाओ तुम भी ले जाओ ऐसे तो
36:35
नहीं हो सकता क्योंकि आरक्षण तो उसी को मिलना चाहिए ना जिसको आरक्षण का नीड है अब
36:41
आपके मन में क्वेश्चन आया तो इसलिए आज थोड़ा सा पढ़ लेते हैं क्रीमी लेयर क्या
36:46
पढ़ लेते हैं क्रीमी लेयर और आपको बता दूं आज हमारे आरक्षण को लेके इतना इतना फर्जी
36:52
वाड़ा हो रहा है सरकार को इस पर कदम उठाना अभी आपको पता है पूजा ेकर नाम की कोई
36:57
आईएएस अधिकारी थी फर्जी उसको भी अभी यूपीएससी ने सस्पेंड कर दिया
37:04
है पूजा खेड़कर सॉरी नाम याद आ गया पूजा खेड़कर नाम की एक फर्जी आईएस अधिकारी
37:11
फर्जी आईएस अधिकारी का मतलब यह था कि कुल मिला के व आईएएस तो बन गई थी लेकिन जो
37:16
आईएएस बनने का प्रोसीजर था वो गलत तरीके से बनी हालांकि उसने पेपर दिया है ऐसी बात
37:23
तो नहीं है फर्जी आईएस का मतलब यह नहीं होता कि आप सीधा उसको बठ गया उसने पेपर दिया लेकिन उसने रिजर्वेशन का गलत फायदा
37:31
उठाया क्यों उठाया क्योंकि रिजर्वेशन का जब फायदा पता कैसे उठाया उसके पास क्रीमी
37:37
लेयर में होते हुए भी आप सोचिए यानी जो ओबीसी कैटेगरी का व्यक्ति क्रीम लेयर में
37:43
आता है उसको रिजर्वेशन नहीं मिता लेकिन वह क्रीमी लेयर में होते हुए भी नॉन क्रीमी लेयर की श्रेणी में आ गई और
37:53
रिजर्वेशन समझ रहे हो ना और क्रीमी लेयर में कौन-कौन आते मैं आपको बता दूं उनको रिजर्वेशन नहीं 27 पर छोड़ो 1 पर भी नहीं
38:01
है भाई लेकिन आते हो बीसी में जैसे कि सुन लेते हैं चलो जैसे कि परसों हम दोस्त से एक अपने
38:10
मित्र से बात कर रहे थे तो मैंने उससे बोला कि भाई तुम्हारे पास तो ये ओबीसी में रिजर्वेशन उसने बोला नहीं नहीं यार हमारे
38:17
पास तो क्रीमी लेयर है हम तो क्रीम लेयर में आते हैं हमको रिजर्वेशन कैसे मिल जाएगा बिल्कुल क्योंकि उसके पिताजी एक
38:23
अधिकारी थे इस तो वो क्रीम लेयर में आता उसने कहा कि भाई मैं गलत तरीके से नहीं
38:29
बनना चाहता क्योंकि कल को बदनामी होती है आज बनवा लू बन जाएगा अधिकारी है पापा बनवा
38:34
देंगे लेकिन कल को फस गए तो पापा की नौकरी और
38:40
मेरी नौकरी सा मिनट जाएगी दोनों घर बैठ के तास खेलेंगे एक साथ हां इसलिए पापा जेल हम
38:48
घर इसलिए ऐसा काम नहीं करना है लेकिन फिर भी अब याद रखना कि 27 पर आरक्षण ये सभी को
38:54
नहीं है ये 27 पर नॉन क्रीमी लेयर किसके
39:00
लिए है नॉन क्रीमी लेयर के लिए ख देंगे नोट लगा
39:05
के जो छात्र जो
39:11
छात्र नॉन क्रीमी लेयर की श्रेणी में आते हैं दो छात्र नॉन क्रीमी लेयर
39:18
की श्रेणी में आते हैं नॉन क्रीमी लेयर की श्रेणी में आते कैटेगरी में
39:25
आते श्रेणी में आते हैं और क्रमी लेर का मतलब होता है
39:32
मलाईदार परत क्या होती है मलाईदार परत यानी क्रीमी लेयर को कहते हैं मलाईदार परत
39:39
अब भैया जो व्यक्ति किसमें है जो व्यक्ति बड़े-बड़े
39:45
पदों पर बैठे हैं वो मलाई लेकर बैठे हैं कुल मिला के यहां से डिस्कस जैसे कि किसी
39:51
के पिताजी अधिकारी है वो मलाईदार परत में है यानी क्रीमी लेयर में आ और मलाईदार
39:56
वाले परत वाले किसी भी व्यक्ति को आरक्षण नहीं मिल सकता वो ओबीसी कैटेगरी में नहीं
40:02
आएगा यानी केंद्र की नजर में वो जनरल कैटेगरी में ही आएगा चलिए नोट आप बता देंगे कि जो छात्र
40:09
नॉन क्ले की श्रेणी में आते हैं उनको यह 27 पर रिजर्वेशन दिया जाता है एजुकेशनल
40:15
इंट में और यही चीज गवर्नमेंट वेकेंसी लेकिन अब क्रीम लेयर की बात कर
40:22
लेते कि क्रीम लेयर में सर कौन-कौन आता है फिर बता दो एक बार बाकी के नॉन क्रीम लेयर है
40:28
एक बार मैं क्रीमी लेयर की बात कर लेता हूं क्रीमी लेयर जो छात्र क्रीम यर की
40:36
श्रेणी में आते हैं उनको 27 पर आरक्षण का लाभ नहीं मिलता यानी वह आकल को यह नहीं कह
40:42
सकते कि सर मैं रेट लगाने जा रहा हूं 15 सब क्लस फ के तहत बिल्कुल नहीं हो सकता
40:49
लिखेंगे जो छात्र जो छात्र या
40:54
स्टूडेंट क्रीमी लेयर की श्रेणी में आते हैं क्रीमी रियर की कैटेगरी में आते
41:03
हैं श्रेणी में आते हैं
41:09
उन्हें इस 27 प्र आरक्षण 27
41:17
प्र उन्हें इस 27
41:22
प्र आरक्षण अच्छा ये बताइए क्या इनको ईडब्ल्यूएस आरक्षण जाएगा ओबीसी का
41:29
रिजर्वेशन तो नहीं मिलेगा इनको क्या ओबीसी हैय ओबीसी में दो कैटेगरी होती है क्रीम
41:35
लेयर और नॉन क्रम लेयर आपको पता चल जाएगा सर क्रम लेयर है क्या और 27 पर र्वे तो
41:42
नहीं मिलेगा तो वो मैं बाद में बताऊंगा कि इनको ईडब्ल्यूएस मिलेगा या नहीं मिलेगा आप खुद बताएंगे ठीक है तो 27 पर
41:50
आरक्षण की व्यवस्था की व्यवस्था नहीं दी जाएगी
41:57
नहीं दी जाएगी तो कुल मिलाकर आप य तक बात समझ चुके
42:04
अब क्रीम की श्रेणी की हम बात करें तो यह किस कैटेगरी से आते हैं एक बार किस कैटेगरी से नहीं आते एक बार हम देख लेते
42:10
हैं और फिर इस पर डिस्कस करेंगे एक बार हम क्रम लेयर की श्रेणी में पहली बात मैं
42:17
आपसे कर लेता हूं एक बार चलिए तो फर्स्ट ऑफ ल जैसे कि भारत का
42:26
राष्ट्रपति भारत के राष्ट्रपति का बेटा है या बेटी है आपको लगता है कि वह नॉन कमलर
42:33
है भाई साहब भारत के राष्ट्रपति का घर देखा है आपने उसकी शान शौकत देखी आपने पद भारत का
42:43
सबसे बड़ा संवैधानिक पद है व कांस्टिट्यूशन पोस्ट है उसकी व आरक्षण का
42:48
लाभ लेगा भाई साहब नहीं ले सकता इसलिए जैसे कि भारत का
42:54
राष्ट्रपति जैसे कि भारत का
43:02
राष्ट्रपति य हो सकता है दूसरा और क्या लगता है आपको सुप्रीम कोर्ट के जजेस हाई
43:08
कोर्ट के जजेस उनके बेटे क्रिमिनल में आते यदि ओबीसी है इसका मतलब यह नहीं है जज हो
43:16
चाहे वो बेचारा झोपड़ी में रहने वाला हो ओबीसी है दे दो भ आरक्षण ना क्रीम नॉन
43:21
क्रम अब राष्ट्रपति हुआ है ना सुप्रीम कोर्ट के जजेस
43:27
सुप्रीम कोर्ट के जजेस एवं हाई कोर्ट के
43:33
जजेस एवं हाई कोर्ट के जजेस हुए सुप्रीम कोर्ट के जजेस भारत का राष्ट्रपति महान्य
43:40
वादी हुआ है साहब एक दो अटॉर्नी जनरल एजी साहब हुए अटॉर्नी जनरल है चाहे एडवोकेट
43:47
जनरल है कोई भी है ठीक है उसके बाद दूसरी बात करते
43:52
हैं यह वाले पद हैं और दूसरी बात जैसे कि गवर्नर राज्यपाल हुआ
43:58
गवर्नर का बेटे या गवर्नर की बेटी या वो खुद कभी आरक्षण का लाभ नहीं लेगा दूसरी
44:05
बात इसमें प्रधानमंत्री सब आते हैं मुख्यमंत्री है ना चिंता मत करो सब आते
44:10
हैं चलिए दूसरी बात करते हैं दूसरे में आता है कि सेना में कर्नल
44:19
जैसे कि कोई व्यक्ति क्या होता है सेना में कर्नल या उससे बड़ा अधिकारी होता है मान लो तीनों सशस्त्र सेना में कर्नल
44:28
चीफ मार्शल या उससे बड़े अधिकारी रैंक के जितने भी अधिकारी हैं
44:34
वह क्रीम लेयर की श्रेणी में आएंगे और व आरक्षण का लाभ नहीं उठाएंगे जैसे कि मान
44:40
लो सेना का कर्नल का बेटा है चीफ मार्शल का बेटा है एयरफोर्स या जो नेवी आप
44:47
एयरफोर्स और नेवी और आर्मी की बात करते हैं इन तीनों रैंक के अधिकारी जितने भी अधिकारी रैंक के जो व्यक्ति है ना उन वह
44:54
क्रीमर की श्रेणी में आते हैं लेकिन आप कहीं जवान को मत उठा लाना वो सैनिक है
45:00
सेना में सैनिक का होना सेना में अधिकारी का होना फर्क होता लिखेंगे कि सेना में
45:07
कर्नल सेना में कर्नल या तीनों सेनाओं में या तीनों
45:15
सेनाओं में तीनों सेनाओं में से में
45:20
से किसी एक का में किसी एक का उच्च रक का
45:27
अधिकारी होना उच्च रैंक का
45:34
अधिकारी या अर्ध सैनिक बलों या अर्ध सैनिक बलों
45:44
में या अर्ध सैनिक बलों का उच्च रैंक का अधिकारी
45:57
उच्च रैंक का अधिकारी इसके किसी भी पुत्र या मिलेगा बात खत्म तो ये फर्स्ट हो गया
46:05
और ये आपका सेकंड हो और कल हम क्रीम लेयर को और आगे चर्चा करेंगे इसकी अभी के लिए
46:10
हम य पर फिनिश करते हैं और फिर मुलाकात करते हैं आपसे जल्दी ही हम ठीक है अभी के लिए आप इतना ही रखिए और फिर आगे हम क्री
46:17
मिलर को आगे बढ़ाते हैं ठीक है तो नॉन क्री मिलर कौन कौन है भाई साहब आप में आप अब खुद पहचान लेना जब तक मैं ये ना करा
46:25
दूं अभी नहीं जब तक मैं ये ना करा दूं क और भी कौन आते हैं जैसे कि केंद्रीय या
46:31
राज्य सेवा के अधीन ग्रुप ए या ग्रुप बी के द्वितीय
46:36
सेकंड ग्रेड के अधिकारी क्री मिलर की श्रेणी में आते हैं एक यह मिल गया दूसरा
46:43
जिसका व्यापार जिसका वाणिज्य बड़े उद्योगपतियों के बेटे और बेटी क्री मिलर
46:48
की श्रेणी में आते हैं ठीक है डॉक्टर एडवोकेट प्रोफेसर ये क्या है डॉक्टर
46:55
एडवोकेट किसी भी विश्व विद्यालय में किसी प्रतिष्ठान में बड़ा शिक्षक पद पर बैठा
47:01
कोई व्यक्ति जैसे प्रोफेसर हुआ है ना कुलपति सॉरी कुलाद जो कुलपति होते हैं
47:08
वाइस चांसलर इनकी बात मैं कर रहा हूं तो प्रोफेसर हुए बड़े शिक्षक पद में बैठे हुए
47:13
प्रोफेसर हुए ठीक है डॉक्टर हुए एडवोकेट हुए इंजीनियर हुए ठीक है किसी कलाकार के
47:21
बेटे हुए यह नहीं आएंगे यह क्रीमी ल की श्रेणी में आते सारे इनको आरक्षण का लाभ
47:26
नहीं मिलेगा किसी व्यापार वाणिज्य उद्योगपति के बेटे और बेटी क्रिमिनल की श्रेणी में आते हैं इनको आरक्षण का लाभ
47:32
नहीं मिलेगा अब गलती से फर्जी से ले जाए तो बात अलग है लेकिन लूट छुपे नहीं पूजा
47:37
खेड़कर की तरह फिर इनका खुलासा होगा और फिर इनकी बदनामी होगी और इनकी जॉब जाएगी
47:43
ठीक है और और कौन है जिनकी सालाना आय 8 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए जिनके पास
47:49
इतना इतने एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि नहीं होनी चाहिए ठीक है यदि कृषि भूमि है पा एकड़ की
47:57
और उसके अलावा अपना आवास है शहरी क्षेत्र में तो वो क्रीमर की श्रेणी में आएंगे भाई
48:03
चलिए अब आपसे मैं आगे लिखवा दूंगा अभी के लिए हम लेक्चर को फिनिश करते हैं और फिर मिलते हैं आपसे नेक्स्ट लेक्चर में ठीक है
48:10
और पॉलिटी और हिस्ट्री बराबर मात्रा में चल रही है प्लीज आप चैनल को सब्सक्राइब भी
48:16
कर दे और शेयर भी कर ठीक है प्यार से कह रहे चलिए नमस्कार सभी को मेरा थैंक
48:25
यू ब
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