Fundamental Rights - Article 12 to 35 of Indian Constitution #ParikshaJunction #FundamentalRights 3
Nov 12, 2024
The #FundamentalRights in India enshrined in part III (Article 12–35) of the #Constitution of India guarantee civil liberties such that all Indians can lead their lives in peace and harmony as citizens of #India. These rights are known as "fundamental" as they are the most essential for all-round development i.e., material, intellectual, moral and spiritual and protected by fundamental law of the land i.e. constitution. If the rights provided by Constitution especially the Fundamental rights are violated the Supreme Court and the High Courts can issue writs under #Articles32 and 226 of the #Constitution, respectively, directing the State Machinery for enforcement of the fundamental rights.
Part 1 : https://youtu.be/ZEE7GBAq6V0
Part 2 : https://youtu.be/u2A7xzyWZOQ
Part 3 : https://youtu.be/yUnFLMHBZhY
Part 4 : https://youtu.be/9ikxiXqaMNM
These include individual rights common to most liberal democracies, such as equality before law, freedom of speech and expression, freedom of association and peaceful assembly, freedom to practice religion and the right to constitutional remedies for the protection of civil rights by means of writs such as habeas corpus. Violations of these rights result in punishments as prescribed in the #BharatiyaNyayaSanhita #BNS subject to discretion of the judiciary. The Fundamental Rights are defined as basic human freedoms where every Indian citizen has the right to enjoy for a proper and harmonious development of personality and life. These rights apply universally to all citizens of India, irrespective of their race, place of birth, religion, caste or gender. They are enforceable by the courts, subject to certain restrictions. The Rights have their origins in many sources, including England's Bill of Rights, the United States Bill of Rights and France's Declaration of the Rights of Man. #Satta #politics #king
🍣🍣🍣🍣🍣🍣🍣🍣🍣🍣🍣🍣🍣🍣🍣🍣
Welcome to #ParikshaJn.
आपके अपने YouTube channel Pariksha Junction पर आपका स्वागत हैं l
👉 परीक्षा जंक्शन / Pariksha Junction - मतलब एक ऐसा फ्री Educational Channel जिसके माध्यम से समस्त प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे - UPSC, SSC, UPSSSC, BANKING, RAILWAY व अन्य सभी एक दिवसीय परीक्षाओं की तैयारी कर, आप अपने जीवन को सफल व अपने माता-पिता के बड़े सपनो को पूरा कर सकते हैं l
👉साथ ही साथ इसी Channel के माध्यम से CUET, B.A, B.Sc, B.Ed आदि जैसी Graduate Level परिक्षाओं की भी तैयारी कर अपने परिणाम को और भी अच्छा कर सकते हैं l
Show More Show Less View Video Transcript
0:00
नमस्कार सभी को परीक्षा जंक्शन के इस प्लेटफॉर्म पर सभी का हार्दिक स्वागत है और आज हमारी काफी दिन बाद मुलाकात हो रही
0:08
है जैसा आप सभी को पता है कि दिवाली का त्यौहार काफी बड़ा त्यौहार होता है हमारे भारतवर्ष में और भारतवर्ष में ही नहीं
0:15
बल्कि पूरे पूरे विश्व के कई देशों में यह दिवाली का त्यौहार मनाया जाता है तो आप सभी से यही आशा होगी कि य सभी का त्यौहार
0:23
अच्छे से गया होगा परिवार में आपके सभी खुश होंगे जैसा कि मैं दिवाली से प पहले भी बोलक गया था कि आप अपने घर पर जा रहे
0:31
हैं कुछ लोग तो पहुंच भी चुके थे घर पर क्योंकि स्टूडेंट में एक वो एक जिज्ञासा
0:36
होती है घर जाने की क्या जल्दी से चलो दिवाली दिवाली आने वाली है पढ़ाई में मन नहीं लगता है ना कुछ ऐसा होता है किताबें
0:42
खोलने का मन नहीं करता तो खैर फाइनली आप हुआ है घर पे और घर से भी कुछ लोग लौट रहे
0:47
हैं और आ भी गए हैं तो चलिए दिवाली के इस भारतवर्ष में जो दिवाली बनाई गई इस
0:54
महापर्व के बाद आज हमारा ये फैरा लेक्चर है और एक बड़ा त्यौहार है मैं तो य कह रहा
1:01
हूं कि आप जब भी कोई स्टूडेंट है तो आप यकीनन मानिए कि आप एक से होली और दिवाली
1:06
दो र ऐसे हैं कि आपको घर जाना चाहिए और अनिवार्य है क्योंकि दो तवार ते हैं ऐसे
1:12
हैं जहां पर आप अपने फैमिली को टाइम भी दे सकते हैं अपने दोस्तों को टाइम दे सकते हैं
1:17
अपने जो मित्र है आपके जो कलीग हैं उनको भी वक्त दे सकते हैं क्योंकि यह एक फुर्सत के दिन होते हैं तो चलिए मैं आशा करता हूं
1:24
कि आपका तवार अच्छा गया होगा और हमारा भी र अच्छा गया तो चलिए अब हम स्टार्ट करते
1:30
हैं जहां पे हमने लेक्चर को दिवाली से पहले छोड़ा था अब वहीं से हम लेक्चर
1:36
स्टार्ट करेंगे यानी आज हमारा जो भी आप देखना चाहोगे
1:44
youtube1 राइट्स पार्ट थ्री के नाम से ये पब्लिश होगा तो पार्ट थ्री क्यों आप सभी
1:50
को पता है जब भी हम कोई भी लेक्चर को जहां पर छोड़ते हैं तो उससे नेक्स्ट वाला जो वीडियो होता है वो अ अगले अगले पार्ट में
1:57
इंक्लूड हो जाता है तो चलिए आज हम बात करेंगे मूल अधिकारों की और आप सभी को पता
2:03
है कि हम मूल अधिकारों में कहां तक पहुंचे थे ओके तो मूल अधिकारों की हम बात करते
2:09
हैं और मूल अधिकारों में हम अनुच्छेद 13 पढ़ा चुके थे मे भी क्योंकि 13 को समझाने
2:16
की कोई हमें जरूरत भी अब नहीं है क्यों क्योंकि अगली वीडियो में यानी पिछली वीडियो में लास्ट वीडियो में हमने पूरी
2:22
तरह क्लियर कर दिया था कि आर्टिकल 13 क्या कहता है लेकिन अब आगे हम चलते हैं आर्टिकल 14
2:29
की तरफ ठीक है तो सभी डालेंगे अनुच्छेद
2:40
14 देखो कभी-कभी किसी स्टूडेंट को यह लगता है कि सर पॉलिटिक कहीं हद तक अ किस हद तक
2:47
इंपॉर्टेंट है तो मैं इतना बता दूं बच्चों कि पॉलिटी जो हमारी इंडियन पॉलिटी और
2:53
गवर्नेंस कही जाती है यह कहीं हद तक और हर कंपटीशन में आने वाला एक
2:58
क्रिटेक इंडियन पॉलिटी एक वो सब्जेक्ट है जो आपके भारत पूरे भारत में यानी एक हमारी
3:05
गवर्नेंस का एक यूनिट काम करता है जिसे आप इंडियन पॉलिटी कहते हैं और इंडियन पॉलिटी
3:10
में जब हम इंडियन पॉलिटी पढ़ाते हैं या आप पढ़ते हैं तो उस समय आप कांस्टीट्यूशन का जिक्र करते हैं और संविधान एक ऐसा टॉपिक
3:18
है एक ऐसा चैप्टर है एक ऐसा क्रिटेक एग्जाम में आता ही आता है क्योंकि इसको आप
3:26
डिनायर आप इसको यह बोलते हैं कि झूठ मास मान के छोड़ भी दें तो भी नहीं चलेगा
3:32
क्योंकि इंडियन पॉलिटी अच्छा खासा कंपट एग्जाम में अपने आप में कवर करता है नंबर भी कवर करता है आपकी कट ऑफ को भी इंक्रीज
3:40
करता है सबसे बड़ी बात बता रहा हूं जीके का सबसे बड़ा पार्ट इंडियन पॉलिटी है हालांकि ज्योग्राफी भी अपने आप में एक
3:46
बेहतरीन सब्जेक्ट है ज्योग्राफी ले लेते हैं इंडियन पॉलिटी ले लेते हैं और इंडियन हिस्ट्री ले लेते हैं ये तीन मेजर
3:52
सब्जेक्ट हैं प्रत्येक कॉम्पिटेटिव एग्जाम में आने वाली है तो प्लीज इन तीनों सब्जेक्ट पर अपनी निगाह रखिए जिसमें आप
3:58
सभी को पता है इस संस्था के माध्यम से शिवांशु सर ज्योग्राफी पढ़ाते हैं बड़ी शानदार तो वहां से आप ज्योग्राफी कवर कर
4:05
सकते हैं इंडियन पॉलिटी और इंडियन हिस्ट्री हम पढ़ाते हैं तो यहां से आप पॉलिटी और हिस्ट्री कवर कर सकते हैं तो
4:11
अनुच्छेद 14 की तरफ चलते हैं लेक्चर स्टार्ट कैसे देखो आर्टिकल 13 में मैंने
4:16
एक बात कही थी आप सभी से और आर्टिकल 13 में यह मैंने बोला था आपसे कि आर्टिकल 13
4:22
में यह बोला गया है कि संसद को अधिकार है आप जानते हो संसद को एक राइट है आर्टिकल
4:28
368 का प्रयोग करके यानी संवैधानिक संशोधन की शक्ति उसके पास है और उसका प्रयोग करके
4:33
फिर संविधान के किसी भी भाग में संशोधन परिवर्तन यानी उसमें अमेंडमेंट कर सकती है
4:39
ठीक है यानी अमेंडमेंट जो पावर है आर्टिकल 300 368 में वह पार्लियामेंट के पास होती
4:46
है और पार्लियामेंट मूल अधिकारों के किसी भी ढांचे में किसी भी भाग में परिवर्तन कर
4:52
सकती है उसका निर्सन भी कर सकती है यानी कुल मिला के चेंजेज हो सकते हैं ठीक है
4:57
उसका किसी भाग को हटा भी सकती है या किसी भी भाग में परिवर्तन करके उसमें अमेंडमेंट
5:02
कर सकती है तो मैं आपसे यही कहना चाहूंगा लेकिन हमारे संसद को हमारी भारतीय संसद को
5:09
यह अधिकार बिल्कुल भी नहीं है कि वह कि वह मूल अधिकारों के मूल ढांचे में
5:17
छेड़खानी करे आप सभी को पता है कि हमारे फंडामेंटल राइट जो है वो हमारे
5:22
कांस्टिट्यूशन की एक क्या है मैगना काटा है और मैगना काटा का मतलब होता है घोषणा
5:27
पत्र यानी वही संविधान का मूल ढांचा है हालांकि संविधान का मूल ढांचा प्रस्तावना
5:33
भी है मूल अधिकार भी है स्वतंत्र न्यायपालिका भी है कई सारी चीज हैं
5:38
डेमोक्रेसी है रिपब्लिक है इलेक्शंस हो सकते हैं ठीक है तो कुल मिलाकर बात कही
5:44
जाती है कि संसद संविधान के मूल ढांचे से छेड़छाड़ नहीं कर सकती उसमें डिस्टर
5:50
संविधान के मूल ढांचे में किसी भी प्रकार का डिस्टरबेंस नहीं होना चाहिए ठीक है
5:55
अन्यथा सुप्रीम कोर्ट क्या करती है न्यायिक समीक्षा का प्रयोग करके संसद से पारित हुए किसी भी बिल या कानून को तुरंत
6:02
खारिज कर देती है यदि वह बनाया गया कानून हमारे मूल अधिकारों के खिलाफ है या मूल
6:09
अधिकारों से असंगत है तो यह था आपका आर्टिकल 13 लेकिन अब आप आते हैं आर्टिकल
6:14
14 की तरफ और आर्टिकल 14 मैं आपको बता दूं हमारे संविधान में एक कैप्सूल सिस्टम काम
6:21
करता है तो कैप्सूल सिस्टम में इसको कैप्सूल बोलता हूं 14 से लेकर 18 आप सभी को पता है हमारे पास छह मूल अधिकार थे
6:29
हमारे संविधान में कितने मूल अधिकार थे छह और छह मूल अधिकार की हम बात करें तो उनमें
6:34
से पहला मूल अधिकार था 14 से लेकर 18 जिसे आप क्या कहते हैं समता का अधिकार क्या
6:40
कहते हैं समता का अधिकार या
6:45
फिर समानता का अधिकार एम आ राइट मैं सही कह रहा हूं आप सभी से चलिए तो समानता का
6:51
अधिकार और इंग्लिश में कहा जाता है इसको राइट टू
6:58
इक्वलिटी राइट टू इक्वलिटी तो आर्टिकल 14 की तरफ चलते हैं और आर्टिकल 14 यह कहता है
7:06
कि इस अनुच्छेद के अनुसार यानी अकॉर्डिंग टू दिस कांस्टिट्यूशन या अकॉर्डिंग टू दिस
7:13
आर्टिकल इस संविधान के अनुच्छेद के अनुसार इस संविधानिक इस संविधान के
7:21
अनुच्छेद के अनुसार इन संविधान के अनुच्छेद के अनुसार
7:28
क्या होता है यानी आप सभी को पता है कि हमारे भारत में हमारे भारत के राज्य
7:33
क्षेत्र में व्यक्ति रहते हैं अपने अपने समुदाय अपनी अपनी जाति अपना अपना धर्म मैं
7:40
भेदभाव नहीं कर रहा मैं केवल बता रहा हूं जिस उपजाति जिस जाति और जिस धर्म की हम
7:46
बात कर रहे हैं वो एक हमारी पहचान हो सकती है लेकिन हम उस पहचान के आधार पर भेदभाव
7:51
करें ये बिल्कुल गलत है भाई पहचान आदमी की हो सकती है जैसे कि मैं हिंदू धर्म से आता
7:58
हूं तो ये मेरी पहचान है लेकिन मैं हिंदू धर्म का पहना ड़ के किसी अन्य धर्म की आलोचना
8:05
करूं तो यह ना तो सेकुलम है यह क्या है यह कट्टर वादा है यह ऐसा बिल्कुल भी नहीं
8:11
होना चाहिए मैं तो साफ कह रहा हूं तो फिर भी इस संविधान के अनुच्छेद के अनुसार भारत
8:16
के राज्य क्षेत्र में भारत के राज्य क्षेत्र में रहने वाला
8:24
प्रत्येक व्यक्ति भारत के राज
8:30
में रहने वाला रहने वाला प्रत्येक
8:41
व्यक्ति प्रत्येक व्यक्ति को विधियों के समक्ष
8:47
समानता विधियों के
8:54
समक्ष समानता एवं विधियों के समान संरक्षण
9:03
एवं विधियों के
9:10
समान संरक्षण ठीक है यानी एक बात मैं आपसे बता दूं इंग्लिश में क्या बोलते हैं
9:16
विधियों के समान संरक्षण को बोला जाएगा यानी इस यानी इस अकॉर्डिंग टू दिस आर्टिकल
9:23
भारत के राज्य क्षेत्र में यानी भारतीय राज्य क्षेत्र में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति
9:29
को विधियों के समक्ष समानता यानी जस्टिस बिफोर द लॉ ओके जस्टिस बिफोर द लॉ एंड
9:36
इक्वल प्रोटेक्शन लॉ यानी कुल मिलाकर कहा जा रहा है कि विधियों के समान संरक्षण और
9:41
विधियों के समुख समानता ठीक है यानी इक्वलिटी बिफोर द लॉ एंड जस्टिस बिफोर द
9:46
लॉ तो कुल मिलाकर मैंने क्या बोला इसको इंग्लिश में कहा जाएगा इक्वलिटी बिफोर द लॉ तो आप इसे ख लिख भी सकते हैं इसे कहा
9:56
जाएगा इक्वलिटी बिफोर द
10:03
लॉ एंड इसे क्या बोला जाएगा इसे बोला
10:08
जाएगा प्रोटेक्शन बिफोर द लॉ प्रोटेक्शन बोल बोल देते हैं आप कोई दिक्कत भी नहीं है तो आप बोल सकते हैं
10:17
प्रोटेक्शन प्रोटेक्शन बिफोर द
10:24
लॉ ओके यानी इक्वलिटी बिफोर द लॉ और प्रोटेक्शन बिफोर द लॉ यानी विधियों के सम
10:32
समक्ष समानता और विधियों के समान संरक्षण से वंचित नहीं किया जा सकता यानी कुल
10:39
मिलाकर यह से वंचित नहीं किया जा
10:47
सकता से वंचित वंचित का मतलब होता है जैसे कि छोड़ देना किसी व्यक्ति से जैसे कि ऐसे
10:54
आज मुझे मान लो आपके घर में तीन मेंबर है और दो मेंबरों के साथ वो सब काम हो रहे
11:01
हैं जो तीसरे मेंबर के साथ वो काम नहीं हो पा रहे हैं तो कुल मिलाकर तीसरा व्यक्ति अपने आप को अपने आप को क्या समझता है
11:08
पिछड़ा हुआ समझता है वो ये सोचता है कि मेरे साथ भेदभाव हो रहा है मेरे साथ क्या
11:14
हो रहा है मेरा शोषण हो रहा है चाहे फिजिकली फिजिकली एक्सप्लोइटेशन हो सकता है चाहे मेंटली टॉर्चर हो सकता है व्यक्ति
11:21
किसी भी तरीके से चाहे उसका आर्थिक शोषण ही क्यों ना हो रहा हो तो कुल मिला के एक तो इको एक्सप्लोइटेशन होता है एक फिजिकली
11:27
हो सकता है और एक मेंटली हो सकता है ठीक है तो तीन तरीके का शोषण आदमी झेल सकता है
11:32
तो कुल मिला केर किसी भी व्यक्ति को जो भारत के राज्य क्षेत्र में आएगा उसके साथ
11:38
किसी भी तरीके से कानून के समान संरक्षण और कानून के समक्ष समानता उसको दी जाएगी
11:45
तो लिखेंगे से वंचित नहीं किया जा सकता नहीं
11:52
किया जा सकता है
11:57
अर्थात अब आपको मैं मीनिंग बताता हूं एक्चुअली में हमारे पास क्या होता है कि
12:03
इसका मीनिंग जान लेते हैं पहले कि विधियों के समक्ष समानता का मतलब क्या है विधियों के समक्ष
12:15
समानता देखिए इसका मतलब क्या हो सकता है आप एक बार सोचिए कि यदि मैं से आपसे
12:21
मीनिंग पूछ रहा हूं तो आपके दिमाग में क्वेश्चन आना चाहिए कि सर इसका मीनिंग जानने का प्रयास क्यों कर रहे हैं एक बार
12:27
सोचना एक बार माइंड से सोचो एक बार यह भी विचार कीजिए कि थॉट लाइए थॉट
12:34
को क्रिएट कीजिए तभी चीज आपकी कांसेप्चुअल होती है विधियों के समक्ष समानता विधियों
12:39
का समक्ष समानता का मतलब होता है यानी जस्टिस यानी इक्वलिटी बिफोर द लॉ का मतलब है कि कानून से बड़ा कोई नहीं जैसे कानून
12:48
की नजर में समक्ष समानता यानी इक्वलिटी चाहे कोई व्यक्ति अमीर गरीब हो ऊंचा हो
12:56
नीचा हो ठीक है वाला है कोई मैटर नहीं करता गरीब है कोई मैटर नहीं करता ऊंचा है
13:04
नीचा है जात क्या है उसका उसका धर्म क्या है कोई मैटर नहीं करता लेकिन तो इसके
13:10
प्रकार से मैं इससे यह कह सकता हूं कि व्यक्ति चाहे आप लिख सकते हैं इसमें कि
13:16
व्यक्ति चाहे व्यक्ति चाहे कैसा हो जैसे कि
13:22
व्यक्ति चाहे या तो अमीर या गरीब
13:27
हो अमी अर गरीब हो कोई फर्क नहीं पड़ता दूसरे बात करें ऊंचा या नीचा
13:39
हो कभी-कभी क्या होता है कुछ लोग यह कह देते हैं आज भी हमारे भारत में आज भी
13:45
हमारे इंडिया में ऐसी कई सारी कम्युनिटी है ऐसे कई सारे सर्किल बने हुए हैं जो आज
13:51
भी कुछ लोगों को नीचा कहकर जज करते हैं उनसे कहते हैं आप लोअर कास्ट के कि हो रहा
13:59
इसमें कोई दोहराई नहीं है आप यह मत सोचना कि यह मैं मैं ही कह रहा हूं और कोई मन गंत कहानी नहीं है आज भी आप भारत के किसी
14:07
भी गांव में चले जाइए मैं आपको बता रहा हूं ऊंची जाति के लोग आज भी अपने आप को
14:13
ऊंचा इसलिए मानते हैं इसलिए मानते हैं क्योंकि वह सोचते हैं कि हमारा अधिकार
14:20
मतलब सारे रिसोर्सेस पर हमारा जो अधिकार है वह तो जन्म सिद्ध है हमारा तो जन्म
14:26
सिद्ध अधिकार है लेकिन बाकी जो जातियां हैं उनको वो नीचा मानते हैं ठीक है और यह
14:33
मैं नहीं मैं मैं खुद देखकर आया हूं एक बार हमारा दौरा हुआ था दौरा का मतलब है हम
14:39
वहां पर एक कुछ दिन बिताने गए थे अपने दोस्त के यहां मैं गांव का नाम नहीं बताऊंगा कुछ कुल मिला के ठीक है तो हम
14:46
वहां गए थे कुछ दिन के लिए क्योंकि काफी टाइम बाद मिले थे जब होते हैं ना दोस्त मिलते हैं तो आपस में कहते हैं यार कभी घर
14:52
नहीं आए हमारे यार तो मैंने कहा चलो ठीक है आज चलते ही है वो एक्चुअली में वो जा भी रहा था तो वो मुझसे मिलते हुए जा रहा
14:58
था तो उस समय क्या हुआ हमने भी बोला कि चलो ठीक है भाई तुम्हारे गांव चलते हैं आज लाओ तो गांव गए हम गांव जाके जैसे अब गांव
15:07
में तो सारी सब एक जैसे रखते हैं गांव को बाहर से क्या देखना जब गांव को अंदर से देखा जाता है ना तब अंदर से सीना खोखला हो
15:15
जाता है बच्चों और ऐसा लगता है कि यहां पर क्या चल रहा है अभी दुनिया कितनी आगे निकल
15:21
च है दुनिया प्रौद्योगिक की बात करती है विज्ञान की बात करती है दुनिया एआई पर चल
15:27
रही है दुनिया चैजी पर आ रही है दुनिया रोबोट रोबोटिक्स दुनिया में जा रही है लेकिन आज हम कहां पर है आज हमारे भारत का
15:35
एक गांव और वहां के लोगों की सोच कैसी है वो यह लोग कहते हैं कि अरे महा मत जाओ यह
15:41
नीचे जाती का है तो बड़ा दुख होता है ऐसा लगता है कि भाई साहब क्या इस किताब
15:46
किताबों को तो पढ़ाना बेकार ही था और फिर ऊपर से य वो लोग य और कहते हैं कि भाई
15:52
साहब पढ़ा लिखा करो कुछ नहीं होता मतलब यह वो लोग कह रहे हैं जो आज भी जात पात कर रहे हैं बिल्कुल यह हकीकत है यह हमारे
16:01
भारतीय समाज की हकीकत है जो लोग बूढ़े बड़े यह कहते हैं गांव में कि पढ़ा लिखा
16:06
करो नौकरी लगा करो वह केवल पढ़ाई लिखाई का मतलब सिर्फ एक ही बात जानते हैं कि बेटा नौकरी चढ़ जाओ पढ़ाई लिखाई का मतलब नौकरी
16:14
एक हो सकता है वह एक साधन है जीवन जीने का लेकिन पढ़ाई का असली एजुकेटेड पर्सन कभी
16:21
भी ऊंच नीच नहीं करता देखा है क्या कभी आपने बताइए हमारे हमारे भारत के सबसे सबसे
16:29
बड़े उद्योगपति अभी बात करें कितने बड़े एजुकेटेड पर्सन थे रतन टाटा जी उनके मुंह से वो तो जानवरों से भी प्यार करते थे
16:36
इंसान तो छोड़ो तो ये होते हैं एजुकेटेड पर्सन वो एजुकेटेड नहीं है कि गांव में
16:42
जमीन इतने पड़ी है हमारे पास यह पढ़ा है हमारा हमारे बेटे पुलिस में है फलाना ठिकाना कई नौकरियों पर चढ़ गए लेकिन फिर
16:49
भी उस घर में आज यही बातें होती हैं वो उस जाति का वो उस जाति का उसको मत
16:55
आने देना वो शादी में नहीं आना चाहिए वो जाति का है वो उस कटी का है और देखा जाए
17:01
तो घर में सारे सरकारी नौकर है बास यह हालत है हमारे भारत की म पूरे भारत की बात
17:07
नहीं कर रहा कुछ गांव की बात कर रहा तो इसलिए मैं आपसे कह रहा हूं कि चाहे कोई व्यक्ति संविधान की नजर में अमीर है कोई
17:14
फर्क नहीं पड़ता गरीब है कोई फर्क नहीं पड़ता ऊंचा है नीचा है कैसा भी है कोई दिक्कत नहीं है उसका सामाजिक स्टेटस क
17:22
सोशल स्टेटस कैसा है कोई फर्क नहीं पड़ता ठीक है तो कुल मिलाकर कहा जाता है कि अमीर
17:27
है चाहे गरीब है ं नीचा है और चाहे वह व्यक्ति कैसा है यानी पिछड़ा हुआ है या
17:35
समर वर्ग का है इसमें कोई फर्क नहीं पड़ता ठीक है चलिए तो कुल मिलाकर मैं कह सकता हूं कि संविधान यह कहता है कि मेरे सामने
17:42
सब बराबर है यानी संविधान क्या कहता है कि मेरे समक्ष सब बराबर है तो संविधान का
17:49
अर्थ हुआ यहां पर संविधान क्या कहता है संविधान यह कहता
17:55
है कि सभी व्यक्ति सभी
18:01
व्यक्ति मेरे समक्ष समान है भाई सभी
18:06
व्यक्ति मेरे समक्ष समान
18:14
है ठीक है और इस ना कोई बड़ा है तो ना कोई
18:19
छोटा है आपको बात समझ में आ चुकी है ना तो यह होती है
18:25
इक्वलिटी अब आते हैं नेक्स्ट नेक्स्ट एक चीज बताना चाहूंगा एक था हमारा दूसरा विधियों
18:32
के समान संरक्षण विधियों
18:40
के समान सरक्षण मुझे एक बात बताइए आप सभी
18:47
विधियों के समान संरक्षण है भैया मुझे एक बात बताइए जैसे कि अब यह कह रहा है कि
18:53
प्रोटेक्शन बिफोर द लॉ विधियों के समक्ष या विधियों के समान संरक्षण
18:59
तो यह कह रहा है कि भारत के राज्य क्षेत्र में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को कानून
19:05
प्रोटेक्शन देता है कानून क्या देता है प्रोटेक्शन लेकिन कुछ लोग मानते हैं कि
19:10
कानून तो लोगों के डराने के लिए बनता है नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है आपके अंदर जो यह
19:16
नफरत भरी हुई है कानून के प्रति कानून के खिलाफ जो आप यह शब्दावली यूज करते हैं कि
19:23
कानून तो सरकार इसलिए बनाती है ताकि वह जनता को दबा सके बिल्कुल भी ऐसा नहीं है
19:29
आज हमारी नरेंद्र मोदी जी सरकार ने ये क्लियर कर दिया है यानी हमारे भारतीय जब
19:34
भारतीय दंड संहिता चलती थी जिसका नाम है इंडियन पीनल कोड चलता था चलता था
19:46
18622 कोड हमारे यहां पे क्या चलता था बीएनएस चलता वो सॉरी ये इंडियन एविडेंस
19:53
एक्ट आईईएस यानी हमारे भारत में पहले तीन प्रकार के कानून चलते थे उनका नाम था क्या
19:59
था जैसे कि एक था इंडियन पीनल कोड एक था सीआरपीसी एक था इंडियन एविडेंस एक्ट यानी
20:07
कुल मिला के तीन एक्ट हमारे यहां पर काम कर रहे थे कर रहे थे ना यही तो सेक्शन थे
20:13
इंडियन पीनल कोड इसका नाम क्या था भारतीय दंड संहिता यानी यह तो दंड देगी भैया किसी
20:20
को नहीं छोड़ेगी तो एक होता है दंड देना यानी किसी को डराना कि दंड मिलेगा आपको
20:26
जैसे मेट्रो में लिखा होता है ना कि यदि किसी भी तरीके से किसी भी व्यक्ति ने
20:32
मेट्रो के दरवाजों से छेड़छाड़ की उन्हें उन्हें उनमें बाधा पहुंचाई तो 5000
20:38
जुर्माना या चार वर्ष की कैद या दोनों प्रकार की हो सकती है तो कुल मिला के यह
20:44
थी भारतीय दंड सहीता एक थी सीआरपीसी क्रिमिनल प्रोसीजर कोड लेकिन एक क्या था
20:50
इंडियन एविडेंस एक्ट आज इंडियन पीलर कोड का नाम क्या कर दिया है बीएनएस भारतीय
20:55
न्याय संहिता एक सीआरपीसी का नाम क्या कर दिया है बीएनएसएस यानी
21:01
भारतीय न्याय कुछ सुरक्षा सहीता है ना सुरक्षा
21:07
सहीता ऐसे कर दिया है यानी कुल मिला के आप पहले दंड दिया जाता था आज न्याय दिया जाता
21:14
है तो यह क्या बात है यानी है हमारी नरेंद्र मोदी जी सरकार में पहली बार किसी
21:19
सरकार ने एक दंड का नाम बदल के न्याय किया कि भाई व्यक्तियों को दंड मत दीजिए हां
21:24
दंड मिलना चाहिए जो व्यक्ति अपराधी है उसको दंड मिलेगा यह बात पक्की है तो कुल मिलाकर कानून आपका प्रोटेक्शन करता है ना
21:32
कि आपके खिलाफ काम करता है तो यह कहता है कि समाज के प्रत्येक वर्ग
21:38
में समाज व के समाज के प्रत्येक वर्ग का प्रत्येक व्यक्ति प्रत्येक वर्ग का
21:46
प्रत्येक व्यक्ति यानी समाज सोसाइटी में कई सारी क्लास होती है उन क्लास में रहने वाला प्रत्येक
21:54
व्यक्ति प्रत्येक व्यक्ति को विशेष अधिकारों की अनुपस्थिति है यानी
22:02
प्रिविलेजेस विशेष अधिकारों की अनुपस्थिति
22:18
है अनुपस्थिति है ठीक है तो कुल मिला के क्या हो गया यह हो गया आपका विधियों के
22:24
समान संरक्षण और मैं आपको बता दूं आपके एसएससी में को क्वेश्चन पूछा जाएगा कि
22:29
विधियों के समक्ष समानता इस प्रकार के कानून को यानी इस प्रकार की धारणा को इस
22:35
प्रकार के कांसेप्ट को भारत देश के यानी विश्व के किस देश के संविधान से लिया गया
22:41
है तो आपका आंसर होना चाहिए ब्रिटेन इसको लिया गया है डियर ब्रिटेन के संविधान से
22:48
हालांकि वहां लिखित संविधान नहीं है राजा राजा का जवान ही राजा का संविधान होती है वहां तो यह ब्रिटेन का संविधान है यानी
22:56
ब्रिटेन के संविधान से इसको लिया गया है पहली बात दूसरी बात करते हैं विधियों के
23:02
समान संरक्षण जो है इसको लिया गया है कहां से इसको लिया गया है अमेरिका के संविधान
23:09
से यह अमेरिका का संविधान काम करता है य और अमेरिका का संविधान आपको पता है यह
23:14
हमारे भारत या नहीं हमारे विश्व का सबसे पुराना और प्राचीन संविधान है और प्राचीन
23:20
लोकतंत्र हमारे अमेरिका में काम करता है और आप सभी को बता दूं अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव हुए थे अभी 2024 के वहां
23:28
पर राष्ट्रपति चुनाव जो होते हैं यहां के यहां के प्रधानमंत्री चुनाव की तरह होते हैं यानी यहां के लोकसभा चुनाव और वहां के
23:34
राष्ट्रपति चुनाव बराबर समान होते हैं तो कुल मिलाकर बताया जाता है हां प्रोसीजर
23:40
अलग हो सकता है मैं ये नहीं कह रहा प्रोसीजर अलग हो सकता है ठीक है तो अमेरिका में अध्यक्षात्मक प्रणाली काम
23:46
करती है राष्ट्रपति सरकार काम करती है वहां पर तो अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में किसकी जीत ई अभी डोनाल्ड ट्रंप की
23:53
यानी डोनाल्ड जे ट्रंप वहां पे जीत चुके हैं चलिए पहले सरकार किसकी थी जो बाइड की
24:00
डोनाल्ड ट्रंप पहले भी जो वाइडन से पहले भी काम कर चुके हैं पहले बराक ओबामा थे फिर डोनाल्ड ट्रंप आए फिर जो वाइडन आए और
24:07
जो वाइडन के बाद कौन है फिर जो डोनाल्ड ट्रंप आ चुके ठीक है तो और कमला हैरिस जो
24:14
हमारे भारतीय मुल्क की अमेरिका की उपराष्ट्रपति थी वह हार चुकी है वह
24:19
राष्ट्रपति का भी कंपलीटर थी डोनाल्ड ट्रंप की हालांकि वो हार चुकी है और डोनाल्ड ट्रंप जीत चुके
24:26
हैं चलिए तो हमारे सर हमारे भारत से बहुत अच्छे संबंध रहे हैं ये वही डोनाल्ड ट्रंप
24:31
व्यक्ति है जिन्होंने एक समय पता है आपको जब चाइना से कोरोना वायरस फैला था पूरे
24:36
विश्व में सारे पूरे विश्व की तहस तहस मचा दिया इसने कितनी मौतें हुई आप सभी को पता
24:44
है दिन में एक एक लाख दो दो लाख मौत होती थी कोविड से समझे ना तो कोविड से जो मौतें
24:50
हुई है उसका कारण केवल चाइना थी चाइना की सरकार थी जो बुहान रिसर्च सेंटर से जो कोरोना
24:59
रिलीज हुआ था वायरस अब किया था या करवाया था हमें नहीं पता हालांकि डोनाल्ड ट्रंप
25:05
वही व्यक्ति है देखो डोनाल्ड ट्रंप एक ऐसा ताकतवर राष्ट्रपति है यह व्यक्ति यह व्यक्ति सनकी है थोड़ा सनकी का मतलब मैं
25:13
बुराई नहीं कर रहा मैं कभी-कभी किसी का सनक पन इतना अच्छा होता है कि जो डिसीजन
25:20
लेने के नहीं होते जो जो जिन डिसीजन को लेने की क्षमता होती है और उनमें किसी प्रकार से देरी
25:26
होती है देखो सन की आदमी दो तरीके का होता है एक संकी ये होता है मान लो एक्स नाम का
25:32
व्यक्ति और वा नाम का व्यक्ति है एक्स नाम का व्यक्ति संकी इस प्रकार है
25:38
कुछ कुछ इस प्रकार है वह क्या करता है जो काम करने के नहीं होते जो समाज के लिए
25:44
नुकसान पहुंचाएगा उन चीजों पर ज्यादा काम करेगा तो यह तो कर देगा समाज का पनिया ढाल
25:50
यह समाज को खत्म कर देगा एक दिन पूरी तरह विनाश कर देगा उसका ये देश समाज राज्य
25:56
सबको खत्म कर देगा ये जिंदा लोगों को खा जाएगा सनकी लोगों को
26:01
सत्ता दे दी तो मैंने एक्स प्रकार के सनकी लेकिन बा प्रकार के सनकी कुछ ऐसे होते हैं
26:07
जैसे कि जिन कामों में देरी हो रही थी जैसे कि महिलाओं को गैस सिलेंडर देना है
26:14
मान लो और पिछली सरकार ने महिलाओं को गैस सिलेंडर देने में कई सालों लगा दिए या
26:20
डिसीजन ले नहीं पाए तो अब वाई नाम का संकी व्यक्ति आएगा वाई नाम का संकी व्यक्ति
26:26
समाज को सुधारने में संकी है यह एक्स की तरह नहीं है जो समाज को बिगाड़े का यह वा की तरह है तो डोनाल्ड
26:33
ट्रंप जो है ना यह वा की तरह जैसे चीन से जब वायरस फैला था तो
26:38
डब्लू एओ की टीम जो थी व चीन नहीं जा रही थी बारबार अनाकानी कर रही थी कि नहीं नहीं वहां से नहीं फैला है हम लेकिन फिर भी जब
26:46
जब अमेरिका के बतौर राष्ट्रपति कोविड में डोनाल्ड ट्रंप भी थे बतौर राष्ट्रपति
26:52
201920 के आसपास डोनाल्ड ट्रंप थे लास्ट सरकार थी वहा की डोनाल्ड ट्रंप ने डब्ल्यू
26:58
एओ की फंडिंग रोख दी भाई साहब बोला कि जब तक तुम चीन की बुहान लैब में जाकर रिसर्च
27:03
नहीं करोगे वहां की इन्वेस्टिगेशन नहीं करोगे डब्ल्यू एओ तब तक मैं आपको फंडिंग दूंगा ही नहीं और आपको बता दूं वर्ल्ड
27:10
हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन जो कि यूनाइटेड नेशन की ही संस्था काम करती है वर्ल्ड हेल्थ
27:16
ऑर्गेनाइजेशन की सबसे बड़ी फंडिंग होती है अमेरिका से अमेरिका ने फंडिंग रोक दी उसकी
27:21
अब सोचो डब्ल्यू एओ के पास पैसा नहीं है डब्लू एओ के पास जब पैसा नहीं है तो वो क्या
27:26
करेगा क्या क्या करेगा तो यही चीज होती है कि इतना शक्तिशाली देश जब किसी भी
27:32
इंस्टिट्यूट की फंडिंग रोक देता है ना तो वो तितर बितर हो जाते हैं जब जाकर डब्लू
27:38
एओ ने अपनी टीम चीन में भेजी है कि जाओ भुवान में यह व्यक्ति था एक मात्र विश्व
27:46
पूरे विश्व का एक मात्र ऐसा सरकार एक ऐसा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जिसने कभी भी उसे कोरोना वायरस नहीं बोला उसने हमेशा से
27:54
उसको चीनी वायरस बोला है ये वो आदमी है भाई साहब अच्छी बात है भारत के साथ
27:59
मित्रता अच्छी रहेगी संबंध अच्छे होंगे लेकिन अब कनाडा की नौबत आने वाली है खैर
28:04
देखेंगे आगे तो चलिए यह आर्टिकल था लेकिन अब आपको बहुत बुरा लगने वाला है और अच्छा
28:11
भी लगने वाला है कि कुछ व्यक्तियों को जैसे आप सभी को पता है मैंने एक बात बोली
28:16
थी आपसे कि विधियों के समक्ष समानता चाहे कोई व्यक्ति अमीर है या गरीब है कोई फर्क नहीं
28:23
पड़ता ऊंचा है या नीचा है कोई फर्क नहीं पड़ता बड़ा है या छोटा कोई फर्क नहीं
28:28
पड़ता कानून सबके लिए बराबर है कानून से बड़ा कोई नहीं है यह बात यह कहता है लेकिन
28:35
और यह ब्रिटेन के संविधान से लिया गया है लेकिन आज भी हमारे संविधान में कई सारे पद
28:41
ऐसे हैं जो उनको एक बेसस अधिकार देते हैं
28:47
उनको क्या देते हैं बेसस अधिकार देते हैं आप सुनिए लिखेंगे
28:52
अपवाद एक्सेप्शन
29:01
एक्सेप्शन अपवाद देख अब अपवाद कैसे हो सकता है एक बार जैसे
29:07
कि जैसे कि मान लो हम अपने की बात कर लेते हैं जैसे आपकी सोसाइटी में चारों तरफ 50
29:13
लोग रहते हैं और 50 लोग जो रहते हैं वह बराबर है ठीक है लेकिन इस आर्टिकल में एक
29:18
अपवाद भी है जो विशेष प्रकार की यानी वीवीआईपी पर्सन वेरी वेरी इंपोर्टेंट
29:25
पर्सन जो वेरी वेरी इंपोर्टेंट पर्सन है उनके लिए यह कुछ सहूलियत भी देता है यही
29:32
आर्टिकल तो वो आर्टिकल 14 में यानी भारत के राज्य क्षेत्र में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति में नहीं आते समझ गए अब देखें
29:40
कैसे जैसे कि कुछ एक्सेप्शन इसमें हो सकते हैं हमारे भारत में कुछ बड़े-बड़े पद ऐसे
29:45
हैं आज
29:55
भी हमारे भारत में कुछ बड़े-बड़े पद ऐसे भी हैं आज भी जो यह कहते हैं कि हमको बेसस
30:03
अधिकार है हालांकि बेसस अधिकार नहीं है लेकिन उनकी पद की गरिमा उनकी पद की
30:10
स्वतंत्रता और उनकी पद की प्रतिष्ठा जिसे कहते हैं डिग्निटी ऑफ द पोस्ट पद की
30:16
प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए उनके साथ यह आर्टिकल एक बेस्ट ट्रीटमेंट करता है और
30:22
कैसे करता है देखें एक्सेप्शन जैसे भारत का राष्ट्रपति
30:31
भारत का राष्ट्रपति आप सभी को पता है यह पद भारत का सबसे बड़ा संवैधानिक पद
30:37
है इसके ऊपर कोई नहीं इसके ऊपर सिर्फ एक है वह है संविधान
30:45
खुद यानी इस पद से बड़ा कोई पद नहीं समझ
30:50
रहे हो ना तो भारत का राष्ट्रपति जो भारत का सर्वोच्च पद है भारत के राष्ट्रपति को
30:56
यह क्या सहूलियत देता है मैं आपको बता दूं यह भारत के राष्ट्रपति के लिए विशेष अधिकार देता
31:02
है यह कहता है कि जब तक भारत का राष्ट्रपति अपने पद पर विराजमान है अपने
31:08
पद पर बैठा हुआ है ठीक है अपने पद पर प्रॉफिट ऑफिस पर पर लाभ के पद पर है अपने
31:14
पद पर है भारत का राष्ट्रपति यदि अपने पद पर बैठा हुआ है तो वह किसी भी प्रकार का
31:21
कोई भी अपराध भी कर देता है तो उसको तुरंत गिरफ्तार नहीं किया जा सकता केवल दीवानी
31:27
मामलो को छोड़कर यानी सिविल केस के को छोड़कर उसे किसी भी मामले में गिरफ्तार
31:34
नहीं किया जा सकता भारत के राष्ट्रपति को यानी भारत के राष्ट्रपति को अपने किसी भी
31:40
भ भारत के राज्य की कोई भी पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकती जब तक वह अपने पद
31:46
पर बैठा हुआ हा लेकिन दीवानी मामलों के अंदर सिविल केस के अंदर जैसे कि विवाह है
31:53
तलाक है सिविल केस के अंदर भी उसे गफ र करने से
31:58
पहले आपको एक महीने या 15 दिन पहले नोटिस देना पड़ता है केवल सिविल केस की क्रिया विधि चल सकती
32:06
है यानी यदि कोई भी आरोप लगता है तो सिविल केस पर ही आरोप लगाया जा सकता है
32:12
राष्ट्रपति पर अन्यता भारत के राष्ट्रपति को किसी भी स्थिति में यदि वह अपने पद पर है तो उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता
32:20
क्यों क्योंकि भारत का राष्ट्रपति भारत का राजा होता है और राजा कभी गलत नहीं हो सकता यह बात पुराणों में कही गई है कि
32:28
भारत कोई भी राजा गलत नहीं हो सकता हालांकि कई राजा गलत भी काम करते हैं कई अच्छे भी काम करते हैं लेकिन हमारे यहां
32:35
पर एक प्रथा रही है हमारे यहां पर एक ट्रेडिशनल है उसमें यह कहा जाता है कि भारत कोई भी राजा एक ईश्वर की उपाधि रखता
32:42
है और राजा को ईश्वर माना गया है भगवान भी माना गया है क्योंकि वही तो प्रजा का
32:48
रखवाला है वही प्रजा को नुकसान पहुंचाएगा यानी वह प्रजा का एक दूसरा गार्डियन होता
32:54
है तो कुल मिलाकर भारत के राष्ट्रपति को यह विशेष अधिकार कि उसे पद पद पर रहते हुए यानी भारत के
33:04
राष्ट्रपति भारत के राष्ट्रपति को पदी के
33:15
दौरान पदाव के दौरान दीवानी मामलों को छोड़कर
33:25
दीवानी मामलों को छोड़कर
33:31
दीवानी मामलों को छोड़कर गिरफ्तार नहीं किया जा
33:38
सकता गिरफ्तार नहीं किया जा
33:48
सकता समझे आप तो कुल मिलाकर बात मेरी समझ चुके हैं चलिए बहुत
33:53
अच्छे और जैसे कि और भी है और एक पद एक है संसदीय विशेष
33:59
अधिकार लिख सकते हैं आप इसे कहते हैं संसदीय विशेष
34:10
अधिकार आप कहोगे सर संसदीय विशेष अधिकार क्या है और मैं आपको बता दूं यह हमारे
34:15
आर्टिकल में आते हैं 100 पा जब हम संसद पढ़ाएंगे तो संसद में आर्टिकल 105 आता है
34:22
वहां पढ़ाएंगे आपको संसदीय विशेष अधिकार ये संसदीय विशेष अधिकार का मतलब होता है
34:28
समझ लीजिए केवल यह होता है कि यदि कोई मेंबर ऑफ पार्लियामेंट चाहे वो किसी भी दल
34:33
से आता है चाहे वो कांग्रेस से आए चाहे वो बीजेपी से आए चा किसी अन्य पार्टी से आए ठीक है फर्क नहीं पड़ता यदि वह
34:41
पार्लियामेंट का मेंबर है या मेंबर ऑफ द पार्लियामेंट है तो उसे कुछ बेसिस अधिकार
34:46
दिए जाते हैं समझे जैसे कि गिरफ्तारी से सरक्षण जैसे गिरफ्तारी से
34:53
संरक्षण यानी यदि संसद की कार्यवाही चल रही है और सं कोई भी सांसद संसद के अंदर
34:59
उस कार्यवाही में भाग ले रहा है तो पुलिस किसी भी तरह यदि उसके पास वारंटी क्यों ना
35:05
हो वो वारंट लेकर कभी भी संसद की कार्यवाही में बाधा डाल के उस सांसद को
35:10
गिरफ्तार नहीं कर सकती समझ गए ना ओके केवल दीवानी हां संसद की कार्यवाही
35:18
यदि खत्म हो जाती है तो खत्म होने के बाद यद जब वो मेंबर ऑफ द पार्लियामेंट संसद के
35:24
गेट से बाहर आएगा तब उसकी परमिशन सेही उसको गिरफ्तार किया जा सकता है यह कुछ
35:30
मेंबर ऑफ द पार्लियामेंट के कुछ प्रिविलेजेस होते हैं बच्चों जो उसके लिए बहुत काम आते हैं किसके लिए मेंबर ऑफ द
35:37
पार्लियामेंट के लिए क्यों क्योंकि मेंबर ऑफ द पार्लियामेंट आप समझो मान लो मैं
35:43
एक्स नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार करने गया और एक्स नाम का व्यक्ति कहीं का ए एमपी है
35:49
मेंबर ऑफ द पार्लियामेंट है तभी तो कहा बेटा है तभी दिल्ली बैठा है ये व्यक्ति दिल्ली की संसद में बैठा है चलो बढ़िया
35:55
मान लिया अब दिल्ली में संसद काम काम कर रही है तो संसद में बैठा है एमपी अब एक्स
36:01
नाम का एमपी मान लो गिरफ्तार कर लिया कहां पर हॉल के अंदर जो पार्लियामेंट का एक हॉल
36:06
है जिसे आप असेंबली हॉल कहते हैं वहां पर बैठा हुआ है और वहां पर इसे गिरफ्तार कर
36:12
लिया पुलिस ने समझे कांस्टेबल आए इंस्पेक्टर आया चलो भाई चलो हकड़ पना के चल दिए ठीक है लोकसभा स्पीकर साहब देखता
36:19
रह गया अरे भाई साहब ये क्या हो गया आप समझ रहे हो ना तो इसको गिरफ्तार नहीं कर सकते यदि इसको गिरफ्तार कर लिया ना तो आप
36:26
सोचो कि एमपी जो है जिस क्षेत्र का एमपी है वो क्षेत्र का एमपी का मतलब होता है कि
36:33
उस क्षेत्र के लोगों ने इनको क्या दिया था वोट दिया तभी तो जीता तो इसलिए असेंबली
36:39
हॉल में इसका गिरफ्तार होना उन लोगों का अपमान है जिन्होंने इसको एमपी बनाया तो
36:46
इसलिए मेंबर ऑफ द पार्लियामेंट की प पद की गरिमा को इनके कार्य में किसी प्रकार की
36:51
बाधा ना पहुंचे मान लो कल को मैं एमपी बन जाता हूं मान लो कल को मैं मेंबर ऑफ
36:57
पार्लियामेंट हू और मैं जिस क्षेत्र से आता हूं मेरा जहां पर वर्थ प्लेस है मैं वहां से जीत गया तो लोगों ने मुझे जिताया
37:05
फिर मैं आके दिल्ली की संसद में आक बैठा हूं अब दिल्ली की संसद में बैठा हूं वहां पर मैं किसी कार्रवाई में भाग ले रहा हूं
37:12
ठीक है जहां पर मेरा होना बहुत जरूरी है और देश के लिए सबसे बड़ा कानून भी बन रहा है उस समय ठीक है मैं वहां पर बैठा हूं
37:19
चाहे मैं उस कानून का समर्थन करूं या ना करूं वो मेरा पर्सनल मैटर है समझे ना या वो मेरी पार्टी का मैटर हो सकता है लेकिन
37:27
मैं उस कानून के बनने के समय मौजूद हूं मैं उसको सुन रहा हूं और उसी समय पुलिस
37:33
आकर मुझे ले जाती है तो इसमें एक तो संविधान का अपमान है क्योंकि कानून के
37:39
बनते समय इतने सदस्य उपस्थित होने चाहिए थे संसद में जबकि मुझे मैं तो गिरफ्तार हो
37:45
गया मुझे तो पुलिस ले गई तो मेरा बोट तो काउंट होगा ही नहीं अब ना हा मैं ना हा में ठीक है अब क्या होता है एक तो संविधान
37:53
का अपमान दूसरा जिन लोगों ने उसको जिताया जिन लोगों ने उसको जिताया और आप सभी को
38:00
पता है हमारी राजनीति में कई सारे नेता हैं जिनके आज कर्य भक्त बने हुए हैं तो
38:06
मैं आप फिर भी कह रहा हूं तो इसलिए कहा जाता है कि आप क्या करते हैं उस समय तो एक
38:11
तो जनता का सुझाव होता है एक संविधान का तो दोनों के मिलाकर पद की प्रतिष्ठा और उसकी गरिमा और उसके किसी प्रकार के कार्य
38:18
बाधा ना पहुंचे चाहे उसने क्राइम ही क्यों ना किया हो आप उसे भारत गिरफ्तार करेंगे अंदर नहीं करेंगे अंदर संसद का काम चल रहा
38:26
है वो मेंबर ऑफ द पार्लिमेंट है वो कानून के कानून में कानून को बनाने में साथ दे रहा है तो लिख सकते हैं आप यहां
38:33
पर संसदीय विशेष अधिकार मैं समझा रहा हूं केवल आप केवल समझ लीजिए इसको ठीक है
38:44
चलिए अब आते हैं दूसरी बात और कौन से अधिकार हो सकते हैं
38:50
बताइए संसदीय विशेष अधिकार है ऐसे ही अधिकार होते हैं किसके लिए राज्य विधान
38:55
मंडल अधिकार लिखें राज्य विधानमंडल स्टेट
39:01
लेचर राज्य विधानमंडल विशेष
39:19
अधिकार य सेम वही अधिकार है यानी जो संसदीय अधिकार है वही राज्य विधानमंडल
39:26
विशेष अधिकार जैसे कि हमारे भारत में संसद कानून बनाती है हमारे कानून हमारे भारत की
39:33
सबसे बड़ी संस्था है कानून बनाने में संसद सबसे बड़ी संस्था कौन सी है कानून बनाने
39:38
में संसद है उसी प्रकार से राज्य की सबसे बड़ी संस्था क्या होती है वहां की विधानसभा वहां की विधान परिषद
39:58
समझ में आ रहा आपको नहीं आ रहा चलिए अब आते हैं आर्टिकल 15 की
40:07
तरफ अनुच्छेद 15 या आर्टिकल 15 अब देखिए आर्टिकल 15 क्या कहता है
40:14
आर्टिकल 15 यह कहता है कि भारत के राज्य क्षेत्र में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति
40:19
से सरकार या कोई व्यक्ति धर्म जाति लिंग
40:26
मूल वंश और जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव नहीं होगा तो
40:33
लिखेंगे कि संविधान के अनुसार संविधान के
40:41
अनुसार किसी भी व्यक्ति से संविधान के अनुसार आप लिख सकते हैं
40:49
धर्म जाति लिंग यानी रिलीजस बेसिस पर कास्ट
40:56
बेसिस पर और जेंडर बेसिस पर धर्म जाति
41:02
लिंग मूल वंश जन्म
41:08
स्थान जन्म स्थान के आधार
41:14
पर के आधार पर किसी भी प्रकार
41:19
का किसी भी किसी भी प्रकार का
41:28
भेदभाव नहीं किया जा सकता किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा
41:35
सकता नहीं किया जा
41:41
सकता और मैं आपको बता दूं क्या भेदभाव करने ना करने या करने का काम केवल सरकार
41:46
ही करती है क्या मतलब यदि मान लो आपके पड़ोस में एक साइड वाला घर है और
41:54
एक आपका घर है आपके साथ सरकार भेदभाव करें तो आपको बहुत सारी प्रॉब्लम हो जाती है
42:00
अरे सरकार ने तो धर्म देखा है सरकार ने तो जाति देख ली मुझे आज के हमारे इस भारत में
42:06
जो अभी इस समय चल रहा है ना मुझे बिल्कुल समझ में नहीं आता कभी-कभी ज सरकार जातिवाद
42:13
करती है सरकार धार्मिक धर्म में जब भेदभाव करती है तब तो आप बड़ी जल्दी
42:27
कुछ लोग जातिवाद और धर्म में भेदभाव करते हैं तब लोगों का मुंह चुप हो जाता है तो यही चीज है यानी यह अनुच्छेद यही कह रहा
42:35
है आपसे कि चाहे सरकार व्यक्तियों के साथ करे चाहे व्यक्ति व्यक्ति के साथ करे और
42:42
चाहे कोई कंपनी या रजिस्टर्ड काउंसिल ऑफिस यानी कार्यालय किसी भी तरीके का किसी
42:50
व्यक्ति के साथ या तो कोई यूनिट किसी व्यक्ति से कर रहा है या कोई व्यक्ति व्यक्ति से कर रहा है या सरकार व्यक्ति से
42:57
कर रही है भेदभाव तीन ही पॉसिबिलिटी हो सकती हैं जैसे कि कल को मैं किसी ऑफिस में काम करता हूं तो ऑफिस क्या हो गई एक यूनिट
43:04
हो गई अब वो यूनिट मेरे साथ क्या कर रही है भेदभाव कर रही है मैं तो हिंदू हूं मैं
43:10
तो मुसलमान हूं मैं तो ईसाई हूं समझे ना तो कुल मिला के वो मुझसे भेदभाव कर रही है
43:15
तो यूनिट का व्यक्ति से भेदभाव अब मान लो कल को मैं किसी दोस्त से मिलने गया दोस्त
43:21
ने मेरे साथ भेदभाव कर दिया या दोस्त नहीं मैं किसी सोसाइटी में रहता हूं और वो सोसाइटी मुझसे दूर भागती है क्यों भागती
43:28
है क्योंकि मैं हिंदू हूं या मुसलमान हो सकता हूं तो कुल मिलाकर वो यह कह रहे हैं कि व्यक्ति से व्यक्ति का भेदभाव हो गया
43:35
समझ गए अब आते हैं किस पर सरकार का यि सरकार मुझ पर किसी भी तरीके का कोई प्रोशन
43:42
लगा देती है आप यहां नहीं जाओगे आप वहां नहीं जाओगे क्योंकि आप इस जाति के हो इस धर्म के हो तो सरकार मुझसे भेव कर रही तो
43:49
यह सरकार का व्यक्ति से भेदभाव हो गया तो आप लिख सकते हैं इसमें इस अनुच्छेद में
44:01
आप लिख सकते हैं इस अनुच्छेद के में इस अनुच्छेद के
44:10
अनुसार इस अनुच्छेद के अनुसार सरकार किसी
44:15
व्यक्ति
44:20
से सरकार किसी व्यक्ति से
44:27
सरकार किसी व्यक्ति से तथा या फिर ले या व्यक्ति व्यक्ति
44:39
से या व्यक्ति व्यक्ति
44:50
से और या क्या हो सकता है दूसरा हो सकता है या कोई निजी इकाई या सरकारी
44:59
इकाई या कोई भी
45:05
परिषद काउंसिल सार्वजनिक
45:12
इकाई सार्वजनिक इकाई या निजी
45:18
इकाई प्राइवेट यूनिट या प्राइवेट ऑफिस होते ना कई सारे तो वो व्यक्ति से निजी
45:24
इकाई व्यक्ति से
45:32
किसी भी तरीके का यानी किसी भी प्रकार
45:37
का किसी भी प्रकार
45:42
का भेदभाव यानी डिस्क्रिमिनेशन नहीं कर सकते कैन नॉट बी
45:50
डिस्क्रिमिनेशन यानी किसी भी प्रकार का ठीक है अब किसी भी प्रकार में आते हैं आपके धर्म धार्मिक भेदभाव आता है जैसा कि
45:58
आजकल देखो मैं तो यह कहता हूं कि हमारे संविधान में हमारे कांस्टिट्यूशन में हम
46:03
सरकार पर उंगली उठाने से पहले हमें 10 बार अपने अंदर जाकर यह सोचना चाहिए कि हमारी
46:09
कम्युनिटी हमारी सोसाइटी में किस प्रकार का आज डिस्क्रिमिनेशन होने वाला है और हो
46:15
रहा है लगातार हो रहा है 20 सालों से 30 सालों से हो रहा है लगातार पीढ़ियां
46:20
धार्मिक भेदभाव भी कर रही हैं आप उन आज भी भारत के कई गांवों में जाकर देख सकते हैं
46:27
मैं अभी तमिलनाडु के एक गांव की बात करता हूं बाली गोंडापुर बाली गोंडापुर भी यही
46:33
कहता है क्या कहता है भाई साहब उसकी कहानियां यह कहती है ऊंचे जाति के लोग यह कहते हैं कि निचली जातियों से कि आप इस
46:39
कुए से पानी नहीं बढ़ सकते यह कितना शर्मनाक बयान है आप सोच रहे
46:45
हैं लेकिन यदि तमिलनाडु की सरकार किसी प्रकार का भेदभाव करने लग जाए तो उसी वाली
46:51
गोंडापुर के गांव के लोग क्या बोलेंगे सरकार से कि देखो भाई साहब जाति बाद करते हैं यही चीज है तो पहले अपने गवान के अंदर
46:58
झाक कर देखना चाहिए फिर सरकार पर य आरोप लगाना चाहिए कि आप भेदभाव करते हैं सरकार
47:04
तो फिर भी चलो वोट बैंक की वजह से या किसी भी राजनीतिक कारण की वजह से समानता तो स्थापित कर लेती है लेकिन एक व्यक्ति
47:12
दूसरे व्यक्ति को जीने इस बेस पर नहीं देता क्योंकि उसकी जाति अलग है उसकी उपजाति अलग
47:18
है इसलिए समझे ना यानी एक कहावत चलती है जाति शब्द यह जाति है लेकिन अब आपके दिमाग
47:27
में क्वेश्चन आ रहा होगा सर आपने ये तो बताया कि धर्मिक जाति लिंगक बेसिस प मूल
47:32
बेसिस में जन्म स्थान नी बर्थ प्लेस के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए लेकिन सरकार तो हमसे भेदभाव कर रही
47:40
है आज हम तो गिरवान में अंदर तब जाकर देखेंगे जब हम सरकार से निपट ले चलो भैया ठीक है
47:47
तो क्वेश्चन एक आएगा आपके मन में और हमेशा आएगा एक तो क्वेश्चन आ सकता है रिजर्वेशन को लेके कि सर रिजर्वेशन या तो सबको हटा
47:56
देना चाहिए भा सबको समानता दे दीजिए आप आपने उन जातियों के लिए सरकार ने रिजर्वेशन का जो
48:04
प्रावधान कर रखा है यह तो असमानता हो गई भाई उसको रिजर्वेशन क्यों हमें क्यों नहीं चलो मान लिया यह भेदभाव हो सकता है अभी के
48:11
लिए मान लेते हैं लेकिन इसका जब तक क्लेरिफिकेशन नहीं मिल जाएगा आपको तब तक आप इसे किसी प्रकार से आप गलत नहीं
48:18
सोचेंगे इसके बारे में मैं इतना बता दूं आरक्षण को मैं समानता मानता हूं मैं इसको
48:24
प्रॉपर इक्वलिटी मानता हूं लेकिन तभी मानता हूं जब जरूरतमंद को आरक्षण मिले ऐसा
48:31
नहीं है कि आप किसी के आरक्षण की झोली से बैग वो टॉफियां का थैला भरा हुआ है उसम से टॉफी मुट्ठी भरी आपने और किसी को बांट दी
48:39
यह जारत नहीं है यह को सोना चांदी थोड़ी है किसी को बांट दिया नहीं आरक्षण एक वो
48:45
संवेदनशील मुद्दा है भारत का और संवेदनशील व इसलिए है क्योंकि अभी तक सरकार उन लोगों
48:50
तक नहीं पहुंच पा रही है जिनको आरक्षण वास्तव में चाहिए होता है अभी सुप्रीम कोर्ट ने एससी एसटी का सब क्लासिफिकेशन
48:57
किया था किया था ना उसमें क्या किया है उसमें यही कहना है कि जो वास्तव में
49:03
पिछड़ी जातियां है जो वास्तव में सोशली एजुकेशनली बैकवर्ड क्लासेस से आते हैं जो
49:08
वास्तव में एससी और एसटी हैं आज भी वो पेन तक नहीं पकड़
49:15
सकते उनको रिजर्वेशन नहीं है जबकि उनको रिजर्वेशन होना चाहिए तो यही था सब
49:21
क्लासिफिकेशन जो एक समानता स्थापित करता है अब कुल मिला के आपके मन में क्वेश्चन एक तो आ ण को लेक आ सकता है कि सर आर्टिकल
49:28
15 आरक्षण के बिल्कुल खिलाफ है चलो तो एक
49:34
तो आरक्षण का एक केस हो गया ठीक है दूसरा केस हो सकता है आपका कि सर जब गवर्नमेंट हमसे एप्लीकेशन फॉर्म फिल करवाती है तो उस
49:41
एप्लीकेशन फॉर्म में मैं हमने देखा है उसमें जाति लिखी होती है सर ठीक है जाति
49:48
लिखी होती है उपजाति लिखी होती है धर्म लिखा होता है उसके अलावा फिर आप फीमेल है
49:55
मेल है यह भी लिखा होता है तो ऐसे ऐसे कई दिमाग में हमारे क्वेश्चन भर जाते हैं
50:00
जैसे आप कहीं भी एसएससी का या यूपीएससी का जब फम फॉर्म फिल करते हैं या ईडब्ल्यूएस रिजर्वेशन के लिए जो फॉर्म लाते हैं ई
50:07
मित्र से तो उसमें लिखा होता है जाति क्या है आपकी उपजाति क्या है आपकी आपका धर्म
50:12
क्या है आपका जेंडर क्या है कई सारे क्वेश्चंस आपके दिमाग में होते हैं तो आप यहां पर कह सकते हैं आवेदन फॉर्म
50:19
एप्लीकेशन फॉर्म तो एक क्वेश्चन आपसे उठ सकता है कि एप्लीकेशन फॉर्म को लेकर कि इसमें तो सारी
50:27
चीज पूछी जाती है जब सरकार ही हमसे पूछ रही है इ कि आपका जाति आपका धर्म आपका
50:33
जेंडर क्या है तो सरकार तो भेदभाव कर रही है तो दो क्वेश्चन आपके दिमाग में बन सकते
50:39
हैं एक तो एप्लीकेशन फॉर्म को लेके और एक रिजर्वेशन को लेके और आर्टिकल 15 क्या कहता है बच्चों सभी के सामने स्पष्ट कर
50:45
दिया है मैंने आर्टिकल 15 अकॉर्डिंग टू दिस कांस्टिट्यूशन इस अनुच्छेद के अनुसार
50:52
सरकार किसी व्यक्ति से या व्यक्ति व्यक्ति से या कोई भी परिषद या पब्लिक यूनिट या
50:58
प्राइवेट यूनिट या कोई रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी या रजिस्टर्स काउंसिल किसी भी तरीके का भेदभाव नहीं कर सकते हैं तो यह
51:05
हमारे आर्टिकल वन था सॉरी आर्टिकल 15 था लेकिन 15 का सब क्लॉज वन हम कल पढ़ेंगे सब
51:12
क्लॉस टू हम कल पढ़ेंगे और थ्री भी यानी आई मीन सारे आर्टिकल 15 सब क्लॉस सिक्स तक
51:19
हम कल पढ़ेंगे ठीक है तो अभी के लिए आप इन दो क्वेश्चन को अपने अंदर रखिए समा के यदि
51:25
हम एक्सप्लेनेशन बताएंगे कि आरक्षण 15 के किस सबक्लॉज में आता है और सर आप इसे
51:31
समानता क्यों कह रहे हो यह भी मैं कल बताऊंगा सर एप्लीकेशन फॉर्म को आप समानता क्यों कह रहे हो आप हमें यह बता दीजिए
51:38
क्योंकि कल को आप यह मत बोलना कि 14 से लेकर 18 में मैंने समानता का अधिकार लिखा
51:44
था समानता का अधिकार लिखा था तो यदि मैं इसको समानता के सही में इस इक्वलिटी के
51:51
क्राइटेरिया में इसको एक्सप्लेन नहीं कर पाया तब जाकर बोलना कि हां सर ये समानता
51:56
स्थापित नहीं करता लेकिन अभी तक यह सस्पेंस है जब तक आप क्लेरिफिकेशन ना
52:02
सुनले किसी का तब तक आप उसे जज भी नहीं कर सकते ठीक है यह आपके ऊपर एक बंदिश है अभी
52:09
आप आरक्षण को लेकर और एप्लीकेशन फॉर्म को लेकर कुछ मत सोचिए हां रिजर्वेशन को लेकर
52:15
कुछ लोगों का मत फिर भी ठीक आता है कुछ लोगों का मत हमेशा गलत ही आता है वह सोच सकते हैं लेकिन एप्लीकेशन फॉर्म को लेकर
52:22
प्लीज अभी अपनी सोच को थामे रखिए बंद रखिए डिब्बी में कल इस पर डिस्कस करेंगे हम और
52:30
अभी के लिए हम लेक्चर की समाप्ति करते हैं और फिर कल मिलते हैं आपसे नेक्स्ट पार्ट
52:35
की तरफ कल नेक्स्ट पार्ट में हम अप्रॉक्स लगभग लगभग यकीन मानते हैं कि 18 और 19
52:42
आर्टिकल तक हम कवर कर लेंगे क्योंकि अब छोटे-छोटे आर्टिकल है सब क्लॉज बताना है इनका क्लेरिफिकेशन देना है ओके चलिए तो
52:49
फिर मिलते हैं आपसे नेक्स्ट लेक्चर में और सभी को मेरा नमस्कार सभी अच्छे रहे खुश
52:55
रहे h
#Education
#Public Policy
#Constitutional Law & Civil Rights

