0:12
कि तत्कालीन अध्यक्ष एवं जल भट्टी एक नया
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मौजूद के साथ छुट मत हमारा आज का मौजूद
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विलियम शेक्सपियर के ड्रा में मैकबेथ में
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जरूर इंशाल्लाह जरूर अग्रवाल और थिक मतदान
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हैं तो आइए अपने मौजूदा आवास करते हैं
0:39
को अपनी आंखों अपने हाथों और अपनी जुबान
0:43
में खुशामदीद का अंदाज पैदा करो
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है Amazon ईंधन तुम रंग की दरिद्रता आती
0:52
की बखिया गरीब करती हो
0:57
कि यह मेरी अशीष तुम्हारा चेहरा है किताब
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की तरह है जिसमें लोग अजीब अजीब बातें पढ़
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कि एक अधिकार जो स्टेज पर सीना उभारकर
1:08
चलता है और अपने लम्हात को कनाडे नाश नए
1:14
कि ग्राम भारती नगर कर देता है एक अंग के
1:18
महज का बयान किया हुआ तुम दिए शहर से
1:21
भरपूर अफसाना है जो कोई मानवीयत नहीं रखता
1:27
कि एक मासूम फूल की तरह दिखाई दो लेकिन
1:29
उसमें पोषिता सांप बने रहो
1:33
में आने वाला कल और आने वाला कल कितनी
1:37
स्वस्थ रवि से एक दिन से दूसरे दिन तक
1:39
क्रीम का है यहां तक के मखसूस वक्त के
1:43
आखिरी हफ्ते तक पहुंच जाता है और हमारे
1:46
बीते हुए कल शाम का ने जब हाल की मां ने
1:49
अपनी मर गए यह का रमेश से हम करार हो जाते
1:54
हैं बनावटी चेहरे को बातें छुपानी चाहिए
1:58
जिन्हें प्रकार दिल जानता है जब हमारे
2:01
फाइल हमें रंगदार नहीं बनाते तो हमारे
2:04
खर्चे हमें गद्दार बना देते हैं उस महान
2:08
बनने के लिए सच्चाई एक दाल पसंद सी साबित
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करनी सखावत इस्तकलाल रह हम इनके सारी
2:15
जाननी सारी तरह मौजूद जुर्रत और हौसलामंद
2:19
जैसे वह साहब से मौत सिर्फ होना लाती है
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की रोशनी तीर की होती जा रही है और कब
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हमेशा गुजारी के लिए जंगल की जान आप जा
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रहे हैं दिल को कुच बाकी चीज़ें असुरता पर
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गणित की अरुण शुरू हो गई है जबकि रात के
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से पोस्ट कारिंदे अपने शिकारों को उकसा
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की जिंदगी चलती फिरती परछाई के सिवा कुछ
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कि शराब व नशीली इंसान को बनाती और
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बिगड़ती है यह उसे गुस्सा थी है और
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असुविधा करती है यह उसी तरह एक देती है और
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उसे पछतावा करती है यह उसे इस दादा करती
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है और उसे इतना ध्यान नहीं टिकती आकर में
3:03
यह उसे मैं अमिताभ करती है और उसे लिटाकर
3:09
कि शराब नसीब अधिकारी को बांटती है और
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नहीं भी हो पाती शराबनोशी ख्वाइश को
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उकसाती है लेकिन अमल घोषित को छीन लेती है
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इसलिए शराब नशे में व्यक्ति को बंद गाड़ी
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के हम मानेंगे करार दिया जा सकता है शराब
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नशे के तीन अपराध क्या है ना कि सूखी नींद
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मैं सिर्फ एक बच्चे की आंख यह तस्वीरें
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भूत से कब्ज दूर होती है मजहब पर गोमेद
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में डुबो जायज नहीं क्योंकि हकूमत जालिम
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की दोस्त नहीं होती मैं स्मार्ट दुनिया
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में रहता हूं जहां बुराई करने को अक्सर
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मुक्त एसएम समझा जाता है और भलाई करने को
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कभी कभी खतरनाक हमाकत करता ना जाता है
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वक्त को धोखा देने के लिए वक्त के मुताबिक
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ढाल जाओ यह क**** ज़माना इंसान को जो कुछ
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देता है फिर एक-एक करके वापस ले लेता है
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कि यह जमाना शुरू में सौ बार जान अदा करता
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है और आकर का एक ही बार में वापस ले लेता
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कि यह बिल्कुल सर्कल एक साल और तन्हाई की
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बातें मैं एक्सप्रेस में से उम्मीद है
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आपको हमारा यह सिलसिला तो सामने आएगा आपका