Was Charlie Chaplin a Communist? | #charlie #chaplain #motivation #motivational #movie #communist
Nov 4, 2024
Charlie Chaplin taught rebellion against oppression through his films. He wanted peace in the world. He was more than just ordinary people. Behind it was his hard work day and night. The US government suspected that he was a Russian agent because of his views and ideas. The FBI also tried to track him down through MI-5 but failed. Charlie Chaplin did not panic at all, but fought bravely and proved that God helps those who helps themselves..
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हुआ है
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कि फौजियों अपने आपको इन लोगों के हवाले
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ना करो जो तुम्हारी तो हिना करते हैं जो
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तुम्हें गुलाम बनाते हैं कि तुम्हारी
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जिंदगी को चलाते हैं तुम्हें बताते हैं कि
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क्या करना है क्या सोचना है और क्या महसूस
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करना है जो तुम्हारी जिंदगी में नर्म लाने
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की कोशिश करते हैं तो में खिलाते हैं
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जानवरों का सुलूक करते हैं और अपनी तो
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भूखा चारा बनाते हैं खुद को यह गैर
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मुस्लिम लोगों में चीनी दिमाग और मशीनी
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दिलवाले मशीन नहीं आदमियों के हवाले मत
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करो तुम लोग इंसान हो तुम्हारे दिलों में
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इंसानियत है नफरत मत करो नफरत करनी ही है
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तो बगैर मोहब्बत वाले से नफरत करो फोन
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कि मैं हर उस आदमी से नफरत करता हूं जो
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दूसरों के लिए मसला पैदा करता है कोई मुझे
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यह कहे कि तुम उसके लिए यानि अमेरिका के
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लिए अपनी जान दे दो तो मैं ऐसा नहीं कर
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सकता उबल पत्नी के नाम पर भी नहीं बल्कि
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पत्नी सबसे बड़ा पागलपन है यह इंसानियत को
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तव शुभ की तरफ ले जा सकती है मुझे ऐसी भूल
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पत्नी से चिढ़ है मैं किसी बादशाह
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सदर-ए-मर्लिस कर यार डिक्टेटर की जिद पूरी
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करने के लिए जंग नहीं कर सकता मैं इनके
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अलावा के लिए कतई नहीं लड़ सकता जिन पर
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ईमान नहीं आ
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अजय को
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झाल
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अपने वॉइस मेल आर रहमान ए रहीम डॉक्टर
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अमजद अली भाटी एक नए मौजूद के साथ अदृश्य
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मतदान हमारा आज का मौजूद है क्या चार्ली
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चैप्लिन केम इन थे
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मैं अपनी बाजू की जाना बारिश से पहले आइए
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कुछ इक्वल चार्ली चैपलिन के सुनते हैं फिर
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इसके बाद हम इस पर गिरेंगे कि क्या चार्ली
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चैपलिन कॉम इन थे चार्ली चैपलिन लिखते हैं
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बहुत नजदीक से देखा जाए तो जिंदगी कल
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मियां लगती है और अगर बहुत दूर से देखें
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तो कॉमेडी ओं
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है जो दिन हंसी के बगैर गिरे समझा घुस आया
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हो गया है
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यह दुनिया बहुत जालिम है इससे निपटने के
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लिए जालिम बनना पड़ता है मेरा खुदा का
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मामला बिल्कुल ठीक है मेरी जान तो इंसानों
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से है मैंने कारोबार इसलिए शुरू किया ताकि
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दाल कमा सकूं ताकि आम तौर पर तरक्की करें
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मेरी बात में सच्चाई है अगर कबूल करें तो
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ठीक वरना यहीं से चाहिए इससे बड़ी बात कि
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समिति और क्या होगी कि ठीक वक्त पर गलत
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काम किया जाए तो
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की जिंदगी सबसे बदतरीन बात यह है कि हम
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सहुलियत हासिल करने के लिए इस्तेमाल होते
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रहें मैं जानता हूं कि अवाम यह नहीं जानती
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कि उन्हें क्या चाहिए यह मेरी जिंदगी का
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निचोड़ है
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की जिंदगी बहुत खूबसूरत होती अगर दूसरे
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लोग आप को अकेला छोड़ देते हैं
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कि अल्पांश कम कीमत और हल्के होते हैं
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ज्यादा कीमती और वाली चीज हाथी होता है
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मैं हर वक्त बारिश में घूमता रहता हूं
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इसीलिए लोगों को मेरे आंसू नजर नहीं आते
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में अपनी अदाकारी में सिचुएशन कॉमेडी और
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स्लीप कॉमेडी के बाद ईडी एजेंट अलावा
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चार्ली चैपलिन जब विस्तृत मर्ग पर मौजूद
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थे तो एक पादरी ने कहा खुदा तुम्हारी ओर
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ऊपर रहम करें जो आपन चार्ली चैपलिन ने कहा
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क्यों नहीं यह उसका काम है रहम करना खुदाई
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का काम है तू अपना काम कर आइए अब मौजूद की
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तरफ हम चलते हैं
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में बताने बीमार खुफिया एजेंसी एमआई-5 ने
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खामोश फिल्मों की मशहूर अदाकार चार्ली
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चैपलिन के कैमरों वेस्ट होने के हवाले से
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सबूत जमा करने की कोशिश की थी तब हम वह
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इसमें नाकाम रही यह बात इस तफ्तीश से
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मुतलक दस्तावेजात आम होने पर सामने आई है
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Mi5 ने यह तपिश अमेरिकी एसबीआई की शाखा पर
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की थी इन तक ही फाइल अब इंटरनेट पर 10,000
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चार्ली चैपलिन का असल नाम इजरायल टाइम था
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और वह उनके बारे में मालूमात थी चार्ली
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चैपलिन को 1952 में उस वक्त अमरीका में
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दाखिले की इजाजत न दी गई जब वह फिल्म के
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प्रीमियर में शेयर करके वापस जा रहे थे
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इससे पहले इस साल तक अमरीका में रे
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हो गए थे यह तो माना था जब हॉलीवुड स्मिथ
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हर जगह केमिस्टों को तलाश किया जा रहा था
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बताया कि नेशनल आर्काइव में मौजूद फाइल के
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मुताबिक अमेरिकी एजेंसी एफबीआई ने Mi5 से
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चार्ली चैपलिन के केमिस्ट होने से वह अलग
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मालूमात तलब की थी तब हम खुफिया एजेंसी को
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इस सिलसिले में कुछ खास हासिल नहीं हुआ था
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Mi5 के एक अफसर ने फाइल में लिखा था कि
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अगर वह लोग यानी एसबीआई वाले वाकई चैपलिन
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के खिलाफ कि इस घटना चाहते हैं तो उन्हें
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खुद ही प्राव्दा एक ₹100 तक बार का नाम है
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पढ़ना चाहिए यह सब सर ने प्राब्दा अखबार
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के कई पुराने टुमारो को खंगाला था लेकिन
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तमाम कोशिशों के बावजूद Mi5 यह पता लगाने
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में नाकाम रही थी कि आखिर चैपलिन पैदा
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कहां हुए थे तो
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है यह याद किया जाता है कि चार्ली चैपलिन
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अठारह सौ नवासी में लंदन की एक गरीब घराने
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में पैदा हुए थे यह आमतौर पर हम तो यही
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कहते हैं लेकिन बर्तानिया में होने वाली
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चाय की कार में ना तो उनका पद्यांश का
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सर्टिफिकेट मिल सका और न ही उनकी जयप्रकाश
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के बारे में कोई मालूमात हासिल की जा सकी
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तो फिर क्या चार्ली चैपलिन कौन थे
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में चार्ली चैपलिन पर केमिस्ट होने का
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अलार्म क्यों लगा है
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और आयुष की तफ़सील देखते हैं कि वह क्या
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बोलूं आर्थिक कि जिंदगी भर यहां पर इन्हें
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चार्ली चैपलिन को केमिस्ट कहा गया यह समझा
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जाता रहा है
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कि 1938 के आसपास का जमाना जर्मनी में
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सुधार नज़ी पार्टी के हिटलर के हाथ में आ
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गया था
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कि नक्सल प्रति के नाम पर यहूदियों के बीच
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समाई कत्लेआम की मंसूबा बंदी की जा रही थी
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यह तिलक मजबूत और बड़ी बड़ी रैलियों के
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जरिए जर्मन लोगों के अंदर ऐसी उबल बहुत
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मीता शॉप पर इंफ्रा दहशत पैदा कर रहा था
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जो लोगों को पागल किए जा रही थी जर्मनी
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मुकम्मल तौर पर नक्सल प्रश्नों की ज़ात
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में था
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और अब तो बर 1938 में चार्ली ने फिल्म द
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ग्रेट डिक्टेटर पर काम शुरू किया बाद
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लोगों ने दिया कि वह खतरा भूलना लें
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क्योंकि यह फिल्म रिलीज होगी ना अमेरिका
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में लेकिन अपनी ही धुन में मगन थे वह
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फैसला कर चुके थे कि फिल्म जरूर बनाएंगे
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क्योंकि यह निशान में और के खिलाफ होगी
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चार्ली सिगरेट के जरिए हिटलर की बर्फ वाले
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चेहरे को दुनिया के सामने पेश करना चाहते
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थे फिल्म की तैयारी के दौरान ने दुनिया भर
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से धमकी भरे खत भी मिल रहे थे
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कि कोई स्टूडियो पर बम फेंकने की बात कर
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रहा था तो कोई थिएटर जलाने कि उन्होंने इस
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फिल्म में जालिम डिटेक्टर और एक यहूदी
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धर्म जी दोनों का किरदार निभाया था इसमें
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हिटलर का काफी मजाक उड़ाया गया था फिल्म
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में छोटा सा दर्जी हाथ में बेल की जगह
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लंबी तकरीर करता है जिसमें वह आवाज से
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कहता है
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का जमीर की आवाज सुनो और हिम्मत से काम लो
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हमें अपने बलबूते पर दुनिया को खूबसूरत
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बनाने के लिए लड़ना चाहिए ऐसी दुनिया
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जिसमें सामने शर्त रखी से इंसानियत की
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खुशहाली की जाह्नवी जाया जा सके पहुंची तो
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हमें जम्हूरियत के नाम पर मनोज हम होना
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चाहिए इस फिल्म को अमेरिका समेत पूरी
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दुनिया में सराहा गया लेकिन चार्ली ने
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इसमें जो कुछ भी कहा था इस पर बहुत से
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लोगों को सदी देता आस्था उनके मुताबिक
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फिल्म के आकर में कही गई बातें कम्युनिज्म
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की हिमायत करती हैं कि ग्रेट डिक्टेटर की
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आखिरी तकरीर को चीजों थी
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कि मुझे माफ कीजिएगा मैं खुश या नहीं बनना
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चाहता यह मेरा काम नहीं है मैं किसी पर को
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मत करना या किसी को पता नहीं करना चाहता
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मैं हर किसी की खा वह यह होती है सिया है
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यह सफेद सब की हर मुमकिन मदद करना चाहता
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हूं हम सब एक दूसरे की मदद करना चाहते हैं
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इंसान ऐसा ही होता है हम एक दूसरे की
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खुशियों के सहारे जीना चाहते हैं दुखों के
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सहारे नहीं हम आपस में नफ़रत और दलित का
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माहौल नहीं चाहते इस दुनिया में हर किसी
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की जगह है यह प्यारी जमीन तरक्की की
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मंज़िल तय कर रही है और हर किसी को इसमें
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से हिस्सा मिलता है जिंदगी का रास्ता साफ
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तौर खूबसूरत हो सकता है लेकिन वह हम वह
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रास्ता भटक चुके हैं लालच ने इंसान की रूह
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को जहरीला कर दिया है दुनिया को नफरत के
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सैलाब ने घेर लिया है हमें तेज कदमों से
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मसाले भर खून-खराबे के दरमियान
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राजेश दिया गया है हमने रखी को तेज़
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रफ़्तारी से तय कर लिया है लेकिन खुद को
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इसका सार में बंद कर लिया है चीजों की
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बोतल पैदा करने वाली मशीनों ने हमें लाभ
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मेहबूब राही के समंदर में गिरा दिया है
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हमारे जितने हमें पागल और बावला बना दिया
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है और हमारी चला कि ने हमें सख्त और बेरहम
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कर दिया है हम सोचते बहुत ज्यादा है और
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एहसास बहुत कम करते हैं मशीनों से ज्यादा
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हमें जरूरत है इंसानियत की चला कि से
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ज्यादा हमें जरूरत है रंग दिही और शराफत
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की इन श्याद के बगैर जिंदगी खोखली हो
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जाएगी और सब कुछ खत्म हो जाएगा हवाई जहाज
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और रेडियो ने हमें और करीब कर दिया है इन
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चीजों की असल फ़ितरत इंसान में अच्छा ही
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लाने के लिए पुकार रही है आलमगिर भाईचारे
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के लिए चीखो-पुकार कर रही है हम सब के तहत
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के लिए यहां तक कि इस वक्त मेरी आवाज
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दुनिया के करोड़ों लोगों तक पहुंच रही है
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लाखों मनु स्मृति
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कि भारत और छोटे बच्चों तक यह कैसे निजाम
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के मुताबिक शरीर तक जो आदमी को मासूम
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लोगों को जुल्म करने और ताकत देने का शब्द
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पढ़ाती है जो लोग मुझे सुन रहे हैं मैं
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उनसे कहूंगा मायूस ना हो मसाइब का यह दौर
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गुजर रहा है लालच का सफर गुजर रहा है इस
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आदमी की गड़गड़ाहट और इंसानी तरक्की से जो
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लोग घबराए हुए हैं इंसान की नफरतें जल्द
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ही खत्म हो जाएंगी और आलम मर जाएंगे और यह
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सिर्फ धारक उन्होंने छीना है वह हमको मिल
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जाएगा पर जब तक लोग मरते रहेंगे आजादी
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पहुंचता नहीं हो पाएगी फौजियो अपने आपको
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इन लोगों के हवाले ना करो जो तुम्हारी तो
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हिना करते हैं जो तुम्हें गुलाम बनाते हैं
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जो तुम्हारी जिंदगी को चलाते हैं तो में
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बताते हैं कि क्या करना है क्या सोचना है
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और क्या महसूस करना है जो तुम्हारी जिंदगी
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में नज़्म लाने की कोशिश करते हैं तुम्हें
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खिलाते हैं जानवरों के साथ
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शुरू करते हैं और अपनी तो भूखा चारा बनाते
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हैं खुद को इन गैर मुस्लिम लोगों में चीनी
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दिमाग और मशीनी दिलवाले मशीनी आदमियों के
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हवाले मत करो तुम लोग इंसान हो तुम्हारे
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दिलों में इंसानियत है नफरत मत करो नफरत
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करनी ही है तो बगैर मोहब्बत वाले से नफरत
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करो फौजियो लाने के लिए मत लड़ो अजादी के
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लिए लड़ो सेंड लुक ने 17 वें भाव में लिखा
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है कि खुदा की बादशाही आदमी के अंदर-अंदर
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होती है किसी एक आदमी या किसी एक टीम
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इंडिया के आदमी के अंदर नहीं बल्कि हर
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आदमी के अंदर-अंदर तुम मैं आप सब लोगों
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में अवाम के पास ताकत है इस जिंदगी को
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आजाद और खूबसूरत बनाने की
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में हिम्मत है तो इस दुनिया को एक
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हैरतअंगेज दुनिया में तब्दील करने की तो
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जम्हूरियत के नाम पर हम इस ताकत का
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इस्तेमाल करें आओ हम सब एक हो जाएं हम एक
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नई दुनिया के लिए इज्जत करें यह कैसी
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मौजूद दुनिया की जो हर आदमी को काम करने
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का मौका दे बच्चों को मुस्तकबिल दे और
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बुजुर्गों को तरह फस इन्हीं चीजों का वादा
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कर कि 19th आधार पर कब्जा कर लिया है
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लेकिन वह झूठ हैं वह अपना वादा पूरा नहीं
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करते वह कभी नहीं करेंगे आमिर खुद को आजाद
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कर लेते हैं लेकिन अवाम को गुलाम बना देते
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हैं हम दुनिया को आजाद करने की जंग लड़ने
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कॉल मी बाड़ों को हटा देने की लड़ाई लालच
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रफ्तार और अदमी बर्दाश्त कर सकता लुटने की
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लड़ाई यह कैसी लड़ाई
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है जो दुनिया के ले लें जहां सामने शर्त
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रखी हम सबके लिए खुशियां लेकर आए फौजियो
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यह सूर्य के नाम पर हम सब एक हो जाए ना
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क्या तुम मुझे सुन सकती हो तुम जहां कहीं
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भी हो देखो तो यहां यह देखो यहां है ना यह
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बैग यह बादल छट गए हैं वह फट रही है हम
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अंधेरे से निकलकर रोशनी में आ रहे हैं हम
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एक नई दुनिया में आ रहे हैं ज्यादा रहम
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दिल दुनिया में जहां इंसान अपने लालच नफरत
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और वे रहने की तरफ से बालातर हो जाएगा
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देखो है ना इंसान की रूह को पंख मिल गए
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हैं और आकर में उसमें उड़ने की तय कर दी
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है वह हजारों में उड़ रहा है तो अपवाद की
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रोशनी के लिए देखो है ना देखो मैं केमिस्ट
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नहीं मगर
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कि 1945 में चार्ली ने मौन शेयर व डौ के
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नाम से मुफ्त कॉमेडी फिल्म बनाई है इस
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फिल्म में चार्ली एक नन्हे बच्चे के देश
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में आता है वह औरतों का कातिल है हत्यारों
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का 12th है और एक कप ले भरोसा प्रैक्टिशनर
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भी है भले ही वह हजारों लोगों की मौत का
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जिम्मेदार है वैसे डौ को मौत की सजा देने
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का एलान किया जाता है लेकिन हथियारों का
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यह कारखाना दार पहले की तरह अपना धंधा
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जारी रखता है इस फिल्म के बारे में साथ इस
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वाले करने की बजाय चार्ली पर केमिस्टों के
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साथ हमदर्दी रखने के रामायण लगाना शुरू हो
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गए चार्ली ने सवालों के जवाब हाय तांबूल
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और मोटा तरीके से दिए लेकिन साथियों ने इस
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पर कोई तवज्जो नहीं दी चार्ली ने हमेशा और
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सबसे पहले अपने को दुनिया का शहरी समझा
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उन्होंने साफ वा मैं केमिस्ट नहीं हूं मैं
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तो एक अमनपसंद इंसान दूसरी तरफ अमेरिकी
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इंटेलिजेंस एजेंसी एसबीआई के सामने लंबे
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अरसे तक
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मिलने वाली तफ्तीश के दौरान उन्होंने
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केमिस्टों से नफरत का इजहार करने से साफ
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इंकार कर दिया चार्ली बचपन से ही दुखों
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भरी जिंदगी के दरमियान तरक्की की मंजिल तय
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करते हुए मोहब्बत और शादी में नाकामी के
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तमाम जिलों के दरमियान शबाना रूस की
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जिद्दोजहद के बलबूते पर आगे बढ़ते हैं
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उनकी जेब भरी जिंदगी की कहानी ने उन्हें
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उस वक्त भी डगमगाने नहीं दिया जब वह अदालत
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मनुष्यों रखी ब्लॉक प्रिंट चोटियों पर ते
16:00
वह अगर अदालत के नशे में धूत सरमायेदारों
16:03
की रुकावटों को कबूल करते रहे और उनकी तरफ
16:06
से किए जाने वाले तमाम मामलों के बावजूद
16:09
समाज लिखित मटका आज की यह रहे और इंसानियत
16:13
को पूरा मन जिंदगी देने की हाय दिल में
16:15
लिए आखिरी वक्त तक लड़ते रहें वह मेल्ट
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होने की बेबुनियाद इल्ज़ामात और
16:20
सरमायेदारों की तरफ से दी जाने वाली
16:22
जिलावतनी के बावजूद केमिस्टों की हमारे के
16:26
आसमान की तरफ से किए गए कामों की तारीफ
16:29
यह बगैर नहीं रह सकते थे जैसा कि अभी हमने
16:34
जिक्र किया है दूसरी आलमीन के दौरान हिटलर
16:37
की नाजी अफवाह पूरी दुनिया में कोहराम
16:40
मचाए हुए थी सोवियत यूनियन की स्वर्ग फौज
16:43
और वहां की बाद और अवाम अपने जानमाल की
16:46
भारी तबाही के बावजूद राशियों के खिलाफ
16:49
जिद्दोजहद कर रही थी इसी दौरान सान
16:52
फ्रांसिस्को से अमेरिकी कमेटी बनाई रूसी
16:56
जगबीर ही इसकी जैनव से फोन आया है कि कल
16:59
होने वाले glass में वह हम स्पीकर की
17:01
हैसियत से बोलने की दावत देते हैं चार्ली
17:05
में फौरन हां कर दी और सान फ्रांसिस्को
17:08
पहुंच गए कांफ्रेंस में चार्ली का नंबर
17:11
सबसे बाद में आया हूं से पहले जितने भी
17:13
स्पीकर बोले ऐसे संभल-संभल कल बोल रहे थे
17:16
वह लाइन पर कोई बहरा हो
17:19
को चाहने अपना तारक यह कहते हुए करवाया
17:23
में कामरेड पूरा हाल कहकर लगाकर हंसने लगा
17:27
चार्ली ने फिर कहा मैं कह रहा हूं कामरेड
17:32
मेरे लिए इस लफ्ज़ का मतलब बहुत वश है लोग
17:36
फिर हम से करूंगी हमसे तालियों की
17:38
गड़गड़ाहट में तबदील हो गई खिताब करते हुए
17:42
वो फरमाते हैं
17:44
तो मेरे ख्याल में हाल में भाव से रूसी
17:47
लोग भी हैं मैंने बताना चाहता हूं कि उनके
17:50
मुल्क में उनकी सरज़मीन पर जिस तरह हजारों
17:53
रूसी लोग अमन और जम्हूरियत की हिफाजत के
17:55
लिए लड़ रहे हैं उसने पूरे रूस को बेवकूफ
17:58
बना दिया है इतना कि मैं आपको कामरेड कहूं
18:01
तो यह हम सबके लिए एक बड़ा हिस्सा है लोग
18:07
इतने मुखातिब हुए उन्होंने देर तक खड़े
18:10
होकर तालियां बजाईं वह मस्जिद कहते हैं
18:13
मैं कोई कैमरा नहीं हूं मैं सिर्फ एक
18:16
इंसान हूं और मेरे ख्याल से मुझे मालूम है
18:19
कि इंसानों के दरमियान किया रिश्ता होना
18:21
चाहिए कि हम अरेस्ट किसी भी दूसरे आदमी से
18:25
उपलब्ध नहीं होते ह वो अपना हाथ खोज है या
18:28
टांग उन्हें भी वैसी ही तकलीफ होती हैं
18:32
जैसी हमें वह भी हमारी तरह जीते मरते हैं
18:36
किसी केमिस्ट की मां भी वैसी ही होती है
18:39
जैसी हम सब की मां जब उसके अपने बेटे की
18:43
कभी ना लो
18:44
क्विज एवं नाट्य मिलती है तो वह भी उसी
18:47
तरह होती है जैसे कोई भी मार रोएगी यह सब
18:51
जानने के लिए मेरा कैमरा फिट होना जरूरी
18:53
नहीं सिर्फ इंसान हो जाने से यह साफ पता
18:56
चल जाता है इस वक्त हजारों रूसी माय रो
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रही हैं और हजारों रूसी सादत मर रहे हैं
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अमूमन बहुत कम बोलने वाले चार्ली उस दिन
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40 मिनट तक पहले उन्होंने रूस की हिम्मत
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की दाद दी और नदियों के खिलाफ उसकी मदद की
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अपील की मजदूरों और आम आदमी के ख्यालात
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सबमिट करते हैं कि चार्ली मजदूरों के साथ
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खड़े थे और उन्हें नाज़ुक सिर्फ Monday
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असम करने की वकालत करते थे उन्होंने साफ
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साफ लफ्जो मे कहा फैक्ट्री और बैठे लोग
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खेतों में काम करते लोग इधर-उधर घूमते
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शहरी जब तक एक होकर जिद्दोजहद नहीं करेंगे
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हकीक की अमन नहीं आएगा इंग्लैंड में
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पुराने दोस्तों से बार बार पूछते थे कि
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अमरीकियों को
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तुझे क्यों खफा हो गई है यह जेलों में जो
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आप दिया उनकी नजर में मैं केमिस्ट हूं अगर
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चेयरमैन नहीं हूं मैं उनसे नफरत भी नहीं
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करता हूं मेरी नजर में वह भले लोग हैं
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दुनिया को अच्छा और भला बनाने के लिए
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जद्दोजहद कर रहे हैं मुझे अमेरिका भी
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प्रश्न है मगर सरकारी बाबुओं ने उसे ना
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रहने के काबिल बना दिया है वहां युगल
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पत्नी कुछ ज्यादा ही तेज हो गई है अगर यही
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आलम रहा तो एक दिन वह बिल्कुल जम्हूरियत
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की आड़ में फास्ट हो जाएगा ना
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थे 70 80 वर्ष का बल चार्ली ने अमरीका के
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बारे में जो कुछ कहा था आज उनमें से बहुत
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सी बातें सही साबित हो रही है भले ही
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ऐलानियां तौर पर अमरीका को एक फासिज्म
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उतना गए लेकिन इराक अफगानिस्तान कोरिया
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क्यूबा वियतनाम और न जाने कहां-कहां उसने
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जो कुछ किया है वह हर लिहाज से फाश कम से
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कम नहीं है 1991 की जंग के बाद इराक में
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जो तबाही हुई उसे क्या कहेंगे 5 से 10 लाख
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इराकी बच्चों का चूर्ण चूर्ण का कत्ल किया
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जाना क्या जरूरत है क्या यह मृत की आड़
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में ऑफ अमेरिका का फासिज्म नहीं है मार्च
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2003 से अब तक लाखों राखी मर चुके हैं यह
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सब किस वजह से है इसे क्या नाम देंगे
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और हिटलर ने तो खुलेआम फासिज्म का परचम
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लहराया था वह इंसानियत का ऐसा दुश्मन था
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जो साफ-साफ तस्लीम किया जा सकता था लेकिन
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थे अश्वत्थामा और आप ट्रंप को क्या कहेंगे
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जुनूनियत आजादी के नाम पर इराक और
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अफगानिस्तान ही नहीं पूरी दुनिया में एक
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किस्म का फासिज्म अमेरिका की तरफ से
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मुसल्लत किया जा रहा है बल्कि किया हुआ है
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कोई कुछ भी कहे थे
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कि बुश और ओसामा और ट्राम भी आज के हिटलर
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है चार्ली के बगल मैं हर उस आदमी से नफरत
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करता हूं जो दूसरों के लिए मसला पैदा करता
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है कोई मुझे यह कहे कि तो उसके लिए यानि
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अमेरिका के लिए अपनी जान दे दो तो मैं ऐसा
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नहीं कर सकता उबल पत्नी के नाम पर भी नहीं
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बोल पत्नी सबसे बड़ा पागलपन है यह
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इंसानियत को तव शुभ की तरफ ले जा सकती है
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मुझे ऐसी भूल पत्नी से चिढ़ है मैं किसी
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बादशाह सदर एवं लगन यार डिक्टेटर की जिद
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पूरी करने के लिए जंग नहीं कर सकता मैं
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इनके अलावा के लिए कतई नहीं लड़ सकता जिन
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पर ईमान नहीं अपनी पत्नी को कोई कैसे कबूल
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कर सकता है जब साठ लाख यहूदियों को नस्ल
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प्रति के नाम पर मार डाला गया हो
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कि कोई कह सकता है कि यह जर्मनी में हुआ
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था मगर मैं कहता हूं कि ऐसे हर मुल्क में
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छोटे-बड़े तौर पर डिक्टेटर मौजूद है भूलवश
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भी आखिरी नाज़िम में
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में उबल पत्नी आकर नाज़िम में बदल जाती है
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या रूस जर्मनी की खोज जंग के मैदान में थी
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उसी वक्त चार के पास नहीं यार में एक
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चम्मच से खत्म करने की तस्वीर इस तस्वीर
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पर थोड़े से कशमकश में थे कि एक दोस्त जैक
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वॉर्नर ने कहा कि तुम बहुत बढ़ चली तकरीर
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करते हो तो अच्छा दोस्त की सिफारिश को
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रद्द करते हुए चार में पहुंच गई इन
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फिल्मों के समय कार और संघ के जिला में
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बहुत सारे नजरिया के पैरोकार हैं तो
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उन्होंने अपनी बहुत जब स्किन में और यह
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सजा मिली और उन्होंने शर्मा का मजाक
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उड़ाते हुए ऐसा किया के लोगों को कष्ट
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क्लियर की थी उन्होंने कहा
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इंतजार तो मगर इसी तरह बिना रोक टोक तकरीर
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करते रहे तो पाएं साल के अंदर-अंदर सारा
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अमेरिका क्या मैं इस हो जाएगा इस सबके
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बावजूद चार्ली बार-बार कहते थे कि वह
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मिनिस्टर नहीं है इस तकरीर के बाद न्यू
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यार्कर दौलतमंद तबका जो उनका दीवाना था
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उनसे दूर होने लगा उनके पास आलीशान ताकतों
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के पैग़ामात कम कमाते लेकिन दूर दराज
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देहात के लोग अपने मिसाइल के बारे में
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ज्यादा खत भेजने लगे दानिश्वरों के साथ भी
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आते थे उनमें ज्यादातर जाएंगी कैमरे जन्म
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सोवियत यूनियन ने राजधर्म और अमेरिका की
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सियासत पर सवाल-जवाब और मोबाइल से होते थे
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आप कितने ही असली मर्द लक्ष्मण क्यों न हो
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जाए आप जैसे ही दिल तो मरी अवाम के हक़
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में खड़े होते हैं वैसे ही उपधान तप की और
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शर्मा याद रहना है नजरिया रखने वाले आपको
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कटघरे में खड़ा कर देते हैं चार्ली के साथ
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भी कुछ ऐसा ही हुआ जैसे उन्होंने जन की
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मुहब्बत की नज़्म की मौज
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कि और केमिस्टों के हाथ में बोले वैसे ही
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उनकी फिल्मों का कायल अमरीका शर्मा याद
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कराना निजाम के हार मियां आज रात मीडिया
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पर वहां के हुक्मरानों तक है तो उनके पीछे
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पड़ गई वह जहां भी जाते उनसे एक ही सवाल
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किया जाता है क्या आप केमिस्ट हैं चावल इन
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सारे सवालों से बिल्कुल भी नहीं घबराते थे
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उन्होंने हर सवाल का साफ-साफ तरीके से
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जवाब दिया जब कुछ लोग उनसे पूछते कि आप
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इतने ज्यादा नाजियों के मुख्यालयों हैं तो
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उनका साहब होता आ मैं नाजुक हालात इसको
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जैसे हूं फिर नाज़ी इंसान मुश्किल है जैसे
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ही जवाब पूरा होता लोग अगला सवाल दाग देते
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तो फिर आप जरूर यह होती हैं एस वॉल पर चार
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लिख इतनी होशियारी से जवाब देते वह यह
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साबित करता है कि वह इंसानियत पर कितनी
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गहराई से ईमान रखते थे इनका जवाब होता
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नाजिम की मुखालफत करने पर यह हल्दी होना
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जरूरी नहीं है अगर आप जलाते आगरा से बाखबर
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इंसान है और
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जिंदगी इंसानियत के लिए मुफीद होगी तो आप
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जरूर ना कि असम के मुखालिफ होंगे इस सब के
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दरमियान चार्ली कभी-कभी सोचते कि महत्व का
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आर्टिस्टों को इसे ऐसे लीडर नहीं लोग मेरे
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पीछे क्या पढ़े हुए हैं वह अक्सर सोचते है
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कि उन्हें फिल्मों की तरफ से ज्यादा हो जो
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देनी चाहिए लेकिन उन्होंने तय किया कि कोई
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कुछ भी कहे वह जाएंगी और नाज़ुकी मुहाल फत
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जारी रखेंगे और इंसानियत की हिफाजत में जो
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अभी आगे आएगा उसकी हमारे लेने में कभी
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नहीं डगमगाएंगे चाहे वह केमिस्ट ही क्यों
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ना हो
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और इस सारी बात से आपने क्या नतीजा निकाला
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यहां पर छोड़ते हैं आखिर में हम यही
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कहेंगे कि आपने की करें और लोगों को आम
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जैकी की तरफ प्रारंभ करें अस
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हुआ है
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झाल का
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