Learn to Forgive Others | Dr.Amjad Bhatti YT | #motivation #forgiveness #friendship #humanity
Nov 4, 2024
Man is prone to error. Forgiveness is a divine attribute. How would we be trained today if our parents did not forgive us? Forgiveness is actually an attribute that moves society forward. That is why we must learn to forgive the mistakes of others in life.
#Dr. Amjad Bhatti YT
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हुआ है
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मैं इसमें लाइव रख पानी वहीं डॉ विजय
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लिबर्टी एक नए मौजूद के साथ आग्रह हिम्मत
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हमारा आज का मौजूद है जिंदगी में माफ करना
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क्यों जरूरी है
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कि खुदा ने इंसान को बहुत सारी खूबियों पर
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मुक्तिपथ कसूर CR से नवाजा है इन खूबियों
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में से एक खूबी अच्छा इस लाभ की है दूसरों
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की मदद करना एक बेला बोस खूबी है हम अपनी
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जिंदगी में लोगों की कई बार मदद करते हैं
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लेकिन सोचने की बात यह है कि बदले में कुछ
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ना मिलने के अहसास से यह मदद कितनी मर्तबा
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तहरीर पकड़ती है
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कि अगर हम नहीं चाहते तो वह भी कहीं हमारे
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जहन में एक तत्व को या उम्मीद जरूर पैदा
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होती है कि हम भी यकीनन इस नेकी के बदले
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में कुछ जरूर हासिल करेंगे अगर कुछ भी
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नहीं तो बदले में आप शुक्रिया कि तत्व को
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जरूर रखते हैं
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है तो फिर ऐसी उम्मीद या जज्बात से बालातर
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होने में क्या फायदा है यह किस किस्म का
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एहसान है जो दूसरों के लिए अनमोल होता है
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लेकिन मददगार के लिए बहुत आसान और सस्ता
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होता है कि मैं आप पर एहसान नहीं कर रहा
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आपने गलती की मैंने माफ कर दिया
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मैं किसी की गलती पर किसी को माफ करना और
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उसे गलती के पछतावे से आजाद करना एक बहुत
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बड़ा सकता है
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को वापस करने की अमल में माफ करने वाले को
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वह करने वाले से ज्यादा खुशी मिलती है
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कि अगर यह साल किया जाता तिमाही में जाकर
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भी सबसे छोटी या सबसे बड़ी गलती को कभी
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दुरुस्त नहीं किया जा सकता है तो इसके लिए
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माफी के अलावा और कुछ नहीं कहा जा सकता
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अगर आप किसी की गलती को माफ़ कर देते हैं
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तो आप इस शख्स की मदद करने के साथ-साथ
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अपनी मदद भी करते हैं
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कि वह करने के लिए किसी को अपनी आना से
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बालों पर होकर यह सोचना होता है कि यह एक
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मुश्किल काम है और सिर्फ एक रवादारी की
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खूबी रखने वाला इंसान ही यह काम कर सकता
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है क्या आपने कभी देखा है कि हम अपनी
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रोजमर्रा जिंदगी में चिपके न यह लोगों को
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माफ करते हैं क्या कभी आपने सोचा है कि
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आपने जिंदगी में माफ ना करके कितने लोगों
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की जिंदगियों को मुश्किल बनाया हुआ है
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कि यह कितना आसान है कि हम आगे बढ़े और
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दूसरों की गलतियों को माफ कर दो
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कि यह सोचे बगैर के अगर उस वक्त इसकी जगह
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आप होते तो फिर क्या आपने अगर हमारे
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वालदैन हमारी गलतियों के लिए मैं माफ नहीं
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करते तो आज हम यहां ना होते अगर कुदरत
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हमारे गुनाहों के लिए हमें माफ करना छोड़
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दे तो हम किसी का बना रहें अगर हम किसी को
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माफ नहीं कर सकते तो हम कुदरत से किस तरह
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मोस्फीत व को कर सकते हैं किसी अधीक्षक ने
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क्या खूब कहा है कि किसी की गलती पर किसी
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को माफ ना करना बिल्कुल ऐसा ही है जैसे
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खुद जहर को पीना और यह उम्मीद रखना कि
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इसका असर दूसरों पर पड़ेगा सोचिए कि अगर
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इस दुनिया में माफी के नाम पर कोई इंसान
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दोस्ती नहीं है तो फिर कोई भी कभी भी किसी
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से मोहब्बत वाला रिश्ता नहीं रख सकेगा
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ए मोहब्बत मौसी के बगैर कुछ भी नहीं और
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माफी मोहब्बत के बगैर अ
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कि किसी भी खराब ही काम के लिए आपको सबसे
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पहले और सबसे अहम काम खुशी और सुकून की
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तलाश होता है हर इंसान को कोई भी काम करने
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से पहले अपनी खुशी पहले देखनी होती है
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अपनी खुशी को अब लिंक अर्जी पर रखना जरूरी
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भी है मुमकिन है यह बात थोड़ी सी अजीब
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लगती हो कि हमेशा अपनी खुशी की कुर्बानी
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देकर दूसरों की खुशी को अब लिए देनी चाहिए
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क्योंकि अगर आप अपनी खुशी को पहले देखेंगे
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तो खैरात कैसे करेंगे तो
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कि यह बातें एक दूसरे के बिल्कुल उल्ट है
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के नीचे अगर आप दूसरे की खुशी नहीं देखते
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तो आप दर्शन खैरात नहीं कर रहे होंगे अब
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बदकिस्मती हमारी यह है कि हमारे यहां खैर
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आज सतगांवा यह बीइंग यह एक बड़े मामलों
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में लिए जाते हैं जब तक यह इंसान की अब
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कलीम जिम्मेदारी है कि वह शरीर के उन
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लोगों को जो उनसे किसी हवाले से पीछे रह
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गए हैं उन पर अहसान गए हमारे यहां बिल्कुल
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उल्ट होता है हम किसी पर एहसान करने को
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खराब करना समझते हैं हम समझ गए हैं कि हम
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दीप दे रहे हैं अलख यह कुदरत की तरफ से
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भारत वनडे में एक नैक सिलाई अदरक ली गई है
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और कुदरत की तरफ से ही किसी में कोई खामी
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भी मौजूद है तो इंसान इसीलिए हॉस्टल है कि
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वे एक-दूसरे की कमियों को ताजियों को पूरा
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करता है और इसको आम एहसान करते हैं इसी को
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ऑन ऑफ करना भी कहते हैं
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कि अगर आप बेरूनी मुहर्रम जिया खान की मौत
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की वजह से किसी की मदद कर रहे हैं तो फिर
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यह इंसान दोस्ती नहीं है बेहतरीन इंसान व
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है यो अंदरूनी मुहर्रक के जरिए यह काम
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करते हो सकता है कि आप यह नहीं जानते हो
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कि आप दूसरों को सिर्फ उसी वक्त खुशी देने
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के काबिल होंगे जब आप खुद खुश होंगे
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है और आप उसी वक्त खुद खुश हो सकते हैं जब
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आप दूसरों को खुश रखते हैं दूसरों को खुश
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करते हैं अपने अमल के जरिए एक और बात
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कुर्बानी देना एक बहुत अच्छी होती हैं
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लेकिन सिर्फ आप ही कुर्बानी ना दें कि
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कि बार-बार अपनी खुशियों को कत्ल बिना
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करें अपनी खुशियों को कुर्बान कर दूसरों
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को खुशी देंगे तो यह भी एक दिन मायूसी की
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शक्ल अख्तियार कर लेती है जिसके मन फीवर
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श्राद्ध पढ़ सकते हैं
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कि यह दो तरफा अमल है यह सिर्फ आप ही
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दूसरों को कुछ करते रहे हैं आप ही दूसरों
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के लिए ने की करते रहें आप भी दूसरों के
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लिए एहसान कर तेरे ऐसा भी नहीं होना चाहिए
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इंसान सोशल इसी वजह से सोशल है कि वह एक
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दूसरे के लिए मददगार को अगर एक शख्स आप
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सिर्फ यही वक्त है कि आप हर बार उसी को
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माफ करें आप हर बार वह गलती करके आए आप
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उसको माफ कर दें तो यह स्पेशल है
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कि यह खूबी नहीं है आप कि आप बार-बार उसको
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माफ करते हैं यह आपकी खूब ही आपके लिए
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पछतावे का वायर्स मिलेंगी
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कि यह इंसानी फितरत है कि अगर हम अपनी
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जिंदगी से परेशान या ना कुछ हैं तो हम
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दूसरों की खुशहाल जिंदगी को देखकर कभी भी
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सच्चे दिल से उसकी तरफ नहीं कर सकते हारने
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वाला शख्स कभी भी किसी बात है शख्स को
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मुकेश राना गौरव भारत बाद नहीं दे सकता
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इसके पीछे इसकी कोई ना कोई बदनीयती जरूर
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चुकी होती है बल्कि उसकी अपनी खुद ही है
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एक अनार है डिमांड है गुरूर है जो इसको
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दूसरों को मुबारकबाद देने के लिए अंदर से
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परहेज नहीं देता
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है लिहाजा किसी की सलाह पर भूत का पहला
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कदम किसी के दिमाग की खुशियों और 1 मिनट
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और यही कायदा माफ करने के मन में लागू
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होता है कुछ और इंसान दूसरों को ज्यादा
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देर तक ना कुछ नहीं देख सकता कहा जाता है
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कि आप दूसरों को वही देते हैं जो आपके पास
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होता है आप ऐसी चीज किस तरह दे सकते हैं
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जो आपके पास मौजूद ही नहीं आम की तरफ से
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हमेशा आमों की ही तो की जाती है और कोई
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दूसरा फारुख उस पर नहीं उग सकता है याद
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रखें अगर आप अंदर से मुसीबत और कुछ हैं तो
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आप अपने इर्द-गिर्द की पॉजिटिविटी देखना
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चाहेंगे बेवकूफ और बात किस्मत ना तो
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दूसरों को माफ करते हैं और ना ही चीजों को
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भूल पाते हैं अनाड़ी और नातजुर्बेकार
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इंसान भूल क्यों जाते हैं लेकिन माफ नहीं
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करते लेकिन एक ने एक आदमी मोड ऑफ कर देता
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है और प्रमोशन भी कर दो
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हुआ है लिहाजा अगर आप भी रोजमर्रा की
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जिंदगी में लोगों को माफ़ कर देते हैं तो
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फिर यह सबसे बड़ा एहसान है जो आपने ना
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दानिश्ता तौर पर उनके साथ किया है इसके
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लिए आपको कोई कीमत अदा करने की जरूरत नहीं
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है इसीलिए तो कहा जाता है कि गलती इंसान
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ही करता है और जो आप करना खुदाई से तय
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माफी एक तारीख कमरे को रोशनी देने के
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मुद्रा तरफ है जिसकी रोशनी में माफी
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मांगने वाला और माफ करने वाला दोनों एक
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दूसरे को ज्यादा करीब से जान सकते हैं माफ
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करके आप किसी को अपनी ने ही साबित करने का
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मौका देते हैं यह क्यों कहा जाता है कि
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मरने वाले को हमेशा माफ किया जाना चाहिए
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कि यह बात है इस वजह से है कि उस व्यक्ति
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को दोबारा कभी माफी मांगने का मौका नहीं
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मिलेगा या इस वजह से कि आपको इसे दोबारा
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कभी माफ करने का मौका नहीं मिलेगा लिहाजा
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अगर हम जिंदगी की
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पुष्कर ज़मीन पर वापसी के चंद खतरों की
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बारिश कर सकते हैं तो शायद इस पुश्त जमीन
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पर उम्मीद और मुस्कुराहटों के फूल खिल
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सकते हैं सदा सलामत रहें मगर दूसरों को
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माफ करके देखें आपकी जिंदगी सच में बहुत
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खूबसूरत पानी जाएगी
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के अकार शुक्रिया भांजे की करें और दूसरों
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को भी सामने की करने की तरह ही होते हैं
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कि टाइम
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अजय को

