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पालियों में अवधि के हवाले से पता है
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बीवी कभी बेटी तो कभी मां के रूप में
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बिजली कभी बेटी तो कभी मां के रूप में
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किरदार अपना पूर्व से भागती रही हूं
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जिससे आज मुझको निकाला गया हजूर है
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जी के मकान के दिल में समाती रही हूं मैं
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दुग्दा दें कि है को सीख दी
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डो कभी मां के रूप में
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दीदी कभी बेटी तो कभी मां के रूप में
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किरदार अपना फूल निभाती रही हूं मैं जिससे
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आज उत्सुक निकाला गया खूबसूरत इसके मकान
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के दिल में समाती रहीं
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लुट यह क्वेश्चन रख इसी हनुमान को
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कवर करने मार्ग बहुत है जिस पर मुझको मार
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मुझको बहुत मार न दे उन्हें सालों से
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अक्षर यह महसूस मुझे होता है उसकी बातों
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मांग बहुत है मुझको जिन पर को मार न देवता
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हाथों से अक्सर ये महसूस मुझे होता है
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उसकी बातों से और 15 मिनट में उसने कुछ
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लाख एड़ी तले पर उतरा बहुत व 15 मिनट में
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उसने पूरा अच्छी तरह उस मेरा 15 साल में
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तले उग मेरा 15 साल में इसके जूते तिथि से
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आखिरकार रोते रोते हुए
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कि एक से सूरज सितारे चांद
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7 दिनों में एक मौसम एक से चूर्ण ताहिर
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चांद पर हो जिससे हंस के बोले जो दैनिक
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सारे चांद लुट जिससे वह
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अधूरी बातें लेकर तक ना आधी रात ना
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तुम्हारी तपस्या है और त्याग की
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मुझको मार दिया उन हाथों से यह महसूस होता