Conflicts Between Aurangzeb & Dara Shikoh | Part 2 | #history #india #mughal #mughalempire #history
Nov 4, 2024
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0:02
[संगीत]
0:09
ने अपने वालिद को नजर बंद करके अपने शासन की शुरुआत
0:14
पाने के लिए उसने अपने भाइयों को इतिहासकार यदुनाथ सरकार हमें बताते हैं
0:22
शाहजहां ने साफ तरह से जाहिर कर दिया था की उसका
0:30
ख्याल था मगर जंग और सियासत के मैदान में उसका तजुर्बा बहुत कम था जबकि उसके
0:38
मुकाबला में खड़ा औरंगज़ेब दोनों का माहिर था 29 मैं 1658 को आगरा से
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मुरादाबाद
1:13
कर सके पहली जून 1658 को औरंगज़ेब जख्मी मुराद को
1:19
साथ लेकर आगरा पहुंचा और उसने नूर मंजिल में कायम किया
1:41
आलमगीर रखा है खासतौर पर हुजूर के लिए बनवा गई अल हज़रत चाहते हैं की जब आप आराम
1:47
कर लें तब हुजूर से मुलाकात के लिए हाजिर हूं अल हज़रत फरमाते हैं की आमने सामने बैठकर बात करने से गलतफहमी दूर हो सकती है
2:01
आप सब लोग बाहर जाएं
2:10
इसका जवाब हम खलीलुल्लाह खान को देंगे
2:26
कर्म है उनका अल हज़रत इक़बाल के लिए क्या-क्या तैयारी
2:31
की हैं खलील खान
2:46
से कितनी मोहब्बत करते हैं
2:51
मुझे अपने पास बुला रहे हैं मुबारकबाद देने या बगावत की सजा
2:58
बोलो खलील खान तुम्हारा जवाब तुम्हारे अपने मुस्ताकिल का फैसला भी करेगा
3:11
[संगीत]
3:23
[संगीत]
3:30
अल हज़रत से हमारा सलाम कहिए और अर्ज कीजिए की जिस तरह आगरा के रहने वालों ने हमें khushambi कहा है उसी तरह
3:38
किले वाले भी हमारा इस्तकबाल करें हमारे आदमियों को इजाजत होनी चाहिए की वह बिल
3:43
रोक-टोक केले में ए जा सके अगर ऐसा हुआ और अगर किले के दरवाजे बंद रखे गए
3:49
तो हम ऐसा कदम उठाने पर मजबूर होंगे जो अल हज़रत को पसंद नहीं आएगा क्या हुजूर किले
3:56
पर हमला करेंगे और रास्ते भी हैं
4:04
[संगीत]
4:12
[संगीत]
4:27
[संगीत] खुदा
4:34
हुजूर अगर इजाजत दें तो पहले का दरवाजा खुला दिया जाए [संगीत]
4:40
[प्रशंसा] [संगीत]
4:54
कर्बला बन जाएगा [संगीत]
5:49
इतने लंबे सफर का असर तुम पर भी रोज़ भी रख रहे होंगे
6:02
छोटे भाई जो कुछ भी हुआ है अल हज़रत
6:10
भाई के बहकावे में आकर वो ये भी भूल गए की वो हिंदुस्तान के शहंशाह हैं
6:15
उन्हें इंसाफ और durandeshi से कम लेना चाहिए बजाय इसके उन्होंने हुकूमत दादा भाई को
6:20
सौंप दी और दादा भाई ने अपनी मनमानी की है तो दूर की जा सकती है
6:41
छोटे भाई अल हज़रत बहुत बीमार है
7:04
क्या वो मुझे बादशाह तस्लीम करने के लिए तैयार हैं और उनकी कोई शर्त नहीं है
7:36
अल हज़रत बनाने का ऐलान करेंगे
7:43
तो अल हज़रत चाहते हैं की सल्तनत तकसीम कर दी जाए
7:52
छोटे भाई मेरे मुराद और भाई नहीं है
8:01
तो तुम्हें अल हज़रत को क्या जवाब डन मैं जवाब दे चुका हूं
8:07
क्या ये मुमकिन नहीं के अल हज़रत से तुम खुद एक बार मिलो
8:15
इस दफे तुर्क खनिजों के बजाय मुझमें पर हमला कौन करेगा
8:23
[संगीत]
8:29
[संगीत]
8:46
माशाल्लाह
8:52
जिन रास्तों से हुजूर का जुलूस गुजरेगा उन्हें फूलों से सजाया गया है एक फकीर
8:58
अपने कमर में फूल भरे बैठा था जब मैंने से पूछा उसने कहा की मैं अपनी बात साफ कर दूंगा
9:03
बिस्मिल्लाह चलिए हुजूर अल हज़रत
9:15
मामू कहां है आप हमारे साथ अल हज़रत को मिलने नहीं चल रहा है अल हज़रत के पास जाने का अभी वक्त नहीं आया है शहजाद
9:28
है
9:45
[प्रशंसा] इस खत में
9:51
दिया गया
10:02
[प्रशंसा]
10:27
मुलाकात में यह बात भी साफ हो जाएगी शहजादे इस वक्त अल हज़रत की नियत पे भरोसा
10:33
नहीं किया जा सकता जनाब शाइस्ता संसद कहते हैं
10:49
और कोशिश कीजिए की अब अल हज़रत और साजिश ना कर सके
10:58
[संगीत]
11:11
[संगीत] मेरा ख्याल है कल बात करें
11:28
तुम तो शायरी करने लगे हंसी मजाक का मौका है जाओ
11:34
[संगीत] चलो जाओ
11:44
इंतजार कर रहे हैं बहुत जरूरी बातें करना चाहते हैं जरूरी बात के बच्चे मुझे कोई बात नहीं करनी तो का दो कल सवेरे हुजूर जो
11:52
लोग आए हैं हुजूर के जॉनी सर हैं सब के सब हुजूर को तख्ते ताऊ पर बैठा देखना चाहते हैं अगर हुजूर ने उनके साथ अच्छा सलूक
11:59
नहीं किया तो वो किसी और लश्कर में शामिल हो जाएंगे हुजूर बात क्या है
12:05
अल हज़रत को कैद किया जा चुका है उन्हें दीवाने आम के पीछे एक छोटे से महल में रखा गया है जहां से ना अल हज़रत कहीं जा सकते
12:12
हैं और ना ही उनका कोई पहुंच सकता है
12:27
खबर मिली है जहां शहजादे ने अपने तमाम अमीरों को बड़े-बड़े पौधे इनाम
12:34
की तरफ से फौजी है की दो तीन पंच शहजादे की फौज दिल्ली की
12:42
तरफ रावण होगी तुम्हें परेशानी किस बात की है बताओ
13:04
मगर दुश्मनों से होशियार रही है इसकी कोई बात मेरी समझ में नहीं आती है बस तो बोलो
13:09
हुजूर कुतुबुद्दीन और सारे अमीर चाहते हैं की आप शहजादा औरंगज़ेब से होशियार रहे
13:16
क्यों हुजूर जिस तरह से वो फौजी काठी कर रहे हैं जिस तरह से वो सारे जागीरदारों को
13:21
अपनी तरफ मिला रहे हैं इससे उनका इरादा ठीक नहीं लगता हुजूर बकवास क्या हुजूर जानते हैं की शहजादे की फौज दिल्ली क्यों
13:27
जा रही है दादा भाई से मुकाबला के लिए दिल्ली पर कबसे के लिए और हुजूर दिल्ली हिंदुस्तान
13:33
की राजधानी है जो मुगल सल्तनत की निशानी है हुजूर अगर
13:40
शहजादे [संगीत]
13:46
बहन से वादा कर चुके हैं ये अल हज़रत के वारिस हम होंगे हुजूर फिर भी एतिहाद बहुत
13:51
जरूरी है ehtyaat जी आप भी उनके साथ दिल्ली जाइए हो सकता है
13:57
लाल किला पहुंचकर उनका इरादा बदल जाए मगर मैं तो पहले ही माना कर चुका है लेकिन जरूर हम अपनी फौज को शहजादा औरंगज़ेब की
14:02
फौज के पीछे रखेंगे पता चल गया तो बुरा मैन जाएंगे उनकी फौज के पास साथ कुछ दूरी रखेंगे
14:09
[संगीत] तुम लोगों के लिए आए हैं
14:16
जाने की तैयारी करो
14:21
[संगीत]
14:27
[हंसी]
14:36
[प्रशंसा]
14:47
[संगीत]
14:57
इन्हें कैसे पता चला की हम यहां हैं [संगीत]
15:09
गुलाम बशारत हुजूर की सेहत और सलामती की दुआ करता है तू अपनी फौज के साथ क्यों नहीं गया मुझे मेरे आका ने कुछ तोहफे लेकर
15:14
भेजा है तो क्या उन्हें मालूम है की जिओ से आगरा से आपकी रवानगी के वक्त थी हमारी फौज को मालूम हो चुका था क्या पीछे पीछे ए
15:21
रहे हैं ताकि कोई दुश्मन हमारे पीछे से हमला ना कर सके हान हान लाइक तू तो कहता
15:27
था किसी को पता नहीं चलेगा जरूर की 20 लाख और sharfiya और 233 अरबी घोड़े फौजी
15:32
दर्शाने की निगरानी में ए रहे हैं पहुंचने वाले ही होंगे हज़रत जी ने मेरे लिए भेजे हैं जी हुजूर और दरखास्त की है की हुजूर
15:40
शिकार के बाद खेमे पर ए जाए ताकि फतेह का जश्न मनाया जाए
15:46
जरूर
16:05
khushambi बादशाह
16:20
तुम्हारे लिए है बादशाह
16:45
अल्लाह [संगीत]
16:55
की लड़ी मत छोड़ो
17:00
सिया लारी रेल में मारा
17:07
बड़ी लमानी है andaatan एक
17:16
लड़ी छोड़ ओ सिया लारी रेल में मारा राज
17:27
[प्रशंसा] [संगीत]
17:37
भारी मोतिया
17:43
हान सुपर नानी धर्म बड़ी लमानी एक
17:53
छोड़ो सियारी रे
17:59
मारा राज
18:05
साजन साजन मैं करूं तो साजन जी गुजरी
18:11
[संगीत]
18:17
बदला [संगीत]
18:38
एक ही लड़ी मत छोड़ो
18:44
सिया लारी रेन में मारा राज
19:01
को आपके आने की खबर सुनकर दिल्ली से फरार हो गए हैं
19:08
अल्हम्दुलिल्लाह
19:29
पालकी रखो
19:44
आपकी तबीयत कैसी है ना बेगम आज की दावा से
19:50
बुखार उतर रहा है
20:12
औरंगज़ेब ने लाल किले के दीवाने आम में अपनी का ऐलान कर दिया है
20:18
जगह-जगह जस मनाई जा रहा है
21:11
कानून के मुताबिक टूल के वारिसों को पूरा हक है की वो खून बहा ले ले और मुजरिम को
21:17
माफ कर दें दूसरी सूरत में अदालत मुजरिम को सजा देने की पाबंद है
21:28
नहीं हम अपने वालिद के कातिल को जिंदा नहीं देखना चाहते
21:34
अगर हिंदुस्तान का नया बादशाह
21:59
आप वही फैसला दीजिए
22:05
अदालत शहजादा मुरादाबाद
22:13
[संगीत]
22:35
अगर अमीर साथ देते तो यह भी ना होता
23:06
ईरानी तुर्क मराठी सब चढ़ते सूरज के पुजारी
23:13
हैं अपनी wafadariyan भेजकर
23:36
कम कीजिए
23:48
मैंने मैंने 27 साल तक huzurgi खिदमत ही
23:54
है
24:46
मलिक जीवन तुमने आने में बहुत देर कर दी
25:02
नामक हरम
25:10
[प्रशंसा] [संगीत]
25:26
[संगीत]
25:35
सुभान अल्लाह
25:41
[प्रशंसा]
25:53
[प्रशंसा] [संगीत]
26:08
[प्रशंसा]
26:23
[प्रशंसा] मैं जानता हूं की औरंगज़ेब की नफरत पीला
26:28
वजह नहीं है मगर फिर भी नाम उसे आदमी के सिफारिश करना चाहते हैं जिसने औरंगज़ेब की
26:34
जिंदगी में 16 बरस तक केट हुए हैं जो हमेशा काले सराय की तरफ से घिरे रहा है
26:42
क्या आपको नहीं मालूम है अपने फायदे के लिए उसने बाप को बेटे का
26:48
दुश्मन बना दिया है हर मौके पर उसने औरंगज़ेब को जलील किया है जब छोटे भाई मुल्तान
26:55
से निकल दिया उनके बच्चों तक को अपने दादा से नहीं
27:02
मिलने दिया ऐसे जालिम के लिए आपके दिल में रहमान है वो सब सच है फिर भी वो तुम्हारा
27:09
भाई है [संगीत]
27:20
भिखारी और फकीरों का शहजादा
27:25
मैं सोचता हूं एक बार तुम औरंगज़ेब से कहती तो मैं जरूर कहूंगी मैं कहूंगी की
27:32
dharashakon को जिंदा रखना गले में सांप रखने से भी ज्यादा खतरनाक है उसका सर फौरन
27:39
कुछ देना चाहिए [संगीत]
27:47
तो आप लोगों ने क्या फैसला किया dharashiko के साथ
27:53
कैसे लुक किया जाए
28:07
उनकी जिंदगी साजिशें को पटाओ देती रहेगी
28:13
हमेशा खतरा बना रहेगा उन्हें कैद खाने में जिंदा रखना चाहिए जहां वो खुदा की याद में
28:18
अपने गण गुजरे और शहंशाह औरंगज़ेब को duvaayenge
28:25
मेरी दरखास्त है [संगीत]
28:43
[संगीत]
28:54
मुगल सल्तनत को दक्षिण की ओर बढ़ाया बीजापुर और गोलकोंडा पर फतेह पाई दूर
29:00
दक्षिण से नज़राना हासिल किया लेकिन उसकी सल्तनत ढीली पद रही थी और चारों ओर दुश्मन
29:07
खड़े होने लगे 1679 में शिवाजी ने जजिया के फिर से करने
29:15
पर औरंगज़ेब को एक खत में लिखा खबर मिली है की मेरे खिलाफ लड़ाइयां की
29:21
वजह से आपके खजाने खाली हो गए हैं इसलिए आपने हुकुम जारी किया है की जजिया के नाम
29:28
पर हिंदुओं से पैसा जमा किया जाए हुजूर आपके पूर्व जलालुद्दीन अकबर
29:34
नूरुद्दीन जहांगीर और बादशाह शाह जहां चाहते तो वो भी जजिया दायर कर सकते द मगर
29:41
उन्होंने दिलों से तंग नजरी हटा दी थी क्योंकि उन्हें एहसास था की हर इंसान अमीर
29:48
और गरीब खुदा की तकलीफ है और वह
29:54
तभी उनकी धन दौलत में इजाफा हुआ और उनका इक़बाल बुलंद हुआ मगर हुजूर के राज्य में
30:01
फौज में apradhta फ्री फैली है व्यापारी दुखी हैं मुसलमान रोते हैं हिंदू आग में
30:07
उबलते हैं और क्योंकि मेरी तरफ से तबाही मचाने और
30:15
उन्हें बर्बाद करने में कोई कुत्ता ही नहीं होगी बाकी भी आपके हाथ से निकल
30:20
जाएंगे सैन 1707 में तकरीबन 90 साल उम्र के बाद
30:29
औरंगज़ेब की मौत हुई फौरन तैयारी शुरू हो गई किसी तरह वह देश
30:35
की मत बिरसा hathiyaya जाए जो उसने छोड़ा था यानी
30:41
हिंदुस्तान
30:49
[संगीत]

