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0:02
[संगीत]
0:19
तो आप कब से हैं राजनीति में मैं राजनीति
0:22
में स्टूडेंट लाइफ से हूं क् मैं अपनी
0:24
यूनिवर्सिटी में प्रेसिडेंट था ट् वाइस और
0:27
जिस साल में यूनिवर्सिटी छोड़ रहा था तभी
0:29
मुझे चरण सिं जी ने बुलाया और चरण सिंह जी
0:31
के तब 30 एमएलए छोड़ गए
0:34
थे किस साल की बात है दैट इज 19
0:39
73 तो उन्होंने कहा सतपाल देखो बेईमान
0:42
मैंने पार्टी बनाई थी किसानों की मुझे
0:44
छोड़ गए मेरा हाथ पकड़ के उन्होने बड़ा
0:46
इमोशनल होकर कहा कि तुम इस पार्टी को
0:48
संभालो किसानों की पार्टी है और किसी से
0:52
बात मत करो अभी जाकर मेरी मीटिंग है शाम
0:54
को 5 बजे जिमखाना में उससे पहले अनाउंस कर
0:57
दो तुम मेरे साथ हो और किसी से मशवरा जैसे
1:00
उन्होंने कहा था वैसे ही किया नेक्स्ट डे
1:03
आ गया कि मैं उनके साथ हूं सारी पार्टी
1:05
मुझे सौंप दी जनरल सेक्रेटरी बना दिया
1:08
उसके बाद उन्होंने एमएलए लड़ाया तो मैं 26
1:11
साल की उम्र में 74 में एमएलए हो गया फिर
1:14
राज्यसभा का मेंबर हुआ दो बार लोकसभा का
1:16
हुआ मिनिस्टर हुआ और अब गवर्नर हुआ तो तब
1:20
से लड़ाई झगड़ा कुछ ना कुछ चलता रहता है ब
1:24
होल टाइम पॉलिटिक्स में आ गया फिर
1:25
प्रैक्टिस वगैरह नहीं कर पाया तो कैसे थे
1:27
वो चरण सिंह चरण सिंह जी अच्छे थे उनकी
1:30
दिक्कत क्या थी कि उनको किसी भी तरह
1:33
प्राइम मिनिस्टर बनने का एक सपना देखते थे
1:35
व तो उसमें उन्होंने इधर उधर किया और वो
1:39
कल्चरड ईमानदार बहुत स्वीट आदमी थे बट यह
1:44
मतलब हमारे जो पॉलिटिशियन है काफी लोगों
1:47
को यह हो जाती है कि बस बनना ही बनना है
1:50
हा मतलब सब कुछ कंप्रोमाइज करके बनना है
1:53
मैं आपको कह रहा हूं आपकी पूरी जो
1:55
स्ट्रेंथ है जो किसी के पास नहीं है वो ये
1:57
है कि मुझे कुछ नहीं चाहिए इससे सामने
2:00
वाले सब खलास हो जाते हैं पर ये होता
2:02
क्यों है कि मतलब इतनी मतलब इंपेशेंस हो
2:05
जाती है कि बस हर हालत में ही मतलब काफी
2:09
पॉलिटिशियन ऐसे होते आजादी के फौरन बाद तो
2:11
राजनीति एक तरह से कर्तव्य था और लोग करते
2:15
थे उसको उस तरह फिर यह प्रोफेशन हो गया और
2:19
अब यह बिजनेस हो गया है आप जम्मू कश्मीर
2:23
में जब थे जी मतलब बड़ा कॉम्प्लिकेटेड
2:25
टाइम था बहुत उसके बारे में आपकी क्या राय
2:28
है क्या मेरी ये राय है कि जम्मू कश्मीर
2:30
को आप जबरदस्ती या फौज से ठीक नहीं रख
2:33
सकते वहां के लोगों को जीत के आप कुछ भी
2:36
कर सकते हैं और वहां के लोग एबल है ऐसा
2:40
नहीं कि इंपॉसिबल है मैंने तो देखा मैंने
2:42
उनको अपने साथ किया आपने अंदर से डिटेल से
2:45
देखा सलूशन वहां किस बेसिस पर आएगा
2:48
इमीडिएट तो उनकी स्टेटहुड वापस करना चाहिए
2:52
उनको इतना 37 नहीं चुभा जितनी स्टेटहुड
2:55
लेकर यूनियन टेरिटरी बनाना चुभा और यूनियन
2:59
टेरिटरी इन्होंने किस लिए बनाया जो मुझे
3:02
लगता है मुझे नहीं बताई वह बात इनको ये
3:05
अंदाजा था कि पुलिस रिवोल्ट कर जाएगी जबक
3:08
ऐसा नहीं था पुलिस इतनी फेथ फुली रही भारत
3:11
सरकार के साथ कि ईद का महीना था एक एक
3:14
सिपाही ने छुट्टी भी नहीं मांगी वही लाइन
3:16
में रहे तो एक तो स्टेटहुड और उनका
3:19
प्रॉमिस भी है अमित शाह का हाउस में उसको
3:21
इमीडिएट वापस करना चाहिए और फिर इलेक्शन
3:23
करा देने चाहिए बट जब मैं जम्मू गया ये
3:27
जम्मू के लोगों को भी ये लगता है हमारा
3:30
मतलब स्टेटहुड ले लिया हा उससे तो वो भी
3:32
खुश नहीं है सबसे ज्यादा वही चीज च है तो
3:35
मतलब कर क्यों नहीं रहे इसको पता नहीं
3:37
मेरी बात भी मैंने कहा वापस कराइए तो बोला
3:39
कह दिया होगा क्या जरूरी है वापस कराना चल
3:42
तो रहा है सब ठीक कहां ठीक चला सारी
3:53
इंसर्जनल
3:56
वामा के बारे में पुलवामा के बारे में यह
3:59
तो नहीं कहता इन्होंने कराया बट पुलवामा
4:02
में इन्होंने उसको इग्नोर किया और
4:05
पॉलिटिकल इस्तेमाल किया अपने लिए क्योंकि
4:07
उसमें इनकी स्पीस हैं जिसमें ये कहता है
4:09
कि जब वोट देने जाओ तो पुलवामा की शहादत
4:11
को याद रखना जैसे ही मैंने पुलवामा के
4:14
बारे में सुना मुझे पता लगा कि हमारे जो
4:16
शहीद हैं एयरपोर्ट आ रहे हैं जी तो मैं
4:19
सीधा एयरपोर्ट गया हमारी सिक्योरिटी वालों
4:21
ने मुझे कहा कि नहीं नहीं नहीं आप मत जाइए
4:23
मगर मैंने कहा मैं जा रहा हूं तो मैं
4:25
एयरपोर्ट में चला गया और एयरपोर्ट में उस
4:29
टाइम मुझे कमरे में बंद कर दिया और मुझे
4:32
कहा कि देखिए आप कमरे से नहीं निकल सकते
4:34
मैंने कहा मतलब तो उधर वो सब शहीद आए थे
4:38
वहां पे आर्मी के लोग
4:42
थे प्रधानमंत्री आ रहे थे और मुझे मतलब
4:46
लिटरली चाबी से बंद किया कि आप बाहर नहीं
4:47
जा सकते मैं मतलब मैंने सिक्योरिटी वालों
4:49
से बोलाय मतलब ऐसे कैसे कर सकते हैं और
4:52
फिर लड़के में वहां से निकला तो मुझे लग
4:54
रहा था कि एक पूरा वहां पे शो सा क्रिएट
4:57
हो रहा था हां वो था ही वो प्रधानमंत्री
5:00
को श्रीनगर जाना चाहिए था राजनाथ सिंह आए
5:04
थे मैं था हम लोगों ने श्रद्धांजलि दी थी
5:06
प्रधानमंत्री को उसी दिन जाना चाहिए था
5:09
नहीं मुझे उसमें क्या शौक लगा कि ऐसे लग
5:13
रहा था कि एक कोई बड़ा इवेंट सा हो रहा है
5:16
और वहां पर प्रधानमंत्री आए हैं और यह
5:18
पूरा मतलब जैसे देश को दिखा रहे हैं कि
5:20
भैया देखो काफी डिटेस्ट फुल सा था जिस दिन
5:24
यह हुआ तो यह नेशनल कॉर्पोरेट पार्क में
5:26
शूटिंग करा रहा था अने तो यह
5:30
अवेलेबल मैंने तीन चार बार कोशिश की मिला
5:32
ही नहीं मुझको पाच या 6 बजे इसका फोन आया
5:35
हा सतपाल भाई क्या हुआ मैं कहा हमारे इतने
5:38
लोग मर गए हैं और हमारी गलती से मरे तो
5:41
बोला नहीं नहीं चुप रहना अभी कुछ नहीं
5:43
बोलना इस पर फिर एक घंटे बाद य डवाल जो
5:47
मेरा क्लास फेलो रहा ल में मेरठ में तो
5:50
इसका फोन आया सतपाल भाई आप बोल दि मैं दो
5:53
चैनल को बोल चुका था य बात तो इने कहा
5:55
नहीं नहीं कुछ नहीं बोलना इस मैं कहा ठीक
5:58
है मैं समझा कु जा जाच वाच कराएंगे उस पर
6:00
असर पड़ेगा कुछ भी नहीं तीसरे दिन इनका आ
6:03
गया कि पुलवामा की शहादत को याद रखो और अब
6:07
हम बालाकोट करेंगे यह करेंगे वो करेंगे और
6:10
अभी तक उसमें कुछ नहीं हुआ कुछ नहीं करना
6:12
भी नहीं है इसको पुलवामा के शहीद जिस तरह
6:14
हुए थे इसलिए हुए कि उन्होंने पांच
6:17
एयरक्राफ्ट मांगे थे अगर वो मेरे से मांग
6:20
लेते तो मैं इमीडिएट कर देता मैं तो वहां
6:22
स्टूडेंट्स जब जम्मू में फस जाते थे बर्फ
6:24
में उनको एयरक्राफ्ट दिल्ली में
6:26
एयरक्राफ्ट इमीडिएट मिलता है किराए प चार
6:28
महीने तक
6:30
एप्लीकेशन उनकी पड़ी रही होम मिनिस्ट्री
6:34
में और चार महीने बाद व खारिज कर दी कि
6:37
नहीं देंगे तब वह सड़क से चले इतना बड़ा
6:39
मतलब चार महीने के लिए वो चले ही नहीं चले
6:42
नहीं इसलिए कि वोह सड़क से चलना बिल्कुल
6:44
इनसिक्योर होता है वो उनके उसमें नहीं है
6:48
सिस्टम में पांच जहाज मांगे थे उन्होंने
6:50
वो नहीं दिए चार महीने तक लटकाए रखे और तो
6:53
चार महीने के लिए क्या होल्ड प थे क्या
6:55
होल्ड प थे सब मेरे सामने नहीं आई अगर
6:57
मेरे सामने आई होती तो मैं उसमें कुछ करता
7:00
दैट वाज बिटवीन सीआरपी एंड होम मिनिस्ट्री
7:04
लेकिन यह थी कि अटैक हो सकता है इसके
7:08
अलावा वह जो गाड़ी टकराई थी वो 10 दिन से
7:11
घूम रही थी वहां पूरा आप समझिए कि भरी हुई
7:15
विस्फोटक से वो कैसे मतलब इतना
7:18
एक्सप्लोसिवली कैसे मतलब ऐसे घूम रही थी
7:20
सिस्टम नहीं था ठीक से और जब मैं गया हूं
7:23
फि पुलवामा होने के बाद तो जो 10 किलोमीटर
7:27
का स्ट्रेच है उसमें लगभग आठ 10 लिंक रोड
7:30
मिलती हैं एक भी सैनिटाइज नहीं थी उस दिन
7:34
बल्कि हम तो जब अपनी पुलिस को भेजते थे
7:37
कश्मीर की तो पूरी रोड पे सिविल ट्रैफिक
7:40
बिल्कुल रोक देते थे सैनिटाइज कर देते थे
7:43
तब भेजते थे ना हाईवे सैनिटाइज था ना वो
7:47
लिंक रोड और लिंक रोड जहां हाईवे में
7:49
मिलती है वहां रिवाज ये है कि वहां एक
7:51
जिप्सी खड़ी होनी चाहिए जो उसे रोक दे कि
7:53
नहीं भ ये काफिला चला जाए सीआरपी का तब
7:56
जाना ब्लॉक कर कुछ नहीं था देयर वाज नथिंग
7:58
लाइक दैट जब आप वहां गए जैसे पॉलिटिक्स
8:00
में हम ऐसी घटनाओं में जाते हैं तो जब हम
8:04
कहीं पहले पहुंचते हैं कोई माइंड में कोई
8:07
फीलिंग आती है तो इसमें आपकी क्या फीलिंग
8:09
आई थी जब आप पहली बार वहां गए आप मेरा
8:11
यकीन करेंगे आई वाज इन टियर्स और मैंने
8:14
इसको फोन किया है मुझे नहीं मिला जब 5:00
8:16
बजे मेरी बात हुई तो मैंने कहा हमारी गलती
8:19
से हुआ ये तो बोला नहीं नहीं इस पे आपको
8:21
चुप रहना है मैं चाहता था कि कुछ सर इसमें
8:24
कटने चाहिए जिनकी जिम्मेवारी थी कुछ भी
8:28
नहीं बट किसी का नहीं कुछ कुछ नहीं हुआ
8:30
उसको इलेक्शन के लिए यूज करना चाहते थे कि
8:32
यह पाकिस्तान ने किया हमारे जवान मारे और
8:36
अब हम हराए भारत जोड़ो यात्रा में हम वहीं
8:39
से निकले एक्चुअली साइट से निकले पुलवामा
8:42
से तो मुझे यह लग रहा था कि जो आपने बोला
8:46
कि ऐसी जगह पे स्ट्रेटेजिक जगह पे इतना
8:50
एक्सप्लोसिव कहां से आ गया कैसे आया वो
8:53
मेरे क्वेश्चन मेरे दिमाग में क्वेश्चन था
8:55
सारा पाकिस्तान से आया था बट इतना 6 300
8:59
हां ये बॉर्डर तो हमारा पोरस है और ये
9:03
इतना एक्सप्लोसिव इंडिजन असली प्रोक्योर
9:06
करते तो वो बात फैल जाती हम यह 10 12
9:09
क्विंटल तो आया हुआ था उसमें सेय गाड़ी
9:12
पूरी भरी थी एक्सप्लोसिव से और बताया मुझे
9:15
जब मैं गया कि साहब ये तो 10 12 दिन से
9:17
घूम रही थी गाड़ी जो गाड़ी चला रहा था
9:19
उसका भी मालिक का दोनों का टेररिस्ट
9:21
रिकॉर्ड था दोनों कई बार गिरफ्तार हो लिए
9:23
थे फिर छूट गए थे फिर गिरफ्तार हुए थे फिर
9:25
छूट गए थे अच्छा तो उन पर कोई निगाह नहीं
9:28
थी इंटेलिजेंस एजेंस की यहां मीडिया में
9:31
मतलब मैं देख रहा था यहां पर इतना बड़ा
9:34
कास्ट सेंसस का मुद्दा है बट अब आज कल बस
9:37
इजराइल इजराइल इजराइल कास्ट सेंसस को नहीं
9:40
दिखा मतलब जो चाहे वो अदानी हो चाहे वो
9:43
कास्ट सेंसस हो जो जरूरी बातें हैं उसका
9:46
कुछ नहीं होगा मगर इजराइल हो बॉलीवुड हो
9:49
क्रिकेट हो उस पर चलते जाएंगे अदानी तो
9:51
आपने इसके चिपका दिया वो तो छूटेगा नहीं
9:53
गांव गांव चला गया अदानी का और लोग ये
9:56
कहते हैं अदानी के यहां इसी का रुपया है
9:58
हा वो 20000 का आपने उठाया था 20000 को
10:02
इतना बड़ा इन्वेस्टमेंट कहां से आएगा कल य
10:04
एक स्टोरी आई है कि यह कोयले के प्राइस
10:06
इन्फ्लेट कर रहा है वहां से इंडोनेशिया से
10:10
कोयला नाव में जाता है और यहां पहुंचते
10:13
उसकी प्राइस इन्फ्लेट हो जाती है और फिर
10:15
लोगों को बिजली के लिए ज्यादा रेट देना
10:18
पड़ता है मगर वह भी मीडिया ने कहीं नहीं
10:20
उठाया मुझे खबर यह दी गई कि जिस दिन मैं
10:23
यह करण थापर का इंटरव्यू किया इन्होंने
10:26
बुला के सब चैनल्स को कहा के खबरदार कोई
10:29
रिपोर्टिंग नहीं होगी और अतीक अहमद का केस
10:32
हो गया और उसको 10 दिन तक हेडलाइन मैंने
10:35
मैंने जब मैंने वह देखा मैंने अपनी बहन से
10:38
कहा कि यह जो आपने पुलवामा की बात की है
10:42
इसके कारण यह किया गया है टोटल डिस्ट्रक्ट
10:47
करने के लिए मैंने नोटिस किया जब आपने
10:49
पुलवामा की बात की तो यह सब डर गए थे
10:52
लेकिन अतीक अहमद ने उसको 10 दिन तक ड कर
10:56
दिया
10:58
बक भारत जोड़ो यात्रा में मुझे एक बात समझ
11:00
आई कि कितना भी मीडिया पर कंट्रोल हो अगर
11:04
आदमी डायरेक्ट जनता के पास जाता है हा तो
11:07
तो फिर कोई नहीं तो नहीं चलता जनता ओनली
11:10
आंसर है जनता के पास जाना और अगर आप जनता
11:13
के पास जाते हैं तो बहुत जल्दी जनता को
11:16
बात समझ आ जाती है वो टाइम नहीं लगता नहीं
11:18
जनता तो अवेयर है देश में ऐसा नहीं उन्हें
11:20
मालूम नहीं है बट उन पर कोई प्लेटफार्म
11:23
नहीं है कहां कहे किसको कहे उनके
11:26
रिप्रेजेंटेटिव भी ऐसे ही गए गुजरे हैं सब
11:28
पहले मैंने पार्लियामेंट में स्पीच दी
11:30
कास्ट सेंसस के बारे में जब मैं इसकी
11:33
रिसर्च कर रहा था मैंने देखा कि हमारे सब
11:36
इंस्टीट्यूशंस में चाहे वह मीडिया हो
11:40
ब्यूरोक्रेसी हो जो ओबीसी वर्ग है जो दलित
11:44
वर्ग है जो ट्राइबल वर्ग है उनका कोई
11:46
रिप्रेजेंटेशन नहीं मतलब आप बिलीव नहीं कर
11:49
सकते मीडिया
11:51
में चाहे आप सबसे बड़े मीडिया हाउसेस देख
11:53
लीजिए या सारे जो एंकर्स हैं सारे
11:56
रिपोर्टर्स देख लीजिए इसमें एक ओबीसी नहीं
11:58
है एक दलित नहीं है एक ट्राइबल नहीं है
12:01
इसके बारे में आपकी क्या राय है नहीं मैं
12:03
तो कक लोहिया ट रहा हूं तो लोहिया ने एक
12:05
बार कहा था कि मुझे कमेटी बनानी थी गोवा
12:08
की आजादी की तो मैं जब भी कमेटी बनाऊ
12:11
उसमें 48 पर अपर कास्ट आ जाते थे नाम
12:15
मांगू तो भी वही आते थे तो ये सिस्टम बन
12:18
गया यहां का इसको चेंज करने का आपकी राय
12:20
क्या है एक तो इसको कंपलसरी करना पड़ेगा
12:24
इतने परसेंट हो जैसे नौकरियों में हो गया
12:27
उस तरह से और दूसरे उन वर्गों में थोड़ा
12:30
चेतना बढ़ानी पड़ेगी तुम इन पशों में आओ ब
12:33
इसमें इंटरेस्टिंग बात यह है कि जो स्थिति
12:37
है एक्चुअली इंस्टीट्यूशनल स्ट्रक्चर में
12:39
हिंदुस्तान में उसके डिटेल्स ओबीसी वर्ग
12:42
को भी नहीं मालूम दलित वर्ग को भी आपने थो
12:46
मत मैंने तो थोड़ा सा छुआ है ब एक्चुअली
12:48
किसी को नहीं मालूम पता ही नहीं है सही कह
12:50
रहे क्यों क्योंकि पूरा जो इंफॉर्मेशन का
12:52
सिस्टम है उसमें कोई ओबीसी नहीं है कोई
12:55
दलित नहीं को वो भी उ के हाथ में तो एक
12:58
प्रकार से से लाउड स्पीकर ऑन कर देते
13:01
हैं और इतना लाउड करते हैं कि कोई कुछ बोल
13:04
नहीं सकता है जैसे आपने पुलवामा की बात की
13:07
कास्ट सेंसस की बात की अदानी की बात की बस
13:10
लाउड स्पीकर मोदी जी लाउड स्पीकर ऑन कर
13:12
देते हैं और जितना चिल्लाना चाहो चिल्लाओ
13:15
कुछ नहीं होता कुछ दिन पहले मैं दिल्ली
13:19
में तीन चार घंटे बड़ इयों के साथ काम
13:21
किया तो वो मुझे बता रहे थे कि हम सोफा
13:24
बनाते हैं चेयर बनाते हैं टेबल बनाते हैं
13:28
मगर जिस शोरूम में वो बिकता है उसमें हम
13:30
जा नहीं सकते मतलब काम हमारा मेहनत हमारी
13:34
मगर फल हमारा नहीं और कितना गुना एनस करके
13:37
पैसा लेते हैं उसका इनको तो कुछ मिलता
13:40
नहीं गरीबों को बहुत ही एक्सप्लोइटेटिव
13:43
सिस्टम है तो अगर आप जीएसटी देखें जीएसटी
13:47
भी इनडायरेक्ट टैक्स है उसमें छोटे
13:50
व्यापारी किसान मजदूर वह टैक्स भरते हैं
13:54
डी मोनेटाइजेशन भी उनके खिलाफ हथियार था
13:57
किसान आंदोलन में तो
14:00
आपने काफी कमेंट किया है वह भी मतलब उनके
14:04
घर में से पैसे निकालने का तरीका था नहीं
14:06
वोह तो इनका मैं बताता हूं अगर आप नहीं
14:09
हटाओ ग इस बार तो खेती को तो य पूरी तरह
14:12
खत मतलब किसान छोड़ के भाग जाएगा और यह
14:15
कॉर्पोरेट को दे दें इनका यह इरादा है मैं
14:18
तो खेती करता था मेरे गांव में पूरी यूपी
14:22
की सबसे बड़ी कास्ट थी एक हमारे चाचा थे
14:25
उनके पास ाज बीघा जमीन थी और आज मैं जाता
14:29
हूं तो सब के लड़के शहर में आ गए हैं
14:31
क्योंकि एजुकेशन नहीं है हेल्थ सर्विसेस
14:34
नहीं है और सिक्योरिटी नहीं है तो वह
14:38
बटाईदार को देके व धीरे-धीरे खत्म हो
14:41
जाएगी खेती खेती को खत्म करेंगे फौज खत्म
14:45
करी दी से लाके अग्निवीर अग्निवीर में कौन
14:48
इतने अरसे के लिए अपनी जान देगा तो शने
14:53
शने सब लोगों को ये हर इंस्टिट्यूशन को
14:55
पकड़ के खत्म कर देते हैं इनकी मतलब
14:57
इमीडिएट ये
14:59
चाहे वह सेना हो सरकार हो ब्यूरोक्रेसी हो
15:02
इलेक्शन कमीशन जैसे इनके हाथ पड़ता है वह
15:05
अपने लोगों को बैठा के कुछ ना कुछ उ आप एक
15:09
स्टडी करा लीजिए सेंट्रल यूनिवर्सिटी के
15:12
जो वाइस चांसलर्स हैं पिछले एक साल में
15:14
लगे हैं वह 100% व है जिनके संघ से
15:20
कनेक्शन थे उसके बिना आप कोई नौकरी नहीं
15:23
पा सकते हैं आज और सेंट्रल यूनिवर्सिटी की
15:26
तो बिल्कुल नहीं पा सकते जो इंटर कॉलेज के
15:28
प्रिंसिपल होने लायक भी नहीं थे वो वीसी
15:31
लगे हुए हैं सब जगह मतलब
15:33
इनका शिक्षा का सिस्टम नहीं रहा कंट्रोल
15:37
का माइंड कंट्रोल का सिस्टम बनाने की
15:38
कोशिश आपके मुताबिक इंप्रूवमेंट लाने का
15:41
क्या तरीका है देखिए सबसे बेसिक सवाल है
15:44
कि किसान को उसकी फसल का दाम सही नहीं
15:47
मिलता है और उसके चलते वह हर साल गरीब
15:51
होता जाता है जो एक फसल का दाम पिछले साल
15:54
था खाद का और बाकी चीजों का जो दाम था
15:57
उसकी तुलना में इस साल में में और फर्क हो
15:59
जाता है तो उसकी परचेसिंग पावर हर साल कम
16:02
होती चली जाती है और उसे पता नहीं चलता हम
16:05
ही डजन नो कि मैं गरीब हो रहा हूं लेकिन
16:07
वो गरीब हो जाता है क्योंकि उसके जितना एक
16:10
मन गेहूं में पिछले साल खाद खरीद सकता था
16:13
इस साल नहीं खरीद सकता इस साल ज्यादा
16:15
गेहूं देना पड़ेगा तो वो जो उसकी परचेसिंग
16:18
पावर कम होती है उसका उसको एहसास ही नहीं
16:21
है पता भी नहीं चलता है तो वो तो मैंने
16:23
देखा जब पब्लिक मीटिंग्स में बताते तो
16:25
कहते हमें तो पता ही नहीं था य मैं कहा
16:27
भाई तुम तुम्हें पता ही नहीं तुम गरीब हो
16:30
रहे हो तो उन्हें सुनक बुरा लगता है फिर
16:32
मैं समझाता हूं बताओ पिछले साल इतने गन्ने
16:35
में कितना सामान खरीदते थे इस साल कितना
16:37
खरीदते हो तो सबसे पहले है कि जो पेरिट यह
16:42
है एमएसपी एमएसपी इसको लागू करना चाहिए
16:45
एमएसपी में यह नहीं कि सरकार सारी फसलों
16:48
का एमएसपी दे लेकिन एमएसपी करने से बाजार
16:52
गिरेगा नहीं और एमएसपी है इसलिए कि बाजार
16:55
एक खास जो आपने दाम तय किया उससे नीचे
16:58
गिरे गा तो सरकार
17:00
इंटरवेनर पंडित जी के जमाने से नागपुर
17:03
सम्मेलन में जवाहरलाल जी ने कराया था ये
17:06
कि हम इंटरवेनर और खरीद लेंगे तो एमएसपी
17:10
का लागू होना बहुत जरूरी है और एमएसपी प
17:13
इन्होंने किसानों से धोखा किया जब किसान
17:15
कानून वापस लिए तो कहा था हम एमएसपी
17:18
करेंगे और आज तक नहीं किया वो क्यों नहीं
17:20
किया क्योंकि अडानी ने बड़े बड़े गोदाम
17:23
बना दिए फसलें एक दाम पर खरीद ली अगले साल
17:26
उनके दाम बढ़ जाएंगे वो बेचेगा एमएसपी
17:29
होगा तो किसान इनको सस्ते दाम पर नहीं
17:32
देगा तो एमएसपी का होना सबसे ज्यादा जरूरी
17:35
है फिर जो उसके लिए आप खाद बिजली पानी जो
17:39
भी सरकार देती है उसके दामों पर कंट्रोल
17:43
करना पड़ेगा वह बेतहाशा ना हो ताकि वह जो
17:46
मैंने बताया जो फर्क रहता है खरीद बेच का
17:50
व ना हो जो आप कह रहे थे यह जो अदानी जी
17:54
हैं इन्होंने पूरा जो स्टोरेज का
17:56
इंफ्रास्ट्रक्चर है अपने अपने हाथों में
17:58
ले लिया है इसका इफेक्ट मैंने जम्मू
18:02
कश्मीर में देखा इसका इफेक्ट हिमाचल में
18:04
दिखता
18:05
है अलग-अलग स्टेट्स में हरियाणा पंजाब में
18:08
हरियाणा में तो पानीपत में बड़े-बड़े
18:10
गोदाम बना दिए तो पूरा मतलब इस जो स्टोरेज
18:14
का इंफ्रास्ट्रक्चर ये कैप्चर कर लिया है
18:15
तो फिर जब भी ये प्राइसेस को मतलब ऊपर कर
18:18
नीचे फ ट्यून करना चाहते हैं कर देते हैं
18:20
तो ये किसानों को मतलब नुकसान प डायरेक्ट
18:22
नुकसान पहुंचाते हैं जब तक इनके खिलाफ
18:24
हल्ला बोल नहीं होगा तब तक सुधरेंगे नहीं
18:28
या फिर सरकार बदल जाए अभी तो इन्हें टोटल
18:30
प्रोडक्शन है मगर मैंने देखा है कि जनरली
18:34
सरकारों के
18:36
पास जो किसान का जो स्टोरेज की कैपेबिलिटी
18:40
होती है उसके बारे में सरकारें ज्यादा
18:42
नहीं सोचती है उस ज्यादा नहीं बिल्कुल
18:44
नहीं सोचती आप नॉर्थ ईस्ट में भी थे हां
18:46
मेघालय में वो मुझे पनिशमेंट पोस्टिंग दी
18:50
गई थी गोवा के बाद क्योंकि गोवा में मैंने
18:52
करप्शन के बारे में बहुत बोला था लेकिन वो
18:55
अच्छी गोवा से हटा दिया गया हां गोवा से
18:57
हटा के नॉर्थईस्ट भेज दिया गया था तो
19:01
कश्मीर से हटाया फिर न गोवा से हटाया फिर
19:03
मतलब सब जगह पांच तबादले किए इन्होने मेरे
19:06
जैसे सरकारी कर्मचारी के करते हैं तो
19:10
नॉर्थईस्ट बैटर था व 12 जिले थे गोवा में
19:12
दो जिले थे और मेघालय बहुत अच्छी जगह है
19:16
कोई झगड़े टंटे की नहीं है रिलैक्स लोग है
19:18
का रिलैक्स अच्छे लोग हैं संगमा साहब का
19:21
लड़का चीफ मिनिस्टर था तो उससे बहुत
19:24
बढ़िया रिलेशनशिप रही कोई दिक्कत नहीं हुई
19:27
मुझे तो
19:28
मणिपुर के बारे में क्या राय आपकी वहां
19:30
मतलब पूरा फेलर है सरकार की चीफ मिनिस्टर
19:34
जा नहीं सकता कुछ कर नहीं सकता लेकिन उसको
19:36
अभी तक हटा नहीं रहे हैं ये जम्मू एंड
19:38
कश्मीर का भी ऐसे ही प्रयोग करते हैं
19:40
पंजाब का भी ऐसे ही प्रयोग करते हैं
19:42
मणिपुर का भी ऐसे ही प्रयोग करते हैं मैं
19:45
गया मणिपुर में वहां जो आप कह रहे हैं
19:47
बिल्कुल सही है वहां कोई कंट्रोल नहीं
19:48
पूरी क्राउड निकल आई थी आप कोई कंट्रोल ही
19:51
नहीं था मतलब बिल्कुल एक स्टेट बचा ही
19:54
नहीं है दो स्टेट बन गए हैं एक इस तरह
19:58
दूसरा नॉर्थ ईस्ट सेटल्ड था इन्होंने
20:01
डिस्टर्ब कर दिया सब जगह य कुछ ना कुछ
20:04
मतलब अपना करते करते रहते हैं और छ महीने
20:07
की बात है मैं लिख के दे रहा हूं बिल्कुल
20:10
नहीं आएंगे पावर में नहीं एक्चुअली अगर
20:13
जमीन पर जाए तो बहुत नफरत है लोगों बत
20:15
शदीद पूछिए मत मुझे लगता है कि हिंदुस्तान
20:19
की राजनीति में आज दो विचारधाराओं की
20:22
लड़ाई है एक आरएसएस गांधी वाली एक आरस और
20:25
एक गांधी वाली और दोनों एक प्र से
20:29
हिंदुइज्म के एक्सप्रेशन है दोनों एक एक
20:33
विजन है हिंदुइज्म का एक अहिंसा का एक
20:38
भाईचारे का और दूसरा जो आरएसएस का जिसको
20:41
मैं डिस्टोर्टेड विजन कहता हूं वह नफरत का
20:46
हिंसा का तो इस इस फाइट के बारे में आप
20:49
क्या सोचते मेरा यही सोचना है कि
20:51
हिंदुस्तान कंट्री के तौर पर तभी सरवाइव
20:54
करेगा जब वो लिबरल हिंदू के चलेगा जो
20:59
गांधी का विजन है गांधी ने ऐसे ही नहीं
21:01
कहा था गांधी ने इस देश को जितना समझा था
21:03
किसी ने नहीं समझा था गांव गांव गए थे जगह
21:06
जगह गए थे और व इस नतीजे पहुंचे थे कि
21:09
नहीं बाकी बातें बेकार है यह ठीक है
21:12
रास्ता तो हिंदू का जो लिबरल हिंदू थॉट है
21:17
वही रहेगा तो देश सरवाइव करेगा व टुकड़े
21:20
टुकड़े हो जाएगा अरवा और यह कोई राजनीतिक
21:23
बात नहीं है मुल्क के अस्तित्व के लिए
21:25
जरूरी है कि हम मिलजुल के एक दूसरे के साथ
21:29
रहे झगड़ा ना करें नहीं झगड़ा होगा तो
21:31
मुल्क ही नहीं रहेगा ना हां बिल्कुल तो
21:34
मुल्क का मतलब ही है कि मतलब भाईचारे से
21:36
जुल के रहे हैं जी मिलजुल के लोग रह रहे
21:38
हैं तो आपका मतलब काफी सालों से इस लड़ाई
21:41
में आपका एक्सपीरियंस रहा है और आप मतलब
21:43
बहुत सालों से आरएसएस से लड़ रहे हैं तो
21:46
आपकी मतलब सजेशंस राय क्या है इस मेरी राय
21:49
ये है कि अपने लोगों में ये प्रचारित हो
21:54
ठीक से गांधी का कांग्रेस का जो विजन है
21:58
हम कि ये हम क्यों इनसे डिफरेंट हैं हम यह
22:03
क्या चाहते हैं वो क्यों आपके हक में नहीं
22:05
है हम यह पॉलिटिकल लोग भी नहीं बोलते हैं
22:08
उनको ही बोलना चाहिए और जो आप कह रहे थे
22:12
जो क्रिस्टलाइजेशन होना चाहिए पॉलिटिकल
22:15
लोगों की माइंड में कि भाई ये अब यह
22:18
राजनीतिक लड़ाई नहीं है अब यह आइडियो जिकल
22:22
लड़ाई है वो क्रिस्टलाइजेशन इतना हो नहीं
22:25
रहा है वो नहीं वो नहीं हो रहा क्योंकि
22:26
देखिए हिंदुस्तान का आमी जो पॉलिटिक्स में
22:29
एक्टिव है वह राजनीति तक और अपने तक
22:32
एक्टिव है व एक तो पहले तो देश के बारे
22:35
में उस तरह नहीं सोचता जैसे सोचना चाहिए
22:38
और वह जो ब्रॉडर इश्यूज है उन पर राय नहीं
22:40
बनाता है राय जाहिर नहीं करता है उस पर
22:43
खड़ा नहीं होता है तो वह हम पॉलिटिकल
22:45
लोगों को करना पड़ेगा और इसमें यह भी है
22:48
कि जो जैसे मैंने कहा कि इंफॉर्मेशन का
22:51
सिस्टम जो है आसानी से राय बनाने भी नहीं
22:53
देता है डिस्टक्ट करता रहता है तो
22:55
इंफॉर्मेशन का सिस्टम तोन वे हो गया है
22:59
उसमें आपकी बात तो आएगी नहीं जो दूसरी बात
23:02
है वह आएगी और लेकिन एक अच्छी चीज हुई है
23:06
कि लोगों ने टीवी देखना बंद कर दिया भरोसा
23:09
चला गया भरोसा चला गया है इस वक्त हम
23:11
लोगों की एक ही स्ट्रेंथ है दैट इज सोशल
23:14
मीडिया हम लोगों की बात सोशल मीडिया से
23:16
फैलती है ये उसको भी रोकने के सिस्टम ढूंढ
23:19
रहे हैं कैसे रोका जाए वो अभी नहीं हुआ है
23:22
लेकिन वो हमारी स्ट्रेंथ है जो प्रिंटेड
23:24
मीडिया है इलेक्ट्रॉनिक है सबको इन्होंने
23:27
कंट्रोल कर दिया वन साइडेड कर दिया लेकिन
23:29
अच्छी बात यह कि लोग भी उसको समझ गए हैं
23:32
तो इनकी बात को यकीन नहीं करते कहते नहीं
23:34
नहीं ये तो गड़बड़ है आपने कहा कि सोशल
23:36
मीडिया में मतलब हमारा थोड़ा सा असर है बट
23:41
हमारे मेरे अकाउंट्स को तो पूरा स्रेस
23:43
किया जाता है जैसे चाहे वो मेरी य हो फ हो
23:46
नहीं आपके होगा पर आपके समर्थन में जो लोग
23:48
करते हैं उसे नहीं रोक सकते वही है आपकी
23:52
स्ट्रेंथ जो सेंट्रल मेरा अकाउंट है उसको
23:54
तो पक्का रोकते मेरा य अकाउंट को तो पूरा
23:56
दबा रखते मेरा भी कुछ नहीं है कहीं कुछ
23:58
नहीं आता है लेकिन जो हम लोगों के पक्ष
24:00
में बात बोलते हैं वह फैलती है मैंने देखा
24:03
है कि जब भी सरकार पर कोई प्रेशर आता है
24:07
जैसे अगर कास्ट सेंसस की बात
24:10
हो अदानी की बात हो एमएसपी की बात हो
24:14
किसानों की बात हो तो यह कोई ना कोई गिमिक
24:16
निकाल देते हैं और अभी मैंने देखा कि जब
24:20
मैंने पार्लियामेंट में अदानी की स्पीच दी
24:22
तो सबसे पहले टीवी ऑफ कर दिया उसके बाद
24:26
मुझे पार्लियामेंट से निकाल दिया और फिर
24:28
स्पेशल सेशन की बात हुई उसके बाद स्पेशल
24:31
सेशन के के अंदर भारत या इंडिया का
24:35
डिस्कशन की बात हुई और फिर एंड में विमेंस
24:39
बिल की बात हुई और विमेंस बिल भी वैसा कि
24:42
वो 10 साल में आएगा आज नहीं आ आएगा नहीं
24:44
कभी तो ये इनका यह तरीका जो है चाहे वह
24:50
पुलवामा
24:51
हो वमस बिल हो डिस्ट्रक्ट करने का इनका
24:55
बहुत इफेक्टिव तरीका दो तीन चीजें है
24:57
प्रधानमंत्री की एक तो यह किसी भी चीज को
25:02
वो बना देता है इवेंट छोटी छोटी चीज का
25:06
उसका अपने पक्ष में इस्तेमाल कर लेते हैं
25:08
विमेंस बिल का भी इसने यही किया औरतों को
25:11
कुछ मिल नहीं रहा है और एहसास यह करा दिया
25:13
पता नहीं कितना बड़ा काम कर दिया हा मतलब
25:16
शो बहुत ग्रैंड शो होता है जैसे वो
25:19
पार्लियामेंट की बिल्डिंग नई बिल्डिंग में
25:21
जा रहे थे तो कॉन्स्टिट्यूशन को हाथ में
25:23
पकड़ के पूरा
25:25
मतलब नई बिल्डिंग वा इसकी कोई जरूरत नहीं
25:28
थी पर उनको पथर लगवाना था कि मैंने बनवाई
25:31
थी एक पार्लियामेंट लेकिन वो हर चीज को
25:35
उसी तरह से बहुत मैग्लो मेनिया की तरह
25:38
करते हैं जैसे पुराना हाउस है उसमें अगर
25:42
आप एक्सपेंशन करना चाहते हैं तो सेंट्रल
25:45
हॉल में आप लोकसभा डाल दीजिए लोकसभा में
25:47
आप राज्यसभा डाल दीजिए डाल दीजिए हो गया
25:50
हो गया काम मतलब सेंट्रल हॉल में मतलब वो
25:52
बिल्डिंग तो उसकी हो भी कई स साल चलेगी तो
25:56
बिल्कुल
25:58
और अगर आपको सेंट्रल हॉल चाहिए तो एनसी
26:00
में सेंट्रल हॉल कर देते बकुल बिल्कुल तो
26:02
प्रॉब्लम ही नहीं थी
26:04
बट प्रॉब्लम क्रिएट करके शो करके पूरा
26:08
मतलब इससे देश को काफी नुकसान होता है
26:10
क्योंकि जो इ अच्छी चीज ये है कि लोग इसको
26:14
समझ रहे हैं लोग ना समझे तो दिक्कत है लोग
26:18
हर चीज समझ रहे हैं मैं तो बिल्कुल नीचे
26:20
तक जाता हूं वो सब बोल रहे हैं इस चीज को
26:23
कि साहब इसको करना वरना कुछ नहीं है य ऐसे
26:26
ही ऐसे ही करता रहता है और एक्चुअली जब
26:28
मैं इनके भाषण सुनता हूं और इनकी जो
26:31
पॉलिसीज देखता हूं तो एक्चुअली डेप्थ नहीं
26:34
है डिटेल में नहीं जाते जरूरत नहीं है
26:38
उसको सिर्फ रूल करना है कोई इंप्रूवमेंट
26:42
नहीं करना कोई चेंज नहीं करनी है सिर्फ
26:45
राज करना जिसे बोलते हैं ना बहुत क्रूड
26:47
लैंग्वेज में सा राज है राज करना ट्स ल और
26:51
वह उस तरह से जो जवाबदेही जनता के लिए
26:54
होती है वह महसूस भी नहीं करते हैं आपने
26:57
का काफी बहादुरी के साथ जो पुलवामा के
26:59
बारे में बोला आपने जो अदानी के बारे में
27:01
बोला बो किसानों के बारे में किसानों के
27:03
बारे में बोला तो फिर आपको धमकाया गया
27:06
सीबीआई इंक्वायरी कराएगी सब शुरू हो गया
27:09
पूरा इनका सिस्टम चालू हो गया आप हैरत
27:12
करेंगे ये कानून है कि जो शिकायत करता है
27:16
उसको सजा नहीं दी जाती है मैंने शिकायत की
27:20
जिनकी की उनका आज तक इंटेरोगेशन नहीं हुआ
27:23
मेरे यहां तीन-तीन बार आ गए मेरे स्टाफ के
27:26
लोगों के फोन ले गए सीबीआई वाले मैंने कहा
27:29
तुम कुछ कर लो मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते
27:31
मैं तो फकीर हूं मेरे बिना कुछ है तो तंग
27:34
आ गए वो लेकिन करना पड़ा फिर यही कहते थे
27:37
लास्ट में साहब नौकरी कर रहे हैं वो मुझे
27:39
भी यही कहते थे कि भई आप छोड़िए मतलब हम
27:43
मैं दबाया जा रहा है हमें करना पड़ रहा है
27:45
इसमें कुछ है नहीं उनकी भी मजबूरी है उनकी
27:48
मजबूरी है क्या करें वो हम बात कर रहे हैं
27:51
तो इसके बाद इसके बाद में आपको आप पर भी
27:54
थोड़ा आक्रमण करेंगे जब भी हम किसी से बात
27:56
करते हैं एकदम आक्रमण शुरू हो जाता है उन
27:58
हां नहीं करेंगे मेरे प तो करते रहते
28:01
ज्यादा दिक्कत नहीं आपको कोई फर्क नहीं
28:02
पड़ता िया बहुत अच्छा लगा बहुत अच्छा लगा
28:06
थैंक
28:07
[संगीत]
28:16
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