From Kartarpur Corridor to Literary Corridor | Dr. Amjad Bhatti YT | Punjab, Punjabi & Punjabiat
Nov 4, 2024
# Dr. Amjad Bhatti YT
# Dr. Asif Riaze Qadeer
# Punjabi Literature
# Punjabi Encyclopedic work
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0:00
अजय को
0:04
कर दो
0:06
कर दो
0:08
हुआ है
0:11
और उत्सुकता दिनों जिला नारोवाल में वाकया
0:15
दरबार साहिब करतारपुर का दौरा किया
0:20
कि इस्लामाबाद से शहरी के वक्त निकले
0:24
कि मेरे हमरा प्रोफेसर ताहिर ने जमीन जो
0:28
स्पष्ट रूप से मेह और कर्नल एहसान जो मेरे
0:33
हमराह इस्लाम बात थे
0:35
कि हमारे हमरा मेरा छोटा बेटा अरसलान भी
0:40
था
0:49
MP4
0:51
कल सुबह 8:00 हम
0:54
थे करतारपुर पहुंच गए
0:59
कि गुरुद्वारा कंपलेक्स का एक तथा मजबूर
1:03
यादव पाकिस्तान में 28 नवंबर 2018 को किया
1:08
था
1:10
के निकट कार के पास पहुंचे थे
1:13
एक बहुत बड़ी पार्किंग एरिया क्यों है वह
1:18
महसूस किया गया है विजिटर्स के लिए हैं
1:21
12 ₹100 पीयत टिकट मिलती है इसमें ना
1:29
बालों और बूढ़ों के लिए कोई राहत नहीं है
1:32
सभी ₹10 आदतें और दरबार साहब का विजिट कर
1:39
सकते हैं यात्रियों और सेवाओं की सलाह के
1:47
लिए
1:49
176 काउंटर बनाए गए
1:52
कि जब के खास दिनों में यह मस्जिद इसमें
1:57
50 कांग्रेस का हाथ साफ कर दिया जाता है
2:01
अजय को
2:03
में दाखिले के लिए दर्शन ड्यूटी से एंटर
2:07
हुआ जाता है
2:10
बौद्ध दर्शन देव डी
2:12
ये सिद्धांत तरफ आप जब मुड़ते हैं तो सबसे
2:17
पहले वे कोई ट्रस्ट बोर्ड का ऑफिस आता है
2:22
वहां हम इंतजार कर रहे हैं कि हमारे साथ
2:26
वे कोई ट्रस्ट का कोई मुलाजिम जो हमें
2:32
गुरद्वारे तक अंदर तक ली जा सके
2:37
है क्योंकि इस दौरे का बुनियादी मकसद तो
2:40
हमारा
2:42
थैंक्यू डॉक्टर आसफ बजे कदीर की जो अमरीका
2:46
में मुकीम है उनकी हालिया दिनों में शायद
2:51
सुविधा किताब वहां लाइब्रेरी में रखवाया
2:54
था तारे का बुनियादी मकसद तो यह था मैं
2:57
इसी वजह से अपने दो दोस्तों के हमरा खास
3:03
तौर पर अपने कर अनुसार आपके हमरा वह आज्ञा
3:06
के वहां मुकन है क्योंकि आजकल करो ना का
3:09
दौर द्वारा है तो मुमकिन है कि को अंदर
3:12
जाने में दाखिले में कोई प्रॉब्लम हो
3:14
क्योंकि आम विजिटर्स के लिए यह फोन आम
3:21
विजिटर्स के लिए और यह कंपलेक्स बंद इन
3:25
दिनों में मैंने दौरा किया था
3:28
लुट
3:30
लिए सबसे पहले हम हमारे हमरा जो वे कोई
3:34
ट्रस्ट के दोस्त थे वह उनका नाम इरफान था
3:37
बहुत अच्छे बहुत खूबसूरत इंसान और कम
3:42
तालीम याफ्ता होने के बावजूद बहुत ही
3:46
मोटर्स और मोहर जब और हकीमों ने हमें बहुत
3:52
अच्छी तरह गाइड किया यह वर्ष आपका दीदार
3:56
आप कर रहे हैं इस रोवर साहब हमारे यहां अब
4:01
यह कह लेंगे आप वह फल की जगह बाजू की जगह
4:05
या पास होने की जगह को सरोवर साहब के नाम
4:09
से याद किया जाता है
4:11
कि यहां का नजारा लेने के बाद हम
4:15
कांपलेक्स में देख लो लो
4:28
लुट लो
4:35
हुआ है
4:38
कि यह राधारमण सुबह 8:00 सौ एकड़ पर मस्त
4:42
माल है 833 एकड़
4:55
झाल इसमें 334 एकड़ रकबे पर गुरुद्वारे की
5:02
तो उसी की गई है घृत गुरुद्वारे का जो
5:07
पूरा कंपलेक्स है वह 334 एक रखते पर
5:11
मुश्तमिल है अ
5:14
कि बाकी जो जगह है वह सारी यात्रियों की
5:19
सहूलियत के लिए
5:24
अजय को
5:26
भिंडी
5:32
फिडजित
5:33
कि करतार साहिब में बाबा जी गुरु नानक ने
5:38
अपनी उम्र के आखिरी 18 साल यहां पर अंकित
5:41
है और खेती बड़ी करते थे
5:48
शुक्रिया
5:52
हुआ था
5:55
झालावार
6:05
लुट
6:07
लुट लो
6:11
हुआ है
6:15
अजय को
6:20
कर दो
6:24
कि अ
6:29
हुआ है
6:36
कर दो
6:40
हुआ है
6:45
कर दो
6:48
हुआ है
6:54
हुआ है
6:56
अजय को
7:00
हुआ है
7:04
[संगीत]
7:10
कर दो
7:12
कर दो
7:17
कि यह
7:19
कि यह बेवकूफ है जो आम पब्लिक के लिए आम
7:22
अवाम के लिए बाबा जी ने बनवाया था और यहां
7:27
से जो अला के करतारपुर के जो बाकि यह बात
7:33
दी थी वह यहां से पानी भरा करती थी अपनी
7:35
जरूर याद करिए
7:37
हुआ है
7:42
अजय को
7:44
[संगीत]
7:47
कर दो
7:50
है इसके बारे में कहा जाता है कि यह बम
7:56
1971 की जान में इंडियन आर्मी ने यहां यह
8:02
कथा इस गुरुद्वारे को तबाह करने के लिए
8:05
लेकिन यह कहा जाता है कि मौजूदा था खाओ
8:10
गुरु साहिब का बाबा जी नानक का कि यह बम
8:13
फट नहीं सका था अब इसमें कितनी सच्चाई है
8:17
या कितना प्रॉब्लम है यह तो तक चला है
8:22
लेकिन बाहरहाल का यही जाता है और बम आपके
8:24
सामने आपने देखा है यह वह कुआं था जहां से
8:28
बाबा जी के हितों के लिए जो उनकी जमीन थी
8:31
यहां उसकी खेती-बाड़ी के लिए उसकी आपश्री
8:35
के लिए
8:37
है उसको शराब करने के लिए यहां से पानी
8:43
जाता था
8:46
हैं इसकी एक अहमियत यह भी है कि यह जैसे
8:49
मुसलमानों के यहां आबे जमजम की अहमियत है
8:53
इस कुएं के पानी की सिख बिरादरी के लिए
8:56
सिख भाइयों के लिए क्षेत्र के मिंट्टी के
8:59
लिए सिख मजहब के मानने वालों के लिए यह
9:03
दुआ उसी तरह इसका पानी मुकद्दस है अ
9:09
है अब हम
9:12
है जो पुराना गुरुद्वारा है जो यह
9:15
कंपलेक्स बनने से पहले है उसकी तरफ हम जा
9:18
रहे हैं घर मीडियम और बुद्धि
9:26
है और पासवर्ड जो है वह कुछ उसमें तपिश
9:29
महसूस हो रही थी कि जैसे मतलब गर्मी है
9:34
कि यह पुराना गुरुद्वारा है
9:37
[संगीत]
9:43
कि यह जो किताब है डॉक्टर आसफ बजे के दे
9:46
रखी यह इरफान भाई ने उठा हुई है उन्होंने
9:49
मोहब्बत में उठा हुई है कि यह किताब में
9:51
है आपके हमरा उठा ले जाऊंगा
9:55
कि यह को में काम अंदर आप दोबारा देख रहे
10:00
हैं मैं समझता हूं कि यह किसको बम को
10:05
उखाड़ लेना चाहिए था यहां से अमन वाली जगह
10:07
पर बमों का क्या काम है लेकिन बारल
10:12
में रखा गया है ताकि सिख बिरादरी जो है वह
10:15
देखें कि जिस मुल्क में वह रहते हैं
10:17
[संगीत]
10:18
कि उस मूल के लोगों के नजदीक आप की क्या
10:22
अहमियत है आपके मुकद्दस मोहम्मद कि क्या
10:25
है है
10:28
[संगीत]
10:31
हुआ है
10:34
हुआ है
10:39
हुआ है
10:42
अजय को
10:44
है यह हम एंट्री हो गया जी हमारे व्यक्ति
10:52
ट्रस्ट के जो दोस्त इरफान है वह यहां जो
10:56
मौजूद
10:57
[संगीत]
10:58
कि उन्हें क्या करना चाहिए जो रखवाली करने
11:03
वाले हैं यहां के निगरान है
11:08
है या यूं जहां के यहां के मुलाजिम है
11:12
उनसे मुलाकात यह अंदर हम एंट्री करने लगे
11:17
हैं
11:23
हो चुके कंपलेक्स में छुट्टी है तो आप देख
11:27
रहे हैं कि लोगों का रस तो खैर बिल्कुल भी
11:31
नहीं है कुछ चंद एक उनके मुलाज़िमीन नहीं
11:34
आपको आगे पीछे या कोई हमारी तरह का को
11:37
बहुत ही जरूरी आप समय लेकर को आए हुए
11:41
दोस्त हैं वहीं
11:47
कि गुरुद्वारे में हम पहुंच गए मगर
11:51
गुरुद्वारे के जो ग्रंथि साहब थे वह हमें
11:56
दिखाई नहीं दिये वो शायद रेस्ट पर थे
11:59
क्योंकि छुट्टी थी मतलब लोग रोना की वजह
12:02
से यह कांप्लेक्स बंद है इसलिए छुट्टी की
12:07
वजह से वह यह अंदर का मंजर आप देख रहे हैं
12:10
यह कीर्तन
12:13
में का और यह सामने दो जगह है इस पर
12:18
कि ग्रंथ साहिब मौजूद हैं
12:21
तो यह कुछ निशानियां है जो सीख मजहब के
12:25
लिए बहुत मुकद्दस है
12:27
कि यहां पर
12:39
झाल
12:51
झाल
13:03
झाल
13:15
कि यह बैठे हम इंतजार कर रहे हैं कि
13:18
ग्रंथि शपथ रिप्लाई तो उन्हें हम किताब
13:21
पेश करें तो ग्रंथि साहब का इंतजार
13:23
करते-करते हमने सोचा कि चलें क्यों ना हम
13:27
थोड़ा सा मस्जिद कंपलेक्स का जायजा ले
13:33
है तो यहां से निकलने के बाद हम बाहर की
13:37
तरफ आए
13:44
झाल
13:50
लुटा दूं कि अभी नहीं आए थे तो हम बाहर
13:54
निकल के कंपलेक्स का ऊपर से जायजा ले रहे
13:58
हैं इरफान सब हमें ब्रीफ कर रहे हैं कि वह
14:01
सामने जो आपको बंद नजर आ रहा है यह
14:05
बुनियादी तौर पर सैलाब को रोकने के लिए एक
14:09
बंद बनाया गया है जो के दो अचार्य आर्ट
14:13
किलोमीटर लंबा यह तकरीबन तीन किलोमीटर
14:16
लंबा है जो दूर रावी के किनारे तामीर किया
14:18
गया है ताकि से लाभ के पानी और तवा
14:22
कार्यों को रोका जा सके तो
14:25
कि यह कंपलेक्स का आप मंजर देख रहे हैं
14:35
अजय को
14:39
थे इंडियन साइड से
14:44
है और हमारी पाकिस्तानी साइड से दोनों तरफ
14:47
से अगर आप कंपलेक्स तक जाने के लिए सड़क
14:51
की लंबाई देखें तो यह 608 किलोमीटर के
14:54
करीब बनती है दोनों तरफ की जिसमें आठ सौ
15:00
मीटर लंबा रवि पर पुल भी तामीर किया गया
15:03
है
15:05
अजय को
15:07
कि यात्री
15:09
मैं पैदल भी ला सकते हैं और Transport भी
15:12
उनके लिए मुठिया की गई है
15:17
लुट लो
15:24
है जहां से मेंटर हुए थे दर्शन धोइए फिर
15:28
और साहिब दीवान अस्थान और इधर सहूलियत जो
15:32
अभी हम यूज करके है इसमें एक लंगर खाना भी
15:35
तमिल किया गया है जिसमें बैक वक्त 200 के
15:39
करीब यात्री विजिटर्स खाना खा सकते हैं
15:43
यात्रियों की रहस्य के लिए कमरे भी तामीर
15:47
किए यह सामने जो दूर आपको नजर आ रही है यह
15:53
खेती के लिए जमीन मजबूत छत्तीसगढ़ में
15:58
शामिल किए जाएंगे इस यह जहां की फसलें और
16:02
सब्जियां यात्रियों के लिए लंगर तैयार
16:05
करने के लिए की जा रही हैं और की जाएंगी
16:11
2612 अभिषेक खेती बड़ी जारी है जिसमें
16:17
फसलें और सब्जियां उगाई गई जिसमें
16:20
छत्तीसगढ़ शामिल किए जाएंगे ताकि वक्त
16:24
गुजरने के साथ
16:24
आधुनिक जितना भी लोग आए उनको हम अकोमोडेट
16:28
का समय
16:29
[संगीत]
16:37
है तो यह जनाब अशोक साहब को हम
16:49
में पेश कर रहे हैं किताब
16:54
कि डॉक्टर आसफ म्यूजिक धीर की किताब
16:56
संध्या आरती पार्टी यह किताब बुनियादी तौर
17:00
पर तो पंजाबी शायरों का तस करें लेकिन इस
17:03
किताब की खास अहमियत यह है कि इस मुए
17:07
दोनों तरफ के शायर व फ्री से लेकर बाबा
17:11
गुरु नानक और गुरु अमर दास गुरु रामदास
17:21
कि इस किताब की अहमियत यह है कि डॉक्टर
17:25
आसफ ट्रैजिक दीर में यह पंजाबी शायरों का
17:29
एक ऐसा तकरार मुरब्बा कर दिया है कि जो
17:35
मौजूदा दौर के लिए और आने वाले दौड़ के
17:38
लिए एक कैलेंडर इसको एक हवाला हवाले की
17:45
किताब बनेंगी एक रेफ्रेंस बुक के तौर पर
17:48
इसको याद रखा जाएगा कि इसमें इस किताब में
17:52
दोनों तरफ के शायरों को बराबर जगह दी गई
17:57
है उनका कलाम बेहतरीन कर कलाम इस किताब
18:02
में शामिल किया गया है
18:04
हुआ है
18:08
कि ट्रैक्टर आसफ तेजी का दौर की किताब की
18:10
खास अहमियत यह है कि यह
18:14
कि अब विरादरी के तौर पर याद रखिए कि एक
18:17
तो यह राजधारी वैसे किरदार पर आधारित है
18:20
जो अमन की अलामत है तो किताब की अमन की
18:24
आशा ये अमन की ख्वाहिश को मध्य नजर रखते
18:27
हुए डांस क्लास अफेयर्स क्विज में यह
18:29
किताब मृतक की और यह किरदार शाम मक्खी और
18:33
गुरमुखी रस मुलाकात की दोनों में है शाम
18:37
की कसम लिखित और गुरमुखी में है और
18:42
गुरमुखी का जो रूप है वह ट्रैक्टर अमजद
18:46
अली पट्टी में इसको खाइए और इस किताब को
18:50
छापने का सेहरा इस किताब के शाया करने का
18:54
सेहरा डॉक्टर इन हम अलग जरूरत है
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अपने पिता के नाम लक्ष्यभेद की का वर्षों
19:00
से यह इतनी बेहतरीन किताब छायायुद्ध है
19:05
कि इस किताब का हम अलग से एक आवाज बयान
19:08
करेंगे और इसमें जिक्र किए शायरों का
19:12
अलग-अलग हम चावल की पेंट करेंगे कि कितने
19:16
शायर इसमें शामिल हैं और इसकी अहमियत क्या
19:19
है इसके लिए अलग से हम एक विला करेंगे एक
19:23
अलग से वीडियो बनाएंगे उम्मीद है कि आपको
19:26
हमारी यह कोशिश का वर्ष और सफरनामा पसंद
19:31
आएगा और आप दोस्तों में इसको शेयर करेंगे
19:34
आपका बहुत शुक्रिया अ
19:37
अजय को
19:39
झाल
19:41
हुआ है
19:43
कि भाड़ में
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