In 1857, the Mughal Empire came to an end after a long and bloody war with the British. In this video, we'll take a look at what led up to the war, and how it all ended.
In part 2 of our War of Independence series, we'll explore the fall of the Mughal Empire. We'll see how the British managed to defeat an empire that was once one of the most powerful in the world. This video is perfect for anyone interested in history, or the history of the Indian subcontinent!
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0:02
[संगीत]
0:11
1857 की बगावत ने पुरानी हुकूमत की सारी अंदरूनी कमजोरी जाहिर कर दी
0:18
जिस हुकूमत के नाम पर बागी जान पर खेलकर firangiyon को हिंदुस्तान से निकलने की
0:24
आखिरी कोशिश कर रहे द सामंती सरदार और जागीरदारों को मुल्क बहुत
0:30
बड़े हिस्से में आम जनता की हमदर्दी हासिल थी मगर
0:40
वह तारीख में अपना किरदार निभा चुके द और अब आगे उनके लिए कोई जगह नहीं रही
0:47
पहल करने वालों में कोई राष्ट्रीय या इत्यादि जज्बा मौजूद ना था महेश अंग्रेजों
0:54
से नफरत और अपने जागीर हकों की हिफाजत की ख्वाहिश संगठन की जगह
1:06
भैया आएगा दिल्ली
1:23
यह ए गया हान का समाचार है
1:30
कर दी जाएगी
1:37
लगता है दरबार में कमेटी बनी आएगी भोजन की और गैर
1:43
फौजी
1:50
में जारी होगा ऐसा सुना
2:00
pradharan उठो जागो यही वक्त है यही मौका है
2:07
याद करो
2:24
मैं आपको यकीन दिला के कहता हूं की firangiyon से खौफ करने की जरूरत नहीं है उनका राज अब खत्म होने वाला है ये खुदा का
2:32
हुकुम है देखो अरे के खोल कर देखो अल्लाह ने इशारा
2:38
किया है कुदरत बोल रही है कल रात आसमान में तारे टिमटिम रहे द या चल
2:44
रहे द मैंने देखा आग बरसा रहे द
2:50
यही वो इशारा है तब दिल्ली के असर धरती पर भी नजर ए रहे
2:55
हैं ईरान का शाह अपना भारी लश्कर लेकर हिंदुस्तान की सीन पर चल पड़ा है
3:02
मोमिनो की मदद करने ए रहा है अल्लाह ताला ने उसे हुकुम दिया
3:07
है के भाग दे फिरंगी को और जमाने हिंदुस्तान में मुगलिया सल्तनत
3:14
को तो क्या फिर मुगलों कर जाएगा
3:21
उठो अपने बाकी दोस्तों
3:32
और दुश्मन का सफाया कर दो वक्त की पुकार सुनो बिरादर
3:46
हेलो
3:52
दिल्ली के भाषण
4:02
हिंदू और मुसलमान इस बात को जान लें की दिल्ली और मेरठ में मुकेश
4:09
तमाम गोरी पलटन और सभी फिरंगी चाहते हैं की हिंदुस्तानी सिपाहियों का तीनों मजहब
4:16
और धर्म से महरूम करके ईसाई बनने पर मजबूर किया जाए इसीलिए गवर्नर जनरल ने ये हम
4:24
जारी किया है की kartuson में नापाक चर्बी मिलाई जाए और अगर 10000 सिपाही भी सुकून
4:30
की मुखालफत करें तूने तो उससे उदा दिया जाए अगर 50 हजार सिपाही भी हुकुम से इनकार
4:36
करें तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाए इसलिए रैयत के सभी हिंदू मुसलमान से ये
4:42
दरख्वास्त है की वो आपस में इतिहास कायम करें
4:51
ईद के मौके पर मुसलमान से यह गुजारिश है की वो गे की कुर्बानी ना दें और वो गे का
4:57
गोश्त भी ना खाएं और अंग्रेजों के खिलाफ खड़े हो जाएं यहां के एक-एक इंसान को
5:03
चाहिए की वो अंग्रेजों के खिलाफत और मुगल बादशाह की तरफदारी करें सुनो सुनो
5:16
[प्रशंसा]
5:24
[प्रशंसा]
5:31
चले भी प्यार को जन्नत भी
5:38
हिंदुस्तान ये हिंदुस्तान हमारा ये हिंदुस्तान हमारा
5:47
हम एकदम दिल्ली छोड़कर जा क्यों रहे हैं और कहां जा रहे हैं दिल्ली से बाहर कम आएगा पंडित और कहां जा रहे हैं मालूम पद
5:54
जाए जाएगा फिर भी अंत में कानपुर ए जाएंगे पर पहले अवश्य गुजरेंगे
6:02
जरा यहां विश्राम करें
6:37
कोलकाता शुरू हुआ गुरु का काजल
7:06
7000 वीर मर्दों को मरने छोड़ दिया उनको
7:12
मरने छोड़ दिया बोले तालुक बजा दे
7:23
सबसे अधिक किराया वो ही धरती का है जा वही धरती का हकदार नई चीज इजाद हुई जो टैक्स
7:33
कहा या करती है जिसको देते देते सबकी कमर टूट कर रहती है
7:44
deshdhari बना के छोड़े ऐसी
7:49
लाल नंगा रहता
7:55
भूखा मार्ता मेरा प्यारा हिंद
8:05
यूटीवी का मेरा प्यारा हिंदुस्तान
8:23
[प्रशंसा]
8:37
मेरे दोस्तों तुम मुझे अच्छी तरह जानते हो मैं हमेशा
8:43
तुम्हारे साथ अच्छे तरीके से पेश आया हूं झूठ मैंने कभी बोला नहीं है
8:51
बुरा वक्त आया है कुछ बदमाशों ने हमारी सिपाहियों को भड़काया है
8:56
कुछ सिपाही बगावत पर उतर आए हैं हालांकि यह कोई उतना बड़ा सवाल नहीं है जीत होगी
9:03
तो अंग्रेजी फौज की अमर तो मिलकर बदमाशों को खत्म कर देंगे
9:10
लखनऊ में कुछ गलतफहमियां फैल गई हैं
9:15
कुछ लोगों को ही अच्छा नहीं लगा की हमने अवध को कंपनी सरकार के मातहत कर लिया
9:21
हालांकि हमारा मंशा ऐसा करने का कभी था नहीं ये तो तुमको मालूम है हमें जमीन
9:27
जायदाद राज की कोई जरूरत नहीं है हमने जो कुछ किया की भलाई के वास्ते किया है प्रजा को बचाने
9:36
के वास्ते किया है अब नवाब साहब के कुछ सलाहकार लोग खुदगर्ज
9:41
द नवाब खुद ही कमजोर था रियाया की हालत क्या हो गई थी वह किसी से
9:49
छुपा नहीं है हमने रियाया की हालत सुधारने की कोशिश की
9:56
हिंदुस्तान में बिल्कुल पहली दफा हमने एक नया राज्य बंदोबस्त शुरू कर लिया
10:02
अब अवध में कानून का राज चलता है फिरंगी का कानून हमारे खिलाफ करवाई करने
10:09
की हिकमत हैगी ससुर
10:33
तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं वह लोग कहते हैं की हम तुम्हारा धर्म तुम्हारा मजहब खत्म करना चाहते हैं
10:40
दोस्तों यह सरासर झूठ है
10:47
हम तुम्हारे धर्म मजहब के मामले में दखलअंदाजी नहीं करना चाहते हैं ना ही हम
10:53
उसको खत्म करना चाहते हैं आपका जो भी धर्म होव आप उसको मानो हमें
10:58
कोई एतराज नहीं है पहले यहां ऐसा ही था औरंगज़ेब ने हिंदुओं पर बहुत जुल्म की है
11:06
और रंजीत सिंह ने मुसलमान पर देखो देखो यह कौमी देंगे करवाइए ससुर हमने ऐसा कभी नहीं
11:13
किया और ना ही कभी करेंगे तो दोस्तों
11:19
तुम अपने ऊपर काबू रखो
11:27
तो हमें बता दो हम तुम्हारी मदद करने के लिए तैयार है
11:44
अरे भैया क्या पता ये फिरंगी ठीक बोल रहा हो वैसे कटेगा अंग्रेजन में भी सोई कुछ
11:50
ऐसे है के जो खुद बुरे नहीं पाई जब हमारे साथ सलूक करने की नौबत आती है की तब तेवर
11:57
देखो गिर गया
12:03
आपका छोड़ देंगे अंग्रेज को नहीं बिल्कुल नहीं तो क्या मतलब आप सारे फिल्मों को खत्म कर
12:10
देंगे जो फिरंगी हमारे खिलाफ लड़ेंगे उनको तो हम छोड़ने वाले आएंगे नहीं मगर मैदान ए जंग
12:16
में और बाकी उनको जहाज पर अस्वार कराए के रावण ब्लैक मगर झांसी में और दिल्ली में
12:24
तो कभी-कभी जब गुस्सा सर पर चढ़ जाता है तो गलत कम हो जाता है
12:36
अरे उन्हें का निर्दोष औरत और बच्चन को छोड़ दिया है गा गांव के गांव जला दिया है
12:42
और कोई को बाहर नहीं करने दिया लेकिन फिर भी आप देखे नहीं आएंगे और भगवान करें आप
12:47
देखने भी नहीं कभी अगर आप कभी वहां फैंस गए तो कथा सुनने के लिए जिंदा नहीं रहोगे समझे
12:54
ओम भर भुवा स्वाहा तत्सवितुर्वरेंयं
13:03
जी महाराज आप है क्या
13:11
पूजा पाठ भजन पूजन बिना बढ़ा चली जाता है
13:31
यह सब हम नहीं जानते भाई आपको जानना चाहिए महाराज नहीं तो यह अंग्रेज बड़ा चालक है
13:38
हम सबन को आप समय लगा देगा हिंदू को मुसलमान से ऊंची जाट वाले को नीची जाट
13:44
वाले से और एक होना चाहिए जबरदस्त
13:49
हाथ में देखते रहेंगे कैसे कहा है राम राम आओ आओ
13:56
कहां से ए रही है की सवारी भाई ओ या चले आए बहु में भी छोड़ गई बहुत
14:04
अच्छे डाटा रहे जवान क्या खबर क्या है भाभी वही खबर है जो और और जगह है पहली
14:11
चिंगारी इंदौर में गिरी वहां के राज साहब पहले तो ना कुछ रेजीमेंट बाकी है तो ये
14:17
अंग्रेज रेजिडेंट सर पे पांव धर के भाग जब खबर
14:23
होगा इसके बाद हम यहां चले आए बहुत सोने दिल्ली के रह पकड़ी आप लोग कहां को जाओगे
14:30
हमारा भी उसी तरफ जाने का इरादा है आप ऐसा करो आप बाग्यं किए किसी रेजीमेंट में
14:36
भारती हो जाओ ऐसे ghumaoge तो डाकू समझे जाएंगे ऐसे नहीं करवाओ आप यही राधा है वहां लखनऊ
14:44
की फौज में हमारे यहां के कुछ जवान है उन्हें से मिला करेंगे भगवान सहाय और राम राम भाई
14:52
मेरा ख्याल है
14:58
परेशान का कल आप जब कहो हमें तो कानपुर जाने की बड़ी उतावली है
15:03
नाना साहब
15:18
देखते हैं जाने में क्या हर्ज है [हंसी]
15:33
[संगीत] कल रात के वाकई के सिलसिले में कानून के
15:38
मुताबिक जांच की गई है नतीजा सुनाया जा रहा है
15:55
उनका यह भी बयान है की मैं उसे वक्त नशे में मखमूर था और इसी वजह से गलती में गोली
16:01
चल गई खुलासा जांच कमेटी को सही-सही जान पड़ा है
16:06
ले आज
16:16
देखा गौरव का इंसाफ देखा का जुल्म है ससुर अगर हिंदुस्तानी सिपाही के हाथों गोरा
16:23
मारा जाता तो फांसी पर लटका देता है ससुर भैया इन firangian की जान सवा लाख की है
16:29
और हम हिंदुस्तानी की बस अच्छा ही है क्योंकि इससे आगे और भी भागी
16:36
अब तो बस थोड़े से तेल की जरूरत है दूसरे घर सवार टोली ठोकम पीठ के लिए तैयार खड़ी होगी नाना साहब के हुकुम की जरूरत है
16:49
नाना साहब
16:59
के सलाहकार भी जबरदस्त हैं एक तो अजीमुल्ला दूसरा तात्या टोपे सुनने से भी
17:05
ज्यादा कीमती है दोनों जानें चलो चलो
17:14
श्रीमंत आप कंपनी के अज़ीज़ दोस्त हैं अपनी हमेशा हमारी मदद की है पहले भी आपकी
17:21
फोजन ने टीपू सुल्तान के खिलाफ जंगी मदद की है इन तमाम बातों का जिक्र हमने किया
17:27
था जो मैं लंदन ले गया था [संगीत]
17:33
जनाब अजीम मुलाकात साहब मैं जानता हूं की कैसी हालत है इस वक्त अगर आप हमें इस गर्दिश से बचा
17:40
लेंगे तो मैं तुम्हारा आपको शिकायत करने का मौका नहीं दूंगा ये ये मेरा वादा है
17:46
हमारे पास एक भी ऐसा सबूत नहीं है जिसके आधार पर अंग्रेजों को वादा जा सके हकीकत
17:52
तो ये है कलेक्टर साहब [संगीत]
17:59
से बेदखल करने में भरोसा दिलाता हूं की इन सारे मसरू पर
18:05
दोबारा गौर किया जा सकता है [संगीत]
18:14
आप तो कानपुर के महल से कलेक्टर है मैं आपके अज़ीज़ दोस्त जनरल यू व्हीलर की जाती
18:20
गुजारिश लाया हूं की इस इस वक्त आप सब हमारी मदद करें [संगीत]
18:25
मददगार रहे हैं
18:33
सर यू हमारे दोस्त हैं मगर [संगीत]
18:42
अब हम श्रीमंत को कैसे समझाएं वक्त कुछ ऐसा है की कलेक्टर साहब
18:49
आपके जनरल हमसे किस तरह की मदद चाहते हैं वह चाहते हैं की श्रीमंत कुछ और रोज यहां
18:58
कानपुर में तशरीफ़ रखें मैं आपको अपनी नवाबगंज वाली खोटी shamshabadta हूं आपको
19:04
यहां रहने से सिपाहियों पर अच्छा असर पड़ेगा और आप आप उनको समझा सकते हैं की कोई गलत कम ना करें
19:10
इतनी सी बात के लिए हमारी मदद की क्या जरूरत है जनाब इधर खुद सिपाहियों को समझा
19:15
सकते हैं वो तो उनको समझा ही रहे हैं तात्या टोपे साहब और उसका असर भी पद रहा है
19:23
लेकिन वह अंग्रेज है और आप लोग अच्छी तरह जानते हैं की आज की हालत में इस इस बात का
19:31
उल्टा असर पड़ता है जनरल साहब यह भी चाहते हैं की आप हमारे बारूद खाने का कबाड़ लेले हैं
19:40
क्या आपके सिपाही बारोट खाने पर तलाक नहीं है
19:45
तो लेकिन आपको उनकी वफादारी पर शक है
19:55
रहने दीजिए हम जबरदस्ती आपकी राय जानने मैं दिलचस्पी नहीं रखते
20:01
हमें यह बताइए की क्या आपके पास इतने स्पाई नहीं है क्या आप खुद बी खुद अपने
20:12
नहीं है आप लोग अच्छी तरह जानते हैं की हमारे पास सिर्फ 300 अंग्रेजी सिपाही हैं
20:19
और उनमें से कई बीमार है क्या आपने किया
20:26
मतलब यह कलेक्टर साहब के अगर यहां के हिंदुस्तानी सिपाही बगावत पे उतर आते हैं
20:32
तो हम किस तरह से बारूद खाने की हिफाजत कर सकेंगे और कब तक करेंगे
20:38
इलाहाबाद से अब हमारी बदकिस्मती है की लखनऊ में sahanni लॉरेंस और फौजी भेजने के
20:46
लिए तैयार नहीं है तो शहर में जो इंग्लिश मैन है उनका क्या
20:52
होगा अगर सिपाही सर उठेंगे तो उनकी जान को भी तो खतरा हो जाएगा उनको हम अपने महफूज हटते
21:00
में उठा देंगे अब सच तो ये है की कई वहां पहुंच भी चुके हैं और उनमें से कई औरतें
21:05
और बच्चे भी हैं जिनके पलक यहां नहीं है कानपुर फैमिली वालों के लिए रामदेव स्टेशन
21:11
है हमारे पास कुछ भाई है इस बात से तो आप
21:17
100 200 सिपाही भेज भी सकते हैं लेकिन कलेक्टर साहब उनकी तंखा का सवाल है
21:26
आप तो श्रीमंत की पेंशन पहली बन कर चुके इसका बंदोबस्त तो बड़ी आसानी से हो सकता
21:32
है मैं जन्म साहब से खुद बात कर लूंगा
21:39
अब मैं मैन लूं की हमें आपकी सहायता मिलेगी
21:45
[संगीत]
21:50
[संगीत]
21:59
शुक्रिया बहुत-बहुत शुक्रिया आशीर्वाद [संगीत]
22:32
[हंसी]
22:43
लेकिन ऐसा मौका हाथ नहीं आएगा
23:08
हमारी फौज से तैयार हैं फौज का हर सिपाही तैयार है वो आपके नेतृत्व की प्रतीक्षा कर
23:13
रहे हैं पूरे हिंदुस्तान की आज्ञा पर लगे हैं आपको इस देश को देश के वीडियो को
23:19
अंग्रेजी हुकूमत से आजादी दिलानी है ये आपका फर्जी नहीं उत्तरदायित्व भी है हुजूर
23:25
हम महीना से इस घड़ी का इंतजार कर रहे हैं अब इसके चना क्या वो घड़ियां पहुंची है
23:42
ठीक है यही सही
23:52
कहना
24:09
चाहते हैं
24:20
आयुष्मान के निर्धन ब्राह्मण
24:26
धर्मात्मा और उधर satpurushon की खोज में इतनी दूर चले आए हैं के भजन पूजन पूजा
24:32
अनुष्ठान करें यजमान को आशीर्वाद
24:56
आप लोग भजन कीर्तन कीजिए हमें आशीर्वाद दीजिए
25:17
[प्रशंसा]
25:27
साथ में उनके नाना का सरकार सबको
25:34
भी हाजिर के सो दोनों में बाकी नाना ने फिर सिपाहियों से अपने मैन की बात कही ना
25:43
ना ने फिर सिपाही उसे अपने मैन की बात कही अपने मैन की
25:54
बात मेरे दोस्तों शुरू कर दिया है
26:00
बल्कि जंग है जैसे हम आखिरी सांस तक लड़ेंगे
26:05
यह जंग तभी खत्म होगी जब हम फिरंगी को अपनी धरती से निकल बाहर करेंगे
26:12
जब तक हम अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर लेते हम ना संधि करेंगे प्रशांत रहेंगे
26:19
क्योंकि जंग फिरंगी को भागने और पहले वाले शासको को उनके चीन हुए हक दिलाने के
26:26
लक्ष्य से लड़ी जा रही है हमें तैयार रहना है तैयार रहना है एक लंबे अर्से तक लड़ने के
26:34
लिए डटकर लड़ने के लिए मुल्क की हर दिशा में लड़ने के लिए
26:41
हमारी लड़ाई आग की तरह है
26:46
पूरा भरोसा है की आग एक दवा नल की तरह पूरे देश में फैल जाएगी
26:54
इसीलिए मेरे अज़ीज़ दोस्तों हमें अपनी योजना बहुत ध्यान से बनानी होगी
27:01
आप सब लोग दिल्ली जाना चाहते हैं हम आप सबके जज्बात समझते हैं
27:07
दिल्ली तो हमें पहुंचना है ही मगर इस वक्त दिल्ली जाना सही कदम नहीं है
27:15
क्योंकि फिरंगी यही तो चाहता है की सब जुझारू सिपाही आप लोग दिल्ली चले
27:23
जाएं
27:33
दोस्तों नहीं है
27:39
हमारे लिए फायदे में यह होगा की हम जगह-जगह छोटे-छोटे मोर्चा कायम करें
27:44
जगह-जगह लड़ाई लड़े ताकि दुश्मनों को हम हरा सकें फिरंगी की
27:50
फोजन को हम बांट सके तभी उन्हें धूल में मिलना आसान हो जाएगा दूसरे जो इलाके हमारे कब्जे में आते हैं
27:57
वहां का अच्छा बंदोबस्त करना भी बहुत जरूरी होगा इसलिए दिल्ली का इरादा छोड़कर हम कानपुर चलें कानपुर पर ऐसा कब्जा कायम
28:07
करें की फिरंगी खौफ खा जाए दिल्ली की रक्षा हमारे दोस्त सिपाही कर ही रहे हैं
28:12
फिरंगी मैन ना को चले चबा रहे हैं कानपुर में भी ठीक यही करना होगा
28:17
इसीलिए मेरे दोस्तों कानपुर की ओर कुछ करो चलो कानपुर
28:25
कालो साहब की जय बोलो साहब की जय
28:47
नाना ने अपनी राज व्यवस्था कायम की राज्यों पर गारंटी
28:56
तकबीर की इसकी
29:21
कम नहीं चलेगा
29:35
[प्रशंसा] लखनऊ कभी भी बड़ा सकता
29:44
हूं व्हीलर की कोई मदद नहीं कर सकेगा मदद का तो आप सवाल ही नहीं उठाता श्रीमान लॉन्च
29:52
जाता है तो हम उन्हें गंगा पार ये मत भूलिए की अंग्रेजों ने पूरे
29:58
इलाहाबाद पर कब्जा कर लिया है वो भी अगर एक गोली चलाए वहां कैसे पाई हो नहीं उनकी
30:04
वफादारी निभाई शर्म आणि चाहिए सिर्फ शहर उनके हाथ में है गांव देहात में काफी गड़बड़ फैल चुकी है
30:10
इतना बड़ा इलाका और वो भी मुखालफत में खड़ा है तमाम जमींदार और तालों केदार हमारी तरफ
30:18
वाले को उतार दे रहे हैं जमीदारों और tallukdaron के पास ना तो तालीम जाता है ना रुके मगर तटीय उनका हवाई
30:26
तरफ होना हमारे लिए ही फायदेमंद है वो तो है लेकिन दूसरे राज्य महाराजा
30:34
बिल्कुल दिलचस्पी नहीं दिखाए
30:40
हमारा हनुमान थकी कोलकाता चुपचाप बैठे रहेंगे मगर सिंधिया ग्वालियर में खड़े होंगे
30:47
और उनका खजाना हमारे बहुत कम का साबित होता उनकी चिंता ना करें श्रीमंत
30:53
सिंधिया हमारे साथ भले ही ना हो लेकिन उनकी फौज और पैदा हमारे साथ हैं
30:58
अब हमें ग्वालियर की ओर रुख करना चाहिए यदि हम ऐसा करते हैं तो उनकी फौज हमारे
31:04
साथ होंगी और प्रजा हमारी खुलकर मदद करेगी उनके दरबारी और सलाहकारों तक का समर्थन
31:09
प्राप्त है हमें तब तो हमें बिल्कुल भी समय करना चाहिए
31:15
मैं जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए पहले हमें अपनी
31:26
आराम कर दिया क्या मजाक उनके बारे में मुझे बिल्कुल शक नहीं था
31:37
जब तक वो समर्पण ना कर दें अगर सवाल टॉप के कुछ बोलो और बंदूकन का ही तो है वो भी
31:43
थक गए हैं मगर उनका होगा क्या
31:50
अंग्रेजों को कानपुर छोड़कर चले जाने दिया जाए दूसरा रास्ता नहीं है राव साहब इतने बड़ी तादाद करके हम रखेंगे का हमने जान से
31:58
तो नहीं मार सकते झंडा फहरा रहा है उनका numaida का रहा है की जनरल डीलर साहब शर्म की आने की शर्तों
32:05
की बाबत सलाह करना चाहते हैं लेकिन ऐसी मुल्ला उनके सास की सराहना करनी
32:12
पड़ेगी पूरे 3 सप्ताह तक हमसे लड़ते रहे गहरा उनसे बातचीत करने का भर मैं तुम्हें
32:18
ज्वाला प्रसाद को साथ ले जा सकते हो अंग्रेजों से कहो की उनमें से जो भी
32:23
डलहौजी की नेशन से संबंध नहीं रखते वो सब ए जाएं मगर अपने हथियार और दौलत हमें देते जाएं
32:30
हम उनके लिए कुछ कर देंगे ताकि वो गंगा स्नान करके इलाहाबाद जा सकते हैं
32:53
स्थिति में हम सिर्फ उसी पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे
33:04
[संगीत] और यहां तक
33:09
अपनी हिफाजत की खातिर कुछ बंदूके
33:16
नहीं सिपाही इससे खुश था की तक जाए अंग्रेज पक्के आगे द
33:22
और वो भी जिंदा ये उसको मंजूर नहीं था
33:29
दूर-दूर से बड़ी भयाना खबरें पहुंच रही थी आने वालों की कहानियां खून रंगी थी और
33:37
कर और दूसरे तरह भारी थी ओह भारी थी ओ भारी थी
33:50
[प्रशंसा]
34:04
[प्रशंसा]
34:35
भीषण कांड किया राम गांव में आग लगाकर ऐसा
34:40
भी shirkand किया बेगुनाह औरत बच्चों को मौत के घाट उतार दिया एक गुनाह और बच्चों
34:49
को मौत के साथ गुजर दिया [संगीत]
35:25
पता नहीं बस ढूंढते द
35:31
फिलोस
35:37
हवा थी ना पाती
35:44
सास लेना पाती ता [संगीत]
35:51
क्या कहे उसे आदमी को तो ऐसा कर सकता है
35:57
अपनी ताकत का नशा करता है गा ट्रिबंध को सजा diyagi नीचे पापी वहां
36:05
देखा वहां खड़े में बच्चों की पड़ी है
36:23
आप जानते हैं
36:33
बेकसूर को मारा जिंदा जलाया के मारा वह तो इतना जालिम हैगा पंडित के हिंदुस्तानी
36:39
दिखा तो मार के रख दे और लाश को पेड़ पे लटका दे
36:44
बदला लेने का यही तरीका है उसका घमंड से फूल रहा होगा ससुर
36:50
विश्वास
37:00
ने गुस्से में आए की हमारे अंग्रेजन को मारा काटा आएगा अभी कोई कुछ बोल सकेगा और ना कोई बहस कर
37:07
सकेगा साहब की बोलती बंद ससुर
37:15
चलो भैया बहुत करोड़
37:26
[संगीत] रहता है
37:34
लगी ए जाता आसमान वो सब है पहले मार्ता
37:46
अली पर जब हम लोग चढ़ाया तो इसकी जरा नहा
37:52
रही है
38:12
आगे सुनो आगे सुना
38:17
आगे सुना
39:19
ए
39:46
[प्रशंसा]
40:00
नमस्कार भाई साहब
40:18
हम ठहरे ब्राह्मण आदमी लड़ाई के दर से भेज
40:26
झांसी पर अंग्रेजों ने कब्जा कर लिया है
40:36
मैं अंग्रेजों के खिलाफ इसलिए लड़ी क्योंकि मुझे अपनी झांसी से प्यार है और उन्होंने मुझसे बलपूर्वक झांसी चीन की
40:43
कोशिश की थी लेकिन अब सवाल सिर्फ झांसी का नहीं रह गया है पूरे मुल्क का है
40:51
अब तो तभी दम लेंगे जब अंग्रेजों को इस देश से हमेशा के लिए निकल बाहर करेंगे
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वहां नाना साहेब और तात्या टोपे ने डेरा दल रखा है उन्हीं में शामिल होकर के जंग
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करेंगे आशीर्वाद दीजिए की हम लोग विजयी हो
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तटीय ने जबरदस्त बहादुर दिखाई फिर भी कानपुर हमारे हाथ से निकल गया है
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पता नहीं वो कहां होंगे हम लेकिन निराश होने से तो कुछ नहीं होगा ना
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हमें योजना बनाकर आगे बढ़ाना चाहिए
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मैदान की लड़ाई जितने से पहले मैन के भीतर की लड़ाई जीती होगी राव साहब
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[संगीत]
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ही गिरी कैद में था बादशाह
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हो रही थी की
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खून बदला
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[संगीत]
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भूतनी पर लाश थी उसकी गिरी
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[प्रशंसा] मत बयान कर्णम राज
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की तुमने हमारे shehjadon को डाला है तुम सब लोग बागी था
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अगर तुमने उन्हें मैदा ने जंग में खत्म कर दिया होता तो कोई बात थी
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[संगीत]
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और नहीं हम तुम पर मुकदमा चलेगा
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[प्रशंसा]
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हम नहीं पागलों जैसा वार्ता हो तुम कर रहे हो
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तुम कम से कम तुम हम पर यह तो हिम्मत तो नहीं लगा सकते
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हैं क्या मतलब क्या तुम यह नहीं जानते की हम पूरे
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हिंदुस्तान के बादशाह है और तुम्हारी कंपनी महज
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एक दीवाना किसी बादशाह पर उसकी सल्तनत और हुकूमत के
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खिलाफ बगावत का मुकदमा नहीं चलाया जा सकता
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नहीं चलाया जा सकता रानी राव
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मगर जंग तो हर चले द अंग्रेजों के आगे
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रानी का बलिदान देख करता क्या तो पे लड़ा ताल भर आखिर
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चढ़ गए फांसी के तख्ते पर आओ साहब भी चढ़ गए फांसी के तट पे चढ़ गए
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फांसी के तट पे सितंबर
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1857 में दिल्ली के किलाबंदी और पत्नी बगावत का पास
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ही पलट दिया तब से कई महीना बाद तक अंग्रेज विद्रोह को kuchalte रहे
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बेशुमार vagiyon को तोपों से बांधकर उदय गया बेरहमी से गोलियों से मारा गया
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सड़कों के किनारे पेड़ों पर फांसी चढ़ाया गया
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बचाले पानी
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कंपनी की सरकार हादी कंपनी की सरकार रानी विक्टोरिया के हाथों आया देश का सब
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अधिकारी
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यूरोप एशिया अफ्रीका अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के upniveshon और adhirajyon
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की महारानी विक्टोरिया ने फैसला किया है की वो हिंदुस्तान के उन तमाम इलाकों के
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शासन प्रबंध का कारोबार खुद करेंगी जिन इलाकों पर अब तलाक जनाब ईस्ट इंडिया कंपनी
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को अपना पहला वॉइस राय और गवर्नर जनरल नियुक्त करती हैं ताकि वे महारानी के नाम
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पर और उनकी तरफ से शासन प्रबंध करें हिंदुस्तान के देसी राजाओं के लिए ऐलान
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किया जाता है की जनाब ईस्ट इंडिया कंपनी ने उनके साथ जो संध्या की हैं उनका पुरी
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तरह से पालन किया जाएगा उम्मीद की जाती है उनका पालन करेंगे
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ऐलान किया जाता है की सरकार धार्मिक विश्वास के आधार पर एन किसी कृपया प्रति
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किसी प्रकार का पक्षपात करेगी ना पीला देगी और हर एक को कानून की एक समान
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सुरक्षा निष्पक्ष रूप में मिलेगी [संगीत]
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ए गया था इनके
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अमीनो रूप अब उसका नया था
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उसका नया था
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वो नया था
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[संगीत] आज
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शहीदों ने तुमको अहल वतन
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गुलामी बरसाओ
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[संगीत]
49:13
भाई भाई
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[संगीत] क्या हम हैं
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इसके मलिक यह हिंदुस्तान
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हमारा इसके मलिक
49:41
ये हिंदुस्तान
49:46
क्या ये हिंदुस्तान हमारा
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1857 के विद्रोह भारत पर ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन भी खत्म कर दिया
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हुकूमत की बागडोर ब्रिटानिया की सरकार अपने हाथ में ले ली और अंग्रेज गवर्नर
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जनरल अब वायसरॉय में तब्दील हो गया 20 साल बाद 1877 में हिंदुस्तान की रानी
50:23
ने कैसे किताब
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से राज करने लगा
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[संगीत]

