0:00
सभी का बहुत-बहुत स्वागत और क्योंकि तुम
0:02
लोगों ने मेरा खून पी रखा था इस टॉपिक पर
0:04
कि वैभव भाई प्लीज स्पेसिफिक रियली फैक्ट
0:06
पर कुछ बताओ क्योंकि स्पेसिफिक रियली
0:08
फैक्ट चाहे एलएलबी थ्री ईयर वाले हो या
0:10
फाइव ईयर वाले हो एग्जाम्स में भी ये चीज़
0:13
इंपॉर्टेंट है और वैसे भी तुम सब जड़
0:17
भरतों को यह समझना भी जरूरी है। अगर
0:19
स्पेसिफिक रिलीफ नहीं आता है बहुत बड़ी
0:21
प्रॉब्लम में हो। ठीक है? यह कोई बहुत
0:24
बड़ा या बहुत लंबा स्टट्यूट नहीं है।
0:26
लेकिन हां, इसका इंटरप्रिटेशन,
0:29
इसके प्रोविज़ंस यह समझने बहुत जरूरी है।
0:32
तो, इसके लिए बिना किसी वक्त की बर्बादी
0:34
के शुरू करते हैं आज की वीडियो के साथ और
0:37
प्लीज बराए मेहरबानी एक-एक पॉइंट ठीक से
0:39
समझना। मैं इसे ज्यादा लंबा नहीं करने
0:41
वाला हूं। आपको उसका कोर्स समझाऊंगा। हां,
0:43
इंपॉर्टेंट हम सब कवर करेंगे। ऐसी कोई बात
0:45
नहीं है। लेकिन इसको जितना समझोगे उतना
0:48
तुम्हारे लिए बेनिफिशियल है ना कि जितना
0:50
रटोगे उतना बेनिफिशियल है। ठीक है? शुरू
0:58
देखो सबसे पहले टाइटल से ही समझ सकते हैं
1:01
कि स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट 1963
1:04
यह कोर ऑब्जेक्टिव क्या है इसका? ऑब्वियस
1:07
है भाई नाम से क्लियर होता है कि जब किसी
1:10
इंजर्ड या एग्रीव्ड पर्सन को किसी
1:13
स्पेसिफिक तरह का रिलीफ देना सिर्फ
1:16
पनिशमेंट की बात नहीं है एक पर्टिकुलर
1:18
रिलीफ देना ठीक है ऑब्वियसली लॉन्ग टाइटल
1:22
शॉर्ट टाइटल ये सारी चीजें जो है पढ़नी
1:25
एक्ट 1963 में इनएक्ट हुआ और इसका अप्रोच
1:28
सिंपल था क्या कोई पर्सन अपनी कॉन्ट्रकुअल
1:32
प्रॉमिस या ऑब्लिगेशन से पीछे हट जाता है
1:35
या कॉन्ट्रैक्ट परफॉर्म नहीं करता है तो
1:38
दूसरा पर्सन सफर करता है। उसको स्पेसिफिक
1:41
लीगल रिलीफ मिलनी चाहिए। ठीक है? इसीलिए
1:44
ये एक्ट इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट का एक
1:46
इंपॉर्टेंट ब्रांच माना जाता है। बहुत इसे
1:48
साथ में रिलेट करते हैं। और कॉन्ट्रैक्ट
1:51
क्या है? क्या नहीं है? भाई उसके लिए हमने
1:53
एक अलग से वीडियो बना रखी है। आप जाके वो
1:55
चेक कर सकते हैं। अब प्रैक्टिकली अगर हम
1:58
सोचें तो इसको बहुत रियलिस्टिक ग्राउंड पे
2:01
हम दिमाग लगा के बात करते हैं। देखो जब
2:05
किसी और की गलती की वजह से तुम्हें लॉस हो
2:09
जाए या विवेश तो तुम सिर्फ पैसा नहीं
2:13
लेकिन एक प्रॉपर रेमेडी भी चाहोगे। ठीक
2:16
है? कि अगर मान लो पोजेशन की बात है तो
2:18
पोजेशन तुम्हें वापस चाहिए होगी या भाई जो
2:21
कॉन्ट्रैक्ट में परफॉर्मेंस की बात थी वह
2:23
डिलीवर करो डॉक्यूमेंट्स करेक्ट करो
2:26
इंजक्शन जो अगर तुम्हें कोई इंजक्शन चाहिए
2:29
वो इंजक्शन मिलने चाहिए कैंसिलेशन है तो
2:33
उस वे में ये सब रेमेडीज कौन प्रोवाइड
2:36
करेगा स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट प्रोवाइड
2:39
करेंगे ठीक है तो यह प्रैक्टिकल ग्राउंड
2:47
जब हम कॉन्ट्रैक्ट की बात करते हैं तो
2:48
कॉन्ट्रैक्ट ब्रीच की कॉन्ट्रैक्ट ब्रीच
2:50
जब तक नहीं होगा तब तक तो कोई लो ही नहीं
2:52
है और स्पेसिफिक परफॉर्मेंस क्या हो जाएगी
2:56
ये सारी चीजें इसमें कवर होती है बंधुओं
2:59
देखो जब दो लोग कॉन्ट्रैक्ट में एंटर करते
3:01
हैं तो दोनों पर ऑब्लिगेशंस होती हैं
3:04
ड्यूटीज होती है करेक्ट और राइट्स भी उनको
3:06
मिलते हैं भाई वेयर देयर आर राइट्स दे आर
3:08
ड्यूटीज आल्सो यू नीड टू फुलफिल इट अब
3:10
तुम्हारी डेफिनेशन में नहीं होगा तुम कहीं
3:12
के राजा बाबू हो तो अच्छी बात है बन के
3:16
दोनों पार्टीज को अपना अपना पार्ट
3:18
डलजेंटली परफॉर्म करना होता है। इसमें कोई
3:21
दो राय की बात नहीं है। फर्ज कर मान लेते
3:24
हैं अगर कोई पार्टी कॉन्ट्रैक्ट परफॉर्म
3:27
ना करे या इंटेंशनली रिफ्यूज कर दे या
3:31
नेगलेक्ट करती है। तो जो पार्टी सफर करती
3:34
है उसको रिलीफ मिलनी चाहिए।
3:38
स्पेसिफिक परफॉर्मेंस का मतलब क्या है
3:40
यहां पे? स्पेसिफिक परफॉर्मेंस बहुत सिंपल
3:43
है समझने में। एग्जैक्टली वही काम करना या
3:45
वही काम करवाना समझ लो जो कॉन्ट्रैक्ट में
3:48
प्रॉमिस किया गया है उसी को हम स्पेसिफिक
3:54
पर्टिकुलरली बी क्लियर व्हेन यू टॉक बी
3:58
स्पेसिफिक व्हेन यू टॉक यह सिंपल चीज है
4:02
मतलब कोर्ट पार्टी को क्या बोलेगी सिर्फ
4:05
पैसा देकर मैटर खत्म नहीं होगा भाई जो
4:08
आपने कॉन्ट्रैक्ट करा है उसमें जो
4:10
परफॉर्मेंस कही गई है वो आपको परफॉर्मेंस
4:15
यहां पे ये भी समझना बहुत जरूरी है कि अगर
4:18
इमूवेबल प्रॉपर्टी का कॉन्ट्रैक्ट है या
4:21
यूनिक चीज इनवॉल्वड है तो स्पेसिफिक िक
4:23
परफॉर्मेंस का सूट फाइल किया जा सकता है।
4:28
जो आपने कहा जो आपने कॉन्ट्रैक्ट में बात
4:30
करी वो आपको डिलीवर करनी पड़ेगी। भाई साहब
4:35
यहां पे स्पेसिफिक रिलीफ का नेचर भी बहुत
4:38
क्लियर होना बहुत जरूरी है।
4:43
ये क्लियर करता है सेक्शन फोर बोलता है ये
4:47
एक्ट पीनल लॉ नहीं है। ये एक्ट इंडिविजुअल
4:52
सिविल राइट एनफोर्स करने के लिए है। यह
4:55
बहुत बड़ी चीज है। मतलब क्या?
4:59
फोकस जो है वो पनिशमेंट पे नहीं होगा।
5:01
फोकस राइट्स को इनफोर्स करने पे ही होगा।
5:04
अगर कोई क्रिमिनल या पीनल नेचर का इशू है
5:07
तो उसको सेपरेटली प्रूफ करना पड़ेगा। तो
5:10
स्पेसिफिक रिलीफ सिविल राइट्स का
5:14
प्रोटेक्शन है। इसे सिर्फ ऐसे ही आप लोग
5:19
अब लोग ये सवाल मुझसे बहुत करते हैं।
5:21
पोज़ेशन की रिकवरी। ये तो बेसिक प्रिंसिपल
5:24
की बात हो गई। भाई साहब स्पेसिफिक रिलीफ
5:27
एक्ट एक बेसिक प्रिंसिपल फॉलो करता है।
5:29
मतलब क्या? पोजेशन इटसेल्फ इज प्राइम ऑफ
5:32
एसी एविडेंस ऑफ ओनरशिप।
5:36
तो फिर तुम्हें दिक्कत होगी ना। मैंने
5:37
इंग्लिश में बात कर ली। अरे पोज़ेशन किसी
5:41
प्रॉपर्टी के पोज़ मैं यहां बैठा हूं। इस
5:43
प्रॉपर्टी के पोज़ेशन में हूं तो प्राइमा
5:45
फेसी एविडेंस है कि मैं इसका मालिक हूं।
5:48
इसलिए मैं यहां इस प्रॉपर्टी को पोज़ेस
5:50
करता हूं। मतलब अगर आप पोज़ेशन में हो तो
5:53
लॉ आपके फेवर में प्रज़मशन लेगा। अब रिकवरी
5:57
दो टाइप की होती है। इमूवेबल प्रॉपर्टी
5:59
मूवेबल प्रॉपर्टी जहां पर रिकवरी इमूवेबल
6:02
प्रॉपर्टी की बात है। तो टाइटल के बेसिस
6:06
पर रिकवरी अगर मान लेते हैं कोई पर्सन
6:11
आपको प्रॉपर्टी से हटा देता है और आप
6:14
लॉफुल ओनर हो तो आप क्या करोगे भाई?
6:17
सीपीसी 198 है उसके प्रोसीजर के थ्रू
6:20
रिकवरी कर सकते हो और वहां आपको अपना
6:24
टाइटल प्रूफ करना होगा। इतनी सी बात है और
6:27
जैसा मैंने कहा अगर आपको सीपीसी के बारे
6:29
में भी जानकारी चाहिए भाई उसके लिए भी
6:31
हमने वीडियो बना रखी है। देखो चाहे मुद्दा
6:33
लॉ के रिलेटेड कोई भी हो हमारी वीडियोस
6:36
रेडी है और वीडियोस अब मैं अगर ना भी मिले
6:39
इस वक्त इस वक्त जब आप ये वीडियो देख रहे
6:42
हो तो भाई हमारे कमर्शियल की वेबसाइट चेक
6:44
कर लो। वहां हमने ये सबके लिए कोर्सेज और
6:47
काफी सारे हमने आर्टिकल्स जैसे आप लोग के
6:49
लिए प्रोवाइड करवाए हैं। अगर आपको इन सब
6:51
में एक्सपर्टीज चाहिए तो हमें रीच आउट कर
6:53
सकते हो। वहां पे हमारा कांटेक्ट अस का
6:55
सेक्शन भी है। वहां पे हमारा WhatsApp
6:57
नंबर भी दिया हुआ है। हमारा ईमेल आईडी भी
6:59
दिया हुआ है। आप रीच आउट कर सकते हो। जो
7:00
कोर्स में आपको रुचि हो, इंटरेस्ट हो फील
7:03
फ्री टू रीच आउट। और बनो अपने आप में एक
7:08
तो ये थी बात इमूवल प्रॉपर्टी की। अच्छा
7:10
सेक्शन सेक्शन सिक्स जो है वो पोज़ेशन के
7:14
बेसिस पे रिकवरी की बात करता है। ये
7:16
सेक्शन बहुत प्रैक्टिकल सेक्शन है। देखो
7:20
अगर आप पोज़ेशन में थे आपको लॉ के अगेंस्ट
7:25
डिस ये डिस्पोज़ेस किया गया है। बिना
7:27
कंसेंट के निकाला गया है तो आप सिर्फ
7:30
पोज़ेशन के बेसिस पर सूट फाइल कर सकते बिना
7:34
टाइटल प्रूफ किए। बट इसकी कंडीशन है
7:39
प्ले पोजेशन में होना चाहिए पहले और जो
7:42
डिस्पेशन की है वो अनलॉफुल होना चाहिए
7:44
अनलॉफुल कंसेंट के बिना होना चाहिए
7:49
छ महीने के अंदर सूट फाइल होनी चाहिए
7:52
गवर्नमेंट के अगेंस्ट सूट फाइल नहीं हो
7:55
ये सिंपल बातें याद रखना
7:59
अगर सिक्स मंथ्स मिस हो गए तो सिर्फ
8:02
सेक्शन फाइव का रेमेडी बचता है यानी की
8:05
टाइटल प्रूफ करना। सेक्शन सिक्स के अंडर
8:08
अपील और रिव्यू अलाउड नहीं है। सिर्फ
8:13
ठीक है? अब रिकवरी ऑफ़ मूवेबल प्रॉपर्टी की
8:17
अगर हम बात करें तो वो आपके सेक्शन साथ
8:20
में आ जाता है। मूवेबल प्रॉपर्टी के लिए
8:23
भी सीपीसी 1908 का प्रोसीजर फॉलो होता है।
8:27
इस सेक्शन के दो इंपॉर्टेंट पॉइंट है।
8:30
प्लीज इस पे ध्यान देना।
8:33
ट्रस्टी सूट फाइल कर सकता है। स्पेशल
8:36
राइट्स भी ओनरशिप प्रूफ करने के लिए
8:39
सफिशिएंट हो सकता है। ठीक है? लेकिन
8:41
एसेंशियल्स क्या है? देखो प्रॉपर्टी
8:43
मूवेबल होनी चाहिए। ठीक है? प्लिंटिफ का
8:45
पोज़ेशन होना चाहिए। स्पेशल टेंपरेरी राइट
8:48
हो सकता है। ठीक है? ये सब कुछ बेसिक
8:53
इसके बाद एक इंपॉर्टेंट सवाल आता है।
8:55
डिलीवरी ऑफ़ स्पेसिफिक मूवेबल प्रॉपर्टी।
8:57
अगर कोई पर्सन प्लीज समझो प्लीज इस पे
8:59
ध्यान देना। कोई अगर कोई पर्सन किसी
9:02
आर्टिकल के पोजेशन में है जो उसका नहीं है
9:07
रिपीट कर रहा हूं कोई पर्सन किसी आर्टिकल
9:09
के पोजीशन में बंदू हूं जो उसका है ही
9:11
नहीं तो कोर्ट उसको कंपेल कर सकती है कि
9:14
वो आर्टिकल राइट जो राइटफुल पर्सन है उसको
9:17
दे दे फॉर एग्जांपल अगर यह फोन मेरा नहीं
9:19
है मैं उसके पोजीशन में भाई जिसका है उसको
9:25
तो वो केसेस जैसे मान लो ट्रस्टी के पास
9:28
प्रॉपर्टी होना मनी मनी कंपनसेशन एडिक्वेट
9:31
ना होना एक्चुअल डैमेज कैलकुलेट करना
9:34
डिफिकल्ट हो जाए या रोंगफुल ट्रांसफर हुआ
9:36
हो ये सब केसेस में ये चीज एप्लीकेबल हो
9:42
आपको मैं मेरे खुद के एक्सपीरियंस से अगर
9:44
बताऊं स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट में स्पेसिफिक
9:49
परफॉर्मेंस ऑफ कॉन्ट्रैक्ट मेरे हिसाब से
9:51
हार्ट एंड सोल की तरह है।
9:55
स्पेसिफिक परफॉर्मेंस कोर्ट के डिस्क्रेशन
9:57
पर होता है। बंधुओं यह समझो।
9:59
लेकिन कुछ कंडीशंस क्लियर है। कोर्ट
10:02
स्पेसिफिक परफॉर्मेंस तब ग्रांट करेगी जब
10:07
डैमेजेस कैलकुलेट नहीं हो पा रहे। और
10:11
मोस्ट ऑफ द टाइम यही गड़बड़ लोग कर जाते
10:14
हैं। यही गड़बड़ नहीं करनी। खैर वैसे भी
10:16
तो माहिर हो। जो नहीं करना है वही करोगे।
10:21
तो लॉस या डैमेज कैलकुलेट हो ही नहीं
10:23
सकता। वो बात है ही नहीं। सिर्फ पैसा
10:26
एडवोकेट रिलीफ नहीं हो सकता। प्रिजशन
10:32
में मनी सफिशिएंट नहीं।
10:34
मूवेबल प्रॉपर्टी की बात करोगे तो जनरली
10:36
मनी सफिशिएंट होता है।
10:39
स्पेशल केसेस होते हैं जैसे कोई यूनिक
10:41
गुड्स है, ट्रस्टी है जो प्रॉपर्टी होल्ड
10:44
करता है वो अलग चीज हो गई।
10:46
अब कॉन्ट्रैक्ट जो स्पेसिफिकली एनफोर्स
10:49
नहीं हो सकते। अगर हम उसकी बात करें। देखो
10:50
जहां मनी सफिशिएंट रिलीफ हो पर्सनल नेचर
10:54
के कॉन्ट्रैक्ट्स कंटिन्यूस सुपरविजन वाले
10:58
डिटरमिनेबल कॉन्ट्रैक्ट्स ये सारी सारी वो
11:02
चीजें आ जाती है जहां कॉन्ट्रैक्ट वो
11:04
कॉन्ट्रैक्ट्स हैं जो स्पेसिफिकली एनफोर्स
11:08
एक चीज और आती है पर्सन अगेंस्ट हुम
11:10
स्पेसिफिक परफॉर्मेंस ल कर सकता है यानी
11:15
पर्सन अगेंस्ट होम स्पेसिफिक परफॉर्मेंस ल
11:18
कर सकता है कॉन्ट्रैक्ट के पार्टीज
11:21
रिप्रेजेंटेटिव्स इन इंटरेस्ट प्रिंसिपल्स
11:25
लेकिन प्रिंसिपल्स जो पीए एएल वाला है
11:27
पीएलई वाला नहीं है बट उसके लिमिटेशंस है
11:32
यहां पे क्या कवर नहीं होने वाला पर्सनल
11:34
स्केल या क्वालिफिकेशन वाले कॉन्ट्रैक्ट
11:36
मैरिज सेटलमेंट वाले कॉन्ट्रैक्ट लाइफ
11:37
टेंडेंट के कॉन्ट्रैक्ट ये कवर नहीं
11:43
एनफोर्समेंट ऑफ कंपनसेशन की अगर हम बात
11:48
कोर्ट कंपनसेशन अवार्ड कर सकती है
11:51
स्पेसिफिक परफॉर्मेंस के साथ जब
11:53
परफॉर्मेंस डिनाई हो जाए जब परफॉर्मेंस
11:55
इनएडिक्वेट हो लेकिन कंपनसेशन तभी मिलेगा
11:59
जब प्लेेंट में स्पेसिफिकली क्लेम किया
12:06
अच्छा रेक्टिफिकेशन ऑफ इंस्ट्रूमेंट भी
12:07
बड़ी इंपॉर्टेंट चीज है भाई अगर फ्रॉड या
12:11
म्यूचुअल मिस्टेक की वजह से डॉक्यूमेंट
12:13
पार्टीज की रियल इंटेंशन रिफ्लेक्ट नहीं
12:18
तो प्लेंटिफ सूट सूट फाइल कर सकता है।
12:22
डिफेंडेंट डिफेंस में क्लेम कर सकता है।
12:26
रेक्टिफिकेशन राइटिंग और प्लीडिंग में
12:28
मेंशन करना मैंडेटरी होता है बंधुओं और ये
12:31
भी मैंने देखा है लोग गलतियां करते हैं।
12:37
अब बढ़ते हैं रिसेशन ऑफ कॉन्ट्रैक्ट की
12:39
तरफ। ये जो ये जो रिसेशन ऑफ कॉन्ट्रैक्ट
12:41
है ये आप लोग को बहुत कंफ्यूजन होता है।
12:43
पहले मैं आप लोग को आम भाषा में हिंदी में
12:44
जरा समझा दूं बेसिक में कि रिसेशन का मतलब
12:47
क्या होता है? कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल करके
12:49
पार्टीज को स्टेटस को प्लांट में लाना
12:55
रिसेशन अलाउड है जब कॉन्ट्रैक्ट वॉइडेबल
12:59
हो अनलॉफुल हो और रिसे रिसेशन कैंसिल नहीं
13:03
होगी जब प्लेटिफ खुद कंसेंट दे थर्ड
13:06
पार्टी राइट्स इन्वॉल्वड हो और
13:08
कॉन्ट्रैक्ट डिविज़िबल ना हो कितना सिंपल
13:13
ठीक है ऐसे ही आप लोग पूछते हो वैभव भाई
13:16
कैंसिलेशन ऑफ इंस्ट्रूमेंट में भी
13:17
कन्फ्यूजन होता है। मेरे तो पल्ले नहीं
13:19
पड़ता क्या कन्फ्यूजन है। भाई सेक्शन 31
13:22
के हिसाब से वॉइड या वॉयबल इंस्ट्रूमेंट
13:24
को कैंसिल कराया जा सकता है। इसमें कोई दो
13:28
पार्शियल कैंसिलेशन पॉसिबल है। प्लेंटिफ
13:32
को बेनिफिट्स वापस मिलेंगे। डिफेंडेंट को
13:34
रिसीव बेनिफिट्स स्टोर करने होंगे। इतना
13:36
सही है। क्या है इसमें ज्यादा? लेकिन
13:39
इंपॉर्टेंट सबसे ज्यादा डिक्लेरेटरी
13:41
डिग्रीज की बात है। डिक्लेरेटरी डिग्री
13:43
अगर तुमको नहीं आती है तो फिर जय श्री
13:48
अगर किसी का लीगल राइट डिनाई किया गया हो
13:52
तो कोर्ट डिक्लेरेशन पास कर सकती है। अब
13:54
यह डिक्लेरेशन क्या है? डिक्लेरेशन तब
13:58
नहीं मिलेगी जब प्लेटफ और भी रिलीफ मांग
14:01
रहा हो। बाइंडिंग सिर्फ पार्टीज टू सूट
14:09
अब प्रिवेंटिव रिलीफ और इंजक्शन की अगर
14:11
मैं बात करने चलूं तो प्रिवेंटिव रिलीफ का
14:14
मतलब क्या होता है? किसी पार्टी को फ्यूचर
14:16
में गलत काम करने से रोकना उसका मतलब होता
14:19
है प्रिवेंटिव रिलीफ।
14:21
किसी को किसी गलत काम के लिए रोकना ऐसा
14:23
इंजक्शन निकाल सकते हैं। ये इंजक्शन के
14:26
थ्रू ही हो सकता है। रादर मुझे ये कहना
14:30
और इंजक्शन कितने टाइप के होते हैं?
14:32
टेंपरेरी, परपेचुअल यानी परमानेंट
14:33
मैंडेटरी। और एक दो चीजें हैं उसमें।
14:37
परपेचुअल इंजक्शन का मतलब क्या हो गया? कब
14:40
मिलती है परपेचुअल इंजक्शन? फुल हियरिंग
14:42
हो चुकी है। डिफेंडेंट प्लेंटिफ के राइट्स
14:48
कब ग्रांट होती है? जब डिफेंडेंट ट्रस्टी
14:50
है। डैमेज क्वालीफाई क्वांटिफाई ना हो।
14:54
मनी इनसफिशिएंट है। मतलब पैसे के बेसिस पे
14:56
तो बात ही नहीं कर सकते। मल्टीपल लिटिगेशन
14:58
अवॉइड करनी हो। तो इतनी सी चीज़ है। इतना
15:01
ही स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट है। आपको मैंने
15:04
क्रक्स में बता दिया है। इससे ज्यादा करना
15:06
है। बहुत ज्यादा डिटेल में जाना है तो वो
15:08
बेयर एक्ट आता है। उतना भी आप करेंगे।
15:14
लेकिन बहुत बड़ा स्टट्यूट यह नहीं है। ठीक
15:17
है? स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट 1963
15:20
कॉन्ट्रैक्ट लॉ का बैकबोन है। सिर्फ
15:23
डैमेजेस पे नहीं ये रियल जस्टिस पे फोकस
15:26
करता है। पोज़ेशन है, परफॉर्मेंस है,
15:28
करेक्शन है, कैंसिलेशन है, प्रिवेंशन है।
15:30
ये सब चीजें हैं इसमें। ठीक है? तो ये
15:33
प्लीज आप लोग पढ़िए। आप चाहे एग्जाम दे रहे
15:36
हैं, चाहे एग्जाम नहीं दे रहे हैं, यह
15:37
समझना बहुत ज्यादा जरूरी है। क्योंकि एज अ
15:40
लॉयर एज एन एडवोकेट ये सारी चीजें आपको
15:42
काम आनी ही आनी है। स्पेसिफिक रिलीफ तो
15:44
आना ही आना है। ठीक है? तो इसमें बिल्कुल
15:46
भी कंफ्यूजन मत रखना किसी भी टाइप का
15:48
मतलब। ठीक है? और इसके अलावा अगर आपको कोई
15:52
और हमारे लेक्चर्स चाहिए, कोई और वीडियोस
15:54
चाहिए तो प्लीज मुझे बता दो। कमेंट सेक्शन
15:56
में नीचे बता दो। और यह वीडियो उसके साथ
15:58
शेयर करो। इसे जानना जरूरी है जो अभी भी
16:01
चीजों को समझा नहीं है या जिसके फेल होने
16:03
के आसार ज्यादा है। स्टे ट्यून विस लॉजिकल